*MR ने लिखा- मेरी चिता पर सिगरेट जरूर जलाना:* बहराइच में फंदे से लटका, दोस्त पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप, फरवरी में थी शादी सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग का आरोप: पुलिस को सचिन के कमरे से एक डायरी मिली है, जिसमें उसने सुसाइड नोट लिखा है। नोट में उसने एक राजनीतिक/सामाजिक संगठन (ABVP) से जुड़े अपने ही एक दोस्त आदर्श शुक्ला पर दोस्ती में धोखा देने, प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। सचिन ने लिखा कि आदर्श 'दोस्त के नाम पर धब्बा' है।चिता पर सिगरेट जलाने की आखिरी इच्छा: सचिन ने सुसाइड नोट में अपने एक अन्य दोस्त रमन को संबोधित करते हुए लिखा— "रमन भाई, मेरी चिता पर सिगरेट जरूर जलाना।"माता-पिता से मांगी माफी: उसने फंदे से लटकने से पहले अपने माता-पिता से भी माफी मांगी। उसने लिखा— "आई एम सॉरी मम्मी-पापा, मुझे इस दुनिया से जाने का दुख है, मेरा मोबाइल फोन जरूर देखना।" उसने पुलिस से अपना फोन जांचने का अनुरोध भी किया है ताकि सच सामने आ सके। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र
*MR ने लिखा- मेरी चिता पर सिगरेट जरूर जलाना:* बहराइच में फंदे से लटका, दोस्त पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप, फरवरी में थी शादी सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग का आरोप: पुलिस को सचिन के कमरे से एक डायरी मिली है, जिसमें उसने सुसाइड नोट लिखा है। नोट में उसने एक राजनीतिक/सामाजिक संगठन (ABVP) से जुड़े अपने ही एक दोस्त आदर्श शुक्ला पर दोस्ती में धोखा देने, प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। सचिन ने लिखा कि आदर्श 'दोस्त के नाम पर धब्बा' है।चिता पर सिगरेट जलाने की आखिरी इच्छा: सचिन ने सुसाइड नोट में अपने एक अन्य दोस्त रमन को संबोधित करते हुए लिखा— "रमन भाई, मेरी चिता पर सिगरेट जरूर जलाना।"माता-पिता से मांगी माफी: उसने फंदे से लटकने से पहले अपने माता-पिता से भी माफी मांगी। उसने लिखा— "आई एम सॉरी मम्मी-पापा, मुझे इस दुनिया से जाने का दुख है, मेरा मोबाइल फोन जरूर देखना।" उसने पुलिस से अपना फोन जांचने का अनुरोध भी किया है ताकि सच सामने आ सके। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र
- स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं पर छींटाकशी, एंटी रोमियो टीम ने युवक को दबोचा स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं पर छींटाकशी, एंटी रोमियो टीम ने युवक को दबोचा अटरिया पुलिस की कार्रवाई, आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 में मुकदमा दर्ज संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सीतापुर। मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो अभियान के तहत सीतापुर पुलिस द्वारा महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान में अटरिया पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने स्कूल से आने-जाने वाली छात्राओं व महिलाओं पर कथित रूप से छींटाकशी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सीतापुर अंकुर अग्रवाल ने जनपद में मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो अभियान के तहत थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दुर्गेश कुमार सिंह के निकट पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश श्रीवास्तव के निर्देशन में अटरिया पुलिस ने कार्रवाई की। थानाध्यक्ष लाल बहादुर मिश्र के नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम में उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह, कांस्टेबल संजय, अशोक, अंकित पाल एवं महिला कांस्टेबल रूचि पाल शामिल रहीं। पुलिस को सूचना मिली थी कि सुरजीत पुत्र संतोष (20 वर्ष), निवासी ग्राम दुलारपुरवा मजरा महोलिया, थाना घुंघटेर, जनपद बाराबंकी स्कूल से आने-जाने वाली छात्राओं एवं महिलाओं पर छींटाकशी कर रहा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर आरोपी को कथित रूप से छींटाकशी करते हुए पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना अटरिया में मु0अ0सं0 247/2026, धारा 296 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- सीतापुर श्री गडेस महोत्सव का समापन 25 सितंबर को होगा मूर्ती विसर्जन सीतापुर सिटी के श्री गडेस महोत्सव 25 सितंबर को एवं मूर्ती विसर्जन समरोह1
- इस वीडियो को दिखाने का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है। वीडियो में दिखाई गई घटना को इसी उद्देश्य से साझा किया जा रहा है कि ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सभी लोग सावधानी बरतें और खेतों या सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचें। कृपया वीडियो को शांति और जिम्मेदारी के साथ देखें और आगे साझा करते समय भी इसका उद्देश्य जागरूकता और सुरक्षा ही रखें। 🙏1
