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पानी को सफेद कर बच्चों के दूध पर डांका... #महोबा जिले में संचालित मिड डे मील योजना में पलीता लगाते हुए जिम्मेदारों ने कलंक गाथा गढ़ दी है। बच्चों को पोषित आहार में एक बाल्टी पानी में एक लीटर दूध डालकर बच्चों को पीने के लिए दिया जा रहा है। पूरा मामला कबरई विकास खंड अंतर्गत ग्राम ढिगवाहा के सरकारी विद्यालय का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उधर दूसरी ओर बीएसए ने मामले पर नोटिस जारी करने की बात कही है। #ikvnews #महोबाइनसाइड #hilightseveryonefollowerseelsfypシ゚viralvideo
Nitendra Jha
पानी को सफेद कर बच्चों के दूध पर डांका... #महोबा जिले में संचालित मिड डे मील योजना में पलीता लगाते हुए जिम्मेदारों ने कलंक गाथा गढ़ दी है। बच्चों को पोषित आहार में एक बाल्टी पानी में एक लीटर दूध डालकर बच्चों को पीने के लिए दिया जा रहा है। पूरा मामला कबरई विकास खंड अंतर्गत ग्राम ढिगवाहा के सरकारी विद्यालय का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उधर दूसरी ओर बीएसए ने मामले पर नोटिस जारी करने की बात कही है। #ikvnews #महोबाइनसाइड #hilightseveryonefollowerseelsfypシ゚viralvideo
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- Post by Hari Singh1
- #Apkiawajdigital विशेष संसदीय रिपोर्ट: लखनऊ विधानसभा से लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज उस वक्त एक बेहद दुर्लभ और सनसनीखेज स्थिति पैदा हो गई, जब विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सदन की अव्यवस्था से नाराज होकर अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए। अमूमन शांत रहने वाले महाना ने न केवल नाराजगी जताई, बल्कि अपना हेडफोन उतारकर रख दिया और सदन की कार्यवाही बीच में ही छोड़कर बाहर चले गए। कैसे शुरू हुआ विवाद? सदन में प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने एक महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा था। जब वित्त मंत्री सुरेश खन्ना इस प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, तभी रागिनी सोनकर ने एक पूरक सवाल (Supplementary Question) पूछने की कोशिश की। इसी दौरान सत्ता पक्ष के कुछ विधायक अपनी सीटों पर खड़े हो गए और बीच में हस्तक्षेप करने लगे। अध्यक्ष की सख्त टिप्पणी विधायकों के इस व्यवहार और बार-बार होने वाले हस्तक्षेप पर अध्यक्ष सतीश महाना का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए बेहद तल्ख लहजे में कहा— "क्या आप हाउस चलाएंगी?" इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की और सदन की मर्यादा का हवाला देते हुए सीट छोड़ दी। सदन में पसरा सन्नाटा अध्यक्ष के अचानक सदन से बाहर जाने के बाद कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ओर के सदस्य इस अप्रत्याशित कदम से सन्न रह गए। संसदीय इतिहास में अध्यक्ष का इस तरह सदन छोड़ना एक बड़ी घटना मानी जा रही है, जो सदन के भीतर अनुशासन की कमी की ओर इशारा करती है। घटना के मुख्य बिंदु: पात्र: सतीश महाना (स्पीकर), डॉ. रागिनी सोनकर (सपा विधायक), सुरेश खन्ना (वित्त मंत्री)। कारण: पूरक प्रश्न के दौरान सत्ता पक्ष का बार-बार हस्तक्षेप। एक्शन: स्पीकर ने हेडफोन उतारा और नाराजगी में सदन से बाहर चले गए। असर: सदन की गरिमा और अनुशासन पर उठा बड़ा सवाल।1
- नौगांव से दो लड़कियां हुई लापता 5 दिन बीत जाने के बाद कोई नहीं लगा सुराग1
- आपको बता दें कि पूरा मामला जिलाधिकारी कार्यालय बांदा से सामने आया है जहां पर आज उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियो के मानदेय भुगतान में हो रही लगातार देरी के खिलाफ बांदा जिला अधिकारी को संविदा कर्मचारियों ने दिया लिखित शिकायत पत्र ,जिसमें जिला अध्यक्ष डॉ. मिलेन्द्र सिंह और जिला महामंत्री शोभित गुप्ता के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से भेजा गया है। प्रदेश भर में करीब 1.50 लाख संविदा कर्मचारी जुलाई 2025 से मासिक मानदेय समय पर नहीं पा रहे हैं। एक माह का भुगतान 2 माह या अधिक समय बाद मिल रहा है। SNA Sparsh पोर्टल के बाद 'लिमिट शून्य', 'बिल फेल' या 'बजट अनुपलब्धता' जैसे कारण बताए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है; कुछ मामलों में आत्महत्या के प्रयास भी सामने आए हैं। संघ की प्रमुख मांगें: सभी संविदा कर्मचारियों का मानदेय हर माह की 7 तारीख तक अनिवार्य भुगतान हो। तकनीकी/प्रशासनिक समस्याओं (बिल फेल, लिमिट आदि) का स्थायी समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी हों। सभी लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान हो। भविष्य में विलंब न हो, इसके लिए समयबद्ध भुगतान की SOP जारी की जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 7 तारीख तक भुगतान सुनिश्चित नहीं हुआ, तो बांदा जिले के सभी संविदा कर्मचारी 'नो पे - नो वर्क' (No Pay - No Work) का रास्ता अपनाएंगे। यह समस्या पूरे उत्तर प्रदेश में व्याप्त है, जहां विभिन्न जिलों (जैसे बलिया, कुशीनगर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, हरदोई आदि) में इसी तरह के प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। प्रांतीय स्तर पर भी संगठन ने कई बार वार्ता और पत्राचार किया, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।1
