‘अमेरिकन’ नाम… जहरीला काम! ग्यारसपुर में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, क्या ‘कुंभकर्णी’ नींद से जागेगा प्रशासन? ग्यारसपुर (हैदरगढ़) : मध्य प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत प्रदेश के मुख्यम ‘अमेरिकन’ नाम… जहरीला काम! ग्यारसपुर में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, क्या ‘कुंभकर्णी’ नींद से जागेगा प्रशासन? ग्यारसपुर (हैदरगढ़) : मध्य प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav की मंशा पर ग्यारसपुर क्षेत्र में सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां American India Foundation द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिए जा रहे ‘थर्ड मील’ (तीसरा भोजन) की गुणवत्ता पर गंभीर आरोप लगे हैं। कच्चा आटा और बीमार बच्चे — सामने आई चौंकाने वाली हकीकत हैदरगढ़ क्षेत्र के कई अभिभावकों और माताओं ने आरोप लगाया है कि बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार से वे बीमार पड़ रहे हैं। लड्डू बना खतरा : बच्चों को दिए जा रहे लड्डू कच्चे आटे से बने होने की शिकायत, जो गले में चिपक जाते हैं। घटिया पोहा-दलिया : पोहा और दलिया की गुणवत्ता बेहद खराब, बच्चे खाने से कर रहे इनकार। बीमारी का डर : कई मामलों में बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत। फेंकने की मजबूरी : अभिभावक इस भोजन को कूड़ेदान या पशुओं को देने को मजबूर। निगरानी पर सवाल, जिम्मेदार कौन? इस पूरी व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सुपरवाइजर पर है, लेकिन महीनों से चल रही शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे निगरानी तंत्र की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ‘कुपोषण मुक्त’ अभियान को झटका प्रदेश सरकार जहां कुपोषण मिटाने के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं चला रही है, वहीं इस तरह की लापरवाही से बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह योजना अपने उद्देश्य से भटक सकती है। अभिभावकों की मांग संबंधित संस्था का ठेका तत्काल निरस्त किया जाए भोजन की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए बड़ा सवाल क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? 👉 यह मुद्दा न सिर्फ प्रशासनिक जवाबदेही का है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा है।
‘अमेरिकन’ नाम… जहरीला काम! ग्यारसपुर में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, क्या ‘कुंभकर्णी’ नींद से जागेगा प्रशासन? ग्यारसपुर (हैदरगढ़) : मध्य प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत प्रदेश के मुख्यम ‘अमेरिकन’ नाम… जहरीला काम! ग्यारसपुर में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, क्या ‘कुंभकर्णी’ नींद से जागेगा प्रशासन? ग्यारसपुर (हैदरगढ़) : मध्य प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav की मंशा पर ग्यारसपुर क्षेत्र
में सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां American India Foundation द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिए जा रहे ‘थर्ड मील’ (तीसरा भोजन) की गुणवत्ता पर गंभीर आरोप लगे हैं। कच्चा आटा और बीमार बच्चे — सामने आई चौंकाने वाली हकीकत हैदरगढ़ क्षेत्र के कई अभिभावकों और माताओं ने आरोप लगाया है कि बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार से वे बीमार पड़ रहे हैं। लड्डू बना खतरा : बच्चों को दिए जा रहे
लड्डू कच्चे आटे से बने होने की शिकायत, जो गले में चिपक जाते हैं। घटिया पोहा-दलिया : पोहा और दलिया की गुणवत्ता बेहद खराब, बच्चे खाने से कर रहे इनकार। बीमारी का डर : कई मामलों में बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत। फेंकने की मजबूरी : अभिभावक इस भोजन को कूड़ेदान या पशुओं को देने को मजबूर। निगरानी पर सवाल, जिम्मेदार कौन? इस पूरी व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सुपरवाइजर पर है, लेकिन महीनों से
चल रही शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे निगरानी तंत्र की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ‘कुपोषण मुक्त’ अभियान को झटका प्रदेश सरकार जहां कुपोषण मिटाने के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं चला रही है, वहीं इस तरह की लापरवाही से बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह योजना अपने
