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नवभारत जनविकास फाउंडेशन ने नाचन में सस्ती राशन वितरण योजना की शुरुआत की है। इस नई पहल का शुभारंभ धनोटू से किया गया है, जिसके जरिए नाचन की हर पंचायत तक सस्ता और गुणवत्तापूर्ण राशन पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। फाउंडेशन ने बड़ा ऐलान करते हुए जानकारी दी है कि वर्ष 2026 तक क्षेत्र में 60 से अधिक राशन केंद्र खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे आम लोगों को आसानी से राशन की सुविधा मिल सके।
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नवभारत जनविकास फाउंडेशन ने नाचन में सस्ती राशन वितरण योजना की शुरुआत की है। इस नई पहल का शुभारंभ धनोटू से किया गया है, जिसके जरिए नाचन की हर पंचायत तक सस्ता और गुणवत्तापूर्ण राशन पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। फाउंडेशन ने बड़ा ऐलान करते हुए जानकारी दी है कि वर्ष 2026 तक क्षेत्र में 60 से अधिक राशन केंद्र खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे आम लोगों को आसानी से राशन की सुविधा मिल सके।
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- नवभारत जनविकास फाउंडेशन ने नाचन में सस्ती राशन वितरण योजना की शुरुआत की है। इस नई पहल का शुभारंभ धनोटू से किया गया है, जिसके जरिए नाचन की हर पंचायत तक सस्ता और गुणवत्तापूर्ण राशन पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। फाउंडेशन ने बड़ा ऐलान करते हुए जानकारी दी है कि वर्ष 2026 तक क्षेत्र में 60 से अधिक राशन केंद्र खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे आम लोगों को आसानी से राशन की सुविधा मिल सके।1
- हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए 'न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम' (क्लस्टर सिस्टम) और अपनी 25 सूत्रीय लंबित मांगों के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन बेहद उग्र हो गया है। अपनी मांगों को लेकर 11 जुलाई को कांगड़ा के माता बगलामुखी मंदिर से शुरू हुई प्राथमिक शिक्षक संघ की पदयात्रा विभिन्न जिलों से गुजरते हुए शिमला पहुंच चुकी है। मामले को शांत करने के लिए सरकार ने शिक्षक संघ को शाम पांच बजे मुख्यमंत्री के साथ वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। इसके बावजूद शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक विवादित अधिसूचना को रद्द करने का ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक 26 जुलाई को शिमला के चौड़ा मैदान में प्रस्तावित उनका विशाल धरना-प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। शिक्षकों ने इसे अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक आंदोलन करार दिया है। हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने प्रेसवार्ता कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राथमिक शिक्षा का मौजूदा मजबूत ढांचा वर्ष 1984 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह की सरकार के दौरान तैयार किया गया था, लेकिन आज उसी पार्टी की सरकार इस ऐतिहासिक ढांचे को मिटाने पर तुली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 से 20 प्राथमिक स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल के अधीन करना गुणात्मक सुधार के नाम पर छलावा है, जिसका असल मकसद जेबीटी के 5,000 रिक्त पदों को न भरना है। प्रदेश के करीब 3,000 प्राथमिक विद्यालयों में केवल एक ही शिक्षक तैनात है और 200 स्कूल शिक्षकों की कमी से तालाबंदी झेल रहे हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों को चुनाव व जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया जाता है। इन तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद प्राथमिक शिक्षकों की मेहनत के बल पर हिमाचल प्रदेश ने 'असर' (ASER) रिपोर्ट 2023 में केरल को पछाड़कर देश में पहला स्थान पाया और नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) 2024 में तीसरी कक्षा के वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया। संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इन उपलब्धियों की सराहना करने के बजाय पिछले दो सालों से अंडर-12 खेल गतिविधियों को बंद रखकर बच्चों का विकास रोक रही है। सरकार ने 26 अप्रैल 2025 के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद संघ के आठ पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया और कई पर एफआईआर दर्ज करवा दी। रमेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम रद्द नहीं हुआ और जेबीटी से टीजीटी प्रमोशन पर लगी तीन साल की रोक, दो साल बाद हायर ग्रेड पे की बहाली तथा छठे वेतन आयोग व महंगाई भत्ते के बकाए का भुगतान नहीं किया गया, तो संघ वर्ष 2027 तक अनिश्चितकालीन आंदोलन चलाएगा। इस आंदोलन को प्रदेश के 60 हजार बेरोजगार जेबीटी युवाओं और एनटीटी अभ्यर्थियों का भी समर्थन प्राप्त है।1
- देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानकारी दी है कि इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स देश में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, निष्पक्ष और आधुनिक तकनीक से लैस बनाने के लिए अपने सुझाव देगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं के हितों की रक्षा करना और परीक्षा व्यवस्था में विश्वास को और अधिक मजबूत करना है। पीएम मोदी के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य फोकस परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, पूरी तरह से सुरक्षित और आधुनिक तकनीक-सक्षम बनाने पर रहेगा।1
- हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में रविवार को हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। इस बारिश से क्षेत्र के बागवानों और किसानों को राहत मिली है। हालांकि, बारिश के कारण कई इलाकों में नालों का जलस्तर बढ़ गया है और सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं, जिसके चलते यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के किनारे न जाने तथा सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, मौसम विभाग ने किन्नौर जिले में अगले कुछ समय तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना व्यक्त की है।1
- पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित सर छोटू राम जाट भवन में भाईचारा स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, पूर्व डीजीपी एमएस मलिक के अलावा गुर्जर, ब्राह्मण, अग्रवाल, ओबीसी और एससी समाज समेत तमाम सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पहुंचने पर कैप्टन अभिमन्यु का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। उनका स्वागत करने वालों में एमएस मलिक, बाबा नौनिहाल जी, जाट सभा ट्राइसिटी के प्रधान महेंद्र सांगवान, पार्षद ज्योति प्रसाद, परमजीत कौर, हरेंद्र मलिक, दीपक शर्मा, महिपाल चौशाला, ओबीसी समाज से जगमेंद्र वैरागी, प्रमोद शर्मा और राजकुमार शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे। इस भाईचारा स्नेह मिलन समारोह में पंचकूला, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से सर्व समाज के गणमान्य लोग काफी तादाद में एकत्र हुए।3
- हर बार केवल युवाओं को ही परीक्षा क्यों देनी पड़े और सरकारों की परीक्षा क्यों न हो, इसे लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए यह प्रश्न खड़ा किया गया है कि आखिर क्यों हर बार परीक्षा का सारा सामना युवाओं को ही करना पड़ता है, जबकि सरकारों की कोई परीक्षा नहीं होती।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी सियासी घटनाक्रम के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है। AICC प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की बहुत बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज और उनके द्वारा छेड़े गए आंदोलन का परिणाम है। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी छात्रों के पक्ष में उतरे थे। उन्होंने कहा कि आधी रात में प्रधानमंत्री को वीडियो संदेश जारी करना पड़ा, जिससे स्थिति का अंदाजा हो गया था और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा। राठौर ने स्पष्ट किया कि उनकी धर्मेंद्र प्रधान से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन वे अपने मंत्रालय को संभालने में असमर्थ थे। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।1
- हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशैहर में Vihana Veda Vitality संस्था द्वारा नशा मुक्त एवं चिट्टा मुक्त अभियान का आयोजन किया गया है। इस अभियान के माध्यम से क्षेत्र में नशे और चिट्टे के खिलाफ मुहिम चलाई गई है।1