कचरा घाटी में भीषण आग, घंटों मशक्कत के बाद भी नहीं बुझी—नगर पालिका पर उठे सवाल सागवाड़ा कचरा घाटी में भीषण आग, घंटों मशक्कत के बाद भी नहीं बुझी—नगर पालिका पर उठे सवाल Sagwara। नगर पालिका क्षेत्र की कचरा घाटी स्थित कचरा निस्तारण केंद्र पर गुरुवार सुबह भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि सुबह करीब 11 बजे तक चार फायर ब्रिगेड की टीम लगातार पानी की बौछार करती रही, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। आग से उठ रहे घने धुएं के कारण कचरा घाटी के पास आरा मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि सड़क पर चल रहे वाहन तक दिखाई नहीं दे रहे थे, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहा। इस घटना ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा निस्तारण केंद्र पर लंबे समय से कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं किया जा रहा, जिससे कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं और इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। वहीं, कचरा घाटी में सैकड़ों गौवंश के मौजूद होने की बात भी सामने आई है, जो यहां फैले कचरे में से पॉलिथीन खाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। यह स्थिति नगर पालिका की लापरवाही को उजागर करती है। आग लगने के कारणों को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर आग कैसे लगी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन मार्च माह के अंत में कचरा निस्तारण के ठेके की अवधि पूरी होने के चलते ठेकेदार की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन आग पर काबू पाने में जुटा हुआ है, लेकिन इस घटना ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
कचरा घाटी में भीषण आग, घंटों मशक्कत के बाद भी नहीं बुझी—नगर पालिका पर उठे सवाल सागवाड़ा कचरा घाटी में भीषण आग, घंटों मशक्कत के बाद भी नहीं बुझी—नगर पालिका पर उठे सवाल Sagwara। नगर पालिका क्षेत्र की कचरा घाटी स्थित कचरा निस्तारण केंद्र पर गुरुवार सुबह भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि सुबह करीब 11 बजे तक चार फायर ब्रिगेड की टीम लगातार पानी की बौछार करती रही, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। आग से उठ रहे घने धुएं के कारण कचरा घाटी के पास आरा मार्ग से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि सड़क पर चल रहे वाहन तक दिखाई नहीं दे रहे थे, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहा। इस घटना ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा निस्तारण केंद्र पर लंबे समय से कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं किया जा रहा, जिससे कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं और इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। वहीं, कचरा घाटी में सैकड़ों गौवंश के मौजूद होने की बात भी सामने आई है, जो यहां फैले कचरे में से पॉलिथीन खाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। यह स्थिति नगर पालिका की लापरवाही को उजागर करती है। आग लगने के कारणों को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर आग कैसे लगी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन मार्च माह के अंत में कचरा निस्तारण के ठेके की अवधि पूरी होने के चलते ठेकेदार की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन आग पर काबू पाने में जुटा हुआ है, लेकिन इस घटना ने कचरा प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
- सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा कस्बे में प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान दूसरे दिन भी सख्ती के साथ जारी रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्य बाजार और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान एक व्यापारी के साथ विवाद की स्थिति भी बनी, जिस पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। सीमलवाड़ा कस्बे में अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को दूसरे दिन भी प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। अभियान के दौरान उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर, तहसीलदार अशोक शाह, विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या, धंबोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल तथा चौकी प्रभारी सकाराम परमार सहित प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। टीम ने कस्बे के मुख्य बाजार, सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान कई दुकानदारों ने स्वयं आगे आकर अपना सामान हटाया, वहीं कुछ स्थानों पर प्रशासन को सख्ती भी बरतनी पड़ी। अभियान के दौरान एक व्यापारी टीम के साथ उलझ गया, जिससे मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त व्यापारी को हिरासत में ले लिया, जिससे स्थिति पर काबू पाया गया। उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर ने मौके पर मौजूद व्यापारियों से संवाद कर उन्हें समझाइश दी कि वे स्वेच्छा से अपनी दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को हटा लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा और उसकी लागत संबंधित व्यापारी से ही वसूली जाएगी। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण करने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान के चलते कस्बे में यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिला और आमजन ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का समर्थन किया। बाइट : विवेक गुर्जर, उपखंड अधिकारी2
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का लाइव। पवित्र पावनी मां नर्मदा के चरणों में नमन करते हुए। आज सुबह हमने अपना दिन का आगाज जैन समाज के विश्व विख्यात जैन तीर्थ मंदिर सर्वोदय धाम से किया। शांति धारा का लाइव कवरेज किया। हम यहां के विश्व विख्यात मंदिरों लाइव प्रसारण कर रहे। कल हमने मां नर्मदा की की उद्गम स्थान से लेकर मंदिर परिसर का लाइव प्रसारण दिखाया। आज सुबह 6:00 बजे सर्वोदय जैन तीर्थ स्थल पहुंचे वहां हमने भगवान आदिनाथ जी की शांति धारा का लाइव प्रसारण दिखाया। इसीलिए तो हमको हमारे पाठक आंखों पर बिठा रहते हैं ।और कहते हैं सबसे तेज सबसे विश्वसनीय अगर कोई चैनल है तो राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़।1
- छींच गांव के किसानों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। किसानों का आरोप है कि ब्रह्मा मंदिर विकास के लिए मिले बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पाया, जिससे विकास कार्य अधूरे रह गए हैं। इसके साथ ही छींच-लक्ष्मीपुरा मार्ग का सड़क निर्माण कार्य पिछले एक साल से अधर में लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने गांव में गेहूं खरीद केंद्र नहीं खोले जाने और गेहूं की तुलाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। किसान मानेंग डांगी और किसान नेता अर्जुन सिंह मसाणी ने कहा कि किसानों की समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे आम आदमी भी परेशान है। उन्होंने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।1
- Post by Alpesh Bhuriya2
- Post by Bherulal Damor1
- हमारे बाजाना क्षेत्र से बहुत गंदी बड़ा हो रहा है कोई इसके ध्यान नहीं दे रहा है एसएससी मंत्री उपसरपंच क कोई कर्मचारी को इस माध्यम से गौ माता यह आवश्यकता खसरा का जाती है इस माध्यम से इसकी मौत हो जाती है कचरा खाने के बाद गौ माता पनीर भी खा जाती है इसकी मौत हो जाती है इसकी वजह से कोई कर्मचारी बड़े-बड़े बातें करते हैं गौ माता की रक्षा कोई भी नहीं कर सकते दिमाग तो बहुत लगाते हैं काम नहीं करते इस माध्यम से जल्दी से जल्दी उसका खसरा हटाए1
