चौदस पर सिरसौद सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ेगी भीड़, तेज बहाव के बीच रपटा पार न करने की अपील शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव स्थित प्राचीन सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के रपटे पर महुअर नदी का पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। इसे देखते हुए सोमवार की शाम करीब 6 बजे ग्राम पंचायत सरपंच और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की गई। चौदस के अवसर पर सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पंचायत ने श्रद्धालुओं से कहा है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर तेज बहाव के बीच रपटा पार कर मंदिर में दर्शन करने न जाएं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नदी और रपटे पर पानी का बहाव कम होने के बाद ही आवागमन करें। किसी भी स्थिति में तेज बहाव के बीच रपटा पार करने का प्रयास न करें, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। चौदस पर सिरसौद सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ेगी भीड़, तेज बहाव के बीच रपटा पार न करने की अपील शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव स्थित प्राचीन सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के रपटे पर महुअर नदी का पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। इसे देखते हुए सोमवार की शाम करीब 6 बजे ग्राम पंचायत सरपंच और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की गई। चौदस के अवसर पर सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पंचायत ने श्रद्धालुओं से कहा है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर तेज बहाव के बीच रपटा पार कर मंदिर में दर्शन करने न जाएं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नदी और रपटे पर पानी का बहाव कम होने के बाद ही आवागमन करें। किसी भी स्थिति में तेज बहाव के बीच रपटा पार करने का प्रयास न करें, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
चौदस पर सिरसौद सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ेगी भीड़, तेज बहाव के बीच रपटा पार न करने की अपील शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव स्थित प्राचीन सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के रपटे पर महुअर नदी का पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। इसे देखते हुए सोमवार की शाम करीब 6 बजे ग्राम पंचायत सरपंच और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की गई। चौदस के अवसर पर सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पंचायत ने श्रद्धालुओं से कहा है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर तेज बहाव के बीच रपटा पार कर मंदिर में दर्शन करने न जाएं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नदी और रपटे पर पानी का बहाव कम होने के बाद ही आवागमन करें। किसी भी स्थिति में तेज बहाव के बीच रपटा पार करने का प्रयास न करें, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। चौदस पर सिरसौद सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ेगी भीड़, तेज बहाव के बीच रपटा पार न करने की अपील शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव स्थित प्राचीन सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर के रपटे पर महुअर नदी का पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। इसे देखते हुए सोमवार की शाम करीब 6 बजे ग्राम पंचायत सरपंच और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की गई। चौदस के अवसर पर सूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पंचायत ने श्रद्धालुओं से कहा है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर तेज बहाव के बीच रपटा पार कर मंदिर में दर्शन करने न जाएं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नदी और रपटे पर पानी का बहाव कम होने के बाद ही आवागमन करें। किसी भी स्थिति में तेज बहाव के बीच रपटा पार करने का प्रयास न करें, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
- नारी सम्मान को लेकर सर्व समाज करैरा ने उठाई आवाज, SDM को सौंपा आवेदन करैरा। नारी सम्मान और महिलाओं की गरिमा को लेकर गुरुवार को सर्व समाज करैरा में आक्रोश देखने को मिला। समाज के लोगों ने एकजुट होकर एसडीएम महोदय को आवेदन सौंपा और महिलाओं के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अभद्र मानसिकता रखने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की। आवेदन के माध्यम से सर्व समाज के लोगों ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और गरिमा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी व्यक्ति द्वारा महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी या अभद्र व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। सर्व समाज ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस दौरान समाज के लोगों में काफी आक्रोश नजर आया और उन्होंने नारी सम्मान के पक्ष में अपनी एकजुटता व्यक्त की। नारी सम्मान को लेकर सर्व समाज करैरा ने उठाई आवाज, SDM को सौंपा आवेदन करैरा। नारी सम्मान और महिलाओं की गरिमा को लेकर गुरुवार को सर्व समाज करैरा में आक्रोश देखने को मिला। समाज के लोगों ने एकजुट होकर एसडीएम महोदय को आवेदन सौंपा और महिलाओं के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अभद्र मानसिकता रखने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की। आवेदन के माध्यम से सर्व समाज के लोगों ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और गरिमा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी व्यक्ति द्वारा महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी या अभद्र व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। सर्व समाज ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस दौरान समाज के लोगों में काफी आक्रोश नजर आया और उन्होंने नारी सम्मान के पक्ष में अपनी एकजुटता व्यक्त की।1
