आजमगढ़ में सूत्रधार संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय “पनिया धनुष बाल नाट्य उत्सव” के दूसरे दिन रैदोपुर स्थित आनंद मार्ग विद्यालय के भरतमुनि सभागार में बाल नाटक ‘भुलवा भुलक्कड़’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस नाटक का लेखन अभिषेक पंडित ने किया था, जबकि इसका निर्देशन ममता पंडित ने संभाला। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। नाटक ‘भुलवा भुलक्कड़’ एक ऐसे बालक की कहानी है जो अपनी भूलने की आदत के चलते हास्यपूर्ण परिस्थितियों में फंस जाता है। दादी के कहने पर राजमहल जाने के दौरान उसके साथ होने वाली घटनाओं ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों को एकाग्रता, जिम्मेदारी और स्मरण शक्ति का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। दादी की भूमिका में वेदिका और भुलवा के किरदार में अमरजीत ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को आकर्षित किया, वहीं अन्य बाल कलाकारों ने भी अपने अभिनय, संवाद अदायगी और मंचीय अनुशासन से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। मंचन की सफलता में संगीत, प्रकाश, वेशभूषा और मंच सज्जा टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों ने इस मौके पर कहा कि बच्चों को उचित मंच और मार्गदर्शन मिलने पर वे अपनी प्रतिभा से प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकते हैं।
आजमगढ़ में सूत्रधार संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय “पनिया धनुष बाल नाट्य उत्सव” के दूसरे दिन रैदोपुर स्थित आनंद मार्ग विद्यालय के भरतमुनि सभागार में बाल नाटक ‘भुलवा भुलक्कड़’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस नाटक का लेखन अभिषेक पंडित ने किया था, जबकि इसका निर्देशन ममता पंडित ने संभाला। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। नाटक ‘भुलवा भुलक्कड़’ एक ऐसे बालक की कहानी है जो अपनी भूलने
की आदत के चलते हास्यपूर्ण परिस्थितियों में फंस जाता है। दादी के कहने पर राजमहल जाने के दौरान उसके साथ होने वाली घटनाओं ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों को एकाग्रता, जिम्मेदारी और स्मरण शक्ति का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। दादी की भूमिका में वेदिका और भुलवा के किरदार में अमरजीत ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को आकर्षित किया, वहीं अन्य
बाल कलाकारों ने भी अपने अभिनय, संवाद अदायगी और मंचीय अनुशासन से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। मंचन की सफलता में संगीत, प्रकाश, वेशभूषा और मंच सज्जा टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों ने इस मौके पर कहा कि बच्चों को उचित मंच और मार्गदर्शन मिलने पर वे अपनी प्रतिभा से प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकते हैं।
- आजमगढ़ में सूत्रधार संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय “पनिया धनुष बाल नाट्य उत्सव” के दूसरे दिन रैदोपुर स्थित आनंद मार्ग विद्यालय के भरतमुनि सभागार में बाल नाटक ‘भुलवा भुलक्कड़’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस नाटक का लेखन अभिषेक पंडित ने किया था, जबकि इसका निर्देशन ममता पंडित ने संभाला। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। नाटक ‘भुलवा भुलक्कड़’ एक ऐसे बालक की कहानी है जो अपनी भूलने की आदत के चलते हास्यपूर्ण परिस्थितियों में फंस जाता है। दादी के कहने पर राजमहल जाने के दौरान उसके साथ होने वाली घटनाओं ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों को एकाग्रता, जिम्मेदारी और स्मरण शक्ति का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। दादी की भूमिका में वेदिका और भुलवा के किरदार में अमरजीत ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को आकर्षित किया, वहीं अन्य बाल कलाकारों ने भी अपने अभिनय, संवाद अदायगी और मंचीय अनुशासन से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। मंचन की सफलता में संगीत, प्रकाश, वेशभूषा और मंच सज्जा टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजकों ने इस मौके पर कहा कि बच्चों को उचित मंच और मार्गदर्शन मिलने पर वे अपनी प्रतिभा से प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकते हैं।3
- मऊ जिले के रानीपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहरण के एक मामले में एक 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी रोशन राजभर, जो पलिया, थाना रानीपुर, मऊ का निवासी है, गांव की ही एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर मुंबई ले जाने की फिराक में था। पुलिस ने उसे याकूबपुर-रामाशंकर अंडरपास के पास से दबोचा, जब वह भागने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था। पुलिस अधीक्षक मऊ के निर्देश पर जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, रानीपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मु0अ0सं0 77/2026 का वांछित आरोपी अंडरपास के पास मौजूद है। उपनिरीक्षक सुधा अग्रहरि के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस बल को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम में शामिल महिला आरक्षी शालिनी और कांस्टेबल कौशल कुमार ने घेराबंदी कर उसे वहीं पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी रोशन राजभर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी रोशन राजभर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया है। उस पर धारा 137(2) (नाबालिग का व्यपहरण) और धारा 87 (विवाह के लिए विवश करने हेतु अपहरण करना) लगाई गई हैं। यह गिरफ्तारी आज सुबह करीब 11:05 बजे