मध्यप्रदेश के सतना जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। अस्पताल के दवा वितरण काउंटर पर तैनात कर्मियों की योग्यता और कार्यप्रणाली को लेकर प्रश्नचिह्न लग गया है, जिससे जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र की संवेदनशीलता पर संदेह पैदा हो गया है। यह मामला एक वीडियो में सामने आया, जिसमें एक मरीज और दवा काउंटर पर बैठे कर्मचारी के बीच तीखी बहस हो रही थी। मरीज ने आरोप लगाया कि काउंटर पर मौजूद व्यक्ति काफी कम उम्र का था और उसे दवा वितरण की सही जानकारी नहीं थी। मरीज ने यह भी दावा किया कि कर्मचारी ने पहले दवा न होने की बात कही थी, जबकि बाद में उसी काउंटर से दवा उपलब्ध हो गई। इस घटना ने मरीजों और उनके परिजनों को कई सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने पूछा है कि क्या जिला अस्पताल में दवा वितरण जैसे संवेदनशील काम के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं हैं? साथ ही, कम उम्र के लोगों को इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे सौंपी जा रही है और क्या दवाओं की उपलब्धता को लेकर मरीजों को सही जानकारी नहीं दी जा रही है? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आम मरीजों को इलाज और दवा पाने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मध्यप्रदेश के सतना जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। अस्पताल के दवा वितरण काउंटर पर तैनात कर्मियों की योग्यता और कार्यप्रणाली को लेकर प्रश्नचिह्न लग गया है, जिससे जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र की संवेदनशीलता पर संदेह पैदा हो गया है। यह मामला एक वीडियो में सामने आया, जिसमें एक मरीज और दवा काउंटर पर बैठे कर्मचारी के बीच तीखी बहस हो रही थी। मरीज ने आरोप लगाया कि काउंटर पर मौजूद व्यक्ति काफी कम उम्र का था और उसे दवा वितरण की सही जानकारी नहीं थी। मरीज ने यह भी दावा किया कि कर्मचारी ने पहले दवा न होने की बात कही थी, जबकि बाद में उसी काउंटर से दवा उपलब्ध हो गई। इस घटना ने मरीजों और उनके परिजनों को कई सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने पूछा है कि क्या जिला अस्पताल में दवा वितरण जैसे संवेदनशील काम के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं हैं? साथ ही, कम उम्र के लोगों को इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे सौंपी जा रही है और क्या दवाओं की उपलब्धता को लेकर मरीजों को सही जानकारी नहीं दी जा रही है? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आम मरीजों को इलाज और दवा पाने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
- मध्य प्रदेश के मैहर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इटमा में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ नवनिर्मित पानी की टंकी अपने निर्माण के कुछ ही दिनों के भीतर ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय मौके पर मौजूद लोग सतर्कता दिखाते हुए समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा जन-धन का नुकसान होने से बच गया। मिली जानकारी के अनुसार, यह पानी की टंकी ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाई गई थी, लेकिन इसकी निर्माण गुणवत्ता इतनी घटिया थी कि वह अपना भार भी नहीं सह सकी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टंकी गिरने के दौरान एक व्यक्ति वहाँ से गुजर रहा था, जो चमत्कारिक ढंग से बाल-बाल बच गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित ठेकेदार के प्रति गहरा आक्रोश है, और लोग इसे सरकारी धन के सीधे-सीधे बंदरबांट और भ्रष्टाचार का मामला बता रहे हैं। ग्राम इटमा के नागरिकों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। वे दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने निर्माण कार्य की देखरेख करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और घटिया सामग्री के उपयोग पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने 21 जून को अपने स्थापना दिवस के अवसर पर देश के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।1
- सतना जिला मुख्यालय में वाहन चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस ने एक नाबालिग चालक को बाइक पर अवैध हूटर लगाकर सायरन बजाते हुए तथा नंबर प्लेट छुपाकर वाहन चलाते हुए पकड़ा। इस मामले में पुलिस ने चालक और उसके परिजनों को थाने बुलाकर चालानी कार्रवाई की और उनसे ₹2500 का समन शुल्क वसूला। यातायात पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई केवल नियम उल्लंघन पर जुर्माना ही नहीं, बल्कि युवाओं में बढ़ रही खतरनाक प्रवृत्ति के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी भी है। विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि रफ्तार, स्टाइल, स्टंट और सोशल मीडिया रील्स बनाने की होड़ में युवा वर्ग न सिर्फ अपनी, बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहा है। ऐसे मामलों में युवाओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाने और सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया है।1
