रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा प्रकरण रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा प्रकरण बांदा। जिले में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 5 वर्षीय मासूम बच्ची को अपना पैर गंवाना पड़ा। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला? पीड़ित परिवार: ग्राम पडुई (थाना कोतवाली नगर), जनपद बांदा निवासी अनिल कुमार घटना की तारीख: 23 दिसंबर 2025 घटना: छत से गिरने के कारण बच्ची मानवी की बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। प्रारंभिक इलाज: रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा में भर्ती कराया गया। आरोप क्या हैं? पिता का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर विनीत सिंह ने पैर को अत्यधिक कसकर बांध दिया। कथित रूप से रक्त संचार रुकने से नसें प्रभावित हुईं। समय पर उचित उपचार न मिलने से स्थिति बिगड़ती गई। 29 दिसंबर को ऑपरेशन के दौरान बच्ची को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ (केजीएमयू) रेफर किया गया। वहां पैर काटने की सलाह दी गई। बाद में परिवार ने ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया। हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन हुआ, लेकिन संक्रमण बढ़ने के कारण अंततः बच्ची का पैर काटना पड़ा। प्रशासनिक कार्रवाई 12 फरवरी 2026 को पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी। डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक लापरवाही में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। परिवार का आरोप है कि 15 दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी गई है। यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सकीय जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा प्रकरण रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा प्रकरण बांदा। जिले में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 5 वर्षीय मासूम बच्ची को अपना पैर गंवाना पड़ा। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला? पीड़ित परिवार: ग्राम पडुई (थाना कोतवाली नगर), जनपद बांदा निवासी अनिल कुमार घटना की तारीख: 23 दिसंबर 2025 घटना: छत से गिरने के कारण बच्ची मानवी की बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। प्रारंभिक इलाज: रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा में भर्ती कराया गया। आरोप क्या हैं? पिता का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर विनीत सिंह ने पैर को अत्यधिक कसकर बांध दिया। कथित रूप से रक्त संचार रुकने से नसें प्रभावित हुईं। समय पर उचित उपचार न मिलने से स्थिति बिगड़ती गई। 29 दिसंबर को ऑपरेशन के दौरान
बच्ची को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ (केजीएमयू) रेफर किया गया। वहां पैर काटने की सलाह दी गई। बाद में परिवार ने ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया। हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन हुआ, लेकिन संक्रमण बढ़ने के कारण अंततः बच्ची का पैर काटना पड़ा। प्रशासनिक कार्रवाई 12 फरवरी 2026 को पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी। डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक लापरवाही में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। परिवार का आरोप है कि 15 दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी गई है। यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सकीय जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।
- बांदा से बड़ी खबर “5 साल की मासूम का कटा पैर! मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पर गम्भीर लापरवाही का आरोप, डीएम से FIR की गुहार” बांदा — जिले के मेडिकल कॉलेज से इलाज में कथित गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ एक 5 वर्षीय बच्ची इलाज के बाद जीवन भर के लिए विकलांग हो गई। पीड़ित पिता अनिल कुमार, निवासी ग्राम पडुई, थाना कोतवाली नगर, जिला बांदा ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विनीत सिंह के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को उनकी 5 साल की पुत्री मानवी छत से गिरकर घायल हो गई थी, जिससे उसके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। परिजन बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा लेकर पहुंचे, जहाँ आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा पैर को गलत तरीके से अत्यधिक खींचकर कसकर बांध दिया गया और समय पर समुचित उपचार नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि लापरवाही के चलते बच्ची के पैर की नसों ने काम करना बंद कर दिया। हालत बिगड़ने पर 29 दिसम्बर को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ के केजीएमयू में डॉक्टरों ने पैर काटने की बात कही। बाद में ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया गया, जहाँ हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन तो हुआ, लेकिन पहले से फैले इंफेक्शन के कारण अंततः मासूम का पैर काटना पड़ा। पीड़ित पिता का आरोप है कि यह सब मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर की गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम है, जिससे उनकी बेटी हमेशा के लिए दिव्यांग हो गई। अब पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से डॉक्टर के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बाइट : अनिल कुमार पीड़ित पिता1
