बिलोना क्षेत्र में वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया खुंखार गुलदार. बागेश्वर के जंगलों में लगातार आग से खूंखार जंगली जानवर रिहायसी इलाकों में, बिलोना क्षेत्र में वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया खुंखार गुलदार. उत्तराखंड में लगातार जल रही जंगलों की आग ने जंगली जानवरों का रिहायशी इलाकों में रुख बढ़ता जा रहा है , बागेश्वर के बिलोना क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता बढ़ने पर वन विभाग ने ट्रैप कैमरों से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और माजिया खेत, तुनेड़ा तहसील परिसर, बिलोना भागीरथी मुख्य बाजार व अन्य स्थानों पर पिंजरे लगाए। और फिर एक हफ्ते में तीसरा गुलदार वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ है.जिससे नगरवासियों ने राहत की सांस ली। वन क्षेत्राधिकारी केवलानंद पांडे के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने यह सफल रेस्क्यू किया। बागेश्वर रेंज ने अब तक 7 गुलदारों को सफलता से रिहायसी इलाकों से पकड़ कर उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाया हैं. Byte 1- केवलानन्द पाण्डेय - वन क्षेत्राधिकारी बागेश्वर
बिलोना क्षेत्र में वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया खुंखार गुलदार. बागेश्वर के जंगलों में लगातार आग से खूंखार जंगली जानवर रिहायसी इलाकों में, बिलोना क्षेत्र में वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया खुंखार गुलदार. उत्तराखंड में लगातार जल रही जंगलों की आग ने जंगली जानवरों का रिहायशी इलाकों में रुख बढ़ता जा रहा है , बागेश्वर के बिलोना क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता बढ़ने पर वन विभाग ने ट्रैप कैमरों से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और माजिया खेत, तुनेड़ा तहसील परिसर, बिलोना भागीरथी मुख्य बाजार व अन्य स्थानों पर पिंजरे लगाए। और फिर एक हफ्ते में तीसरा गुलदार वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ है.जिससे नगरवासियों ने राहत की सांस ली। वन क्षेत्राधिकारी केवलानंद पांडे के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने यह सफल रेस्क्यू किया। बागेश्वर रेंज ने अब तक 7 गुलदारों को सफलता से रिहायसी इलाकों से पकड़ कर उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाया हैं. Byte 1- केवलानन्द पाण्डेय - वन क्षेत्राधिकारी बागेश्वर
- बागेश्वर के जलते जंगलों पर जगदीश कुनियाल का दर्द, पृथ्वी दिवस पर बचाव की अपील लगातार जल रहे बागेश्वर के जंगलों को लेकर प्रकृति प्रेमी जगदीश कुनियाल ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। पृथ्वी दिवस की हार्दिक बधाइयां देते हुए उन्होंने सभी से जंगलों को बचाने की भावुक अपील की, ताकि हिमालय की इस अनमोल धरोहर को संरक्षित किया जा सके।1
- SC/ST प्रकरणों पर सख्ती, एक हफ्ते में 25% मुआवजा निर्देश1
- पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व वर्तमान में पौड़ी गढवाल के सीली वार्ड से जिला पंचायत सदस्य शान्ती देवी पर लगा आरोप। जिला पंचायत छेत्र सीली वार्ड के फरसाडी- छांछीरो मोटर मार्ग से चिणागैरी बंगरझल्ला को जिला पंचायत निधि से जो सम्पर्क मार्ग जो बना उस पर सफाई तो की माननीय जिला पंचायत सदस्य जी ने लेकिन अधूरा ।1
- *SSP डॉ0 मंजुनाथ टीसी ने की श्रमिकों के धैर्य की सराहना,* *श्रमिकों की आड़ में हिंसा भड़काने और शांति व्यवस्था भंग करने की साजिश रचने वाले उपद्रवियों पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही* *जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता* *लालकुआं क्षेत्र स्थित मदरसन कंपनी में पिछले कुछ समय से अपनी मांगों को लेकर* धरने पर बैठे श्रमिकों और प्रबंधन के बीच चल रहा गतिरोध आज मंगलवार को समाप्त हो गया। जिला प्रशासन, श्रम विभाग और नैनीताल पुलिस के समन्वित प्रयासों और सकारात्मक मध्यस्थता के बाद श्रमिकों ने अपना अनशन समाप्त कर काम पर वापस लौटने का निर्णय लिया है। *सफल मध्यस्थता-* पुलिस बल, एसडीएम, श्रम विभाग के अधिकारियों, प्रबंधन और श्रमिकों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। *मांगों पर सहमति:* श्रमिकों द्वारा रखी गई *14 प्रमुख मांगों में से 12 मांगों* को प्रबंधन ने तत्काल स्वीकार कर लिया है। शेष 02 मांगों पर शासन स्तर से कार्यवाही की जानी है, जिसके लिए सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। *काम पर वापसी:* वार्ता के उपरांत सभी श्रमिक फैक्ट्री में शामिल हो गए हैं और कल से पूर्ण रूप से कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा। *श्रमिकों के धैर्य की सराहना* पुलिस प्रशासन उन सभी श्रमिकों का हृदय से धन्यवाद करता है जिन्होंने धैर्य का परिचय दिया। