शाहाबाद में लाखों की इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल बरसात ने खोल दी पोल शाहाबाद में लाखों की इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल बरसात ने खोल दे पोल एंकर: हरदोई के शाहाबाद नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर के मोहल्ला महुआटोला में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही बरसात में अपनी बदहाली बयां कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई, जिसका नतीजा यह है कि सड़क कई जगह धंस गई है और इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ने लगी हैं। । मोहल्ला महुआटोला में डॉ. लईक के यहां से भुनंदा धर्मकांटा तक नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। पहली ही बरसात में सड़क की परत उखड़ने लगी, कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग धंस गई और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। बरसात ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है।स्लग: शाहाबाद में लाखों की इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल एंकर: हरदोई के शाहाबाद नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर के मोहल्ला महुआटोला में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही बरसात में अपनी बदहाली बयां कर रही है। सूत्रों की माने तो स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई, जिसका नतीजा यह है कि सड़क कई जगह धंस गई है और इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ने लगी हैं। । मोहल्ला महुआटोला में डॉ. लईक के यहां से भुनंदा धर्मकांटा तक नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। पहली ही बरसात में सड़क की परत उखड़ने लगी, कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग धंस गई और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। बरसात ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। #शाहाबादनगरपालिका #शाहाबादफेसबुकवायरल #sdmशाहाबाद #ईओशाहाबादहरदोई
शाहाबाद में लाखों की इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल बरसात ने खोल दी पोल शाहाबाद में लाखों की इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल बरसात ने खोल दे पोल एंकर: हरदोई के शाहाबाद नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर के मोहल्ला महुआटोला में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही बरसात में अपनी बदहाली बयां कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई, जिसका नतीजा यह है कि सड़क कई जगह धंस गई है और इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ने लगी हैं। । मोहल्ला महुआटोला में डॉ. लईक के यहां से भुनंदा धर्मकांटा तक नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। पहली ही बरसात में सड़क की परत उखड़ने
लगी, कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग धंस गई और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। बरसात ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है।स्लग: शाहाबाद में लाखों की इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल एंकर: हरदोई के शाहाबाद नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर के मोहल्ला महुआटोला में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही बरसात में अपनी बदहाली बयां कर रही है। सूत्रों की माने तो स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी
की गई, जिसका नतीजा यह है कि सड़क कई जगह धंस गई है और इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ने लगी हैं। । मोहल्ला महुआटोला में डॉ. लईक के यहां से भुनंदा धर्मकांटा तक नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। पहली ही बरसात में सड़क की परत उखड़ने लगी, कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग धंस गई और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। बरसात ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। #शाहाबादनगरपालिका #शाहाबादफेसबुकवायरल #sdmशाहाबाद #ईओशाहाबादहरदोई
- सवायजपुर में संदिग्ध परिस्थिति में महिला की मौत, पति और ससुर गिरफ्तार; दहेज हत्या का मामला दर्ज #हरदोई। सवायजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सवायजपुर में 33 वर्षीय महिला सुहासिनी (पत्नी अभिजीत शर्मा) की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु होने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचायतनामा की नियमानुसार कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर सवायजपुर थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति अभिजीत शर्मा और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) मार्तण्ड प्रकाश सिंह के अनुसार "सोमवार को सवायजपुर थाने पर महिला की संदिग्ध मौत की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के पिता की तहरीर पर अभियोग पंजीकृत कर पति व ससुर को हिरासत में ले लिया गया है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।"1
