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कुशलगढ़ में अमृत जल योजना बनी मुसीबत: अधूरी खुदाई से धूल, जाम और बढ़ा जनआक्रोश कुशलगढ़ में अमृत जल योजना के तहत 3 करोड़ 75 लाख रुपए की पाइपलाइन डालने का कार्य दो माह पहले शुरू हुआ, लेकिन सड़क खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया। थांदला मार्ग पर फैली मिट्टी से लगातार धूल उड़ रही है, जिससे व्यापारियों व रहवासियों को भारी परेशानी हो रही है और सामान खराब हो रहा है। सड़क पर मिट्टी के ढेरों से मार्ग संकरा होने के कारण रोज जाम लग रहा है और आवागमन बाधित हो रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से आमजन में आक्रोश बढ़ रहा है। जगदीश पटेल, अश्विन कोठारी, अनिल नाहटा व अशोक जोशी ने धूल, व्यापार प्रभावित होने और स्वास्थ्य खतरे की समस्या बताई। अमर सिंह ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी आंदोलन करेंगे।
वागड़ न्यूज नेटवर्क
कुशलगढ़ में अमृत जल योजना बनी मुसीबत: अधूरी खुदाई से धूल, जाम और बढ़ा जनआक्रोश कुशलगढ़ में अमृत जल योजना के तहत 3 करोड़ 75 लाख रुपए की पाइपलाइन डालने का कार्य दो माह पहले शुरू हुआ, लेकिन सड़क खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया। थांदला मार्ग पर फैली मिट्टी से लगातार धूल उड़ रही है, जिससे व्यापारियों व रहवासियों को भारी परेशानी हो रही है और सामान खराब हो रहा है। सड़क पर मिट्टी के ढेरों से मार्ग संकरा होने के कारण रोज जाम लग रहा है और आवागमन बाधित हो रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से आमजन में आक्रोश बढ़ रहा है। जगदीश पटेल, अश्विन कोठारी, अनिल नाहटा व अशोक जोशी ने धूल, व्यापार प्रभावित होने और स्वास्थ्य खतरे की समस्या बताई। अमर सिंह ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी आंदोलन करेंगे।
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- सागवाड़ा कचरा घाटी में भीषण आग, घंटों मशक्कत के बाद भी नहीं बुझी—नगर पालिका पर उठे सवाल Sagwara। नगर पालिका क्षेत्र की कचरा घाटी स्थित कचरा निस्तारण केंद्र पर गुरुवार सुबह भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि सुबह करीब 11 बजे तक चार फायर ब्रिगेड की टीम लगातार पानी की बौछार करती रही, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। आग से उठ रहे घने धुएं के कारण कचरा घाटी के पास आरा मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि सड़क पर चल रहे वाहन तक दिखाई नहीं दे रहे थे, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहा। इस घटना ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा निस्तारण केंद्र पर लंबे समय से कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं किया जा रहा, जिससे कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं और इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। वहीं, कचरा घाटी में सैकड़ों गौवंश के मौजूद होने की बात भी सामने आई है, जो यहां फैले कचरे में से पॉलिथीन खाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। यह स्थिति नगर पालिका की लापरवाही को उजागर करती है। आग लगने के कारणों को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर आग कैसे लगी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन मार्च माह के अंत में कचरा निस्तारण के ठेके की अवधि पूरी होने के चलते ठेकेदार की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन आग पर काबू पाने में जुटा हुआ है, लेकिन इस घटना ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- ब्यूरो चीफ अनिल जटिया प्रतापगढ़ वार्ड नंबर 3: बस्तियों में विकास में भेदभाव की शिकायत प्रतापगढ़ नगर के वार्ड नंबर 3 की कच्ची बस्तियों में विकास कार्यों को लेकर निवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मेहताब साहब दरगाह बस्ती और अन्य बस्तियों के लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत, शौचालय निर्माण, पानी की आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं के मामले में पिछले कई वर्षों से भेदभाव किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कई कार्यकालों में उनकी बस्तियों में विकास कार्य नहीं किए गए, जबकि अन्य क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचाई गईं। विशेष रूप से, राजीव कॉलोनी के मामले में आरोप है कि केंद्र सरकार से स्वीकृत योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को मकान मिलना था। लेकिन वास्तविक शिलान्यास के बजाय डेढ़ किलोमीटर दूर अलग स्थान पर निर्माण किया गया। इसके अलावा, नई पट्टे योजना और पीएम आवास के लाभ भी कई वर्षों से निवासियों को नहीं दिए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि डिजिटल युग में भी ऐसे भेदभाव खुले तौर पर दिखाई दे रहे हैं और पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत लाभार्थियों को भुगतान नहीं किया गया। निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि वार्ड नंबर 3 की बस्तियों में समान और पारदर्शी विकास कार्य सुनिश्चित किए जाएं, ताकि मूलभूत सुविधाएं सभी तक पहुँच सकें।2
