मध्य प्रदेश के मंडला जिले में इस वर्ष बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां पिछले वर्ष की तुलना में अब तक 638.9 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख कार्यालय से सोमवार शाम चार बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई को जिले में औसतन महज 10.7 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई। इस दौरान निवास तहसील में सबसे ज्यादा 27.2 मिमी बारिश हुई, जबकि नैनपुर तहसील में बारिश नहीं हुई। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 20 जुलाई तक पूरे मंडला जिले में कुल 319.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 958.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस पूरे सीजन की बात करें तो अब तक मंडला तहसील में सबसे अधिक 434.0 मिमी और नारायणगंज तहसील में सबसे कम 145.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बारिश की इस बेहद धीमी रफ्तार को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में इस वर्ष बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां पिछले वर्ष की तुलना में अब तक 638.9 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख कार्यालय से सोमवार शाम चार बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई को जिले में औसतन महज 10.7 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई। इस दौरान निवास तहसील में सबसे ज्यादा 27.2 मिमी बारिश हुई, जबकि नैनपुर तहसील में बारिश नहीं हुई। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 20 जुलाई तक पूरे मंडला जिले में कुल 319.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 958.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस पूरे सीजन की बात करें तो अब तक मंडला तहसील में सबसे अधिक 434.0 मिमी और नारायणगंज तहसील में सबसे कम 145.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बारिश की इस बेहद धीमी रफ्तार को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
- मध्य प्रदेश के मंडला जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक बेहद सकारात्मक उदाहरण सामने आया है। मंगलवार, 21 जुलाई को दोपहर 12 बजे आयोजित इस जनसुनवाई में ग्राम बिछुआ निवासी अस्थि बाधित दिव्यांग गोरेलाल श्रीवास्तव, पिता आधार श्रीवास्तव अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे को अपनी परेशानी से अवगत कराते हुए बताया कि शारीरिक दिव्यांगता के कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्यों और दैनिक आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिव्यांग हितग्राही की इस गंभीर समस्या को सुनते ही कलेक्टर ने अत्यंत संवेदनशीलता दिखाई और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए। अधिकारियों ने इन निर्देशों का त्वरित पालन करते हुए कुछ ही देर में गोरेलाल को सहायक उपकरण के रूप में एक ट्राइसाइकिल प्रदान कर दी। अपनी समस्या का इतनी तेजी से निराकरण होने पर गोरेलाल काफी प्रसन्न नजर आए और उन्होंने इस संवेदनशील मदद के लिए कलेक्टर व जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।1
- मण्डला जिले के देल्हा में बदहाल व्यवस्था का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ अंतिम विदाई के मौके पर भी व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई। यहाँ की बदहाल व्यवस्था के चलते एक अंतिम संस्कार को बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे संपन्न करना पड़ा। अंतिम विदाई के इस संवेदनशील क्षण में भी सही इंतजाम न होने के कारण देल्हा के लोगों को गहरा दर्द झेलना पड़ा है, जो यहाँ की नाकाम व्यवस्था को उजागर करता है।1
- मध्य प्रदेश के मंडला में पहली ही बारिश ने करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क की पोल खोलकर रख दी है। पहली बारिश होते ही यह नवनिर्मित सड़क पूरी तरह से खराब हो गई है, जिससे निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार की खुली पोल सबके सामने आ गई है। करोड़ों की भारी-भरकम राशि खर्च करने के बाद भी पहली ही बारिश में सड़क का इस तरह खराब होना इसमें हुए बड़े भ्रष्टाचार को साफ तौर पर उजागर करता है।1
- डिंडौरी कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस जनसुनवाई में कुल 77 आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन और डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए, जिनमें ग्राम अमगवां निवासी श्रीमती अहिल्या बाई झारिया ने अपने दिवंगत पति (पूर्व पंचायत समन्वयक अधिकारी) के लंबित जीपीएफ और जीआईएस राशि के भुगतान की मांग की, जिस पर अपर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत शहपुरा को जांच और शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। वहीं, ग्राम पंचायत पड़रिया-2 के ग्राम टिकरिया के ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने प्राथमिक शाला भवन के अत्यधिक जर्जर होने के कारण नए भवन निर्माण की मांग रखी, जिसके लिए जिला परियोजना समन्वयक को स्थल निरीक्षण कर कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा, ग्राम मोहदा के राजकुमार साहू ने शासकीय नाले से अतिक्रमण हटाने और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा (करंजिया) के अस्थायी अंशकालीन भृत्य कर्मचारियों ने नियमित मानदेय भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए आवेदन दिए, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के दिशा-निर्देश जारी किए गए। अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध निराकरण करना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।2
- डिंडौरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज़ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। इस दौरान कुल 77 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, शिक्षा, पंचायत, जनजातीय कार्य, अतिक्रमण और भुगतान से जुड़े मामले शामिल थे। अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय-सीमा में त्वरित समाधान के निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम श्री रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर श्री वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई में ग्राम अमगवां की श्रीमती अहिल्या बाई झारिया ने अपने दिवंगत पति (दिवंगत पंचायत समन्वयक अधिकारी) के लंबित जीपीएफ एवं जीआईएस भुगतान का मामला उठाया, जिस पर जनपद पंचायत शहपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को तत्काल जांच कर भुगतान के निर्देश दिए गए। ग्राम टिकरिया के ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए नए भवन के निर्माण की मांग की, जिस पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को स्थल निरीक्षण के निर्देश मिले। वहीं, ग्राम मोहदा के राजकुमार साहू ने शासकीय नाले से अतिक्रमण हटाकर रास्ता सुगम बनाने की मांग की और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रूसा (करंजिया) के अस्थायी अंशकालीन भृत्य कर्मचारियों ने नियमित मानदेय भुगतान की समस्या रखी, जिस पर सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। जनसुनवाई के समापन पर अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक की समस्या का पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए और लंबित मामलों का नियमित रूप से अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाए।3
- जबलपुर में धर्म संगठन बर्स की ओर से 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ एक विशेष कामना साझा की गई है। इसमें ऐसी परख की उम्मीद जताई गई है जिससे पूरी दुनिया में हरियाली छा जाए। इसके साथ ही, सूखी पड़ी खेती के फिर से हरे-भरे और सुखी होने की प्रार्थना की गई है।1
- मध्य प्रदेश के मंडला जिले में इस साल मानसून की रफ्तार पिछले साल की तुलना में काफी धीमी बनी हुई है। भू-अभिलेख कार्यालय से मंगलवार 21 जुलाई को दोपहर तीन बजे प्राप्त वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, जिले में इस दिन औसतन 29.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 21 जुलाई तक जिले में कुल औसत वर्षा केवल 349.5 मिलीमीटर ही रिकॉर्ड की गई है। चिंता का विषय यह है कि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान जिले में 973.7 मिलीमीटर की जोरदार बारिश दर्ज की गई थी, जो वर्तमान आंकड़े से काफी अधिक है। जिले की विभिन्न तहसीलों में अब तक हुई वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, मंडला तहसील में सबसे अधिक 457.8 मिलीमीटर और नारायणगंज में सबसे कम 151.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा घुघरी में 406.8 मिलीमीटर, बिछिया में 401.1 मिलीमीटर, नैनपुर में 389.6 मिलीमीटर और निवास में 258.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। बारिश के इन कम आंकड़ों के बीच अब प्रशासन और किसान दोनों ही आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के मंडला जिले में घुघरी–चाबी मार्ग पर स्थित पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। इस पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- मंडला के बिछिया थाना अंतर्गत दो लाख रुपये की फसल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से 107 गांजा के पौधे जब्त किए गए हैं।1