गुडाम्बा थाना क्षेत्र के अंतरगत जगराणी अस्पताल हॉस्पिटल के पास परशुराम नमक व्यक्ति करंट लगने से मौके पर हुई मौत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुडाम्बा थाना क्षेत्र के अंतरगत जगराणी अस्पताल हॉस्पिटल के पास परशुराम नमक व्यक्ति करंट लगने से मौके पर हुई मौत बताया जा रहा है कि परशुराम जी 15 से 20 साल से बिजली विभाग में वाह काम करते थे और रात में 12:30 से 1:00 बजे के आस-पास खंबे पर चढ़े जिसकी लाइन पूरी उचित तरीके से कटी नहीं थी थी वाह बिजली विभाग ने पुरी जानकारी कर्मचारी को नहीं दी जो कि अचानक करंट आने से मौके पर मौत हो गई परिवार का रोते बुरा हाल हो गया यहां के जनता से भी जब जानकारी ली तो उन्हें कहा कि विद्युत विभाग के कुछ कर्मचारी थे जो साथ में उनको छोड़कर चलेगे परिवारजनों का कहना है कि हमारी दो बेटियां हैं और इनकी शादी कौन करवाएगी और मौके पर विद्युत विभाग का कोई भी कर्मचारी देखने नहीं आया ना कोई बड़ा अधिकारी मौके पर मौजुद नही हुआ वही शिवानी विहार के चौकी प्रभारी और उनकी पूरी टीम मौके पर मौजुद राही
गुडाम्बा थाना क्षेत्र के अंतरगत जगराणी अस्पताल हॉस्पिटल के पास परशुराम नमक व्यक्ति करंट लगने से मौके पर हुई मौत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुडाम्बा थाना क्षेत्र के अंतरगत जगराणी अस्पताल हॉस्पिटल के पास परशुराम नमक व्यक्ति करंट लगने से मौके पर हुई मौत बताया जा रहा है कि परशुराम जी 15 से 20 साल से बिजली विभाग में वाह काम करते थे और रात में 12:30 से 1:00 बजे के आस-पास खंबे पर चढ़े जिसकी लाइन पूरी उचित तरीके से कटी नहीं थी थी वाह बिजली विभाग ने पुरी जानकारी कर्मचारी को नहीं दी जो कि अचानक करंट आने से मौके पर मौत हो गई परिवार का रोते बुरा हाल हो गया यहां के जनता से भी जब जानकारी ली तो उन्हें कहा कि विद्युत विभाग के कुछ कर्मचारी थे जो साथ में उनको छोड़कर चलेगे परिवारजनों का कहना है कि हमारी दो बेटियां हैं और इनकी शादी कौन करवाएगी और मौके पर विद्युत विभाग का कोई भी कर्मचारी देखने नहीं आया ना कोई बड़ा अधिकारी मौके पर मौजुद नही हुआ वही शिवानी विहार के चौकी प्रभारी और उनकी पूरी टीम मौके पर मौजुद राही
- लखनऊ एपिसोड 1 वन रेंज दुबग्गा क्षेत्र के फतेह नगर पंचायत भवन पास से लेफ्ट साइड कच्चा गलियर के आगे हरे पेड़ों पर 3 दिन पहले चला था आरा, काटे गए थे प्रतिबंधित पेड़ अभी तक वन दरोगा मोइन खान ने नहीं की कोई कार्यवाही पर्यावरण बचाने के लिए सरकार जहां फिक्रमंद हैं। वहीं अधिकारी डीएफओ सुधांशु पांडे, रेंजर सोनम दीक्षित, डिप्टी वन दरोगा मोइन खान और वन माली मुलायम सरकार की मंशा पर पानी फेरने पर तुले हुए हैं। वन विभाग टीम की मिली भगत से क्षेत्र में हरे पेड़ों पर बेधड़क आरा चल रहा है। और प्रतिबंधित पेड़ काटे जा रहे हैं। एपिसोड 2 , ताजा मामला ऑफिस खेड़ा में हुआ है साइड खड़ंजा गया हुआ है जाने वाले मार्ग पर। लगभग एक दर्जन प्रतिबंधित पेड़ों को काटकर धराशाई कर दिया गया। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या कार्यवाही होती है या फिर अधिकारियों को गुमराह करके ठेकेदार को बचाने का कार्य किया जाता है1
- खबर देवरिया से है, जहां आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। देवरिया के कसया रोड स्थित श्री श्याम मंदिर में रंग भरी एकादशी के पावन अवसर पर भव्य निशान यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा न्यू कॉलोनी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क स्थित हनुमान मंदिर से प्रातः शुरू हुई। भक्तों का जनसैलाब भक्ति गीतों और जयकारों के साथ जलकल रोड से होते हुए श्री श्याम मंदिर तक पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने निशान अर्पित कर अपनी आस्था व्यक्त की। इस खास मौके पर मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बताया जा रहा है कि सायंकाल मंदिर को छप्पन भोग के भव्य श्रृंगार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। वहीं, पूरी रात भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कलाकारों द्वारा भक्तों को भक्ति रस में डुबोया जाएगा। यह कार्यक्रम हरि इच्छा तक चलता रहेगा। फिलहाल, देवरिया में इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।1
