भीषण गर्मी से जामुन उत्पादन में भारी गिरावट: जसवंतनगर क्षेत्र में कच्चे फल समय से पहले झड़े, आवक घटी भीषण गर्मी से जामुन उत्पादन में भारी गिरावट: जसवंतनगर क्षेत्र में कच्चे फल समय से पहले झड़े, आवक घटी भीषण गर्मी के कारण जसवंतनगर क्षेत्र में जामुन की फसल पर बुरा असर पड़ा है। तेज धूप और उच्च तापमान के चलते कच्चे फल समय से पहले ही पेड़ों से झड़ गए, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजारों में जामुन की आवक कम होने से इसके दाम बढ़ गए हैं। ग्राम कटेखेड़ा निवासी दंगल सिंह और रुकूम सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में हर साल जामुन की भरपूर पैदावार होती थी। गांव और आसपास सौ से अधिक जामुन के पेड़ हैं, जिनसे बड़ी मात्रा में फल प्राप्त होता था। इस बार पेड़ों पर छोटे फल आने के समय ही भीषण गर्मी शुरू हो गई। यदि उस दौरान समय पर बारिश हो जाती तो फसल अच्छी होती, लेकिन तेज गर्मी के कारण अधिकांश कच्चे फल सूखकर झड़ गए। उन्होंने यह भी बताया कि पर्याप्त फल न मिलने के कारण इस वर्ष घर में जामुन का सिरका भी तैयार नहीं किया जा सका। ग्राम राजपुर निवासी श्यामवीर ने भी इसी तरह की स्थिति बताई। उनके अनुसार, गांव के दर्जनों जामुन के पेड़ इस बार लगभग खाली दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि अधिकांश फल पकने से पहले ही सूखकर गिर गए। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि अधिक तापमान के कारण बचे हुए फलों का आकार भी छोटा रह गया है। इसका सीधा असर उत्पादन और कारोबार दोनों पर पड़ा है। पहले जहां बरसात के मौसम में जसवंतनगर के बाजार जामुन से भरे रहते थे, वहीं इस बार अधिकांश दुकानों पर जामुन सीमित मात्रा में ही उपलब्ध है। लोगों का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी का असर अब फलों की खेती पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
भीषण गर्मी से जामुन उत्पादन में भारी गिरावट: जसवंतनगर क्षेत्र में कच्चे फल समय से पहले झड़े, आवक घटी भीषण गर्मी से जामुन उत्पादन में भारी गिरावट: जसवंतनगर क्षेत्र में कच्चे फल समय से पहले झड़े, आवक घटी भीषण गर्मी के कारण जसवंतनगर क्षेत्र में जामुन की फसल पर बुरा असर पड़ा है। तेज धूप और उच्च तापमान के चलते कच्चे फल समय से पहले ही पेड़ों से झड़ गए, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजारों में जामुन की आवक कम होने से इसके दाम बढ़ गए हैं। ग्राम कटेखेड़ा निवासी दंगल सिंह और रुकूम सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में हर साल जामुन की भरपूर पैदावार होती थी। गांव और आसपास सौ से अधिक जामुन के पेड़ हैं, जिनसे बड़ी मात्रा में फल प्राप्त होता था। इस बार पेड़ों पर छोटे फल आने के समय ही भीषण गर्मी शुरू हो गई। यदि उस दौरान समय पर बारिश हो जाती तो फसल अच्छी होती, लेकिन तेज गर्मी के कारण अधिकांश कच्चे फल सूखकर झड़ गए। उन्होंने यह भी बताया कि पर्याप्त फल न मिलने के कारण इस वर्ष घर में जामुन का सिरका भी तैयार नहीं किया जा सका। ग्राम राजपुर निवासी श्यामवीर ने भी इसी तरह की स्थिति बताई। उनके अनुसार, गांव के दर्जनों जामुन के पेड़ इस बार लगभग खाली दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि अधिकांश फल पकने से पहले ही सूखकर गिर गए। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि अधिक तापमान के कारण बचे हुए फलों का आकार भी छोटा रह गया है। इसका सीधा असर उत्पादन और कारोबार दोनों पर पड़ा है। पहले जहां बरसात के मौसम में जसवंतनगर के बाजार जामुन से भरे रहते थे, वहीं इस बार अधिकांश दुकानों पर जामुन सीमित मात्रा में ही उपलब्ध है। लोगों का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी का असर अब फलों की खेती पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
