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Hari Singh
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- पनवाड़ी ब्लॉक सभागार में एसआईआर पर बीएलओ का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, एसडीएम कुलपहाड़ ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश पनवाड़ी (महोबा)। विकासखंड पनवाड़ी के सभागार में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्यक्रम के अंतर्गत बीएलओ का एक दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी कुलपहाड़ डॉ. प्रदीप कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने सभी बूथ लेवल अधिकारियों को निर्वाचन कार्यों की जिम्मेदारियों, मतदाता सूची के शुद्धिकरण, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने तथा मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। एसडीएम ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही होना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए बीएलओ पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों ने बीएलओ से वार्तालाप कर उनका फीडबैक भी लिया तथा जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं पर चर्चा कर समाधान बताए। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने सभी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के अंत में बीएलओ ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए आभार व्यक्त किया।1
- #महोबा सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से गंभीर है परन्तु सरकार की गंभीरता को ही गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। आज कबरई विकास खंड के अंतर्गत आने वाले गांव ढिगवाहा से सरकारी स्कूल की तथाकथित टीचर का सोते हुए वीडियो वायरल है।1
- #महोबा प्राथमिक विद्यालय में नौनिहालों के पोषण के साथ शर्मनाक खिलवाड़ प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पानी में मिलाया दूध पिलाया गया प्रधानाध्यापक मोनिका सोनी की मौजूदगी में कृत्य हुआ उजागर वीडियो वायरल होने से शिक्षा विभाग की पोल खुली जिम्मेदारों की संवेदनहीनता सामने आई वीडियो से महोबा में लोगों में आक्रोश कबरई विकासखंड के ढिकवाहा प्राथमिक विद्यालय का मामला1
- Post by Crime Kab Tak1
- सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार जिलाधिकारी ने डीजे को रात्रि दस बजे के बाद तीव्र ध्वनि से बजाने पर लगाया प्रतिबंध1
- Post by Hariom.rajput1
- #Apkiawajdigital सहारनपुर (संवाददाता) — उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे 'हाफ एनकाउंटर' (आधे एनकाउंटर) के तरीकों पर अब न्यायिक जांच की रोशनी पड़ रही है। सहारनपुर जिले के देवबंद कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम/एसीजीएम) परविंदर सिंह ने खुद देवबंद जेल पहुंचकर एनकाउंटर में घायल होकर आए कैदियों से सीधी पूछताछ की। इस दौरान कैदियों ने पुलिस के तरीके की चौंकाने वाली जानकारी दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में जज परविंदर सिंह कैदियों से पूछते नजर आ रहे हैं कि गोली कैसे लगी? दो कैदियों ने जवाब दिया कि पुलिस ने उन्हें जमीन पर लिटाया, फिर पैर पर कपड़ा रखकर गोली मार दी। एक कैदी ने दावा किया कि उसे जंगल में ले जाकर पैर में गोली मारी गई और पूरा एनकाउंटर फर्जी था। कैदियों का कहना था कि यह "हाफ एनकाउंटर" था, जिसमें अपराधी को मारने की बजाय घायल करके छोड़ दिया जाता है—संभवतः पुलिस की परफॉर्मेंस दिखाने या प्रमोशन के लिए। यह घटना इलाहाबाद हाईकोर्ट की उस टिप्पणी के ठीक एक सप्ताह बाद हुई है, जिसमें कोर्ट ने यूपी पुलिस के एनकाउंटर तरीकों पर कड़ी नाराजगी जताई थी और कहा था कि ऐसे मामले जांच के लायक हैं। हाईकोर्ट ने "लंगड़ा ऑपरेशन" (पैर में गोली मारकर अपराधी को छोड़ना) पर भी सवाल उठाए थे। एसीजेएम परविंदर सिंह ने जेल में कैदियों को लाइन में खड़ा कर एक-एक करके उनकी आपबीती सुनी। कैदियों ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें उठाकर ले गई, फर्जी मुठभेड़ दिखाकर घायल किया और फिर जेल भेज दिया। एक कैदी ने बताया, "मैं कोर्ट की तारीख पर जा रहा था, पुलिस ने रास्ते में पकड़ा और हाफ एनकाउंटर कर दिया।" इस वीडियो के वायरल होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यूपी में पिछले कुछ वर्षों में "हाफ एनकाउंटर" के कई मामले सामने आए हैं, जहां अपराधियों को जान से मारने की बजाय पैरों में गोली मारकर छोड़ दिया जाता है। सोशल मीडिया पर लोग इसे पुलिस की "परफॉर्मेंस" और "प्रमोशन पॉलिसी" से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जांच जारी होने की संभावना है। यह घटना न्याय व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर नए सवाल खड़े कर रही है। क्या यूपी में एनकाउंटर अब "नियंत्रित हिंसा" का रूप ले चुके हैं ? वीडियो देखकर जनता में आक्रोश !1
- Post by Hari Singh1