- कानपुर से चिंताजनक वीडियो सामने आया है! जिसमें पुलिसकर्मी द्वारा अहंकार में छात्र के साथ की गई मारपीट की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, मामला किदवई नगर चौकी का बताया गया है। यह घटना न केवल छात्रों के मन में भय पैदा कर रही है, बल्कि कानपुर की जनता का पुलिस पर से विश्वास भी डगमगाने लगा है। ऐसे में हम Kanpur Commissioner Office UP Police से मांग करते है कि आरोपी पुलिसकर्मी पर उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सख्त कार्यवाही हो ताकि जनता का भरोसा बहाल हो सके और न्याय की भावना मजबूत बने।1
- रायबरेली | 28 फरवरी, 2026 रायबरेली के कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एकजुट हुए दो संगठनों के अध्यक्ष सार्वजनिक रूप से आपस में भिड़ गए। टीईटी (TET) की अनिवार्यता के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान 'क्रेडिट' लेने की इस होड़ ने शिक्षकों के अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रैली से शुरू हुआ सफर, टकराव पर हुआ खत्म हजारों की संख्या में शिक्षक महिला शिक्षक संघ और फेडरेशन ऑफ इंडिया (FI संघ) के बैनर तले विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाल रहे थे। शिक्षकों की मुख्य मांग पुरानी नियुक्तियों में टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की थी। लेकिन जैसे ही रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, मांगों की गंभीरता पर आपसी अहंकार भारी पड़ गया। विवाद की जड़: 'पहले मैं' की होड़ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मजिस्ट्रेट फरीद अहमद को ज्ञापन सौंपने के दौरान महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष और एफआई संघ के जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला के बीच पहले ज्ञापन देने को लेकर तीखी बहस शुरू हुई। तीखी नोकझोंक: देखते ही देखते दोनों गुटों के पदाधिकारी अपनी मर्यादा भूल गए और एक-दूसरे पर चिल्लाने लगे। मजिस्ट्रेट की कार्रवाई: बीच-बचाव करते हुए मजिस्ट्रेट ने दोनों नेताओं को फटकार लगाई और अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई 'किरकिरी' इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। लोग शिक्षकों के इस आचरण की आलोचना कर रहे हैं। आम चर्चा यह है कि जो गुरु समाज और बच्चों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हैं, वे खुद सार्वजनिक मंच पर संयम खो बैठे। "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षकों की जायज मांगें अब इस आपसी विवाद की छाया में दब गई हैं।" – एक स्थानीय नागरिक प्रमुख मांगें जिन पर होना था ध्यान विवादों के बीच शिक्षकों की वास्तविक मांगें निम्नलिखित थीं: शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट प्रदान की जाए। केंद्र और राज्य सरकार टीईटी संबंधी नियमावली में आवश्यक संशोधन करे। निष्कर्ष: इस घटना ने टीईटी विरोध की गंभीरता को काफी हद तक कम कर दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या ये संगठन अपनी साख बचाकर दोबारा एकजुट हो पाएंगे।2
- Post by Team Rohit Panday Rs Sharma patrakar Spn Sharma1
