गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 26 मई को मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ तड़के सुबह से ही माँ पतित पाविनी गंगा में स्नान के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब विभिन्न घाटों पर उमड़ पड़ा। महादेव स्थान घाट, तपस्वी स्थान घाट, सिद्धनाथ घाट, चिंतामणि चक घाट तथा सिमरिया घाट पर भारी भीड़ रही, जहाँ “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूँज उठा। इसी कड़ी में सोमवार देर रात महादेव स्थान घाट पर आयोजित भव्य गंगा महाआरती ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में स्नान कर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि व मंगलकामना के लिए माँ गंगा से आशीर्वाद माँगा। गंगा दशहरा के अवसर पर महादेव स्थान घाट पर आयोजित यह भव्य गंगा महाआरती विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यह वर्षों से चली आ रही परंपरा है, जिसका निर्वहन इस वर्ष भी गोपाल पाठक के नेतृत्व में किया गया। हजारों दीपों की जगमगाहट, शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच आरती का मनमोहक दृश्य उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर गया। आरती के दौरान गोपाल पाठक, सुमन कुमार, कन्हैया पांडे, आयुष कुमार सहित आयोजन समिति के सदस्य और अन्य श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए दिखाई दिए। गंगा स्नान के उपरांत भक्तों ने महादेव स्थान मंदिर समेत विभिन्न शिवालयों और देवी मंदिरों में भी लंबी कतारों में लगकर पूजा-अर्चना की और जलाभिषेक कर परिवार की खुशहाली तथा समाज के कल्याण की कामना की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती और स्वयंसेवकों की सक्रिय उपस्थिति शामिल थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। महाआरती के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया। इस भव्य धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर मोकामा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को जीवंत कर दिया, साथ ही श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अनूठा संदेश दिया।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 26 मई को मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ तड़के सुबह से ही माँ पतित पाविनी गंगा में स्नान के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब विभिन्न घाटों पर उमड़ पड़ा। महादेव स्थान घाट, तपस्वी स्थान घाट, सिद्धनाथ घाट, चिंतामणि चक घाट तथा सिमरिया घाट पर भारी भीड़ रही, जहाँ “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूँज उठा। इसी कड़ी में सोमवार देर रात महादेव स्थान घाट पर आयोजित भव्य गंगा महाआरती ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में स्नान कर पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि व मंगलकामना के लिए माँ गंगा से आशीर्वाद माँगा। गंगा दशहरा के अवसर पर महादेव स्थान घाट पर आयोजित यह भव्य गंगा महाआरती विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यह वर्षों से चली आ रही परंपरा है, जिसका निर्वहन इस वर्ष भी गोपाल पाठक के नेतृत्व में किया गया। हजारों दीपों की जगमगाहट, शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच आरती का मनमोहक दृश्य उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर गया। आरती के दौरान गोपाल पाठक, सुमन कुमार, कन्हैया पांडे, आयुष कुमार सहित आयोजन समिति के सदस्य और अन्य श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते हुए दिखाई दिए। गंगा स्नान के उपरांत भक्तों ने महादेव स्थान मंदिर समेत विभिन्न शिवालयों और देवी मंदिरों में भी लंबी कतारों में लगकर पूजा-अर्चना की और जलाभिषेक कर परिवार की खुशहाली तथा समाज के कल्याण की कामना की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसमें घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती और स्वयंसेवकों की सक्रिय उपस्थिति शामिल थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। महाआरती के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया। इस भव्य धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर मोकामा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को जीवंत कर दिया, साथ ही श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अनूठा संदेश दिया।
- ग्रुप केंद्र मोकामाघाट में दीक्षांत समारोह के सफल समापन के उपलक्ष्य में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रंगारंग प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही, प्रशिक्षु महिला जवानों, अधिकारियों और अतिथियों के लिए 'बड़ा खाना' भी आयोजित किया गया, जहाँ सभी ने एक साथ भोजन कर इस उत्सव का भरपूर आनंद लिया। यह भव्य सांस्कृतिक संध्या रंगारंग कार्यक्रमों के बीच दीक्षांत समारोह के समापन की प्रतीक थी।1
- IPL 2026 में महेंद्र सिंह धोनी के मैदान पर न उतरने से उनके IPL सफर के खत्म होने की अटकलें लगने लगी हैं। यह पहली बार देखा गया कि 'थाला' पूरे सीज़न अपनी टीम चेन्नई सुपर किंग्स के साथ रहे, लेकिन मैदान पर एक भी मैच खेलने नहीं उतरे, जिससे फैंस के मन में बड़े सवाल उठ रहे हैं। पोस्ट में इस बात पर विचार किया गया है कि क्या उनकी चोट इसके पीछे की वजह थी, या फिर चेन्नई सुपर किंग्स में युवाओं को मौका देने के लिए यह एक बड़ा फैसला लिया गया। इस स्थिति ने चेपॉक में फैंस को भावुक कर दिया है, जिनकी आँखें नम हैं और दिल में एक ही सवाल है कि क्या 'थाला' अगले सीज़न, IPL 2027 में फिर मैदान पर लौटेंगे। धोनी के बिना IPL 2026 का गुज़रना कईयों के लिए एक युग के अंत जैसा है, जिसके चलते उनके भविष्य पर बड़े खुलासे की चर्चा की जा रही है। फैंस से भी यह पूछा गया है कि क्या 'माही' को एक और सीज़न खेलना चाहिए।1