हुई। पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) मुहम्मदाबाद गोहना, शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी 22 वर्षीय रौनक चौहान की सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। रौनक अपने दिव्यांग माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। इस घटना पर पूर्व सांसद अतुल राय ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को आर्थिक मदद दी और भविष्य में भी सहायता का आश्वासन दिया। श्री अतुल राय ने रौनक की मौत को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक "लाचार और अपंग सिस्टम के द्वारा की गई हत्या" करार दिया है, और इसके पीछे व्यवस्थागत खामियों को सीधा दोष दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसे सामान्य दुर्घटना कैसे माना जा सकता है, जबकि राहगीरों द्वारा ढाई घंटे तक सूचना दिए जाने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं पहुंची। इसके अतिरिक्त, रौनक को सीएचसी बड़राव (अस्पताल) की इमरजेंसी में आधे घंटे तक पड़े रहने के बाद भी कोई डॉक्टर नहीं मिला और हायर सेंटर रेफर करने से पहले प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया गया। पूर्व सांसद ने इन गंभीर चूकों को लेकर व्यवस्था पर तीखे आरोप लगाए हैं। अतुल राय ने श्रेय लेने के लिए आपस में झगड़ने वाले उन "माननीय" लोगों की भी आलोचना की, जो जिले में मौजूद होने के बावजूद बेसुध माता-पिता की सुध लेने की ज़हमत नहीं उठा पाए और न ही इस त्रासदी की जिम्मेदारी लेने आगे आए। उन्होंने एक बार फिर घोसी लोकसभा के जन-जन के सुख-दुख में शामिल होने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और ईश्वर से रौनक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।1
- यह पेज विशेष रूप से जखनियां, गाजीपुर क्षेत्र के निवासियों के लिए SSC से संबंधित नवीनतम खबरें प्रदान करता है। सभी संबंधित सूचनाएं लगातार प्राप्त करते रहने के लिए पाठकों से आग्रह किया गया है कि वे पेज को लाइक और शेयर करें।1
- जौनपुर के शाहगंज स्थित बंसराज मेमोरियल सनराइज पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. बृजेश कुमार पाठक को प्रतिष्ठित 'Principal of the Year Award' से सम्मानित किया गया है। यह गौरवपूर्ण सम्मान उन्हें लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) में आयोजित 17वें एड लीडरशिप इंटरनेशनल राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस-2026 के दौरान प्रदान किया गया, जिससे जौनपुर जनपद का मान बढ़ा है। इस भव्य सम्मेलन में देश-विदेश से लगभग 2000 से अधिक प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया था। कार्यक्रम का आयोजन ग्लोबल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (GETI) ने एक उपदेश मीडिया के सहयोग से किया था। सिटी इंटरनेशनल स्कूल, लखनऊ की संस्थापक और सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की मुख्य शैक्षणिक सलाहकार डॉ. सुनीता गांधी ने डॉ. पाठक को यह सम्मान प्रदान किया। उन्होंने डॉ. पाठक के शैक्षणिक नेतृत्व, अनुशासन, समर्पण और शिक्षा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी और प्रेरणादायी शिक्षाविद बताया। डॉ. गांधी ने यह भी कहा कि डॉ. पाठक का व्यक्तित्व अनुशासन, सकारात्मक सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है, और वे न केवल कुशल प्रशासक बल्कि विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं। उल्लेखनीय है कि डॉ. बृजेश कुमार पाठक को अब तक 270 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षा विषयक उनकी कई पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं, जिन्हें शिक्षा जगत में व्यापक सराहना मिली है। इस सम्मान को प्राप्त करने के बाद डॉ. पाठक ने इसे अपने दादा-दादी, माता-पिता, परिवार, विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों और शुभचिंतकों के सहयोग का परिणाम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और वे शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। डॉ. पाठक की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, शिक्षकों, अभिभावकों और शुभचिंतकों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।1
- उपयोगकर्ता ने हार्दिक धन्यवाद और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, दो पंक्तियों की एक मार्मिक सैड शायरी साझा की है। इस भावनात्मक शायरी में टूटे हुए दिल की व्यथा को दर्शाया गया है, जहाँ यह कहा गया है कि जिसे सबसे अधिक चाहा गया था, वही आज बेगानी हो गई है। उपयोगकर्ता ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करने के बाद एक बार फिर आभार प्रकट किया है।1
- देवरिया जनपद के बैतालपुर ब्लॉक क्षेत्र के मिश्रौलिया ग्राम सभा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बेटे की असमय मौत के बाद एक मां का रो-रोकर बुरा हाल है। अपने जिगर के टुकड़े को खोने का असहनीय दर्द वह सहन नहीं कर पा रही हैं और हर पल उसकी याद में आंसू बहा रही हैं। परिजनों के अनुसार, बेटे के निधन के बाद से मां पूरी तरह टूट चुकी हैं; वह अक्सर बेटे की तस्वीर देखकर फफक पड़ती हैं और बार-बार उसे याद कर भावुक हो जाती हैं। परिवार के लोग उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मां के दिल में उठ रहा दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मां और बेटे के बीच बेहद गहरा लगाव था, और बेटे की मौत ने मां की जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ दिया है जिसे भर पाना शायद कभी संभव नहीं होगा। जो भी उनकी हालत देख रहा है, उसकी आंखें नम हो जा रही हैं। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि मिश्रौलिया गांव की यह मां बेटे की याद में घुट-घुट कर जीवन जीने को मजबूर है।1