न्याय एवं अधिकार समिति की बैठक में कृष्ण प्रताप सिंह बुंदेला (झांसी) निर्विरोध ज न्याय एवं अधिकार समिति की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक झांसी में संपन्न हुई, जिसमें संगठन की मजबूती और विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से कृष्ण प्रताप सिंह बुंदेला को झांसी जिले का नया जिला अध्यक्ष चुना गया। बैठक में मुख्य रूप से संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश ठाकरे, मुख्य कानूनी सलाहकार एडवोकेट सुमित भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष पं. रामनरेश शर्मा और लखनऊ के जिला अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह सिसौदिया आदि उपस्थित रहे। वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संगठन को गांव-गांव तक पहुँचाने और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करने की रणनीति तैयार की गई। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह बुंदेला के नाम की घोषणा होते ही उपस्थित कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया और फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। अपने संबोधन में बुंदेला ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "संगठन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूँगा। हमारा मुख्य लक्ष्य आम जनता के अधिकारों की रक्षा करना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।" राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश ठाकरे और एडवोकेट सुमित भट्ट ने नए जिला अध्यक्ष को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में झांसी में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुट होकर संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट
न्याय एवं अधिकार समिति की बैठक में कृष्ण प्रताप सिंह बुंदेला (झांसी) निर्विरोध ज न्याय एवं अधिकार समिति की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक झांसी में संपन्न हुई, जिसमें संगठन की मजबूती और विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से कृष्ण प्रताप सिंह बुंदेला को झांसी जिले का नया जिला अध्यक्ष चुना गया। बैठक में मुख्य रूप से संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश ठाकरे, मुख्य कानूनी सलाहकार एडवोकेट सुमित भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष पं. रामनरेश शर्मा और लखनऊ के जिला अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह सिसौदिया आदि उपस्थित रहे। वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संगठन को गांव-गांव तक पहुँचाने और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करने की रणनीति तैयार की गई। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह बुंदेला के नाम की घोषणा होते ही उपस्थित कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया और फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। अपने संबोधन में बुंदेला ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "संगठन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूँगा। हमारा मुख्य लक्ष्य आम जनता के अधिकारों की रक्षा करना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।" राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश ठाकरे और एडवोकेट सुमित भट्ट ने नए जिला अध्यक्ष को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में झांसी में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुट होकर संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट
- रिंकू लक्ष्कार तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली जिला झांसी तहसील टहरौली प्रधान प्रदीप कुमार दीक्षित लहचूरा जिला झांसी4
- गुरसराय। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरसराय थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए जुआ खेल रहे 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को गुरसराय थाना क्षेत्र के एरच रोड स्थित ईदगाह के पास कुछ लोग जुआ खेल रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और सभी आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने मौके से 17,800 रुपये नकद एवं 52 अदद ताश के पत्ते बरामद किए। वहीं जामातलाशी के दौरान 2,550 रुपये अतिरिक्त भी मिले, जिससे कुल बरामदगी 20,350 रुपये हो गई। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में मंगल कुशवाहा निवासी साहपुर स्टैंड कस्बा मोठ, राकेश कुशवाहा निवासी अखाड़ा पुरा मोठ, शनि कुशवाहा निवासी उन्नाव गेट बाहर झांसी, आशुतोष गौतम निवासी अंजनी माता मंदिर चिरगांव, अफसर खान निवासी चिरगांव, खेमचंद कुशवाहा निवासी चिरगांव, मानवेंद्र कुशवाहा निवासी चिरगांव तथा सुनील कुशवाहा निवासी बड़ागांव शामिल हैं। इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी फूल सिंह, उपनिरीक्षक उम्मेद सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1