- बेगूसराय जिले के मंझौल थाना क्षेत्र में सिवरी पुल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है।1
- 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है। इस अवधि में यह सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों इन नौ दिनों के दौरान धरती इतनी अधिक तपती है।1
- शेखपुरा नगर परिषद की स्थायी सशक्त समिति के तीन पदों के लिए मंगलवार को भारी गहमागहमी और राजनीतिक उठापटक के बीच चुनाव संपन्न हुए। इन चुनावों में लालबाग वार्ड की पार्षद गुलाम फिरदौसी अंसारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गईं। वहीं, शेष दो पदों पर हुए कड़े मुकाबले में फूल कुमारी और स्वाति सरगम ने मात्र एक-एक वोट के अंतर से रोमांचक जीत दर्ज की। निर्वाची पदाधिकारी सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय कुमार ने विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए, जबकि मतदान प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई थी। जानकारी के अनुसार, एक पद के लिए इंदाय के मुरारी कुमार और जमालपुर की फूल कुमारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ, जिसमें फूल कुमारी को 16 मत मिले, जबकि मुरारी कुमार को 15 मत प्राप्त हुए। दूसरे पद पर मकदूमपुर की वार्ड पार्षद स्वाति सरगम और एकसारीबीघा की पार्षद सुनैना देवी के बीच हुए कड़े संघर्ष में स्वाति सरगम ने 16 मतों के साथ जीत हासिल की, वहीं सुनैना देवी को 15 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार, फूल कुमारी और स्वाति सरगम दोनों ने स्थायी सशक्त समिति में अपनी जगह एक-एक वोट के मामूली अंतर से बनाई। इन परिणामों को लेकर लोगों में खुशी साफ देखी जा रही है और नगर परिषद कार्यालय के बाहर स्वाति सरगम को पुष्प गुच्छ देकर बधाई दी गई। चुनाव को लेकर नगर परिषद की राजनीति पूरे दिन गर्म रही, जहाँ वार्ड पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए देर रात तक राजनीतिक गतिविधियाँ चलती रहीं। सूत्रों के अनुसार, कई पार्षदों के ऐन वक्त पर पाला बदलने से पहले से तय मानी जा रही जीत हार में बदल गई, जिससे चुनाव परिणाम काफी रोमांचक हो गया।1
- पटना जिले के भदौर थाना क्षेत्र के बकावां गांव में 24 मई 2026 की रात राघवेंद्र कुमार के घर में चोरी की एक बड़ी वारदात हुई थी। चोरों ने घर से सोना-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ नकदी भी चुरा ली थी। इस घटना के बाद, पीड़ित के लिखित आवेदन पर भदौर थाना में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने महज पांच घंटे के गहन अनुसंधान के बाद चोरी गई सभी संपत्ति को बरामद कर लिया। बरामद किए गए सामानों में एक मंगलसूत्र, झुमका, सोने की चेन, चांदी के पायल, चांदी की चेन और कुल 24 हजार रुपये नकदी शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने 23 वर्षीय सत्यम कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना से जुड़े दो विधि-विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया है।1
- पाटलिपुत्र यानी पटना के अशोक मैदान में धानुक यानी EBC समाज की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अरविंद प्रसाद जी का उल्लेख किया गया और अशोक सम्राट का भी जिक्र हुआ।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंगलवार की सुबह तड़के से ही मां पतित पाविनी गंगा में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गंगा घाटों पर उमड़ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र "हर-हर गंगे" और "जय मां गंगे" के जयघोष से भक्तिमय माहौल में डूब गया। मोकामा के महादेव स्थान घाट, तपस्वी स्थान घाट, सिद्धनाथ घाट, चिंतामणि चक घाट और सिमरिया घाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही स्नान और पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, विशेषकर महादेव स्थान घाट और सिमरिया घाट पर दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। पवित्र गंगा स्नान के बाद, श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां गंगा की पूजा-अर्चना की तथा पुरोहितों के मंत्रोच्चारण के बीच दान-पुण्य कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। परंपरा के अनुसार, कई श्रद्धालुओं ने मिट्टी के दीपक दान कर धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न किए। गंगा स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने घाट किनारे स्थित मंदिरों की ओर रुख किया, जहां महादेव स्थान मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों और देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। इस दौरान भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। घाटों पर बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती तथा गोताखोरों की व्यवस्था की गई थी ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से स्नान कर सकें। स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने भी भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गंगा दशहरा के अवसर पर मोकामा में आस्था, भक्ति और धार्मिक उल्लास का यह अनुपम दृश्य एक यादगार आयोजन बन गया, जिसने हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और शांतिपूर्ण माहौल के साथ पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।1