चौमहला CHC ने रचा इतिहास, कोटा संभाग का पहला NQAS सर्टिफाइड स्वास्थ्य केंद्र बना चौमहला CHC बना कोटा संभाग का पहला NQAS सर्टिफाइड CHC झालावाड़ जिले के चौमहला से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौमहला ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक यानी NQAS सर्टिफिकेशन हासिल कर कोटा संभाग का पहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने का गौरव प्राप्त किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के नेतृत्व, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद नगर के मार्गदर्शन तथा जिला व ब्लॉक स्तरीय क्वालिटी सेल और सीएचसी चौमहला की पूरी टीम के अथक प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की केंद्रीय मूल्यांकन टीम ने अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान ओपीडी और आईपीडी सेवाओं, साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, प्रयोगशाला, प्रसूति गृह, दवाइयों की उपलब्धता, स्टोर प्रबंधन और मरीजों की संतुष्टि सहित सभी गुणवत्ता मानकों का गहन मूल्यांकन किया गया। सीएचसी चौमहला सभी राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरा, जिसके बाद इसे आधिकारिक रूप से NQAS सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया। यह उपलब्धि कोटा संभाग के किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए पहली है। इस सफलता के बाद अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ और सभी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को इसका श्रेय दिया। NQAS सर्टिफिकेशन मिलने से अब क्षेत्र के लोगों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। चौमहला से यह उपलब्धि न सिर्फ स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे कोटा संभाग के लिए एक नई मिसाल भी बन गई है।
चौमहला CHC ने रचा इतिहास, कोटा संभाग का पहला NQAS सर्टिफाइड स्वास्थ्य केंद्र बना चौमहला CHC बना कोटा संभाग का पहला NQAS सर्टिफाइड CHC झालावाड़ जिले के चौमहला से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौमहला ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक यानी NQAS सर्टिफिकेशन हासिल कर कोटा संभाग का पहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने का गौरव प्राप्त किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के नेतृत्व, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद नगर के मार्गदर्शन तथा जिला व ब्लॉक स्तरीय क्वालिटी सेल और सीएचसी चौमहला की पूरी टीम के अथक प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की केंद्रीय मूल्यांकन टीम ने अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान ओपीडी और आईपीडी सेवाओं, साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, प्रयोगशाला, प्रसूति गृह, दवाइयों की उपलब्धता, स्टोर प्रबंधन और मरीजों की संतुष्टि सहित सभी गुणवत्ता मानकों का गहन मूल्यांकन किया गया। सीएचसी चौमहला सभी राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरा, जिसके बाद इसे आधिकारिक रूप से NQAS सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया। यह उपलब्धि कोटा संभाग के किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए पहली है। इस सफलता के बाद अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ और सभी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को इसका श्रेय दिया। NQAS सर्टिफिकेशन मिलने से अब क्षेत्र के लोगों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। चौमहला से यह उपलब्धि न सिर्फ स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे कोटा संभाग के लिए एक नई मिसाल भी बन गई है।
- चौमहला CHC ने रचा इतिहास, कोटा संभाग का पहला NQAS सर्टिफाइड स्वास्थ्य केंद्र बना चौमहला CHC बना कोटा संभाग का पहला NQAS सर्टिफाइड CHC झालावाड़ जिले के चौमहला से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौमहला ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक यानी NQAS सर्टिफिकेशन हासिल कर कोटा संभाग का पहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने का गौरव प्राप्त किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के नेतृत्व, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद नगर के मार्गदर्शन तथा जिला व ब्लॉक स्तरीय क्वालिटी सेल और सीएचसी चौमहला की पूरी टीम के अथक प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की केंद्रीय मूल्यांकन टीम ने अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान ओपीडी और आईपीडी सेवाओं, साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, प्रयोगशाला, प्रसूति गृह, दवाइयों की उपलब्धता, स्टोर प्रबंधन और मरीजों की संतुष्टि सहित सभी गुणवत्ता मानकों का गहन मूल्यांकन किया गया। सीएचसी चौमहला सभी राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरा, जिसके बाद इसे आधिकारिक रूप से NQAS सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया। यह उपलब्धि कोटा संभाग के किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए पहली है। इस सफलता के बाद अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ और सभी कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को इसका श्रेय दिया। NQAS सर्टिफिकेशन मिलने से अब क्षेत्र के लोगों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। चौमहला से यह उपलब्धि न सिर्फ स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे कोटा संभाग के लिए एक नई मिसाल भी बन गई है।1
