रायपुर (ब्यावर) बजट 2026-27 में — जिला प्रशासन के प्रयासों से अमृतकौर चिकित्सालय के लिए 15 करोड़ स्वीकृत राजस्थान सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना द्वारा भेजे गए 15 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का परिणाम है, जिससे राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना ने गत दिनों राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया था, जिसमें अस्पताल के हॉल एवं कमरों की स्थिति जर्जर पाई गई। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधिकारियों द्वारा अस्पताल में तीन नए हॉल/कमरों की आवश्यकता बताई गई, क्योंकि वर्तमान में उपलब्ध कक्षों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना ने बताया कि राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय का भवन लगभग 70 वर्ष पुराना है तथा अस्पताल के तीन हॉल एवं बरामदे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे चिकित्सकों को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और मरीजों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में अस्पताल के तीन कमरे एवं हॉल मय बरामदा असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं। चिकित्सालय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुराने एवं क्षतिग्रस्त हॉल व कमरों के स्थान पर नवीन हॉल मय बरामदा निर्माण, पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत, टाइल्स कार्य, सड़क, नाली एवं सीवरेज व्यवस्था तथा जल निकासी सुधार के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि का बजट प्रावधान स्वीकृत किया गया है। इस बजट स्वीकृति से चिकित्सालय में चिकित्सकों को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा तथा मरीजों की देखभाल के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित हो सकेंगी। साथ ही इस अस्पताल से ब्यावर जिले सहित राजसमंद, पाली एवं भीलवाड़ा के निकटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। इस महत्वपूर्ण बजट प्रावधान से चिकित्सा विभाग एवं आमजन में प्रसन्नता व्यक्त की जा रही है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरकार की सकारात्मक पहल को बल मिलेगा।
रायपुर (ब्यावर) बजट 2026-27 में — जिला प्रशासन के प्रयासों से अमृतकौर चिकित्सालय के लिए 15 करोड़ स्वीकृत राजस्थान सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना द्वारा भेजे गए 15 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का परिणाम है, जिससे राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना ने गत दिनों राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया था, जिसमें अस्पताल के हॉल एवं कमरों की स्थिति जर्जर पाई गई। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधिकारियों द्वारा अस्पताल में तीन नए हॉल/कमरों की आवश्यकता बताई गई, क्योंकि वर्तमान में उपलब्ध कक्षों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना ने बताया कि राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय का भवन लगभग 70 वर्ष पुराना है तथा अस्पताल के तीन हॉल एवं बरामदे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे चिकित्सकों को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और मरीजों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में अस्पताल के तीन कमरे एवं हॉल मय बरामदा असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं। चिकित्सालय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुराने एवं क्षतिग्रस्त हॉल व कमरों के स्थान पर नवीन हॉल मय बरामदा निर्माण, पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत, टाइल्स कार्य, सड़क, नाली एवं सीवरेज व्यवस्था तथा जल निकासी सुधार के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि का बजट प्रावधान स्वीकृत किया गया है। इस बजट स्वीकृति से चिकित्सालय में चिकित्सकों को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा तथा मरीजों की देखभाल के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित हो सकेंगी। साथ ही इस अस्पताल से ब्यावर जिले सहित राजसमंद, पाली एवं भीलवाड़ा के निकटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। इस महत्वपूर्ण बजट प्रावधान से चिकित्सा विभाग एवं आमजन में प्रसन्नता व्यक्त की जा रही है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरकार की सकारात्मक पहल को बल मिलेगा।