- महिला क्लस्टर कर्मचारी ने ब्लॉक मिशन मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उप जिलाधिकारी कार्यालय जाकर तहसीदार को शिकायत पत्र सौंपा इस वक्त की बड़ी खबर आगरा जनपद के जैतपुर कला ब्लॉक से सामने आ रही है, जहां एक महिला क्लस्टर कर्मचारी ने ब्लॉक मिशन मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उप जिलाधिकारी कार्यालय जाकर तहसीदार को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ता प्रेमलता, जो एफएलसीआरपी एकता प्रेरणा क्लस्टर से जुड़ी हैं, उन्होंने आरोप लगाया है कि विकास खंड जैतपुर कला के ब्लॉक मिशन मैनेजर अमित गुप्ता द्वारा महिला कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया जाता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।1
- भैंस चराते समय तालाब में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत: रातभर चला रेस्क्यू, सुबह मिला शव भिंड। बरोही थाना क्षेत्र के अमलेड़ा गांव में तालाब में डूबने से 13 वर्षीय बालक की मौत हो गई। सूचना मिलने पर रातभर एनडीआरएफ टीम द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। शुक्रवार सुबह दोबारा अभियान शुरू किया गया जिसके बाद करीब 9 बजे बालक का शव तालाब से बाहर निकाला गया।जानकारी के अनुसार अमलेड़ा निवासी 13 वर्षीय कृष्णा पुत्र जगमोहन धानुक गुरुवार शाम करीब 4 बजे गांव के तालाब के किनारे भैंस चराने गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। घटना को वहां मौजूद कुछ बच्चों ने देखा और तत्काल परिजनों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ तालाब पर जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।सूचना पर बरोही थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम रात करीब 8 बजे मौके पर पहुंची। टीम ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया लेकिन बालक का पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह फिर से अभियान शुरू किया गया। एनडीआरएफ ने कांटे की मदद से तलाश की जिसमें शव फंस गया और उसे सुबह करीब 9 बजे बाहर निकाल लिया गया।इसके बाद शव को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।1
- भिंड ऊमरी टोल विवाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा है अवैध टोल चला तो होगा आंदोलन अवैध रूप से नहीं चलेगा टोल टैक्स ऊमरी टोल विवाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा अवैध टोल चला तो होगा आंदोलन। अवैध रूप से नहीं चलेगा टोल टैक्स। भिंड की जनता कायर बुजदिल नहीं है जो अवैध रूप से टोल देगी। भिंड के ऊमरी क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे-552 पर एमपीआरडीसी द्वारा महज एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा टोल टैक्स स्थापित किए जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर टोल हटाने की मांग की है। वीओ: दरअसल, नेशनल हाईवे-552 पर ऊमरी में एमपीआरडीसी द्वारा दूसरा टोल टैक्स स्थापित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से ही ऊमरी और कनावर क्षेत्र में टोल संचालित हो रहे हैं और अब महज एक किलोमीटर की दूरी पर दूसरा टोल लगाए जाने से क्षेत्र के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बड़ी संख्या में ग्रामीण टोल के विरोध में पहुंचे और कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि 2008 के नियमों के अनुसार एक ही राष्ट्रीय राजमार्ग और एक ही दिशा में लगातार दो टोल के बीच न्यूनतम 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए, जबकि ऊमरी क्षेत्र में लगभग एक किलोमीटर के अंतराल पर दूसरा टोल स्थापित किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक ऊमरी और आसपास के किसान अपने कृषि उत्पादों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं अन्य वाहनों से दिन में कई बार आवागमन करते हैं। ऐसे में नया टोल शुरू होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस निर्माण को तत्काल नहीं रोका गया और टोल शुरू किया गया, तो क्षेत्र में आंदोलन तेज किया जाएगा। वहीं