पंचकूला के पिंजौर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने और अवैध पार्किंग के कारण लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सूरजपुर ट्रैफिक एसएचओ अभिषेक की अगुवाई में चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले 20 ऑटो चालकों के चालान काटे गए। बिना नंबर प्लेट, अवैध पार्किंग और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने वाले ऑटो चालकों पर यह कार्रवाई की गई है। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने चालकों को सख्त हिदायत दी कि वे अपने वाहन निर्धारित स्टैंड पर ही खड़े करें और बीच सड़क पर सवारियां बैठाकर यातायात बाधित न करें, क्योंकि अचानक ऑटो रोकने से हादसों का अंदेशा बना रहता है। मामले में एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नियम तोड़ने वालों पर आगे भी सख्ती जारी रहेगी। वहीं डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने कहा कि ऑटो चालक शहर की लाइफलाइन हैं, लेकिन सड़कों के बीचों-बीच वाहन खड़े करने से जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है और पुलिस का मकसद केवल चालान काटना नहीं बल्कि एक सुरक्षित व जाम-मुक्त पंचकूला बनाना है।
पंचकूला के पिंजौर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने और अवैध पार्किंग के कारण लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सूरजपुर ट्रैफिक एसएचओ अभिषेक की अगुवाई में चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले 20 ऑटो चालकों के चालान काटे गए। बिना नंबर प्लेट, अवैध पार्किंग और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने वाले ऑटो चालकों पर यह कार्रवाई की गई है। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने चालकों को सख्त हिदायत दी कि वे अपने वाहन निर्धारित स्टैंड पर ही खड़े करें और बीच सड़क पर सवारियां बैठाकर यातायात बाधित न करें, क्योंकि अचानक ऑटो रोकने से हादसों का अंदेशा बना रहता है। मामले में एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नियम तोड़ने वालों पर आगे भी सख्ती जारी रहेगी। वहीं डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने कहा कि ऑटो चालक शहर की लाइफलाइन हैं, लेकिन सड़कों के बीचों-बीच वाहन खड़े करने से जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है और पुलिस का मकसद केवल चालान काटना नहीं बल्कि एक सुरक्षित व जाम-मुक्त पंचकूला बनाना है।
- देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानकारी दी है कि इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स देश में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, निष्पक्ष और आधुनिक तकनीक से लैस बनाने के लिए अपने सुझाव देगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं के हितों की रक्षा करना और परीक्षा व्यवस्था में विश्वास को और अधिक मजबूत करना है। पीएम मोदी के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य फोकस परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, पूरी तरह से सुरक्षित और आधुनिक तकनीक-सक्षम बनाने पर रहेगा।1
- पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित सर छोटू राम जाट भवन में भाईचारा स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, पूर्व डीजीपी एमएस मलिक के अलावा गुर्जर, ब्राह्मण, अग्रवाल, ओबीसी और एससी समाज समेत तमाम सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पहुंचने पर कैप्टन अभिमन्यु का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। उनका स्वागत करने वालों में एमएस मलिक, बाबा नौनिहाल जी, जाट सभा ट्राइसिटी के प्रधान महेंद्र सांगवान, पार्षद ज्योति प्रसाद, परमजीत कौर, हरेंद्र मलिक, दीपक शर्मा, महिपाल चौशाला, ओबीसी समाज से जगमेंद्र वैरागी, प्रमोद शर्मा और राजकुमार शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। इस भाईचारा स्नेह मिलन समारोह में पंचकूला, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से सर्व समाज के गणमान्य लोग काफी तादाद में एकत्र हुए।3
- हर बार केवल युवाओं को ही परीक्षा क्यों देनी पड़े और सरकारों की परीक्षा क्यों न हो, इसे लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए यह प्रश्न खड़ा किया गया है कि आखिर क्यों हर बार परीक्षा का सारा सामना युवाओं को ही करना पड़ता है, जबकि सरकारों की कोई परीक्षा नहीं होती।1
- अंबाला के मुलाना थाना क्षेत्र में एनएच-344 स्थित हेमामाजरा कट के पास एचआर-54 होटल के बाहर 24 जुलाई की रात शराब पीने के दौरान हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस झगड़े में बीच-बचाव करने पहुंचे एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव होली निवासी साहिल उर्फ शेंकी ने बताया कि 24 जुलाई की रात करीब 9 बजे वह अपने साथी अनिल उर्फ बंटी के साथ संगम ढाबे पर खाना खाने जा रहा था। रास्ते में एचआर-54 होटल के पास गाड़ी रोकने पर वहां मौजूद गंगनपुर निवासी बलराम से शराब पीने के दौरान कहासुनी हो गई, जो हाथापाई में बदल गई। इसके बाद साहिल ने अपने ताऊ के बेटे राजेश कुमार निवासी होली को फोन कर बुलाया, जो शीशपाल के साथ मोटरसाइकिल पर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि राजेश के पहुंचते ही बलराम, राजेश और अनिल के बीच मारपीट शुरू हो गई, जबकि शीशपाल बीच-बचाव करता रहा। रात करीब 11 बजे शिकायतकर्ता का भतीजा विशाल कार से मौके पर पहुंचा और उसने पूछा कि उसके भाई बलराम को किसने मारा। इस पर राजेश के जवाब देते ही विशाल और राजेश