- रायपुर (ब्यावर) जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में अपराध गोष्ठी का आयोजन ब्यावर जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने बताया कि आज दिनांक 11.02.2026 को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र शर्मा, जिले के समस्त वृत्तधिकारी / थानाधिकारी एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। अपराध गोष्ठी के दौरान जिले में बढ़ती चोरी की घटनाओं एवं अवैध मादक पदार्थो की तस्करी पर विशेष रूप से समीक्षा की गई। जिला पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु रात्रि गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित जांच की जाए तथा पूर्व में चोरी के मामलों में संलिप्त अपराधियों की रातत निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अपराधियो की धरपकड़ करने के निर्देश दिए गए। अवैध मादक पदार्थों की तरकरी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियो को निर्देशित किया कि नशा तस्करो के विरुद्ध अभियान चलाकर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों एवं मुख्य मागों पर चेकिंग अभियान सघन किए जाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, वारंटों की तामीली, गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश तथा महिला एवं बाल अपराध से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश भी प्रदान किए गए। जिला पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को आमजन के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने एवं जनसहयोग से अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कार्य करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- लाइव सीसीटीवी फुटेज श्रीगंगानगर रात्रि गस्त के दौरान प्वाइंटों को चेकिंग करने जा रही महिला थाना प्रभारी ज्योति नायक का हुआ एक्सीडेंट एक्सीडेंट में हुई मौके पर मौत1
- Post by Suman Press1
- दो पक्षों के आपसी विवाद में गंभीर रूप से घायल1
- Road bahut kharab ho raha hai Iski Sunni koi nahin kar rahe hain Aaye Din durghatna hoti hai pura Mahila wala bimar ho raha hai isiliye4
- Post by District.reporter.babulaljogawat1
- पाली से खबर मनीष राठौड़ पाली। पाली जिला नगरपालिका कर्मचारी फेडरेशन ने नगर निगम प्रशासन पर कर्मचारियों के वेतन भुगतान में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर एवं प्रशासक को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। फेडरेशन के जिलाध्यक्ष मदनलाल तेजी ने बताया कि नगर निगम पाली में पिछले कई महीनों से वेतन भुगतान में देरी की जा रही है। हर माह 10 से 15 तारीख तक वेतन मिलने के कारण कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में मुख्य रूप से बताया गया कि वेतन देरी से आने के कारण कर्मचारियों के बैंक लोन की किश्तें समय पर नहीं कट रही हैं, जिससे उन्हें भारी ब्याज और पेनल्टी चुकानी पड़ रही है और उनका सिबिल स्कोर भी खराब हो रहा है। और समय पर पैसा हाथ में न होने से कर्मचारी अपने बच्चों की स्कूल फीस तक जमा नहीं करा पा रहे हैं। जनवरी माह का वेतन खातों में नहीं पहुँचा है, जिससे अल्प वेतनभोगी सफाई कर्मचारियों के सामने घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारी संघ ने मांग की है कि जिले की अन्य नगर पालिकाओं की तर्ज पर नगर निगम पाली में भी हर माह की 1 से 2 तारीख के बीच वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। संघ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया और संबंधित अधिकारियों को पाबंद नहीं किया, तो कर्मचारी संगठन धरना प्रदर्शन और उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- रायपुर (ब्यावर) बजट 2026-27 में — जिला प्रशासन के प्रयासों से अमृतकौर चिकित्सालय के लिए 15 करोड़ स्वीकृत राजस्थान सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना द्वारा भेजे गए 15 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का परिणाम है, जिससे राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना ने गत दिनों राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया था, जिसमें अस्पताल के हॉल एवं कमरों की स्थिति जर्जर पाई गई। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधिकारियों द्वारा अस्पताल में तीन नए हॉल/कमरों की आवश्यकता बताई गई, क्योंकि वर्तमान में उपलब्ध कक्षों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना ने बताया कि राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय का भवन लगभग 70 वर्ष पुराना है तथा अस्पताल के तीन हॉल एवं बरामदे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे चिकित्सकों को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और मरीजों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में अस्पताल के तीन कमरे एवं हॉल मय बरामदा असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं। चिकित्सालय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुराने एवं क्षतिग्रस्त हॉल व कमरों के स्थान पर नवीन हॉल मय बरामदा निर्माण, पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत, टाइल्स कार्य, सड़क, नाली एवं सीवरेज व्यवस्था तथा जल निकासी सुधार के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि का बजट प्रावधान स्वीकृत किया गया है। इस बजट स्वीकृति से चिकित्सालय में चिकित्सकों को बैठने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा तथा मरीजों की देखभाल के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित हो सकेंगी। साथ ही इस अस्पताल से ब्यावर जिले सहित राजसमंद, पाली एवं भीलवाड़ा के निकटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। इस महत्वपूर्ण बजट प्रावधान से चिकित्सा विभाग एवं आमजन में प्रसन्नता व्यक्त की जा रही है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरकार की सकारात्मक पहल को बल मिलेगा।1