- आज, दिनांक 24 जून 2026 को, जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में प्रातः काल के दिव्य दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने माता रानी के भव्य रूप का दर्शन लाभ प्राप्त किया।2
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के पद संभालने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने का मामला चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार और संबद्ध कंपनियों ने लगभग 168 एकड़ क्षेत्र में फैले 137 प्लॉट खरीदे हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि खरीदी गई कई जमीनें सरकारी परियोजनाओं और विकास योजनाओं के आसपास स्थित हैं। इस खुलासे के बाद भूमि खरीद और संभावित हितों के टकराव को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक स्थिति पर भी नजर बनी हुई है।1
- मैहर, मध्य प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष सोमदत्त साकेत ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज के लोगों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान सोमदत्त साकेत ने प्रभात द्विवेदी पर लगातार दलित समाज के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया, जिसके कारण समाज में नाराजगी और आक्रोश बढ़ रहा है। साकेत ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी वर्गों और समुदायों का सम्मान सर्वोपरि है, और किसी भी व्यक्ति या संगठन को किसी विशेष समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि अनुसूचित जाति समाज ने वर्षों तक अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया है। इसलिए, यदि समाज के लोगों के साथ भेदभाव, अपमान या अन्याय की कोई घटना सामने आती है, तो कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग इसका पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं हुआ और समाज के सम्मान पर लगातार आघात होता रहा, तो दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के लोग एकजुट होकर एक व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साकेत ने यह भी स्पष्ट किया कि समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए यह संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लड़ा जाएगा। प्रेस वार्ता में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता दिखाते हुए समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया, साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रेस वार्ता के बाद मैहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।1
- मध्यप्रदेश के सतना जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। अस्पताल के दवा वितरण काउंटर पर तैनात कर्मियों की योग्यता और कार्यप्रणाली को लेकर प्रश्नचिह्न लग गया है, जिससे जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र की संवेदनशीलता पर संदेह पैदा हो गया है। यह मामला एक वीडियो में सामने आया, जिसमें एक मरीज और दवा काउंटर पर बैठे कर्मचारी के बीच तीखी बहस हो रही थी। मरीज ने आरोप लगाया कि काउंटर पर मौजूद व्यक्ति काफी कम उम्र का था और उसे दवा वितरण की सही जानकारी नहीं थी। मरीज ने यह भी दावा किया कि कर्मचारी ने पहले दवा न होने की बात कही थी, जबकि बाद में उसी काउंटर से दवा उपलब्ध हो गई। इस घटना ने मरीजों और उनके परिजनों को कई सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने पूछा है कि क्या जिला अस्पताल में दवा वितरण जैसे संवेदनशील काम के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं हैं? साथ ही, कम उम्र के लोगों को इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे सौंपी जा रही है और क्या दवाओं की उपलब्धता को लेकर मरीजों को सही जानकारी नहीं दी जा रही है? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आम मरीजों को इलाज और दवा पाने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- मैहर जिले के नादन बरिया क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ सड़क पर अचानक एक विशाल यूकेलिप्टस (लिप्टिस) का पेड़ गिर गया। इस भयावह हादसे में एक बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, वहीं पेड़ की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल मैहर के जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और मामले की जाँच शुरू कर दी है।1