- बांसिया गांव में रावला परिसर में चल रही संगीतमय राम कथा के छठे दिन बुधवार को भरत मिलाप का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया। कथा के दौरान राम वनवास, राजा दशरथ की मृत्यु और भरत के त्याग व समर्पण की कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बांसिया में आयोजित संगीतमय राम कथा के छठे दिन व्यासपीठ से पूज्य श्याम महाराज ने रामायण के अत्यंत भावुक प्रसंग ‘भरत मिलाप’ का विस्तार से वर्णन किया। कथा में बताया गया कि जब भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण वनवास के लिए अयोध्या से प्रस्थान करते हैं, तो उनके वियोग में अयोध्या नगरी शोक में डूब जाती है। इस दुःखद परिस्थिति में राजा दशरथ अपने प्रिय पुत्र राम के वियोग को सहन नहीं कर पाते और अंततः उनका देहांत हो जाता है। श्याम महाराज ने कहा कि जब भरत को इस घटना का पता चलता है, तो वे अत्यंत दुखी होकर राम को वापस अयोध्या लाने के लिए वन की ओर प्रस्थान करते हैं। भरत का अपने बड़े भाई के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण आज के समाज के लिए एक आदर्श उदाहरण है। कथा में आगे बताया गया कि भरत ने भगवान राम से अयोध्या लौटकर राज्य संभालने की विनती की, लेकिन भगवान राम ने पिता की आज्ञा और वचन पालन को सर्वोपरि मानते हुए वनवास पूरा करने का निर्णय दोहराया। इस पर भरत ने राम की चरण पादुका मांगकर उन्हें अयोध्या की राजगद्दी पर स्थापित किया और स्वयं एक सेवक की भांति राज्य का संचालन किया। व्यासपीठ से श्याम महाराज ने बताया कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि जीवन में कर्तव्य, वचनबद्धता और परिवार के प्रति समर्पण सबसे बड़ा धर्म है। आज के समय में जब रिश्तों में स्वार्थ बढ़ रहा है, ऐसे में भरत और राम का आदर्श जीवन हमें त्याग, प्रेम और मर्यादा का मार्ग दिखाता है। कथा के दौरान बीच-बीच में प्रस्तुत मधुर भजनों ने वातावरण को पूर्ण रूप से राममय बना दिया, जिससे श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। छठे दिन की कथा के यजमान महिपाल सिंह चौहान बनकोडा रहे, जिन्होंने अपनी धर्मपत्नी के साथ विधिवत व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति भाव से कथा का रसपान किया।1
- धंबोला। सीता राम सेवा मंडल, धंबोला के तत्वावधान में रामजन्मोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को राममय बना दिया। 25 मार्च, बुधवार को प्रातः 9 बजे अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ हुआ, जो अगले दिन 26 मार्च को प्रातः 10 बजे पूर्णाहुति हवन, आरती एवं प्रसादी वितरण के साथ संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने पूरे समय भक्ति भाव से सहभागिता निभाई। 26 मार्च, गुरुवार को प्रातःकालीन धार्मिक वातावरण के बीच दोपहर 12:30 बजे राम नवमी पूजा, आरती एवं खीर प्रसाद वितरण किया गया। इसके पश्चात शाम 4 बजे सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शाम 6 बजे भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय कर दिया। शोभायात्रा में भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण गूंज उठा। रात्रि 7:30 बजे बालकों को पारितोषिक वितरण, महाआरती एवं बूंदी के लड्डू का प्रसाद वितरण किया गया। इस आयोजन में विभिन्न सहयोगकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। श्री बागेश्वर सेवा समिति द्वारा 25 किलोग्राम शक्कर के लड्डू का भोग अर्पित किया गया। खीर प्रसादी के यजमान भावेश गौरीशंकर पंड्या रहे। संजय प्रवीण चंद्र पंड्या द्वारा संपूर्ण फूलों की व्यवस्था की गई। दो दिवसीय आयोजन में शीतल पेय की व्यवस्था विपिन रमेश चंद्र पंड्या द्वारा की गई। साथ ही खुशी टेंट, धंबोला का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पूरे आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक एकता, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने का संदेश दिया।