- सरपंच ने जारी किया वीडियो, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद ग्राम पंचायत सरपंच अंतरसिंह लोधी ने गुरुवार सुबह 11 बजे एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी समाज के बारे में टीका-टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी टिप्पणी करता है तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि करीब दो दिन पहले जातिवाद को लेकर दो ऑडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद जिले के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और सामाजिक लोगों में आक्रोश है। इसी को लेकर सरपंच ने वीडियो जारी कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। सरपंच ने जारी किया वीडियो, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील सिरसौद। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद ग्राम पंचायत सरपंच अंतरसिंह लोधी ने गुरुवार सुबह 11 बजे एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी समाज के बारे में टीका-टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी टिप्पणी करता है तो उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि करीब दो दिन पहले जातिवाद को लेकर दो ऑडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद जिले के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है और सामाजिक लोगों में आक्रोश है। इसी को लेकर सरपंच ने वीडियो जारी कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।1
- *सरकारी योजनाओं का मिला संबल: स्वावलंबन की मिसाल बनीं कोलारस की अंगूरी धाकड़, बनीं 'लखपति दीदी'* केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संबल से ग्रामीण अंचल की महिलाएँ अब न केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही हैं, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' और 'सशक्त मध्य प्रदेश' के सपने को साकार कर रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल पेश की है जिला शिवपुरी, विकासखंड कोलारस, ग्राम पंचायत किलानी की निवासी अंगूरी धाकड़ ने, जिन्होंने सीमित संसाधनों से शुरुआत कर अपनी लगन और मेहनत के बल पर 'लखपति दीदी' बनने का गौरव हासिल किया है। *समूह से जुड़ाव और सिलाई से पहली शुरुआत* अंगूरी धाकड़ के जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत तब हुई जब वे आजीविका मिशन के 'लवकुश स्व सहायता समूह' से जुड़ीं। मिशन के तहत सिलाई का नि:शुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने समूह से ₹10,000 का पहला लोन लिया। इस राशि से सिलाई मशीन खरीदकर उन्होंने घर से ही कपड़े सिलने का काम शुरू किया, जिससे उन्हें रोजाना ₹200 से ₹300 की नियमित आय मिलने लगी और आत्मविश्वास बढ़ा। *ग्रामीण आजीविका मिशन: ₹50,000 के दूसरे लोन से मनयारी दुकान की स्थापना* सिलाई से हुई बचत और अनुभव के बल पर अंगूरी जी ने अपने काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह के माध्यम से ही ₹50,000 का दूसरा लोन प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने गाँव में किराए की दुकान लेकर मनयारी (जनरल स्टोर व प्रसाधन सामग्री) का व्यवसाय शुरू किया, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में और सुधार आया। *प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: ₹2 लाख के लोन से कपड़ा व्यवसाय का शुभारंभ* अंगूरी धाकड़ की लगन और व्यवसायिक क्षमता को देखते हुए उन्हें बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' के तहत 2 लाख रुपए का लोन स्वीकृत कराया गया। इस वित्तीय मदद से उन्होंने किराए की दुकान की निर्भरता समाप्त कर अपने घर में ही पक्की दुकान कर कपड़ा व्यवसाय (क्लॉथ स्टोर) शुरू किया। आज वे थोक बाजार से कपड़े लाकर बेचने के साथ-साथ सिलाई और मनयारी का काम भी सफलतापूर्वक चला रही हैं। *प्रतिमाह ₹15,000 से ₹18,000 की कमाई, बनीं 'लखपति दीदी'* केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के इस सफल संयोजन से आज अंगूरी धाकड़ विभिन्न व्यवसायों के माध्यम से प्रतिमाह ₹15,000 से ₹18,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं। कभी सीमित साधनों में जीवन बिताने वाली अंगूरी जी आज समाज में 'लखपति दीदी' के रूप में पहचान बनाकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। *प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार* अपनी सफलता का श्रेय केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों को देते हुए अंगूरी धाकड़ कहती हैं कि आजीविका मिशन और मुद्रा योजना के सहयोग से ही उनके लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना संभव हो सका है। उन्होंने महिलाओं के सर्वांगीण विकास और स्वावलंबन के लिए चलाई जा रही इन योजनाओं के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है1