- बड़ोद 29 जुलाई गुरु पूर्णिमा पर महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व एवं निःशुल्क साइकिल वितरण l बड़ोद ( आगर ) गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व एवं निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मीडिया प्रभारी उमाकांत शर्मा ने बताया कि संस्था के प्राचार्य अनिल दामके के कुशल नेतृत्व एवं प्रबंधन में शासन की योजना के अनुसार गुरु पूर्णिमा उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक मधु गहलोत एवं भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएमसी अध्यक्ष भारत सिंह सोलंकी ने की। विशिष्ट अतिथियों में श्याम सिंह परिहार जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि नगरपालिका अध्यक्ष मंजु सच्चिन्ह लववंशी सुरेंद्र सिंह परिहार भाजपा मंडल अध्यक्ष,सूरज सिंह परिहार भाजपा जिला महामंत्री,राधे ठाकुर चंद्रेश शर्मा ,शंकर सिंह नारेला पारस जैन मंडल महामंत्री,विपिन चौहान भरत प्रजापति रतनलाल परमार, निर्मित जैन, शुभम भावसार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, विद्यालय परिवार एवं अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां शारदा एवं महर्षि सांदीपनि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात शासन की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत 49 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं में से 15 को निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया। साइकिल प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित गीत, कविता एवं प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान जिले में आयोजित नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत कबड्डी प्रतियोगिता में बड़ोद विकासखंड द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ शिक्षक श्याम विश्वकर्मा ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया गया।4
- गुरु पूर्णिमा पर कलेक्टर पहुंचे जिले के प्राचीन श्री बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर, कलेक्टर श्री मीना ने बैजनाथ धाम में स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत कार्यों का अवलोकन किया आगर मालवा, -गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने जिले की धार्मिक आस्था के केंद्र, प्राचीन श्री बैजनाथ महादेव मंदिर, आगर पहुंचकर भगवान बाबा बैजनाथ महादेव के दर्शन किए। उन्होंने मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक भी किया और भगवान से जिले वासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। जलाभिषेक , पंडित श्री वासुदेव शर्मा एवं श्री मनीष व्यास ने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ करवाया। इस अवसर पर एसडीएम मिलिंद ढोके, जिला जनसंपर्क अधिकारी जगदीश चंद्र मालवीय, तहसीलदार विजय सेनानी, हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी तथा श्रद्धालु एवं पुजारीगण उपस्थित थे। विकास कार्यों का अवलोकन कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने बैजनाथ धाम मंदिर एवं परिसर के समीप प्रगतिरत विकास एवं निर्माण कार्यों एवं साइट प्लान का अवलोकन किया तथा प्रगतिरत एवं निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने मंदिर परिसर के समीप पार्किंग स्थल, श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग एवं विश्रामगृह तथा श्री जय नारायण विश्रांति भवन के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने अधिकारियों और मुख्य पुजारी से चर्चा कर श्रद्धालुओं एवं वाहनों के लिए समुचित व्यवस्था करने तथा मंदिर के सामने स्थित छोटे-छोटे दुकानदारों के लिए उपयुक्त स्थान पर व्यवस्था करने के संबंध में विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्री बैजनाथ धाम के विकास एवं निर्माण में जन-सुविधाओं एवं श्रद्धालुओं की बेहतर सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस मौके पर बैजनाथ महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी श्री मुकेश पुरी ने अंगवस्त्र एवं दुपट्टा पहनाकर कलेक्टर श्री मीना का स्वागत किया। पुजारी श्री वासुदेव शर्मा एवं श्री मनीष व्यास ने कलेक्टर को प्रसाद भेंट किया।2