- बांदा । जनपद के ग्राम पडुई थाना कोतवाली नगर निवासी अनिल कुमार ने मेडिकल कॉलेज बांदा के एक चिकित्सक पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। आरोप है कि इलाज में हुई लापरवाही के चलते उनकी 5 वर्षीय पुत्री मानवी को अपना पैर गंवाना पड़ा, जिससे वह जीवन भर के लिए विकलांग हो गई। पीड़ित के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को मानवी छत से गिर गई थी, जिससे उसके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। परिजन उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज बांदा में भर्ती कराए। आरोप है कि वहां तैनात डॉक्टर विनीत सिंह ने इलाज के दौरान पैर को नीचे से अत्यधिक कसकर खींचकर बांध दिया और समय पर उचित उपचार नहीं किया। इससे बच्ची के पैर की नसों ने काम करना बंद कर दिया। बताया गया कि 29 दिसंबर 2025 को जब बच्ची को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया तो हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिजन बच्ची को केजीएमयू लखनऊ ले गए, जहां पैर काटने की बात कही गई। इसके बाद ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में इलाज कराया गया। वहां हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन किया गया, लेकिन पहले से फैले संक्रमण के कारण अंततः बच्ची का पैर काटना पड़ा। पीड़ित पिता का कहना है कि यह पूरी घटना गंभीर चिकित्सीय एवं आपराधिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने जिलाधिकारी से डॉक्टर विनीत सिंह के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।1
- बांदा — जिले के मेडिकल कॉलेज से इलाज में कथित गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ एक 5 वर्षीय बच्ची इलाज के बाद जीवन भर के लिए विकलांग हो गई। पीड़ित पिता अनिल कुमार, निवासी ग्राम पडुई, थाना कोतवाली नगर, जिला बांदा ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विनीत सिंह के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को उनकी 5 साल की पुत्री मानवी छत से गिरकर घायल हो गई थी, जिससे उसके बाएं पैर की जांघ की हड्डी टूट गई। परिजन बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा लेकर पहुंचे, जहाँ आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा पैर को गलत तरीके से अत्यधिक खींचकर कसकर बांध दिया गया और समय पर समुचित उपचार नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि लापरवाही के चलते बच्ची के पैर की नसों ने काम करना बंद कर दिया। हालत बिगड़ने पर 29 दिसम्बर को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ के केजीएमयू में डॉक्टरों ने पैर काटने की बात कही। बाद में ओएमआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज कराया गया, जहाँ हड्डी जोड़ने का ऑपरेशन तो हुआ, लेकिन पहले से फैले इंफेक्शन के कारण अंततः मासूम का पैर काटना पड़ा। पीड़ित पिता का आरोप है कि यह सब मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर की गम्भीर चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम है, जिससे उनकी बेटी हमेशा के लिए दिव्यांग हो गई। अब पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से डॉक्टर के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।1
- मौदहा में विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न सैकड़ो लोग हैं उपस्थित 🔸 संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बड़ी देवी मंदिर प्रांगण में विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित। 🔸 सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, युवतियां व पुरुष रहे मौजूद। 🔸 मुख्य अतिथि के रूप में रामायण कुटी चित्रकूट से सह प्रांत प्रचारक मुनीश रहे उपस्थित। 🔸 वक्ताओं ने सामाजिक एकता, समरसता और राष्ट्र निर्माण पर दिया जोर। 🔸 शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में कार्यक्रम संपन्न।1
- कबरई क्रशर खदान पहाड़ में बहुत ट्रक बहुत खतरा है 👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀👀1
- #महोबा जिले में संचालित मिड डे मील योजना में पलीता लगाते हुए जिम्मेदारों ने कलंक गाथा गढ़ दी है। बच्चों को पोषित आहार में एक बाल्टी पानी में एक लीटर दूध डालकर बच्चों को पीने के लिए दिया जा रहा है। पूरा मामला कबरई विकास खंड अंतर्गत ग्राम ढिगवाहा के सरकारी विद्यालय का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उधर दूसरी ओर बीएसए ने मामले पर नोटिस जारी करने की बात कही है। #ikvnews #महोबाइनसाइड #hilightseveryonefollowerseelsfypシ゚viralvideo1
- ट्रैक्टर चोरी का खुलासा — गिरवां पुलिस की बड़ी कार्रवाई यूपी जनपद बांदा में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गिरवां पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ट्रैक्टर चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने 2 सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है। पीड़ित शिवदत्त द्विवेदी निवासी ग्राम खुरहण्ड ने 7 फरवरी की रात घर के सामने से महिन्द्रा ट्रैक्टर चोरी होने की सूचना दी थी। मामला दर्ज कर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। 12 फरवरी को गश्त व चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर महुआ रोड के पास घेराबंदी कर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने मौसी के लड़के के साथ मिलकर चोरी करना कबूला। मौके से चोरी का ट्रैक्टर बरामद कर लिया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।1
- हमीरपुर तेज रफ्तार का कहर अनियंत्रित होकर फ़िसली बाइक, बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल, प्राथमिक उपचार के लिए सुमेरपुर सामुदायिक केंद्र में कराया गया भर्ती, हालत नाजुक होने के चलते हमीरपुर किया गया रेफर, एक युवक की हालत बताई जा रही नाजुक, मामला सुमेरपुर थाना क्षेत्र का!!!1
- हमीरपुर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा, कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम घनश्याम मीना को अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा, रामपुर जनपद में वरिष्ठ अधिवक्ता फारुख अहमद की गोली मारकर हत्या करने के मामले में ज्ञापन दिया गया, अधिवक्ता की हत्या करने वाले हत्यारों पर एनएसए के तहत कार्यवाही की मांग की गई, मृतक अधिवक्ता के परिवार को आर्थिक सहायता और आश्रित सदस्य को सरकारी नौकरी की अधिवक्ताओं ने मांग की, उत्तर प्रदेश एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लागू किए जाने की भी अधिवक्ताओं ने मांग की, मुख्यालय के डीएम कार्यालय का मामला...।।2