एमपीआरडीसी अधिकारियों का कहना है कि राजस्व की क्षति की भरपाई के लिए दूसरा टोल चेक पोस्ट शुरू किया गया है, हालांकि नियमों के संबंध में जांच की बात भी सामने आई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा यदि टोल अवैध हुआ तो उखाड़ कर फेंक देंगे। इस मामले में एमपी आरडीसी के महाप्रबंधक भिंड राजेश दाहिमा का कहना है कि राजस्व की क्षति की भरपाई के लिए दूसरा टोल चेक पोस्ट शुरू किया गया है, लेकिन टोल एक ही पर लगेगा। फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर टोल व्यवस्था की जांच और दूसरे टोल को हटाने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- भीषण गर्मी से जामुन उत्पादन में भारी गिरावट: जसवंतनगर क्षेत्र में कच्चे फल समय से पहले झड़े, आवक घटी भीषण गर्मी से जामुन उत्पादन में भारी गिरावट: जसवंतनगर क्षेत्र में कच्चे फल समय से पहले झड़े, आवक घटी भीषण गर्मी के कारण जसवंतनगर क्षेत्र में जामुन की फसल पर बुरा असर पड़ा है। तेज धूप और उच्च तापमान के चलते कच्चे फल समय से पहले ही पेड़ों से झड़ गए, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजारों में जामुन की आवक कम होने से इसके दाम बढ़ गए हैं। ग्राम कटेखेड़ा निवासी दंगल सिंह और रुकूम सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में हर साल जामुन की भरपूर पैदावार होती थी। गांव और आसपास सौ से अधिक जामुन के पेड़ हैं, जिनसे बड़ी मात्रा में फल प्राप्त होता था। इस बार पेड़ों पर छोटे फल आने के समय ही भीषण गर्मी शुरू हो गई। यदि उस दौरान समय पर बारिश हो जाती तो फसल अच्छी होती, लेकिन तेज गर्मी के कारण अधिकांश कच्चे फल सूखकर झड़ गए। उन्होंने यह भी बताया कि पर्याप्त फल न मिलने के कारण इस वर्ष घर में जामुन का सिरका भी तैयार नहीं किया जा सका। ग्राम राजपुर निवासी श्यामवीर ने भी इसी तरह की स्थिति बताई। उनके अनुसार, गांव के दर्जनों जामुन के पेड़ इस बार लगभग खाली दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि अधिकांश फल पकने से पहले ही सूखकर गिर गए। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि अधिक तापमान के कारण बचे हुए फलों का आकार भी छोटा रह गया है। इसका सीधा असर उत्पादन और कारोबार दोनों पर पड़ा है। पहले जहां बरसात के मौसम में जसवंतनगर के बाजार जामुन से भरे रहते थे, वहीं इस बार अधिकांश दुकानों पर जामुन सीमित मात्रा में ही उपलब्ध है। लोगों का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी का असर अब फलों की खेती पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।1
- आगरा-कानपुर हाईवे पर कार डिवाइडर से टकराई: जसवंतनगर के पास दुर्घटना में एक युवक घायल आगरा-कानपुर हाईवे पर कार डिवाइडर से टकराई: जसवंतनगर के पास दुर्घटना में एक युवक घायल जसवंतनगर: आगरा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार तड़के तेज बारिश के दौरान एक स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में कार सवार एक युवक घायल हो गया, जबकि तीन अन्य को मामूली चोटें आईं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल घायलों को कार से बाहर निकाला और एंबुलेंस की सहायता से घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जसवंतनगर में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। पुलिस के अनुसार, हरियाणा नंबर HR-67E-8448 की यह स्विफ्ट डिजायर कार दिल्ली से कानपुर जा रही थी। लगातार हो रही बारिश के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। कार में चालक पवन कुमार यादव (फरीदाबाद) समेत कुल चार लोग सवार थे। हादसे में अमरोहा निवासी आलोक चौधरी की नाक पर मामूली चोट आई, जबकि अन्य यात्रियों को हल्की चोटें लगीं। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कार को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सुचारु करा दिया गया है। घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।1