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने अनुशासन बनाए रखा और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी। पुलिस बल श्रमिकों के जायज मांग और समस्याओं के समाधान के लिए उनके साथ खड़ा है। *उपद्रवी तत्वों, आराजकतत्वो को सख्त चेतावनी* श्रमिकों की आड़ में कुछ बाहरी अराजकतत्व अपना वर्चस्व चमकाने और माहौल बिगाड़ने की फिराक में थे। पुलिस ने इस संबंध में बड़ी कार्यवाही की है। *हिंसा की साजिश विफल-* अराजक तत्वों ने नोएडा की तर्ज पर कंपनी में तोड़फोड़, आगजनी और व्यापक हिंसा फैलाने की साजिश रची थी। पुलिस कार्य में बाधा डालने, बैरियर तोड़ने और भोले-भाले मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाने के आरोप में 20-30 अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। *नैनीताल पुलिस का स्पष्ट सन्देश-* औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति फैलाने वाले बाहरी तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। ऐसे अराजक तत्वों के विरुद्ध *गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट* के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने या हिंसा फैलाने की अनुमति है।1
- आज रात आसमानी आतिशबाजी से जगमगाएगा आसमान धूमकेतु सी 2025 आर 3 पान स्टार्स भी इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंगलवार की रात इस बार खास होने जा रही है। इस रात कुदरती आसमानी आतिशबाजी से आसमान जगमगाने जा रहा है। यह खगोलीय घटना लाइरिड नामक उल्कावृष्टि के कारण होगी। इस घटना में दो दर्जन उल्काएं जलकर गिरती हुई नजर आने वाली हैं। धूमकेतु सी 2025 आर 3 पान स्टार्स भी इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि आसमान में इन दिनों एक धूमकेतु भोर से पूर्व आकर्षण का केंद्र बना हुआ है तो लाइरिड उल्का वृष्टि भी शुरू हो चुकी है। यह अद्भुत खगोलीय घटना बुधवार से शुरू हो गई थी और 29 अप्रैल तक जारी रहने जा रही है। मगर इसका 21 अप्रैल को आधी रात के बाद चरम पर रहेगा। संभावना है कि चरमता के दौरान दो दर्जन से अधिक जलती उल्काएं आसमान से जमीन की ओर गिरती नजर आएंगी। इस घटना को बिजली की रोशनी से परे दूर अंधेरे स्थानों की शरण में जाना होगा। तभी इसका लुत्फ उठाया जा सकेगा । इस घटना को देखने के लिए दूरबीन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। लाइरिड उल्का वृष्टि धूमकेतु सी/1861 जी1 थैचर द्वारा छोड़े गए धूल और मलबे के कारण होती है। यह धूमकेतु चार सौ वर्ष में एक बार हमारे करीब आता है और सूर्य की परिक्रमा कर वापस लौट जाता है। इस खगोलीय घटना को सबसे पुराना माना जाता है। 2600 साल से यह उल्का वृष्टि हो रही है, जो खगोलीय घटनाओं के दस्तावेजों में दर्ज है। डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि इधर धूमकेतु सी 2025 आर 3 पान स्टार्स भी इन दिनों आसमान में अनूठी चमक बिखेर रहा है। इसे सूर्योदय से करीब 90 मिनट पहले दिखना शुरू होगा और सूर्योदय तक देखा जा सकता है। इसे नग्न आंखों से देखना मुश्किल होगा और छोटी दूरबीन से आसानी से देखा जा सकता है। इंसेट डा शशिभूषण पांडेय ने बताया कि अगली ईटा एक्वारिड उल्का वृष्टि की खगोलीय घटना होने जा रही है। जिसका पीक पांच अप्रैल की रात रहेगा। यह खगोलीय घटना कुछ दिन बाद शुरू हो जाएगी और मई मध्य तक जारी रहती है। यह आसमानी आतिशबाजी प्रसिद्ध हैली के धूमकेतु द्वारा छोड़े गए धूल कंकड़ और मलवे के कारण होती है। जब यह के पृथ्वी वायु मंडल से टकराते हैं तो जलकर नष्ट तब हो जाते है।2
- Post by Jagdish Ballabh Sharma4
- COचम्पावत का पुलिस लाइन व यातायात कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के दिए निर्देश1
- बागेश्वर के जंगलों में लगातार आग से खूंखार जंगली जानवर रिहायसी इलाकों में, बिलोना क्षेत्र में वन विभाग ने पिंजरे में कैद किया खुंखार गुलदार. उत्तराखंड में लगातार जल रही जंगलों की आग ने जंगली जानवरों का रिहायशी इलाकों में रुख बढ़ता जा रहा है , बागेश्वर के बिलोना क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता बढ़ने पर वन विभाग ने ट्रैप कैमरों से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और माजिया खेत, तुनेड़ा तहसील परिसर, बिलोना भागीरथी मुख्य बाजार व अन्य स्थानों पर पिंजरे लगाए। और फिर एक हफ्ते में तीसरा गुलदार वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ है.जिससे नगरवासियों ने राहत की सांस ली। वन क्षेत्राधिकारी केवलानंद पांडे के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने यह सफल रेस्क्यू किया। बागेश्वर रेंज ने अब तक 7 गुलदारों को सफलता से रिहायसी इलाकों से पकड़ कर उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाया हैं. Byte 1- केवलानन्द पाण्डेय - वन क्षेत्राधिकारी बागेश्वर1