के बीच हाथापाई शुरू हो गई और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट व गाड़ी में तोड़फोड़ हुई। मारपीट के बाद शीशपाल कार लेकर मुलाना ओवरब्रिज होते हुए गुरुद्वारा चैरिटेबल अस्पताल की ओर चला गया। रात करीब 11:50 बजे उसने राजेश को फोन किया तो किसी अन्य व्यक्ति ने उठाकर बताया कि राजेश बराड़ा-दोसड़का रोड पर डॉक्टर चौहान की दुकान के सामने बेहोश पड़ा है, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि होली निवासी विशाल कुमार, गंगनपुर निवासी बलराम, रुकड़ी निवासी संजू तथा होली निवासी अनिल कुमार द्वारा पहुंचाई गई चोटों के कारण राजेश मोटरसाइकिल समेत सड़क पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 115, 3(5) और 324(4) के तहत मामला दर्ज किया है। मृतक राजेश पूर्व में मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था और करीब दो साल पहले नौकरी छोड़कर खेती करने लगा था; उसके परिवार में पत्नी और एक बेटा है। मुलाना थाना प्रभारी प्रमोद सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।1
- नवभारत जनविकास फाउंडेशन ने नाचन में सस्ती राशन वितरण योजना की शुरुआत की है। इस नई पहल का शुभारंभ धनोटू से किया गया है, जिसके जरिए नाचन की हर पंचायत तक सस्ता और गुणवत्तापूर्ण राशन पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। फाउंडेशन ने बड़ा ऐलान करते हुए जानकारी दी है कि वर्ष 2026 तक क्षेत्र में 60 से अधिक राशन केंद्र खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे आम लोगों को आसानी से राशन की सुविधा मिल सके।1
- हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए 'न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम' (क्लस्टर सिस्टम) और अपनी 25 सूत्रीय लंबित मांगों के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन बेहद उग्र हो गया है। अपनी मांगों को लेकर 11 जुलाई को कांगड़ा के माता बगलामुखी मंदिर से शुरू हुई प्राथमिक शिक्षक संघ की पदयात्रा विभिन्न जिलों से गुजरते हुए शिमला पहुंच चुकी है। मामले को शांत करने के लिए सरकार ने शिक्षक संघ को शाम पांच बजे मुख्यमंत्री के साथ वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। इसके बावजूद शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक विवादित अधिसूचना को रद्द करने का ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक 26 जुलाई को शिमला के चौड़ा मैदान में प्रस्तावित उनका विशाल धरना-प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। शिक्षकों ने इसे अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक आंदोलन करार दिया है। हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने प्रेसवार्ता कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राथमिक शिक्षा का मौजूदा मजबूत ढांचा वर्ष 1984 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह की सरकार के दौरान तैयार किया गया था, लेकिन आज उसी पार्टी की सरकार इस ऐतिहासिक ढांचे को मिटाने पर तुली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 से 20 प्राथमिक स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल के अधीन करना गुणात्मक सुधार के नाम पर छलावा है, जिसका असल मकसद जेबीटी के 5,000 रिक्त पदों को न भरना है। प्रदेश के करीब 3,000 प्राथमिक विद्यालयों में केवल एक ही शिक्षक तैनात है और 200 स्कूल शिक्षकों की कमी से तालाबंदी झेल रहे हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों को चुनाव व जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया जाता है। इन तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद प्राथमिक शिक्षकों की मेहनत के बल पर हिमाचल प्रदेश ने 'असर' (ASER) रिपोर्ट 2023 में केरल को पछाड़कर देश में पहला स्थान पाया और नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) 2024 में तीसरी कक्षा के वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया। संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इन उपलब्धियों की सराहना करने के बजाय पिछले दो सालों से अंडर-12 खेल गतिविधियों को बंद रखकर बच्चों का विकास रोक रही है। सरकार ने 26 अप्रैल 2025 के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद संघ के आठ पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया और कई पर एफआईआर दर्ज करवा दी। रमेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम रद्द नहीं हुआ और जेबीटी से टीजीटी प्रमोशन पर लगी तीन साल की रोक, दो साल बाद हायर ग्रेड पे की बहाली तथा छठे वेतन आयोग व महंगाई भत्ते के बकाए का भुगतान नहीं किया गया, तो संघ वर्ष 2027 तक अनिश्चितकालीन आंदोलन चलाएगा। इस आंदोलन को प्रदेश के 60 हजार बेरोजगार जेबीटी युवाओं और एनटीटी अभ्यर्थियों का भी समर्थन प्राप्त है।1
- चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल जैसे अपराधों पर कानूनी व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। उन्होंने इस कदम को करोड़ों युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। पेपर लीक माफिया, नकल गिरोह और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा में 'बिना पर्ची, बिना खर्ची' के माध्यम से लागू की गई पारदर्शी और मेरिट आधारित भर्ती व्यवस्था का भी उल्लेख किया।1
- अंबाला में एक होटल के बाहर पति-पत्नी के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। इस दौरान बीच सड़क और होटल के बाहर हुए हंगामे के दौरान पत्नी ने अपने पति को थप्पड़ जड़ दिए।1