मऊ जिले के रानीपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहरण के एक मामले में एक 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी रोशन राजभर, जो पलिया, थाना रानीपुर, मऊ का निवासी है, गांव की ही एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर मुंबई ले जाने की फिराक में था। पुलिस ने उसे याकूबपुर-रामाशंकर अंडरपास के पास से दबोचा, जब वह भागने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था। पुलिस अधीक्षक मऊ के निर्देश पर जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, रानीपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मु0अ0सं0 77/2026 का वांछित आरोपी अंडरपास के पास मौजूद है। उपनिरीक्षक सुधा अग्रहरि के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस बल को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम में शामिल महिला आरक्षी शालिनी और कांस्टेबल कौशल कुमार ने घेराबंदी कर उसे वहीं पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी रोशन राजभर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी रोशन राजभर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया है। उस पर धारा 137(2) (नाबालिग का व्यपहरण) और धारा 87 (विवाह के लिए विवश करने हेतु अपहरण करना) लगाई गई हैं। यह गिरफ्तारी आज सुबह करीब 11:05 बजे हुई। पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) मुहम्मदाबाद गोहना, शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मऊ जिले के रानीपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहरण के एक मामले में एक 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी रोशन राजभर, जो पलिया, थाना रानीपुर, मऊ का निवासी है, गांव की ही एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर मुंबई ले जाने की फिराक में था। पुलिस ने उसे याकूबपुर-रामाशंकर अंडरपास के पास से दबोचा, जब वह भागने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था। पुलिस अधीक्षक मऊ के निर्देश पर जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, रानीपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मु0अ0सं0 77/2026 का वांछित आरोपी अंडरपास के पास मौजूद है। उपनिरीक्षक सुधा अग्रहरि के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस बल को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम में शामिल महिला आरक्षी शालिनी और कांस्टेबल कौशल कुमार ने घेराबंदी कर उसे वहीं पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी रोशन राजभर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी रोशन राजभर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया है। उस पर धारा 137(2) (नाबालिग का व्यपहरण) और धारा 87 (विवाह के लिए विवश करने हेतु अपहरण करना) लगाई गई हैं। यह गिरफ्तारी आज सुबह करीब 11:05 बजे हुई। पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) मुहम्मदाबाद गोहना, शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- मऊ जिले के रानीपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहरण के एक मामले में एक 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी रोशन राजभर, जो पलिया, थाना रानीपुर, मऊ का निवासी है, गांव की ही एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर मुंबई ले जाने की फिराक में था। पुलिस ने उसे याकूबपुर-रामाशंकर अंडरपास के पास से दबोचा, जब वह भागने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था। पुलिस अधीक्षक मऊ के निर्देश पर जिले में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, रानीपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मु0अ0सं0 77/2026 का वांछित आरोपी अंडरपास के पास मौजूद है। उपनिरीक्षक सुधा अग्रहरि के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस बल को देखकर आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम में शामिल महिला आरक्षी शालिनी और कांस्टेबल कौशल कुमार ने घेराबंदी कर उसे वहीं पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी रोशन राजभर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी रोशन राजभर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया है। उस पर धारा 137(2) (नाबालिग का व्यपहरण) और धारा 87 (विवाह के लिए विवश करने हेतु अपहरण करना) लगाई गई हैं। यह गिरफ्तारी आज सुबह करीब 11:05 बजे हुई। पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) मुहम्मदाबाद गोहना, शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी 22 वर्षीय रौनक चौहान की सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई। रौनक अपने दिव्यांग माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। इस घटना पर पूर्व सांसद अतुल राय ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को आर्थिक मदद दी और भविष्य में भी सहायता का आश्वासन दिया। श्री अतुल राय ने रौनक की मौत को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक "लाचार और अपंग सिस्टम के द्वारा की गई हत्या" करार दिया है, और इसके पीछे व्यवस्थागत खामियों को सीधा दोष दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसे सामान्य दुर्घटना कैसे माना जा सकता है, जबकि राहगीरों द्वारा ढाई घंटे तक सूचना दिए जाने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं पहुंची। इसके अतिरिक्त, रौनक को सीएचसी बड़राव (अस्पताल) की इमरजेंसी में आधे घंटे तक पड़े रहने के बाद भी कोई डॉक्टर नहीं मिला और हायर सेंटर रेफर करने से पहले प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया गया। पूर्व सांसद ने इन गंभीर चूकों को लेकर व्यवस्था पर तीखे आरोप लगाए हैं। अतुल राय ने श्रेय लेने के लिए आपस में झगड़ने वाले उन "माननीय" लोगों की भी आलोचना की, जो जिले में मौजूद होने के बावजूद बेसुध माता-पिता की सुध लेने की ज़हमत नहीं उठा पाए और न ही इस त्रासदी की जिम्मेदारी लेने आगे आए। उन्होंने एक बार फिर घोसी लोकसभा के जन-जन के सुख-दुख में शामिल होने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और ईश्वर से रौनक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।1