- Post by Ashish Bajpai (Ashubaj)1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुडाम्बा थाना क्षेत्र के अंतरगत जगराणी अस्पताल हॉस्पिटल के पास परशुराम नमक व्यक्ति करंट लगने से मौके पर हुई मौत बताया जा रहा है कि परशुराम जी 15 से 20 साल से बिजली विभाग में वाह काम करते थे और रात में 12:30 से 1:00 बजे के आस-पास खंबे पर चढ़े जिसकी लाइन पूरी उचित तरीके से कटी नहीं थी थी वाह बिजली विभाग ने पुरी जानकारी कर्मचारी को नहीं दी जो कि अचानक करंट आने से मौके पर मौत हो गई परिवार का रोते बुरा हाल हो गया यहां के जनता से भी जब जानकारी ली तो उन्हें कहा कि विद्युत विभाग के कुछ कर्मचारी थे जो साथ में उनको छोड़कर चलेगे परिवारजनों का कहना है कि हमारी दो बेटियां हैं और इनकी शादी कौन करवाएगी और मौके पर विद्युत विभाग का कोई भी कर्मचारी देखने नहीं आया ना कोई बड़ा अधिकारी मौके पर मौजुद नही हुआ वही शिवानी विहार के चौकी प्रभारी और उनकी पूरी टीम मौके पर मौजुद राही1
- जिला कांग्रेस कमेटी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर जिले के कांग्रेस नेताओं ने जिलाध्यक्ष विजय शेखर मल्ल ‘रोशन’ के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने टाउन हॉल स्थित पार्टी कार्यालय से निकल कर सुभाष चौक, सिविल लाइंस होते हुए कलेक्ट्री कचहरी में सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए पहुंचे। माननीय प्रधानमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सीमा पाण्डेय को सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्तमान प्रदेश भाजपा सरकार सही बात सुनना नही चाहती जो उन्हें सही सुझाव देता है, उसकी बात को दबाती है। सरकार द्वारा इसी हठधर्मिता के चलते उसके विरुद्ध मुखर होकर अपनी बात रखने वाले ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं उनके शिष्यों को अनावश्यक परेशान एवं प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है। जहां एक ओर कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के पुण्य अवसर पर पुलिस द्वारा उन्हें व उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका गया, उनके साथ आयें बटुकों की चोटी खिंच कर उन्हें अपमानित करते हुए थाने में लेजाकर प्रताड़ित करने का कार्य सरकार की सह पर किया गया। वही अब शंकराचार्य उनके शिष्य स्वामी मुकुदानन्द ब्रह्मचारी सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 धार्मिक स्वतंत्रता तथा धार्मिक संप्रदायों को अपने धार्मिक मामलों के प्रबन्ध का मौलिक अधिकार प्रदान करते है। शंकराचार्य का पद सनातन परम्परा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक है,जिसकी मान्यता एवं परम्परा ऐतिहासिक धार्मिक परिपाटियों द्वारा निर्धारित होती है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्तियों की पृष्ठभूमि, उनकी परिस्थितियां तथा सम्भावित प्रेरक तत्वों का निष्पक्ष परिक्षण एवं पारदर्शी जांच की मांग करते है। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस पूर्वी जोन के पूर्व अध्यक्ष सुयश मणि त्रिपाठी, मुकुंद भास्कर मणि, अब्दुल जब्बार, भरत मणि,जयप्रकाश धनगर, जिला प्रवक्ता संजीव कुमार मिश्रा, दीनदयाल यादव,चन्दन वर्मा,जुलेखा खातून, धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय, मार्कण्डेय मिश्रा, आलोक त्रिपाठी राजन, रत्नेश मल्ल पिंटू, रजनीश प्रसाद,मिर्जा खुर्शीद अहमद, सुभाष राय, विनोद दुबे,दीनदयाल प्रसाद, पन्नालाल पाठक, रमेश कुशवाहा,हर्षित सिंह, सत्य प्रताप मिश्रा अंशु,अंकुर भारती, जवाहरलाल बरनवाल, रीता देवी, राजकुमार यादव,बद्री नारायण दुबे, डॉ.सी.पी.चौहान, विनोद त्रिपाठी, राजकुमार बौद्ध, प्रेमलाल भारती, रमाशंकर यादव, पंकज कुमार,पटवा, इजहार आदि मौजूद थे।1