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का मां नर्मदा की दार्शनिक स्थलों का सीधा प्रसारण आज का बुलेटिन मां नर्मदा को समर्पित । विश्व का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल अमरकंटक जो प्रकृतिक सौंदर्य की छठ ओड हुए हैं। जन जंगल जमीन अपार भंडार होने के बाद । धिक्कार है मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जो केंद्र में इस समय मंत्री हैं उन पर्यटक स्थलों पर रोड़ों का निर्माण नहीं करवाया ।वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव गंगा मां के गुण गाते फिरते हैं। लेकिन पगडंडिया सीमेंटेड नहीं बनवा पा रहे हैं। वही यहां की आदिवासी सांसद का भी ध्यान नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा के भक्ति है मां जमुना के भक्ति है मां नर्मदा के भक्ति है । इतने बड़े तीर्थराज को वह क्यों नहीं डवलप करवा पा रहे हैं। जैन समाज के अरबपति करोड़पति राजनेता सांसद विधायक और केंद्र में मंत्री पीयूष गोयल क्यों नहीं कर पा रहे अमरकंटक तीर्थ स्थल का प्रधानमंत्री से कहकर विकास। इस विश्व विख्यात भगवान आदिनाथ के सर्वोदय तीर्थ के और मां नर्मदा के उद्गम के और अन्य पर्यटक स्थलों को देखने के लिए उनकी रोड़ों की जर्जर हालत और उनकी पगडंडियों के सुधार के लिए।1
- Post by Parmeshvar redash2
- तलवाड़ा क्षेत्र के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर श्रद्धा का विशाल संगम देखने को मिला। मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया गया। अध्यक्ष धुलजी भाई के नेतृत्व में आयोजन सुव्यवस्थित रहा। महामंत्री नटवर लाल पंचाल लिखी बड़ी के अनुसार प्रातः 4 बजे द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और 5 बजे मंगला आरती में जयघोष गूंज उठा। प्रवक्ता नटवर सुंदनी ने बताया कि 10 बजे हवन हेतु बोलियां लगीं। मुख्य जजमान दीपेश एवं अंबालाल पंचाल पालोदा रहे। लीलाराम, भरत, लक्ष्मण, कैलाश, मणिलाल, कचरू लाल, प्रकाश, पवन, सुरेंद्र सहित कई श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 11 बजे मां त्रिपुरा की शोभायात्रा निकाली गई। आचार्य पंडित निकुंज मोहन पंड्या के सान्निध्य में हवन सम्पन्न हुआ। ट्रस्ट द्वारा दर्शन, सुरक्षा व महाप्रसादी की बेहतर व्यवस्था रही। मईयोड, सागवाड़ा, खमेरा व राजेश रेयाना सहित समाजजनों ने व्यवस्थाएं संभाली। इस दौरान गंगाराम, कांतिलाल, राजेंद्र प्रसाद, कारीलाल, दिनेश, अशोक, अंबालाल, लक्ष्मण, सुरेंद्र, प्रकाश, गिरीश, भगवती मुंगेड, नारायण बड़ोदिया, प्रेमचंद, प्रकाश, प्रवीण, धर्मेंद्र, डॉ. सुंदरलाल, घनश्याम, पंकज, विजेंद्र, भरत, माधव, जागेश, लोकेश, बंसी सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। चौखरों के अध्यक्ष नरेंद्र लोहारिया, सूरजमल परतापुर, सुरेंद्र बांसवाड़ा, अंकित बोरी, देवीलाल पथोक, कचरू खमेरा, प्रदीप मईयोड, देवीलाल सागवाड़ा, चिरंजीत डूंगरपुर, देवीलाल बेताली, कारीलाल, धनपाल, कन्हैयालाल, धनजी सहित कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी संजय पंचाल छोटा डूंगरा ने बताया कि आयोजन भक्ति, अनुशासन और भव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।1
- सागवाड़ा | 26 मार्च। श्री योग वेदान्त सेवा समिति बाड़मेर एवं राजस्थान सूरत समिति के तत्वावधान में गुरुवार को सागवाड़ा क्षेत्र में भक्ति जागृति संकीर्तन यात्रा का आयोजन किया गया। पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य समाज में एकता, भक्ति और मानवता का संदेश फैलाना रहा। समिति प्रवक्ता के अनुसार, यह सात दिवसीय यात्रा राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित की जा रही है। सागवाड़ा क्षेत्र में यह यात्रा दिवड़ा छोटा आश्रम से शुरू होकर कई गांवों—सिलोही, वणीयाप, उदैया, बड़गी, नादिया, रातड़िया, भेमई, घाटा का गांव, चाडोली, सेमलियाघाटा, घुटवाड़ा, जोगपुर, खंड गदा, जेठाना, भीलुड़ा, सेलोता, कानपुर होते हुए दिवड़ा बड़ा में पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु वाहन एवं पैदल हरिनाम संकीर्तन करते हुए भगवान के भजनों में लीन नजर आए। सागवाड़ा शहर के मुख्य बाजार से गुजरते समय वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और जगह-जगह श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। आयोजकों ने बताया कि आश्रमों द्वारा समय-समय पर भंडारे, युवा सेवा संघ, बाल संस्कार केंद्र, महिला उत्थान मंडल, गौसेवा, कैदी उत्थान कार्यक्रम सहित कई सामाजिक कार्य भी किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग का उत्थान है। चैत्र नवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित यह यात्रा खेरवाड़ा से शुरू होकर डूंगरपुर, सागवाड़ा, बांसवाड़ा, कुशलगढ़, सलूंबर होते हुए उदयपुर में समापन की ओर अग्रसर है। इस दौरान संत के संदेश “वसुधैव कुटुम्बकम” को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, वहीं श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लेकर समाज में सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।1