- सागवाड़ा | 26 मार्च। श्री योग वेदान्त सेवा समिति बाड़मेर एवं राजस्थान सूरत समिति के तत्वावधान में गुरुवार को सागवाड़ा क्षेत्र में भक्ति जागृति संकीर्तन यात्रा का आयोजन किया गया। पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य समाज में एकता, भक्ति और मानवता का संदेश फैलाना रहा। समिति प्रवक्ता के अनुसार, यह सात दिवसीय यात्रा राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित की जा रही है। सागवाड़ा क्षेत्र में यह यात्रा दिवड़ा छोटा आश्रम से शुरू होकर कई गांवों—सिलोही, वणीयाप, उदैया, बड़गी, नादिया, रातड़िया, भेमई, घाटा का गांव, चाडोली, सेमलियाघाटा, घुटवाड़ा, जोगपुर, खंड गदा, जेठाना, भीलुड़ा, सेलोता, कानपुर होते हुए दिवड़ा बड़ा में पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु वाहन एवं पैदल हरिनाम संकीर्तन करते हुए भगवान के भजनों में लीन नजर आए। सागवाड़ा शहर के मुख्य बाजार से गुजरते समय वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और जगह-जगह श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। आयोजकों ने बताया कि आश्रमों द्वारा समय-समय पर भंडारे, युवा सेवा संघ, बाल संस्कार केंद्र, महिला उत्थान मंडल, गौसेवा, कैदी उत्थान कार्यक्रम सहित कई सामाजिक कार्य भी किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग का उत्थान है। चैत्र नवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित यह यात्रा खेरवाड़ा से शुरू होकर डूंगरपुर, सागवाड़ा, बांसवाड़ा, कुशलगढ़, सलूंबर होते हुए उदयपुर में समापन की ओर अग्रसर है। इस दौरान संत के संदेश “वसुधैव कुटुम्बकम” को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, वहीं श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लेकर समाज में सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।1
- सीमलवाड़ा। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के गोरादा गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक चेकडैम पर पानी की तराई करने के दौरान अचानक पैर फिसलने से एक किसान की नीचे गिरने से मौत हो गई। डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के हैड कांस्टेबल हजारीलाल गुर्जर ने बताया कि गोरादा निवासी रामलाल खराड़ी अपने घर के पास स्थित खेत में सरकार द्वारा नवनिर्मित चेकडैम पर गए थे। वे चेकडैम के प्लास्टर पर पानी का तराई कर रहे थे, तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे काफी ऊंचाई से नीचे गिर पड़े।हादसे के बाद परिजन तुरंत उन्हें निजी वाहन से जिला अस्पताल डूंगरपुर लेकर पहुंचे। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया। वही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बाइट - हजारीलाल गुर्जर हैड कांस्टेबल2
- तलवाड़ा क्षेत्र के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर श्रद्धा का विशाल संगम देखने को मिला। मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया गया। अध्यक्ष धुलजी भाई के नेतृत्व में आयोजन सुव्यवस्थित रहा। महामंत्री नटवर लाल पंचाल लिखी बड़ी के अनुसार प्रातः 4 बजे द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और 5 बजे मंगला आरती में जयघोष गूंज उठा। प्रवक्ता नटवर सुंदनी ने बताया कि 10 बजे हवन हेतु बोलियां लगीं। मुख्य जजमान दीपेश एवं अंबालाल पंचाल पालोदा रहे। लीलाराम, भरत, लक्ष्मण, कैलाश, मणिलाल, कचरू लाल, प्रकाश, पवन, सुरेंद्र सहित कई श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 11 बजे मां त्रिपुरा की शोभायात्रा निकाली गई। आचार्य पंडित निकुंज मोहन पंड्या के सान्निध्य में हवन सम्पन्न हुआ। ट्रस्ट द्वारा दर्शन, सुरक्षा व महाप्रसादी की बेहतर व्यवस्था रही। मईयोड, सागवाड़ा, खमेरा व राजेश रेयाना सहित समाजजनों ने व्यवस्थाएं संभाली। इस दौरान गंगाराम, कांतिलाल, राजेंद्र प्रसाद, कारीलाल, दिनेश, अशोक, अंबालाल, लक्ष्मण, सुरेंद्र, प्रकाश, गिरीश, भगवती मुंगेड, नारायण बड़ोदिया, प्रेमचंद, प्रकाश, प्रवीण, धर्मेंद्र, डॉ. सुंदरलाल, घनश्याम, पंकज, विजेंद्र, भरत, माधव, जागेश, लोकेश, बंसी सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। चौखरों के अध्यक्ष नरेंद्र लोहारिया, सूरजमल परतापुर, सुरेंद्र बांसवाड़ा, अंकित बोरी, देवीलाल पथोक, कचरू खमेरा, प्रदीप मईयोड, देवीलाल सागवाड़ा, चिरंजीत डूंगरपुर, देवीलाल बेताली, कारीलाल, धनपाल, कन्हैयालाल, धनजी सहित कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी संजय पंचाल छोटा डूंगरा ने बताया कि आयोजन भक्ति, अनुशासन और भव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।1