- रविवार, 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आजमगढ़ का ऐतिहासिक और धार्मिक 'चंद्रमा ऋषि आश्रम' पूरी तरह योगमय हो गया। तमसा और सिली नदी के संगम तट पर स्थित इस पावन स्थल पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जहाँ उनके साथ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी योगाभ्यास किया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय और जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने योग को केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में योग के प्रति जागरूकता बढ़ी है। मंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया, ताकि एक सशक्त और स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण हो सके। योग के साथ-साथ, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और तमसा नदी की स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया, इसे एक 'जनआंदोलन' बनाने का आह्वान करते हुए ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने 'चंद्रमा ऋषि आश्रम' के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बताया। उन्होंने जानकारी दी कि जनपद के हर स्तर (ग्राम, ब्लॉक और जिला) पर योग दिवस को लेकर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, साथ ही यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में इस आश्रम के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए नई योजनाएं संचालित की जाएंगी, जिससे इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण की रक्षा करने का संकल्प लेने के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर में उत्साह, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बना रहा।1
- आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के शाहखजूरा गांव से एक पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। पीड़ित मुकेश चौरसिया का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी नाली को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण उनके घर में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। मुकेश चौरसिया के अनुसार, इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। इतना ही नहीं, उच्च अधिकारियों ने भी इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हालांकि, इन शिकायतों और उच्च अधिकारियों के आदेशों के बावजूद, अब तक उनकी इस गंभीर समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया है और परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है।1
- आजमगढ़ जिले के देवगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने महिलाओं को गहने साफ और चमकाने का झांसा देकर सोने के आभूषण हड़पने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस अभियान के तहत शनिवार देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में बिहार निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक के पैर में गोली लगी है। यह सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत थाना देवगांव पुलिस को मिली। पुलिस के अनुसार, 16 जून 2026 को कंजहित गांव निवासी जयनारायण दुबे ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी पत्नी के गहने साफ और चमकाने के बहाने सोने के आभूषण ले लिए, और विरोध करने पर असलहा दिखाकर फरार हो गए। इस घटना के खुलासे के लिए पुलिस लगातार तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में, 20 और 21 जून की मध्यरात्रि करीब 12:45 बजे गायत्री मोड़ पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान, मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए उन्हें सरूपहां क्षेत्र तक घेर लिया, जहां उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को दौड़ाकर पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के कटिहार जनपद निवासी 22 वर्षीय चाहत कुमार और 45 वर्षीय मुन्ना शाह के रूप में हुई है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सोने की चैन, दो सोने के कान के झाले, एक अवैध तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों और जनपदों में घूम-घूमकर महिलाओं को पुराने गहने नया बनाने, साफ करने और चमकाने का झांसा देकर इस प्रकार की वारदातों को अंजाम देते थे, और विरोध होने पर लोगों को डराकर फरार हो जाते थे। पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपियों पर लूट, धोखाधड़ी, चोरी और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं, और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।1
- आजमगढ़ जिले के देवगांव चौकी क्षेत्र में अंबेडकर ग्राम से निर्मित एक आरसीसी सड़क पर रामसकल द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि रामसकल इस महत्वपूर्ण आरसीसी रोड पर मिट्टी गिराकर उस पर अपना कब्जा जमा रहे हैं। इस गंभीर अतिक्रमण की ओर ध्यान दिए जाने की मांग की गई है।1
- आजमगढ़ के देवगांव थाना क्षेत्र के कंजहित गांव में महिलाओं को गहने चमकाने का झांसा देकर सोने के आभूषण उड़ाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने शनिवार देर रात पर्दाफाश किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया है। यह मामला बीते 16 जून को सामने आया था जब कंजहित गांव के जयनारायण दुबे ने देवगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी पत्नी मनोरमा दुबे को गहने साफ करने का झांसा दिया और धोखे से सोने के आभूषण ले लिए। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने असलहा दिखाकर उन्हें धमकाया और मौके से फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी। 20 और 21 जून की मध्यरात्रि गायत्री मोड़ पर सघन वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। पीछा करने के दौरान सरूपहां क्षेत्र में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया और उसे हिरासत में ले लिया गया, जबकि दूसरे बदमाश को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान चाहत कुमार (22 वर्ष) और मुन्ना शाह (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र के समेली गांव के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर महिलाओं को गहने साफ करने के नाम पर अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई एक सोने की चैन, दो कान के झाले, एक अवैध तमंचा (.315 बोर) और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास है और उन पर लूट व चोरी के कई मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। एसएसपी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।1
- देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के उद्योग नगर वार्ड नंबर-2 में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ श्रवण जायसवाल (60) और उनके पुत्र राकेश जायसवाल (28) का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना परिवार के लिए दुखों का पहाड़ बनकर आई है, जो पहले से ही गहरे सदमे में था। मिली जानकारी के अनुसार, पिता-पुत्र कपड़ों की खरीदारी के लिए चौरीचौरा गए थे। उन्होंने रात करीब 10:30 बजे परिवार से आखिरी बार बात की थी और जल्द घर लौटने की बात कही थी। इसके कुछ समय बाद ही दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई थी। सुबह रेलवे ट्रैक पर दोनों के शव मिलने की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। यह परिवार पहले से ही एक बड़ी त्रासदी झेल रहा था, क्योंकि तीन महीने पहले ही उनके बड़े बेटे श्वेतांक जायसवाल की एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इन लगातार हुई घटनाओं से जायसवाल परिवार पूरी तरह टूट गया है, और अब घर में केवल एक बुजुर्ग माँ और एक अविवाहित बेटी ही बची हैं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इन मौतों का कारण, चाहे वह हादसा हो, आत्महत्या हो या कोई अन्य वजह, जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।1