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अमारी टोले के निरंजन विगहा ने भव्य दुगोला चैता कार्यक्रम का हुआ आयोजन।
Sukhendra kumar
अमारी टोले के निरंजन विगहा ने भव्य दुगोला चैता कार्यक्रम का हुआ आयोजन।
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- Post by Sukhendra kumar1
- रफीगंज प्रखंड के कासमा थाना क्षेत्र अंतर्गत बटुरा गांव में ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को बटुरा गांव में मिट्टी भराव कार्य के दौरान एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से पिपराही गांव निवासी 27 वर्षीय जयशंकर यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान शुक्रवार की रात करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि जयशंकर यादव मजदूरी का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे दो पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गए हैं। उनकी शादी वर्ष 2020 में हुई थी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।1
- हसपुरा ब्लॉक परिसर स्थित बुनियाद केंद्र में बृद्धजन संघ की बैठक हुई।जहाँ बुनियाद केंद्र में निशुल्क आँख जांच चल रहा है1
- मुड़ेरा गांव में हाई वोल्टेज तार की चिंगारी से 11 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, किसान बेहाल कोंच प्रखंड क्षेत्र के परसामा पंचायत अंतर्गत मुड़ेरा गांव जंगली विघा बाधार में बिजली के शॉर्ट सर्किट ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया। शुक्रवार को एगारह हजार वोल्ट के हाई वोल्टेज तार के आपस में टकराने से निकली चिंगारी ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में भीषण आग लगा दी। इस अगलगी में देखते ही देखते करीब 11 बीघा में लगी फसल जलकर राख हो गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों में अफरा-तफरी मच गई। पैक्स अध्यक्ष बिपिन शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और दमकल विभाग को सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल और ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया, जिससे अन्य किसानों की फसलें जलने से बच गईं। पैक्स अध्यक्ष ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा शॉर्ट सर्किट में गांव के कई किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। जिसमें अटल बिहारी पिता: कौशल सिंह 5 बीघा गेहूं,सकलेश शर्मा पिता: सागु सिंह 2 बीघा गेहूं,बालकुमार यादव पिता: स्व. कैलाश यादव 1 बीघा गेहूं,सुरेश यादव पिता: स्व. सिद्धनाथ यादव 1 बीघा गेहूं,ब्रजेश यादव पिता: स्व. वैद्यनाथ यादव 1 बीघा गेहूं,अगम कुमार पिता: स्व. कमलेश यादव 1 बीघा गेहूं,संजय यादव के एक विघा गेहूं जल कर राख हो गया। थानाध्यक्ष सुदेह कुमार ने बताया कि मुझे जैसे ही आग लगने की जानकारी हुई वैसे दमकल विभाग को भेजवाया हुं।पीड़ित किसानों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर रोष व्यक्त किया है। किसानों का कहना है कि ढीले तारों के कारण आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। प्रभावित किसानों ने प्रशासन और सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है ताकि वे इस आर्थिक संकट से उबर सकें।1
- Post by Pawan Raj1
- अरवल। कहते हैं की शादी विवाह बड़ा ही पवित्र रिश्ता होता है लेकिन यह तब और ज्यादा दर्दनाक बन जाता है जब एक बिटिया की विदाई मां-बाप खुशी-खुशी अपने मायके से करते हैं लेकिन वही बिटिया ससुराल से जब विदा होती है तो अर्थी में लिपट कर आती है और इस दुनिया को अलविदा कर देती है घटना अरवल जिले के मोथा गांव का है जहां ज्योति कुमारी नामक लड़की जो की कुतलुपुर थाना अलीपुर गया जिला की निवासी है जिसकी शादी अभिषेक कुमार पिता दीनानाथ शर्मा से 2 वर्ष पहले होती है खुशी-खुशी लड़की के पिता और परिवार लड़की को विदा करते हैं विदा के बाद कुछ दिनों तक सब कुछ खुशनुमा माहौल में चलते रहता है लेकिन फिर कहता है परिवार की लड़की के साथ मार पीट हो ताने देने का काम बीच-बीच में होने लगता है और एक दिन ऐसा भी आता है जब लड़की की हत्या कर दी जाती है जबकि ससुराल पक्ष के लोगों का कहना है कि एक्सीडेंट में लड़की की मौत हो गई अब मामले की सच्चाई क्या है या तो पुलिसिया जांच के बाद ही क्लियर हो पाएगा लेकिन या दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में मातम सा माहौल फैल गया है और लड़की के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है1
- एक ओर सरकार शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की सच्चाई बयां कर रही है। अरवल प्रखंड क्षेत्र के दिरपाल विगहा स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय इसका ताजा उदाहरण है, जहां विद्यालय भवन के अभाव में बच्चों की पढ़ाई मंदिर के चबूतरे पर कराई जा रही है। यह दृश्य न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि सरकारी दावों की पोल भी खोलता नजर आता है। मामला तब और गंभीर हो गया जब नक्षत्र न्यूज की टीम विद्यालय का जायजा लेने पहुंची। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय में पदस्थापित एक शिक्षिका बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थीं। जब इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य से पूछा गया, तो उन्होंने भी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षिका के बारे में कोई जानकारी नहीं है। विद्यालय के प्राचार्य जगन्नाथ खत्री ने बताया कि नामांकन पंजी में कुल 49 छात्रों का नाम दर्ज है और उन्हें पढ़ाने के लिए 4 शिक्षक पदस्थापित हैं। बावजूद इसके, भवन के अभाव में बच्चों को उचित शिक्षा उपलब्ध कराना बेहद मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब स्कूल के लिए भवन तक उपलब्ध नहीं है और शिक्षक भी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं, तो आखिर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सरकारी दावे कितने सार्थक हैं।1
- Post by Sukhendra kumar1