- सुहागपुरा मंडल में भाजपा का वैचारिक मंथन; पंडित दीनदयाल उपाध्याय कार्यशाला संपन्न सुहागपुरा (प्रतापगढ़)। भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक सुदृढ़ीकरण और वैचारिक विस्तार हेतु सुहागपुरा मंडल में 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय कार्यशाला' का गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ 'वंदे मातरम' के ओजस्वी गायन के साथ हुआ, जिसमें मंडल के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गोपाल धाभाई ने बताया कि कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता जिला संगठन प्रभारी व पूर्व विधायक बंसीलाल खटीक ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का 'एकात्म मानववाद' भाजपा की आत्मा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि संगठन की शक्ति ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें प्रत्येक बूथ को वैचारिक रूप से अभेद्य बनाना है। जिला महामंत्री नरेंद्र गिरी गोस्वामी ने अपने संबोधन में संगठनात्मक संरचना और कार्यकर्ताओं के दायित्वों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाना ही हमारा प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। पूर्व नगर परिषद सभापति कमलेश डोशी ने संगठन की कार्यप्रणाली और आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। *प्रमुख पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति* इस अवसर पर पूर्व जिला महामंत्री डॉ. नारायण लाल निनामा, मंडल अध्यक्ष कन्हैया लाल मीणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष श्याम लाल मीणा, मंडल महामंत्री श्यामलाल मीणा व रमेश मीणा, वरिष्ठ नेता ओंकार भाई मीणा, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष घनश्याम मीणा एवं पूर्व मीडिया प्रभारी महेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ समापन कार्यशाला के समापन सत्र में सभी उपस्थित जनों ने राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया। सुहागपुरा (प्रतापगढ़)। भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक सुदृढ़ीकरण और वैचारिक विस्तार हेतु सुहागपुरा मंडल में 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय कार्यशाला' का गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ 'वंदे मातरम' के ओजस्वी गायन के साथ हुआ, जिसमें मंडल के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गोपाल धाभाई ने बताया कि कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता जिला संगठन प्रभारी व पूर्व विधायक बंसीलाल खटीक ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का 'एकात्म मानववाद' भाजपा की आत्मा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि संगठन की शक्ति ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें प्रत्येक बूथ को वैचारिक रूप से अभेद्य बनाना है। जिला महामंत्री नरेंद्र गिरी गोस्वामी ने अपने संबोधन में संगठनात्मक संरचना और कार्यकर्ताओं के दायित्वों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम छोर तक पहुँचाना ही हमारा प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। पूर्व नगर परिषद सभापति कमलेश डोशी ने संगठन की कार्यप्रणाली और आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। *प्रमुख पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति* इस अवसर पर पूर्व जिला महामंत्री डॉ. नारायण लाल निनामा, मंडल अध्यक्ष कन्हैया लाल मीणा, पूर्व मंडल अध्यक्ष श्याम लाल मीणा, मंडल महामंत्री श्यामलाल मीणा व रमेश मीणा, वरिष्ठ नेता ओंकार भाई मीणा, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष घनश्याम मीणा एवं पूर्व मीडिया प्रभारी महेश शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ समापन कार्यशाला के समापन सत्र में सभी उपस्थित जनों ने राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया और उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।1