- हमीरपुर में टप्पेबाजों का खेल जारी है। एक महिला को लक्ष्मी प्राप्ति का झांसा देकर टप्पेबाजों ने उसके झुमके और नकदी ठग लिए। वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है, और पुलिस जांच में जुटी है। इस तरह की घटनाएं हमीरपुर में पहले भी हुई हैं, जहां लोगों को ठगने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसी कोई घटना हुई है, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें ¹। रिर्पोट निर्दोष राजपूत1
- Post by Nirdosh1
- 🎤 रितेश रावत रिपोर्ट – स्पेशल स्टोरी “नमस्कार… मैं हूँ रितेश रावत… और आप देख रहे हैं रितेश रावत रिपोर्ट। आज हम आपको लेकर चल रहे हैं एक ऐसी दिलचस्प कहानी की ओर… जो सिर्फ स्वाद की नहीं… बल्कि इतिहास, परंपरा और पहचान की कहानी है। जब आम के पैर ही नहीं होते… तो फिर उसका नाम ‘लंगड़ा’ कैसे पड़ा…? 🤔 जी हां… हम बात कर रहे हैं के मशहूर लंगड़ा आम की… जिसका स्वाद जितना मीठा है, उसकी कहानी उतनी ही अनोखी है। 📍 कहानी की शुरुआत कहा जाता है कि सैकड़ों साल पहले में एक साधु रहा करते थे… जो चलने में लंगड़े थे। उनके पास एक छोटा सा बगीचा था… जहां एक आम का पेड़ लगा हुआ था। लेकिन ये कोई साधारण पेड़ नहीं था… उस पर लगने वाले आम बेहद स्वादिष्ट, खुशबूदार और रसीले होते थे। धीरे-धीरे आस-पास के लोग उस पेड़ के आम खाने आने लगे… और हर कोई बस एक ही बात कहता— “ऐसा आम पहले कभी नहीं खाया!” 📍 नाम कैसे पड़ा? अब यहां से कहानी लेती है एक दिलचस्प मोड़… क्योंकि उस साधु का असली नाम किसी को नहीं पता था… लोग उन्हें बस “लंगड़ा बाबा” कहकर बुलाते थे। और फिर… वही नाम उस आम के साथ जुड़ गया। 👉 लोग कहने लगे— “लंगड़ा बाबा के बगीचे का आम”… और धीरे-धीरे वो बन गया— 👉 “लंगड़ा आम” 📍 समय बदला, नाम नहीं बदला समय बीतता गया… साधु इस दुनिया में नहीं रहे… लेकिन उनका नाम आज भी हर उस आम में जिंदा है… जिसे हम ‘लंगड़ा आम’ के नाम से जानते हैं। 📍 क्या है इसकी खासियत? अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये आम इतना खास क्यों है…? तो आपको बता दें— ✔ इसका गूदा बेहद मुलायम और मीठा होता है ✔ इसमें रेशा बहुत कम होता है ✔ खुशबू इतनी तेज कि दूर से ही पहचान में आ जाए ✔ और स्वाद… ऐसा कि एक बार खाओ, तो भूलना मुश्किल! 📍 आज की पहचान आज का लंगड़ा आम सिर्फ एक फल नहीं… बल्कि एक ब्रांड, एक परंपरा और एक पहचान बन चुका है। देश ही नहीं… विदेशों तक इसकी मांग है… और गर्मियों के मौसम में ये आम लोगों की पहली पसंद बन जाता है। 📍 एक सीख भी इस कहानी से हमें एक छोटी सी सीख भी मिलती है… कि पहचान सिर्फ नाम या रूप से नहीं बनती… बल्कि काम और खासियत से बनती है। एक साधारण से पेड़ ने… और एक अनजाने साधु ने… इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। 🎤 समापन तो ये थी ‘लंगड़ा आम’ की अनोखी कहानी… अगर आपको ये खबर पसंद आई हो… तो वीडियो को लाइक करें, शेयर करें… और ऐसे ही दिलचस्प किस्सों के लिए जुड़े रहें रितेश रावत रिपोर्ट के साथ। मैं हूँ रितेश रावत… कैमरा पर्सन के साथ… नमस्कार!”1
- Post by Kshatr Pal shivhare1
- Post by Ankit Gotam4
- न्याय एवं अधिकार समिति की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक झांसी में संपन्न हुई, जिसमें संगठन की मजबूती और विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से कृष्ण प्रताप सिंह बुंदेला को झांसी जिले का नया जिला अध्यक्ष चुना गया। बैठक में मुख्य रूप से संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश ठाकरे, मुख्य कानूनी सलाहकार एडवोकेट सुमित भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष पं. रामनरेश शर्मा और लखनऊ के जिला अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह सिसौदिया आदि उपस्थित रहे। वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संगठन को गांव-गांव तक पहुँचाने और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करने की रणनीति तैयार की गई। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह बुंदेला के नाम की घोषणा होते ही उपस्थित कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया और फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। अपने संबोधन में बुंदेला ने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "संगठन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूँगा। हमारा मुख्य लक्ष्य आम जनता के अधिकारों की रक्षा करना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।" राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश ठाकरे और एडवोकेट सुमित भट्ट ने नए जिला अध्यक्ष को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में झांसी में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने एकजुट होकर संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1