- हालात ऐसे हैं कि योगी सरकार, NGT और सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी यहां बेअसर नजर आ रहे हैं। अवैध खनन माफिया खुलेआम नियमों को दरकिनार कर काम कर रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारियों की सह पर आदेशों को पैरों तले कुचला जा रहा है। मुख्यमंत्री पोर्टल IGRS पर लगातार शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई जमीन पर दिखाई नहीं दे रही। खनिज विभाग के खनिज अधिकारी राज रंजन और खान निरीक्षक गौरव गुप्ता द्वारा लगाई जा रही आख्या सवालों के घेरे में है। ग्राउंड जीरो की तस्वीरें हालात की गंभीरता खुद बयान कर रही हैं और प्रशासनिक दावों और जमीनी सच्चाई के बीच फर्क साफ दिखा रही हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि साड़ी खंड 77 में चल रहे अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई कब होती है और IGRS पर भ्रामक आख्या लगाने के मामलों पर कब जवाबदेही तय होती है। ग्राउंड जीरो से आशीष शुक्ला की रिपोर्ट, बांदा।1
- आस्था और न्याय के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध रहा है, लेकिन अब यहां सनातन वैदिक गुरुकुलम की स्थापना के साथ एक नई पहचान जुड़ गई है। गुरुकुलम का उद्देश्य वैदिक शिक्षा के साथ-साथ शास्त्र और शस्त्र दोनों की परंपरागत शिक्षा प्रदान करना है। देशभर से चयनित बटुक ब्राह्मणों को यहां सनातनी पद्धति से वैदिक ज्ञान दिया जाएगा। इस गुरुकुलम में काशी से आए चार विद्वान आचार्य निवास करेंगे, जो प्रथम वर्ष में 31 विद्यार्थियों को वैदिक कर्मकांड एवं धर्मशास्त्र की शिक्षा प्रदान करेंगे। उद्घाटन समारोह में बागेश्वर महाराज के साथ बद्रीनाथ वाले महाराज, मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार तथा कई प्रमुख संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस पहल को सनातन संस्कृति और वैदिक परंपरा के पुनरुत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- #महोबा एम एल सी जितेन्द्र सिंह सेंगर ने आज खनिज युनिवर्सिटी खोले जाने की मांग की। #ikvnews #महोबाइनसाइड #vairalvideo Nitendra Jha IndiaKhoz Vichar Mahoba Insight Jitendra Singh Sengar Mlc1
- #Apkiawajdigital विशेष रिपोर्ट: अलीगढ़ से जमीनी हकीकत अलीगढ़/गभाना: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक बेहद शर्मनाक और घृणित मामला सामने आया है। गभाना थाना क्षेत्र के कलुआ गांव स्थित 'राजपूत' नामक एक होटल में काम करने वाले एक मुस्लिम युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो में युवक तंदूर में रोटियां सेंकते समय उन पर थूकता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वीडियो में दिख रहा है कि युवक रोटियां बेलने के बाद तंदूर में डालने से पहले उन पर बार-बार थूक रहा है। यह वीडियो किसी ग्राहक या राहगीर द्वारा चुपके से बनाया गया बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और हिंदूवादी संगठनों में जबरदस्त उबाल है। लोगों का कहना है कि यह न केवल स्वच्छता के मानकों का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं और विश्वास के साथ भी एक सोची-समझी साजिश है। होटल के नाम (राजपूत) और वहां काम करने वाले विशेष समुदाय के युवक की इस हरकत को लेकर पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। पुलिस की जांच और कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है। पुलिस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और आरोपी युवक की पहचान कर उसे हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त एहतियात बरती जा रही है। प्रमुख बिंदु: स्थान: राजपूत होटल, कलुआ गांव (गभाना), अलीगढ़। घटना: तंदूर की रोटी पर थूकने का कृत्य। साक्ष्य: वायरल वीडियो। स्थिति: इलाके में तनाव और गिरफ्तारी की मांग।1
- सतना से पन्ना सरकारी गोदाम आ रहा था ट्रक आज सुबह 6बजे की घटना पन्ना बहेरा की बीच की घटना घटित हुई है जिसमे बाल बाल बचा ड्राईवर और किसी प्रकार की कोई हादसा नहीं हुआ थोड़ी बहुत चोट लगने पर ड्राईवर पन्ना असपताल में भर्ती ट्रक मालिक का भारी नुकसान ट्रक पूरी तरह हुआ ध्वस्त सड़क किनारे पड़ा है दो भागों में बाटा ट्रक हाई स्पीड के चलते हुआ हादसा1