उद्देश्य से भटक सकती है। अभिभावकों की मांग संबंधित संस्था का ठेका तत्काल निरस्त किया जाए भोजन की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए बड़ा सवाल क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? 👉 यह मुद्दा न सिर्फ प्रशासनिक जवाबदेही का है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा है।
- ऑपरेशन F.A.C.E के तहत विदिशा पुलिस का डबल एक्शन — फर्जी सिम गिरोह पर करारा प्रहार 150+ फर्जी सिम एक्टिव करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार — एक चेहरे से कई सिम बेचने वाले एजेंट बेनकाब विदिशा जिले में फर्जी सिम कार्ड गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Vidisha Police ने ऑपरेशन F.A.C.E (Facial Authentication Compliance Enforcement) के तहत सिरोंज एवं बासौदा देहात क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फर्जी सिम एक्टिवेशन का बड़ा खुलासा जांच में सामने आया कि POS एजेंटों द्वारा उपभोक्ताओं के आधार कार्ड एवं वोटर आईडी का दुरुपयोग कर, उनकी जानकारी के बिना, उनके स्थान पर स्वयं का फोटो लगाकर बड़ी संख्या में सिम कार्ड एक्टिव किए जा रहे थे। बासौदा देहात में बड़ा मामला सायबर सेल की CAF रिपोर्ट के आधार पर खुलासा हुआ कि आरोपी छत्रवंश उर्फ संजू कुशवाह द्वारा वर्ष 2021-22 के दौरान 150 से अधिक फर्जी सिम कार्ड एक्टिव किए गए। आरोपी द्वारा एक ही नाम-पते का बार-बार उपयोग कर वास्तविक उपभोक्ताओं की पहचान छिपाने का प्रयास किया गया। आरोपी: छत्रवंश उर्फ संजू कुशवाह (35 वर्ष), निवासी मिर्जापुर, गंजबासौदा लागू धाराएं: धारा 419, 420, 468, 471 भादवि 66C, 66D आईटी एक्ट 42(3)(ई) दूरसंचार अधिनियम आरोपी को 20 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। आरोपी की कार्यप्रणाली पूछताछ में आरोपी ने बताया कि: अधिक सिम बेचने के नाम पर कंपनियों से बोनस व कमीशन लिया जाता था सिम को अन्य नेटवर्क में पोर्ट कर पुनः लाभ अर्जित किया जाता था फर्जी सिम के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म (जैसे Paytm) पर खाते बनाकर आर्थिक लाभ लिया गया सिरोंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना सिरोंज में एक ही चेहरे से कई सिम एक्टिव करने का मामला सामने आया। 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार आरोपी: इम्तियाज (35 वर्ष), निवासी हाजीपुर, सिरोंज फराज (25 वर्ष), निवासी दरीवालन, सिरोंज छत्रवंश उर्फ संजू कुशवाह (35 वर्ष), निवासी मिर्जापुर, गंजबासौदा सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक Rohit Kashwani के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे एवं एसडीओपी अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। सराहनीय भूमिका इस अभियान में निरीक्षक, थाना प्रभारी, साइबर टीम एवं आरक्षकों की टीम ने मिलकर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की। पुलिस की अपील विदिशा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे संचार साथी ऐप का उपयोग कर अपने नाम पर जारी सिम कार्डों की जानकारी अवश्य जांचें। 👉 किसी भी संदिग्ध सिम को तुरंत बंद कराएं 👉 अनधिकृत उपयोग की सूचना तुरंत पुलिस को दें ➡️ निष्कर्ष यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम है। फर्जी सिम का उपयोग अक्सर धोखाधड़ी, ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में होता है, ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।3
- रायसेन। शहर में माहेश्वरी समाज द्वारा लोक आस्था का महापर्व गणगौर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की कामना के साथ कठिन उपवास रखकर शिव-पार्वती स्वरूप ईसर-गणगौर की विशेष पूजा-अर्चना की। दोपहर बाद मुखर्जी नगर से माता गणगौर की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं मंगल गीत गाती और नृत्य करती चल रही थीं। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मिश्र तालाब पहुंची। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। अंत में विधि-विधान और आरती के साथ तालाब के घाट पर गणगौर की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर विजय चोहान रघुनाथ बड़ा मंदिर1