- लखनऊ में फीस के बावजूद नहीं मिली बेटी की मार्कशीट? | स्कूल प्रबंधक पर पिता के गंभीर आरोप | Mal News लखनऊ में फीस के बावजूद नहीं मिली बेटी की मार्कशीट? | स्कूल प्रबंधक पर पिता के गंभीर आरोप | Mal News1
- इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पीली बालू के इस्तेमाल का आरोप जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में सुबह शुरू हुआ निर्माण, कुछ ही घंटों में आधी सड़क तैयार होने का दावा — स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच की मांग उठाई नानपारा, बहराइच। नगर नानपारा के मोहल्ला जुबलीगंज, वार्ड नंबर 3 में नगर पालिका की ओर से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। सड़क निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, सड़क की तैयारी और काम की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में पीली बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है और इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे पर्याप्त बेस तैयार करने तथा कुटाई की प्रक्रिया मौके पर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण कार्य आज सुबह से शुरू हुआ और देखते ही देखते सड़क के एक बड़े हिस्से में इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछा दिए गए। लोगों के अनुसार निर्माण कार्य की गति काफी तेज है। उनका सवाल है कि इतनी तेजी से काम होने के दौरान क्या सड़क की प्रत्येक परत, उसकी मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच भी साथ-साथ की जा रही है? सड़क निर्माण में पीली बालू के इस्तेमाल को लेकर सवाल मौके पर निर्माण कार्य में पीली बालू दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि क्या इस प्रकार की बालू का इस्तेमाल संबंधित सड़क के स्वीकृत BOQ और तकनीकी specification के अनुसार किया जा रहा है। हालांकि केवल देखकर किसी सामग्री को मानक के विपरीत घोषित नहीं किया जा सकता। इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग द्वारा BOQ, DPR, estimate तथा तकनीकी specification से मौके पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री का मिलान और आवश्यकता होने पर सामग्री की जांच कराना जरूरी होगा। क्या सड़क के नीचे पर्याप्त बेस और कुटाई हुई? स्थानीय लोगों का दूसरा बड़ा सवाल सड़क की नींव को लेकर है। लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे किस प्रकार का बेस तैयार किया गया और उसकी कितनी मोटाई रखी गई, यह स्पष्ट नहीं है। इंटरलॉकिंग सड़क की मजबूती केवल ऊपर दिखाई देने वाले ब्लॉक पर निर्भर नहीं करती। सड़क के नीचे जमीन की तैयारी, बेस सामग्री, उसकी मोटाई, लेवलिंग और उचित compaction जैसे तकनीकी पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसीलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य के दौरान नगर पालिका के संबंधित अवर अभियंता अथवा सहायक अभियंता मौके पर पहुंचकर सड़क की परतों और निर्माण सामग्री की जांच करें। काम की रफ्तार भी बनी चर्चा का विषय स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कुछ ही घंटों में सड़क के लगभग आधे हिस्से में इंटरलॉकिंग बिछाने का काम पूरा कर दिया गया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य तेजी से होना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इतनी तेजी के बीच निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लोगों का सवाल है कि क्या सड़क की लंबाई और चौड़ाई के साथ-साथ इंटरलॉकिंग ब्लॉक की मोटाई, नीचे की परतों की मोटाई और इस्तेमाल होने वाली सामग्री का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध है? दो साल पहले बनी सड़क भी बैठने का स्थानीय लोगों का दावा इसी बीच स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में पहले कराए गए सड़क निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दूसरी तरफ करीब दो वर्ष पहले सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वह सड़क कई स्थानों पर बैठ गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यदि पहले बनी सड़क की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की भी जांच की जाए तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। लोगों का कहना है कि अब उसी क्षेत्र में नया निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए पुराने और नए दोनों कार्यों की गुणवत्ता की जांच होना आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने उठाया बड़ा सवाल—पुरानी सड़क क्यों बैठी? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले बनी सड़क निर्धारित मानकों के अनुसार बनाई गई थी तो उसके बैठने के कारणों की जांच होनी चाहिए। क्या सड़क के नीचे बेस पर्याप्त था? क्या जमीन की उचित कुटाई हुई थी? क्या जल निकासी की व्यवस्था सही थी? या फिर सड़क पर निर्धारित भार के अनुसार निर्माण किया गया था? इन सवालों का जवाब केवल तकनीकी जांच और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही सामने आ सकता है। नगर पालिका से स्थानीय लोगों की कई मांगें स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए और मौके पर यह स्पष्ट करे कि— • सड़क की स्वीकृत लंबाई और चौड़ाई कितनी है? • इंटरलॉकिंग ब्लॉक की निर्धारित मोटाई कितनी है? • मौके पर लगाए जा रहे ब्लॉक की वास्तविक मोटाई कितनी है? • सड़क के नीचे बेस की निर्धारित मोटाई कितनी है? • बेस में कौन-सी सामग्री इस्तेमाल की जानी है? • पीली बालू का इस्तेमाल स्वीकृत specification के अनुसार है या नहीं? • ब्लॉक के नीचे bedding layer की निर्धारित मोटाई कितनी है? • सड़क की जमीन और बेस की उचित कुटाई/compaction हुई है या नहीं? • सड़क के किनारों पर पर्याप्त सपोर्ट/कर्ब की व्यवस्था है या नहीं? • पानी की निकासी के लिए उचित ढलान या नाली की व्यवस्था है या नहीं? • निर्माण कार्य की निगरानी नगर पालिका के किस तकनीकी अधिकारी द्वारा की जा रही है? वर्क ऑर्डर और BOQ सामने आने से साफ होगी तस्वीर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर पालिका प्रशासन संबंधित सड़क का वर्क ऑर्डर, स्वीकृत estimate और BOQ उपलब्ध करा दे तो मौके पर हो रहे निर्माण कार्य का वास्तविक मिलान किया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क के निर्माण में कौन-कौन सी सामग्री, किस मात्रा में और किस निर्धारित specification के अनुसार इस्तेमाल की जानी है। क्या होगी कार्रवाई या होगी केवल खानापूर्ति? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नगर पालिका प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की तकनीकी जांच करेंगे? क्या निर्माण सामग्री और सड़क की परतों की गुणवत्ता जांची जाएगी? क्या पहले बनी सड़क के बैठने के कारणों की भी जांच होगी? फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और स्थानीय लोग चाहते हैं कि सड़क का काम पूरा होने से पहले ही उसकी तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि बाद में सड़क खराब होने के बाद जांच कराने की स्थिति न आए। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। निर्माण कार्य में वास्तव में कोई कमी है या नहीं, यह संबंधित विभाग के स्वीकृत दस्तावेजों, मौके की तकनीकी जांच और आवश्यकता पड़ने पर सामग्री की लैब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में बन रही इस इंटरलॉकिंग सड़क को लेकर उठे सवालों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। खबर के समन्ध eo नगर पालिका से बात करने की कोशिश की गई जिस में साहब का फ़ोन नहीं उठा खास रिपोर्ट रामेश्वर सिंह भदोरिया इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, पीली बालू के इस्तेमाल का आरोप जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में सुबह शुरू हुआ निर्माण, कुछ ही घंटों में आधी सड़क तैयार होने का दावा — स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच की मांग उठाई नानपारा, बहराइच। नगर नानपारा के मोहल्ला जुबलीगंज, वार्ड नंबर 3 में नगर पालिका की ओर से इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। सड़क निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, सड़क की तैयारी और काम की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में पीली बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है और इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे पर्याप्त बेस तैयार करने तथा कुटाई की प्रक्रिया मौके पर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण कार्य आज सुबह से शुरू हुआ और देखते ही देखते सड़क के एक बड़े हिस्से में इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछा दिए गए। लोगों के अनुसार निर्माण कार्य की गति काफी तेज है। उनका सवाल है कि इतनी तेजी से काम होने के दौरान क्या सड़क की प्रत्येक परत, उसकी मोटाई और सामग्री की गुणवत्ता की तकनीकी जांच भी साथ-साथ की जा रही है? सड़क निर्माण में पीली बालू के इस्तेमाल को लेकर सवाल मौके पर निर्माण कार्य में पीली बालू दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि क्या इस प्रकार की बालू का इस्तेमाल संबंधित सड़क के स्वीकृत BOQ और तकनीकी specification के अनुसार किया जा रहा है। हालांकि केवल देखकर किसी सामग्री को मानक के विपरीत घोषित नहीं किया जा सकता। इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग द्वारा BOQ, DPR, estimate तथा तकनीकी specification से मौके पर इस्तेमाल की जा रही सामग्री का मिलान और आवश्यकता होने पर सामग्री की जांच कराना जरूरी होगा। क्या सड़क के नीचे पर्याप्त बेस और कुटाई हुई? स्थानीय लोगों का दूसरा बड़ा सवाल सड़क की नींव को लेकर है। लोगों का कहना है कि इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने से पहले सड़क के नीचे किस प्रकार का बेस तैयार किया गया और उसकी कितनी मोटाई रखी गई, यह स्पष्ट नहीं है। इंटरलॉकिंग सड़क की मजबूती केवल ऊपर दिखाई देने वाले ब्लॉक पर निर्भर नहीं करती। सड़क के नीचे जमीन की तैयारी, बेस सामग्री, उसकी मोटाई, लेवलिंग और उचित compaction जैसे तकनीकी पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसीलिए स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य के दौरान नगर पालिका के संबंधित अवर अभियंता अथवा सहायक अभियंता मौके पर पहुंचकर सड़क की परतों और निर्माण सामग्री की जांच करें। काम की रफ्तार भी बनी चर्चा का विषय स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कुछ ही घंटों में सड़क के लगभग आधे हिस्से में इंटरलॉकिंग बिछाने का काम पूरा कर दिया गया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य तेजी से होना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इतनी तेजी के बीच निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लोगों का सवाल है कि क्या सड़क की लंबाई और चौड़ाई के साथ-साथ इंटरलॉकिंग ब्लॉक की मोटाई, नीचे की परतों की मोटाई और इस्तेमाल होने वाली सामग्री का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध है? दो साल पहले बनी सड़क भी बैठने का स्थानीय लोगों का दावा इसी बीच स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में पहले कराए गए सड़क निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दूसरी तरफ करीब दो वर्ष पहले सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वह सड़क कई स्थानों पर बैठ गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यदि पहले बनी सड़क की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की भी जांच की जाए तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। लोगों का कहना है कि अब उसी क्षेत्र में नया निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए पुराने और नए दोनों कार्यों की गुणवत्ता की जांच होना आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने उठाया बड़ा सवाल—पुरानी सड़क क्यों बैठी? स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले बनी सड़क निर्धारित मानकों के अनुसार बनाई गई थी तो उसके बैठने के कारणों की जांच होनी चाहिए। क्या सड़क के नीचे बेस पर्याप्त था? क्या जमीन की उचित कुटाई हुई थी? क्या जल निकासी की व्यवस्था सही थी? या फिर सड़क पर निर्धारित भार के अनुसार निर्माण किया गया था? इन सवालों का जवाब केवल तकनीकी जांच और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही सामने आ सकता है। नगर पालिका से स्थानीय लोगों की कई मांगें स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए और मौके पर यह स्पष्ट करे कि— • सड़क की स्वीकृत लंबाई और चौड़ाई कितनी है? • इंटरलॉकिंग ब्लॉक की निर्धारित मोटाई कितनी है? • मौके पर लगाए जा रहे ब्लॉक की वास्तविक मोटाई कितनी है? • सड़क के नीचे बेस की निर्धारित मोटाई कितनी है? • बेस में कौन-सी सामग्री इस्तेमाल की जानी है? • पीली बालू का इस्तेमाल स्वीकृत specification के अनुसार है या नहीं? • ब्लॉक के नीचे bedding layer की निर्धारित मोटाई कितनी है? • सड़क की जमीन और बेस की उचित कुटाई/compaction हुई है या नहीं? • सड़क के किनारों पर पर्याप्त सपोर्ट/कर्ब की व्यवस्था है या नहीं? • पानी की निकासी के लिए उचित ढलान या नाली की व्यवस्था है या नहीं? • निर्माण कार्य की निगरानी नगर पालिका के किस तकनीकी अधिकारी द्वारा की जा रही है? वर्क ऑर्डर और BOQ सामने आने से साफ होगी तस्वीर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नगर पालिका प्रशासन संबंधित सड़क का वर्क ऑर्डर, स्वीकृत estimate और BOQ उपलब्ध करा दे तो मौके पर हो रहे निर्माण कार्य का वास्तविक मिलान किया जा सकता है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क के निर्माण में कौन-कौन सी सामग्री, किस मात्रा में और किस निर्धारित specification के अनुसार इस्तेमाल की जानी है। क्या होगी कार्रवाई या होगी केवल खानापूर्ति? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नगर पालिका प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की तकनीकी जांच करेंगे? क्या निर्माण सामग्री और सड़क की परतों की गुणवत्ता जांची जाएगी? क्या पहले बनी सड़क के बैठने के कारणों की भी जांच होगी? फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और स्थानीय लोग चाहते हैं कि सड़क का काम पूरा होने से पहले ही उसकी तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि बाद में सड़क खराब होने के बाद जांच कराने की स्थिति न आए। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। निर्माण कार्य में वास्तव में कोई कमी है या नहीं, यह संबंधित विभाग के स्वीकृत दस्तावेजों, मौके की तकनीकी जांच और आवश्यकता पड़ने पर सामग्री की लैब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन जुबलीगंज वार्ड नंबर 3 में बन रही इस इंटरलॉकिंग सड़क को लेकर उठे सवालों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाती है। खबर के समन्ध eo नगर पालिका से बात करने की कोशिश की गई जिस में साहब का फ़ोन नहीं उठा खास रिपोर्ट रामेश्वर सिंह भदोरिया2
- अटरिया पुलिस का वारंटियों पर शिकंजा, 65 और 70 वर्षीय दो आरोपी गिरफ्तार अटरिया पुलिस का वारंटियों पर शिकंजा, 65 और 70 वर्षीय दो आरोपी गिरफ्तार न्यायालय से जारी वारंट के बाद घर से दबोचे गए दोनों वांछित, सीतापुर न्यायालय में पेशी की कार्रवाई संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सीतापुर। पुलिस अधीक्षक सीतापुर के निर्देश पर न्यायालय द्वारा वांछित अभियुक्तों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अटरिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो वारंटियों को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दुर्गेश कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी सिधौली वेद प्रकाश श्रीवास्तव के निर्देशन तथा थानाध्यक्ष अटरिया लाल बहादुर मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल रविन्द्र सिंह, कांस्टेबल संजय और कांस्टेबल कपिल मुनि की संयुक्त टीम ने न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर दोनों आरोपियों को उनके निवास स्थान से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी वाद संख्या 457/2019, धारा 427/447 भादवि में वांछित चल रहे थे। न्यायालय द्वारा उनके विरुद्ध वारंट जारी किया गया था। वारंट पर विधिक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुवंर पुत्र भोले (70 वर्ष) और कन्हई पुत्र भोले (65 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम दनिया, थाना अटरिया, सीतापुर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद दोनों वारंटियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें माननीय न्यायालय सीतापुर के समक्ष पेश किया जा रहा है।1
- *MR ने लिखा- मेरी चिता पर सिगरेट जरूर जलाना:* बहराइच में फंदे से लटका, दोस्त पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप, फरवरी में थी शादी सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग का आरोप: पुलिस को सचिन के कमरे से एक डायरी मिली है, जिसमें उसने सुसाइड नोट लिखा है। नोट में उसने एक राजनीतिक/सामाजिक संगठन (ABVP) से जुड़े अपने ही एक दोस्त आदर्श शुक्ला पर दोस्ती में धोखा देने, प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। सचिन ने लिखा कि आदर्श 'दोस्त के नाम पर धब्बा' है।चिता पर सिगरेट जलाने की आखिरी इच्छा: सचिन ने सुसाइड नोट में अपने एक अन्य दोस्त रमन को संबोधित करते हुए लिखा— "रमन भाई, मेरी चिता पर सिगरेट जरूर जलाना।"माता-पिता से मांगी माफी: उसने फंदे से लटकने से पहले अपने माता-पिता से भी माफी मांगी। उसने लिखा— "आई एम सॉरी मम्मी-पापा, मुझे इस दुनिया से जाने का दुख है, मेरा मोबाइल फोन जरूर देखना।" उसने पुलिस से अपना फोन जांचने का अनुरोध भी किया है ताकि सच सामने आ सके। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र1
- जमुई जिले के बाद अब समस्तीपुर जिले में बीच सड़क पर हैवानियत का नंगा नाच देखने को मिला है। बिहार- जमुई जिले के बाद अब समस्तीपुर जिले में बीच सड़क पर हैवानियत का नंगा नाच देखने को मिला है। यहां भी कुछ हवसी एक लड़की पर टूट पड़े और उसके साथ जमकर बदसलूकी की है। पूरा मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध बाईपास रोड की है जहाँ बेखौफ मनचलों ने जमुई जैसी घटना को अंजाम दिया। सड़क पर फोटो लेने के लिए रुकी लड़की को तीन युवकों ने घेरकर अभद्रता की। उसके साथ गाली-गलौज की। बीच सड़क पर खींचते हुए उसके साथ बैड टच किया। इस दौरान मनचलों के द्वारा उसका नाम-पता पूछते रहे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इस मामले में पुलिस के वरीय अधिकारियों के द्वारा त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया गया। आदेश मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है जिससे पूछताछ की जा रही है।1