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- सुसनेर: श्री खेड़ापति हनुमान मठ मंदिर में जन सहयोग से होगा नए फर्श का निर्माण, पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह ने किया भूमिपूजन श्री खेड़ापति हनुमान मठ मंदिर में जन सहयोग से होगा नए फर्श का निर्माण, पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह ने किया भूमिपूजन कंठाल नदी किनारे स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मठ मंदिर में गर्भगृह के बाहर फर्श का निर्माण नए सिरे से करने हेतु आज बुधवार की सुबह साढ़े 10 बजे भूमिपूजन किया गया। यहा पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह व मंदिर समिति के अध्यक्ष राम सिंह कांवल समते अन्य जनप्रतिनिधियों ने गेती चलाकर इसका विधिवत भूमिपूजन किया। इस दौरान खेड़ापति सरकार की पुजा अर्चना कर आरती भी की गई। मंदिर समिति के अध्यक्ष रामसिंह कांवल ने बताया कि गर्भगृह के बाहर का फर्श हनुमानजी की प्रतिमा यानी कि वेदी से काफी ऊंचाई पर है। इसके कारण श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन में काफी असहजता होती है। इसलिए भक्तों की इसी भावना और श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए इस फर्श को नए सिरे से जन सहयोग से बनाया जा रहा है। करीब 3 लाख की लागत से इसके लिए साउथ का मार्बल चित्तौड़गढ़ से मंगवाया गया है।1
- एंबियंस पब्लिक स्कूल, सुसनेर में इको क्लब का गठन विद्यालय में इको क्लब का गठन कर विद्यार्थियों ने पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। सभी ने "एक पेड़ लगाएं, उसे बचाएं" का संदेश देते हुए हरित भविष्य का संकल्प लिया। 💚 हर खबर, आपके साथ1
- सुसनेर: युवा शिवसेना ने एसडीएम से की रात्रि में बिजली कटौती रोकने की मांग1
- राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय में जटिल माइक्रो न्यूरोसर्जरी की बड़ी सफलता न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी व टीम ने दो मरीजों के कटे हाथों की नसों का सफल ऑपरेशन कर बचाई कार्यक्षमता झालावाड़ राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज, झालावाड़ ने सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी एवं उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने दो अलग-अलग गंभीर दुर्घटनाओं में हाथों की नसें कट जाने से प्रभावित मरीजों की अत्यंत जटिल माइक्रो न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक कर उनके हाथों की कार्यक्षमता पुनः बहाल करने में सफलता प्राप्त की है। समय पर उपचार और विशेषज्ञ सर्जरी के कारण दोनों मरीज आज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। कांच की चपेट में आने से कटी चार नसें, तीन घंटे की सर्जरी से मिला नया जीवन पहले मामले में पीड़ावा क्षेत्र के सलोतिया निवासी 34 वर्षीय अखिलेश नागर के बाएं हाथ में कांच की खिड़की टूटने से गंभीर चोट लग गई। हादसे में हाथ की चार प्रमुख नसें पूरी तरह कट गईं, जिससे हाथ ने कार्य करना बंद कर दिया। परिजन मरीज को कोटा ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय की आपातकालीन टीम ने तत्काल उपचार प्रारंभ किया। न्यूरोसर्जन डॉ. रामसेवक योगी के नेतृत्व में लगभग तीन से चार घंटे तक चली अत्यंत जटिल माइक्रो सर्जरी के दौरान कटी हुई नसों को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज के हाथ की नसों ने पुनः कार्य करना शुरू कर दिया और हाथ की कार्यक्षमता लौट आई। 10 घंटे की मैराथन सर्जरी से बचा मरीज का हाथ, लाखों रुपये का खर्च भी बचा दूसरे मामले में मथनिया (पीड़ावा) निवासी 32 वर्षीय सुनील कुमार घरेलू दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी दाहिनी कलाई की आठ प्रमुख नसें, सात टेंडन, मुख्य धमनी तथा मीडियन नर्व गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे हाथ एवं उंगलियों की गति पूरी तरह बंद हो गई थी। परिजनों के अनुसार कोटा एवं जयपुर के निजी अस्पतालों में इस प्रकार की जटिल सर्जरी के लिए लगभग चार से पांच लाख रुपये का खर्च बताया गया था, जो परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर था। ऐसे में राजेंद्र सार्वजनिक चिकित्सालय, झालावाड़ में मरीज का संपूर्ण उपचार निःशुल्क किया गया। डॉ. रामसेवक योगी एवं उनकी टीम ने लगभग दस घंटे तक चली मैराथन माइक्रो सर्जरी के दौरान छह कटी हुई नसों, सात टेंडन, मुख्य धमनी तथा मीडियन नर्व की अत्यंत सूक्ष्म तकनीकों से सफल रिपेयरिंग की, जिससे मरीज के हाथ की कार्यक्षमता सुरक्षित रह सकी। दोनों मरीजों की स्थिति में लगातार सुधार सफल ऑपरेशन के बाद दोनों मरीजों के हाथों की नसें एवं उंगलियां पुनः सक्रिय हो गई हैं तथा वे तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार नियमित फिजियोथेरेपी एवं चिकित्सकीय परामर्श के पालन से दोनों मरीजों के हाथों की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार की संभावना है।1