- लोकेशन:- बीना रिपोर्टर:- राकेश सेन बीना:-राधे राधे प्रभात फेरी बीना मंडल द्वारा देवी दर्शन यात्रा में शिवाजी वार्ड स्थित महेश्वरी देवी एवं पाठक वार्ड स्थित संतोषी माता के दर्शन करने के लिए चैत्र नवरात्रि पर देवी मंदिरों पर ब्रह्म मुहूर्त में दर्शन करने के लिए जाते हुए।1
- बीना में आज वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर लोधी समाज द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शहर के न्यू बस स्टैंड पर संपन्न हुआ, जहां समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर वीरांगना को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।1
- लोकल न्यूज़ बीना में मौसम ने बदली करवट: तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान की आशंका, किसानों की बढ़ी चिंता बीना। क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट ले ली है। शुक्रवार सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई। बदलते मौसम के इस मिजाज से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार बारिश और ओलों के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। खासकर गेहूं और चना जैसी रबी फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह खराब रहा तो तैयार फसल को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। स्थानीय किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और राहत देने की मांग की है। वहीं मौसम के अचानक बदले मिजाज से आमजन का जनजीवन भी प्रभावित होता नजर आया। फिलहाल किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मौसम के साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उनकी मेहनत पर पानी न फिर जाए।1
- कार मे जिंदा जली डॉक्टर की पत्नी, Video देख कांप उठेगी रूह सागर : मध्य प्रदेश के सागर-दमोह मार्ग से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां चनाटोरिया टोल प्लाजा के पास एक महिला कार में जिंदा जल गई, जबके हादसे में पति व तीन अन्य लोग सुरक्षित हैं. प्रारंभिक जानकारी में इसे सड़क हादसा बताया जा रहा है पर महिला के परिजनों ने इसे हादसा नहीं साजिश करार दिया है. घटना तड़के 4 बजे की बताई जा रही है.1
- ‘अमेरिकन’ नाम… जहरीला काम! ग्यारसपुर में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, क्या ‘कुंभकर्णी’ नींद से जागेगा प्रशासन? ग्यारसपुर (हैदरगढ़) : मध्य प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav की मंशा पर ग्यारसपुर क्षेत्र में सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां American India Foundation द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिए जा रहे ‘थर्ड मील’ (तीसरा भोजन) की गुणवत्ता पर गंभीर आरोप लगे हैं। कच्चा आटा और बीमार बच्चे — सामने आई चौंकाने वाली हकीकत हैदरगढ़ क्षेत्र के कई अभिभावकों और माताओं ने आरोप लगाया है कि बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार से वे बीमार पड़ रहे हैं। लड्डू बना खतरा : बच्चों को दिए जा रहे लड्डू कच्चे आटे से बने होने की शिकायत, जो गले में चिपक जाते हैं। घटिया पोहा-दलिया : पोहा और दलिया की गुणवत्ता बेहद खराब, बच्चे खाने से कर रहे इनकार। बीमारी का डर : कई मामलों में बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत। फेंकने की मजबूरी : अभिभावक इस भोजन को कूड़ेदान या पशुओं को देने को मजबूर। निगरानी पर सवाल, जिम्मेदार कौन? इस पूरी व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी सुपरवाइजर पर है, लेकिन महीनों से चल रही शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे निगरानी तंत्र की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ‘कुपोषण मुक्त’ अभियान को झटका प्रदेश सरकार जहां कुपोषण मिटाने के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं चला रही है, वहीं इस तरह की लापरवाही से बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह योजना अपने उद्देश्य से भटक सकती है। अभिभावकों की मांग संबंधित संस्था का ठेका तत्काल निरस्त किया जाए भोजन की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए बड़ा सवाल क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? 👉 यह मुद्दा न सिर्फ प्रशासनिक जवाबदेही का है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा है।5