- बिलग्राम में 15 वर्षीय किशोरी पर चाकू से हमला, मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर छप्पर में सो रही किशोरी पर अज्ञात हमलावर ने किया वार, पुलिस जांच में जुटी हरदोई बिलग्राम में घर में सो रही 15 वर्षीय किशोरी पर चाकू से हमला, मचा हड़कंप गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर, पुलिस ने शुरू की जांच1
- शाहाबाद में लाखों की इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल बरसात ने खोल दी पोल शाहाबाद में लाखों की इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल बरसात ने खोल दे पोल एंकर: हरदोई के शाहाबाद नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर के मोहल्ला महुआटोला में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही बरसात में अपनी बदहाली बयां कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई, जिसका नतीजा यह है कि सड़क कई जगह धंस गई है और इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ने लगी हैं। । मोहल्ला महुआटोला में डॉ. लईक के यहां से भुनंदा धर्मकांटा तक नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। पहली ही बरसात में सड़क की परत उखड़ने लगी, कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग धंस गई और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। बरसात ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है।स्लग: शाहाबाद में लाखों की इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल एंकर: हरदोई के शाहाबाद नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नगर के मोहल्ला महुआटोला में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही बरसात में अपनी बदहाली बयां कर रही है। सूत्रों की माने तो स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई, जिसका नतीजा यह है कि सड़क कई जगह धंस गई है और इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ने लगी हैं। । मोहल्ला महुआटोला में डॉ. लईक के यहां से भुनंदा धर्मकांटा तक नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। पहली ही बरसात में सड़क की परत उखड़ने लगी, कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग धंस गई और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। बरसात ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। #शाहाबादनगरपालिका #शाहाबादफेसबुकवायरल #sdmशाहाबाद #ईओशाहाबादहरदोई3
- हरदोई जिले के सुन्नी धाम में आज सुबह भोले बाबा के दिव्य दर्शन 🔱 श्रावण मास का पावन बुधवार, सुन्नी धाम से दिव्य शिव दर्शन 🔱 🕉️ श्रावण मास के पावन बुधवार पर हरदोई जनपद के सुन्नी ग्राम स्थित मां महिषासुर मर्दिनी धाम में भगवान भूतभावन भोलेनाथ के दिव्य श्रृंगार को देखकर जीवन में सुख, समृद्धि तथा नई ऊर्जा प्राप्त होती है। ✨2
- कच्चा रोड है हमारे गांव bandaniya से इच्छानापुर मार्ग जो कोई प्रधान जिलापंचायत कोई नहीं सुन रहा है आने जाने ने बहुत दिक्कत होती है 5-6 मकानों को बहुत ज्यादा तकलीफ होती है को ई नहीं सुन रहा है ग्राम पंचायत म्योनी का गांव bandaniya का माबीला है प्रधान सुनीता देवी मौजूदा पद पर है सुनती नहीं है2
- एलपीजी गैस ट्रक से भिड़ा कंटेनर, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा एलपीजी गैस ट्रक से भिड़ा कंटेनर, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा गर्रा पुल से गढ़िया-नकटौरा तक सुरक्षा इंतजाम नदारद, एक सप्ताह में दूसरा बड़ा हादसा चेतावनी बोर्ड और क्रैश बैरियर तक नहीं संवाद सूत्र जागरण लोनार।।हरदोई-सवायजपुर मार्ग पर गर्रा नदी पुल के आगे गढ़िया-नकटौरा के समीप मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सवायजपुर की ओर से आ रहे अनियंत्रित कंटेनर ने सामने से हरदोई की ओर से जा रहे एलपीजी गैस ट्रक में भीषण टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गैस ट्रक का चालक साइड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और डीजल टैंक फटने से करीब 300 लीटर डीजल वहे गया। यदि ट्रक गैस से भरा होता तो दुर्घटना भयावह रूप ले सकती थी। हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया। गैस ट्रक चालक अप्पू पुत्र केदारराम, निवासी बिहार, ने बताया कि वह नेपाल सीमा स्थित सुनौली से एलपीजी गैस खाली कर मथुरा जा रहे थे। सुबह करीब 4:30 बजे वह अपनी साइड में चल रहे थे, तभी सामने से आए अनियंत्रित कंटेनर ने उनकी ओर आकर जोरदार टक्कर मार दी। जैसे तैसे ट्रक नियंत्रित किया और बड़ा हादसा टल गया। चालक सुरक्षित है, हादसे के बाद मार्ग पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची डायल-112 पुलिस ने क्षतिग्रस्त कंटेनर को हटवाकर यातायात बहाल कराया। (1)- बताते चलें जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां गर्रा नदी पुल से गढ़िया-नकटौरा तक दो अत्यंत खतरनाक मोड़ हैं। सड़क के दोनों ओर गहरी खाइयां और तालाब हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर न चेतावनी संकेतक हैं, न रिफ्लेक्टर और न ही क्रैश बैरियर। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए यह मार्ग लगातार दुर्घटना का कारण बन रहा है। (2)एक सप्ताह में दूसरा बड़ा हादसा, फिर भी नहीं चेता विभाग स्थानीय लोगों के अनुसार 27 जुलाई को इसी स्थान के पास एक ट्रक अनियंत्रित होकर गहरे तालाब में जा गिरा था। उसे चार क्रेनों की मदद से कई घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। उस हादसे में पास के मकान में सो रहे रायबहादुर राजपूत और उनके मवेशी बाल-बाल बच गए थे। (3)ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इसी मोड़ पर पूर्व में कई लोगों की जान जा चुकी है। बाइक दुर्घटना में एक महिला की मौत, रोडवेज बस और बाइक की टक्कर में तीन युवकों की मौत तथा पाली क्षेत्र के एक चिकित्सक के पुत्र की कार खाई में गिरने से हुई मृत्यु जैसी कई घटनाएं इस मार्ग की भयावह स्थिति की गवाही देती हैं। इसके बाद भी कोई इन्तजाम नहीं किए गए।जब यह स्थान लगातार दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है, तो अब तक क्रैश बैरियर क्यों नहीं लगाए गए। स्थानीय लोग में भोले शुक्ला ग्राम प्रधान,राजू शुक्ला, लालजी बाजपेयी, रामजी,पुरुसतम नारायण शुक्ल,नहीम, रमलू आदि ने प्रशासन से मांग की है कि इस दुर्घटना संभावित क्षेत्र में तत्काल क्रैश बैरियर, संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड कंट्रोल उपाय और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं कराई जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। सड़क सुरक्षा के इन्तजामात न होने से दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकती है और ऐसे स्थानों पर सुधार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।4
- हरदोई जनपद के दुलारपुर में स्कूल के सामने दलदल बना बच्चों के लिए जान का खतरा, एक साल से गड्ढे पर जिम्मेदार बेखबर हरदोई। बावन ब्लॉक। ग्राम पंचायत दुलारपुर स्थित प्राइमरी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र के सामने सड़क पर बना गहरा गड्ढा इन दिनों दलदल और कीचड़ में तब्दील हो गया है। स्कूल के मुख्य गेट के ठीक किनारे से बच्चों और ग्रामीणों का आवागमन होता है, जबकि इसी रास्ते से बाइक भी निकलती हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। . ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक वर्ष से सड़क की यह स्थिति बनी हुई है, लेकिन समस्या के समाधान की ओर न तो ग्राम पंचायत प्रधान का ध्यान गया और न ही स्कूल के जिम्मेदारों ने इस गंभीर समस्या को लेकर कोई ठोस पहल की। बारिश या पानी भरने के बाद गड्ढा और भी खतरनाक हो जाता है और पूरा रास्ता कीचड़ व दलदल में बदल जाता है। . कीचड़ में गिर चुके हैं छोटे बच्चे सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई छोटे बच्चे इसी दलदल और कीचड़ में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। स्कूल के गेट के पास होने के कारण बच्चों को इसी खतरनाक रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बाइक के निकलने के दौरान बच्चों के संतुलन बिगड़ने या बाइक की चपेट में आने की आशंका से अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है। . बच्चों की सुरक्षा पर सवाल, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार? . स्कूल और आंगनवाड़ी के सामने सड़क की ऐसी स्थिति बच्चों की सुरक्षा पर सीधे सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से सामने होने के बावजूद ग्राम पंचायत स्तर से गड्ढे को भरने या रास्ते को दुरुस्त कराने की गंभीर कोशिश नहीं की गई। . क्या किसी बड़े हादसे के बाद जिम्मेदारों की नींद खुलेगी? . ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि स्कूल के सामने तत्काल गड्ढे को भरवाकर सड़क को दुरुस्त कराया जाए, ताकि मासूम बच्चों की जान जोखिम में न पड़े। . अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कब तक इस समस्या का समाधान कराते हैं।1
- पूर्व प्रधान की दबंगई आई सामने, बंजरिया गांव में के पूर्व प्रधान द्वारा दर्जनों लोगों के साथ दूसरे गांव में घुसकर एक घर में की मारपीट,वीडियो हो रहा वायरल,थाना मझिला के बंजरिया गांव का मामला,1