- शिवपुरी में ‘खेलो इंडिया युवा संवाद’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन, खिलाड़ियों का सम्मान एवं प्रधानमंत्री का वर्चुअल संबोधन युवाओं को खेल, अनुशासन, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘खेलो इंडिया युवा संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन नोडल स्कूल हैप्पी डेज स्कूल एवं बाल शिक्षा निकेतन स्कूल में किया गया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और मेरा युवा भारत के संयुक्त तत्त्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के युवाओं, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। *प्रधानमंत्री श्री मोदी का वर्चुअल संबोधन एवं प्रेरणादायी संदेश* कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल जुड़ाव रहा। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी स्क्रीन के माध्यम से उपस्थित युवाओं और 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री जी का संबोधन ध्यानपूर्वक सुना। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि खेलो इंडिया युवा संवाद के सफल कार्यक्रम के लिए मैं सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। टेक्नोलॉजी के माध्यम से राज्य सरकार के अनेक मंत्रियों, संसद में मेरे सहयोगियों और माय भारत के लाखों वॉलंटियर्स का भी हृदय से अभिनंदन करता हूँ। 29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे है, खेल जगत से जुड़े सभी साथियों को खेल दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं। यह दिन माँ भारती की महान संतान मेजर ध्यानचंद जी को याद करने का भी अवसर है। उन्होंने आगे मेजर ध्यानचंद जी के ऐतिहासिक योगदान का स्मरण कराते हुए खेल और फिटनेस को स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण की धुरी बताया। *विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति एवं प्रतिभाओं का सम्मान* इस भव्य कार्यक्रम में भारत सरकार के खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्रालय के दिशानिर्देशानुसार कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। जिसमें मुख्य अतिथि श्री विपुल जैमिनी एवं श्री अमरदीप शर्मा, विशेष अतिथि अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मुस्क़ान शेख, खेल विभाग के अधिकारी डॉ. के. के. खरे, श्री गिरीश मिश्रा, श्री कमल सिंह बाथम तथा श्री महेंद्र उपाध्याय शामिल है। कार्यक्रम के दौरान खेलो इंडिया स्कीम और खेलों के नए आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उदीयमान एवं प्रतिभावान खिलाड़ियों को शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिले के सभी खेल प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के उत्साह से पूरा वातावरण खेलमय और ऊर्जावान बना रहा1
- आपसी सौहार्द और भाईचारे से मनाएं आगामी त्योहार, अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस रखेगी पैनी नजर भितरवार। आगामी ईद मिलाद-उन-नबी , रक्षाबंधन , श्री कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी सहित अन्य प्रमुख त्योहारों को शांति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। एसडीओपी गगन हनवत की अध्यक्षता में हुई इस शांति समिति की बैठक में अधिकारियों ने साफ किया कि भितरवार की गंगा-जमुनी तहजीब को नुकसान पहुंचाने वाली हर गतिविधि पर पुलिस की सख्त नजर रहेगी। बैठक को संबोधित करते हुए एसडीओपी गगन हनवत ने कहा कि सभी धर्मों के त्योहार समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश देते हैं। भितरवार की ऐतिहासिक और आपसी भाईचारे की परंपरा को कायम रखते हुए सभी लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पैनी नजर होने की बात कहते हुए सख्त चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक टिप्पणी या भ्रामक बयान देकर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने का प्रयास न करे। ऐसा करने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन अत्यंत सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। बैठक में उपस्थित शांति समिति के सदस्यों ने भी पुलिस और प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर तैरने वाली किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि कोई संदिग्ध या भड़काऊ सामग्री नजर आती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा और कानून- व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने की बात कही है। इस मौके पर नगर के गणमान्य नागरिक , जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु व पत्रकार बन्धु उपस्थित रहे ।2
- झांसी में आसमानी आफत: गरौठा में भारी बारिश से बाढ़ के हालात, पानी के बीच फंसी ओमनी वैन सवारियों की थमी सांसें1
- *भांडेर में लगातार बारिश से बेहाल, पहूज नदी खतरे के निशान से ऊपर, रिपटा पुल डूबा*1
- शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है। शिवपुरी: नोहरी कला का मुक्तिधाम बदहाल, बारिश में अंतिम संस्कार करना बना चुनौती शिवपुरी। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नोहरी कला का मुक्तिधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश के मौसम में यहां अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मुक्तिधाम में लगा टीन शेड पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बारिश का पानी सीधे चिता स्थल तक पहुंच रहा है। ऐसे हालात में बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 10×10 फीट के छोटे से टीन शेड में एक साथ दो चिताओं के अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी नहीं हो पाती। बारिश के दौरान चारों तरफ से पानी आने के कारण चिता जलाने में भी परेशानी होती है। कई बार ग्रामीणों को चिता जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और टायर-ट्यूब तक का सहारा लेना पड़ता है। बारिश के पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों को तिरपाल लगाकर अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। सवाल यह है कि जहां इंसान की अंतिम यात्रा को सम्मानपूर्वक विदाई मिलनी चाहिए, वहां भी यदि ऐसी बदहाली हो तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मुक्तिधाम का तत्काल निरीक्षण कर जर्जर टीन शेड को दुरुस्त कराया जाए, पर्याप्त शेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बारिश के मौसम में किसी परिवार को अपने प्रियजन के अंतिम संस्कार के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आखिर सवाल सिर्फ एक मुक्तिधाम का नहीं, बल्कि मृतक को अंतिम सम्मान देने की व्यवस्था का है।1