अनूपपुर के जैतहरी स्थित एम.बी. पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राखड़) के परिवहन को लेकर अब स्थानीय स्तर पर जनाक्रोश प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर खुलकर सामने आ गया है। क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, ओवरलोड वाहनों की बेलगाम आवाजाही, उड़ती राख से फैलते प्रदूषण और सड़कों की बदहाली जैसे गंभीर मुद्दों पर विधायक बिसाहूलाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष हीरा सिंह श्याम, नगर परिषद जैतहरी अध्यक्ष उमंग अनिल गुप्ता और नगर पालिका परिषद पसान अध्यक्ष रामअवध सिंह ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि एम.बी. पावर प्लांट से प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहन फ्लाई ऐश लेकर निकलते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में वाहन अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक भार के साथ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन ओवरलोड ट्रकों को ‘यमराज’ बनकर दौड़ने वाला बताया गया है, जो सड़क सुरक्षा और आम लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। जैतहरी से पसान तक का मार्ग, जहाँ कई गाँव, कस्बे, घनी आबादी वाले क्षेत्र, स्कूल, बाजार और सार्वजनिक संस्थान स्थित हैं, इन वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का अड्डा बन गया है। आरोप है कि कई परिवार सड़क हादसों में अपने परिजनों को खो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित है। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कें फ्लाई ऐश परिवहन के चलते जर्जर हो चुकी हैं, जहाँ जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और सफर करना मुश्किल हो गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष हीरा सिंह श्याम और नगर पालिका अध्यक्ष रामअवध सिंह ने अपने ज्ञापनों में इस बात पर भी जोर दिया है कि कई वाहन बिना ढंके फ्लाई ऐश का परिवहन कर रहे हैं, जिससे राख उड़कर आसपास के गाँवों और बस्तियों में फैल रही है। इससे लोगों को साँस संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने नियमित पानी के छिड़काव और पूरी तरह ढंके वाहनों से परिवहन सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने अनूपपुर और बिजुरी की तर्ज पर जैतहरी और पसान क्षेत्र में भी भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने तथा सड़क किनारे खड़े होने वाले बल्कर, ट्रेलर और हाईवा वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल विकसित करने की मांग की है। विधायक एवं पूर्व मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने परिवहन व्यवस्था में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करने और क्षेत्रीय हितों की अनदेखी न करने की बात कहते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराने तथा ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाने की माँग की है। सूत्रों के अनुसार, फ्लाई ऐश परिवहन व्यवस्था में कुछ ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और सार्वजनिक संपत्तियों को भी क्षति पहुँच रही है। इन आरोपों की हालांकि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और एम.बी. पावर प्लांट प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि ओवरलोडिंग, प्रदूषण और अव्यवस्थित परिवहन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में जनआंदोलन की स्थिति भी बन सकती है।
अनूपपुर के जैतहरी स्थित एम.बी. पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राखड़) के परिवहन को लेकर अब स्थानीय स्तर पर जनाक्रोश प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर खुलकर सामने आ गया है। क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, ओवरलोड वाहनों की बेलगाम आवाजाही, उड़ती राख से फैलते प्रदूषण और सड़कों की बदहाली जैसे गंभीर मुद्दों पर विधायक बिसाहूलाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष हीरा सिंह श्याम, नगर परिषद जैतहरी अध्यक्ष उमंग अनिल गुप्ता और नगर पालिका परिषद पसान अध्यक्ष रामअवध सिंह ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि एम.बी. पावर प्लांट से प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहन फ्लाई ऐश लेकर निकलते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में वाहन अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक भार के साथ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन ओवरलोड ट्रकों को ‘यमराज’ बनकर दौड़ने वाला बताया गया है, जो सड़क सुरक्षा और आम लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। जैतहरी से पसान तक का मार्ग, जहाँ कई गाँव, कस्बे, घनी आबादी वाले क्षेत्र, स्कूल, बाजार और सार्वजनिक संस्थान स्थित हैं, इन वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का अड्डा बन गया है। आरोप है कि कई परिवार सड़क हादसों में अपने परिजनों को खो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित है। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कें फ्लाई ऐश परिवहन के चलते जर्जर हो चुकी हैं, जहाँ जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और सफर करना मुश्किल हो गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष हीरा सिंह श्याम और नगर पालिका अध्यक्ष रामअवध सिंह ने अपने ज्ञापनों में इस बात पर भी जोर दिया है कि कई वाहन बिना ढंके फ्लाई ऐश का परिवहन कर रहे हैं, जिससे राख उड़कर आसपास के गाँवों और बस्तियों में फैल रही है। इससे लोगों को साँस संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने नियमित पानी के छिड़काव और पूरी तरह ढंके वाहनों से परिवहन सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने अनूपपुर और बिजुरी की तर्ज पर जैतहरी और पसान क्षेत्र में भी भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने तथा सड़क किनारे खड़े होने वाले बल्कर, ट्रेलर और हाईवा वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल विकसित करने की मांग की है। विधायक एवं पूर्व मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने परिवहन व्यवस्था में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करने और क्षेत्रीय हितों की अनदेखी न करने की बात कहते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराने तथा ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाने की माँग की है। सूत्रों के अनुसार, फ्लाई ऐश परिवहन व्यवस्था में कुछ ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और सार्वजनिक संपत्तियों को भी क्षति पहुँच रही है। इन आरोपों की हालांकि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और एम.बी. पावर प्लांट प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि ओवरलोडिंग, प्रदूषण और अव्यवस्थित परिवहन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में जनआंदोलन की स्थिति भी बन सकती है।
- भरतपुर की ग्राम पंचायत बड़गांवखुर्द में आयोजित जिला स्तरीय सुशासन तिहार 2026 शिविर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पूर्व ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत एक विशेष शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों तथा जिला व ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। समाज कल्याण विभाग की अगुवाई में सभी उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने विशेष रूप से तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करने तथा दूसरों को भी नशे के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। इस अवसर पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशा स्वास्थ्य, परिवार और समाज, तीनों के लिए घातक है। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रखने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु सामूहिक प्रयासों को बल देने पर विशेष जोर दिया गया।1
- राजधानी रायपुर में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित वाणी वाचन बहु-प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र में विशेष थैरेपी प्राप्त कर रहे दिव्यांग बच्चों से हाल ही में आत्मीय मुलाकात की गई। इस दौरान बच्चों के साथ स्नेहपूर्ण संवाद स्थापित करते हुए उनकी गतिविधियों और प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। यह केंद्र लगभग 70 दिव्यांग बच्चों को विशेष शिक्षा, थैरेपी और पुनर्वास संबंधी सेवाएं प्रदान कर रहा है, जिसके लिए 30 से अधिक प्रशिक्षित शिक्षक कार्यरत हैं। केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया गया। मुलाकात के समय बच्चों में उत्साह, आत्मविश्वास और सीखने की प्रबल लगन स्पष्ट रूप से देखी गई। केंद्र द्वारा दिव्यांग बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई, और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।1
- उमरिया, मध्य प्रदेश में कलेक्टर राखी सहाय ने सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।1
- कोरिया जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 30 मई, 2026, एक ऐतिहासिक दिन रहा, जब प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बैकुंठपुर स्थित जिला अस्पताल परिसर में नवीन शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय का भूमिपूजन किया। इसी अवसर पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अटल आरोग्य लैब और नव निर्मित दवा वितरण कक्ष का लोकार्पण भी किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि लगभग 8.23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह नर्सिंग महाविद्यालय क्षेत्र के युवाओं के लिए नर्सिंग शिक्षा के नए द्वार खोलेगा, जिससे उन्हें अब पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों या राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्माणाधीन जिला अस्पताल भवन के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए 23 करोड़ 59 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत होने की जानकारी भी दी। मंत्री ने अटल आरोग्य लैब को जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह आधुनिक प्रयोगशाला एक बार में लगभग 110 नमूनों की जांच कर सकेगी और इसमें 136 प्रकार की विभिन्न जांचें पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को महंगी निजी लैबों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। श्री जायसवाल ने यह भी घोषणा की कि कोरिया जिले के नए जिला अस्पताल भवन का लोकार्पण 31 मई, 2027 को किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य कोरिया को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक मॉडल जिला बनाना है, जहाँ लोगों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों के उपयोग और बीमारी की समय पर पहचान पर जोर दिया, साथ ही भविष्य में डॉक्टरों की अनुपलब्धता की स्थिति में भी त्वरित उपचार सुनिश्चित करने की व्यवस्था विकसित करने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता पर जोर देते हुए उन्होंने अनियमितता या भ्रष्टाचार की शिकायत पर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा ऑनलाइन प्रणाली को बढ़ावा देने का उल्लेख किया। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की योजना भी बताई गई, जिससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और जिला अस्पताल पर दबाव कम हो। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैकुंठपुर विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े ने जिले में डेंटल कॉलेज की स्थापना की मांग रखी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के प्रयासों पर जोर दिया। जिला कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि नर्सिंग कॉलेज से युवाओं को सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोरिया की एक नई पहचान बनेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित राम पैकारा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र प्रसाद वैद्य, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नविता शिवहरे, जनपद अध्यक्ष सोनहत श्रीमती आशा देवी सोनपाकर, स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष श्रीमती सुषमा कोराम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह, सिविल सर्जन डॉ आयुष जायसवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरवासी उपस्थित रहे।2
- पेंड्रा रोड क्षेत्र के लोगों के लिए नौतपा और भीषण गर्मी से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। आज पेंड्रा रोड में भारी बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। यह स्थिति सभी के लिए खुशी की बात है, क्योंकि भीषण गर्मी के बाद इस बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को राहत मिली है।1
- मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उनके भाई, गोटेगांव विधायक जालम सिंह पटेल ने लगभग 250 सहयोगी एवं शुभेच्छु जनों के साथ मिलकर शुक्रवार (29 मई 2026) और शनिवार (30 मई 2026) को पवित्र मां नर्मदा के तटों पर एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया। यह अभियान प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। शुक्रवार को अमरकंटक के रामघाट क्षेत्र में नर्मदा स्वच्छता अभियान चलाया गया, जबकि शनिवार को प्रातः 8 बजे से नर्मदा उद्गम क्षेत्र स्थित पुष्कर बांध के उत्तर एवं दक्षिण तट और उसके नीचे स्थित माधव सरोवर बांध में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक जालम सिंह पटेल और सागर, दमोह, नरसिंहपुर, गोटेगांव तथा गाडरवारा से आए लगभग 250 सहयोगियों ने नदी एवं बांध के भीतर उतरकर श्रमदान किया। स्वच्छता कार्य में नदी में जमी घास, जलकुंभी तथा श्रद्धालुओं द्वारा फेंके गए कचरे को निकालकर बाहर किया गया। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और विधायक जालम सिंह पटेल अपने सहयोगियों के साथ पूरे उत्साह, उमंग और समर्पण भाव से कंधे से कंधा मिलाकर सफाई करते रहे। उन्होंने बिना किसी संकोच के स्वयं नदी में उतरकर श्रमदान किया और उपस्थित लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि "मां नर्मदा हमारी जननी है। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी पुत्रों का कर्तव्य है। नर्मदा स्वच्छ और अविरल रहेगी तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित रहेगा।" उन्होंने उपस्थित जनों से नर्मदा तटों को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान के दौरान दोनों जनप्रतिनिधि लगातार कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का उत्साहवर्धन करते रहे तथा उन्हें नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण का महत्व समझाते रहे। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं विधायक जालम सिंह पटेल को नर्मदा भक्त एवं नर्मदा पुत्र के रूप में जाना जाता है, जिनकी मां नर्मदा के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था रही है। उल्लेखनीय है कि वे प्रतिवर्ष नर्मदा स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए श्रमदान करते रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2024-25 में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों से यह अभियान आयोजित नहीं हो सका था, किंतु इस वर्ष पुनः बड़े स्तर पर अभियान चलाकर दोनों बंधुओं ने नर्मदा संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।1
- मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 2 बराती क्षेत्र में, शाम लगभग 4 बजे, तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार वर्षा के दौरान बिजली की चपेट में आने से एक युवक और एक युवती की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलसकर मृत्यु हो गई। वहीं, एक अन्य किशोरी भी इस घटना में घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 2 बराती में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर तीनों अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से 18 वर्षीय हर्ष टांडिया और 17 वर्षीय आरती वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 17 वर्षीय राधा भी बिजली की चपेट में आकर घायल हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने हर्ष टांडिया और आरती वर्मा को मृत घोषित कर दिया। घायल राधा का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1