डीएम की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक सम्पन्न रायबरेली : जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड (विकास कार्यों से संबंधित) पर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार योजनाओं की प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धियों तथा सीएम डैशबोर्ड पर विभागों की रैंकिंग एवं प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों को केवल रैंकिंग के दृष्टिकोण से न देखा जाए, बल्कि योजनाओं के वास्तविक धरातलीय प्रभाव को सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उनमें कारणों की समीक्षा कर तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही की जाए। निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के साथ ही योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराएं। साथ ही, सीएम डैशबोर्ड पर फीड किए जाने वाले आंकड़ों एवं सूचनाओं की शुद्धता, अद्यतन स्थिति एवं प्रमाणिकता का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से उनके विभाग से संबंधित कम प्रगति वाले बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, उपायुक्त श्रम रोजगार प्रमोद सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए मुनेश चन्द्र, जिला विकास अधिकारी वर्षा सिंह, उप निदेशक कृषि हिमांशु पाण्डेय, उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्या, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.वी. सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक सम्पन्न रायबरेली : जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड (विकास कार्यों से संबंधित) पर विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार योजनाओं की प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धियों तथा सीएम डैशबोर्ड पर विभागों की रैंकिंग एवं प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों को केवल रैंकिंग के दृष्टिकोण से न देखा जाए, बल्कि योजनाओं के वास्तविक धरातलीय प्रभाव को सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उनमें कारणों की समीक्षा कर तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही की जाए। निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के साथ ही योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराएं। साथ ही, सीएम डैशबोर्ड पर फीड किए जाने वाले आंकड़ों एवं सूचनाओं की शुद्धता, अद्यतन स्थिति एवं प्रमाणिकता का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से उनके विभाग से संबंधित कम प्रगति वाले बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, उपायुक्त श्रम रोजगार प्रमोद सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए मुनेश चन्द्र, जिला विकास अधिकारी वर्षा सिंह, उप निदेशक कृषि हिमांशु पाण्डेय, उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्या, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.वी. सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर युवक ने दी जान , परिजनों ने लाश रखकर किया हंगामा ,,,, - परिजनों ने पुलिस पर लगातार मारपीट करने का लगाया आरोप ऊंचाहार , रायबरेली । गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद की गिरफ्तारी के पुलिस रिश्तेदार युवक को लगातार प्रताड़ित करने का आरोप है । जिससे परेशान होकर युवक ने फंदा लगाकर अपने घर में जान दे दी । मामले में परिजनों ने पुलिस पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए है। परिजनों ने पुलिस को लाश सौंपने से इनकार कर दिया है । गांव में कई थानों की पुलिस फोर्स बुलाई गई है। मामला कोतवाली के एनटीपीसी चौकी क्षेत्र के गांव बीकरगढ़ का है । गांव के युवक राजू यादव ( 28 वर्ष ) का शव बुधवार की सुबह उसके घर के कमरे में पंखे के सहारे फंदे पर मिला है । जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया । परिजनों का आरोप है कि उनकी रिश्तेदारी में कुछ दिन पूर्व हुई मारपीट में एक वृद्ध की मौत हो गई थी । जिसमें नामजद लोगों की तलाश में पुलिस राजू को प्रताड़ित कर रही थी । उसे तीन बार पकड़कर पुलिस ले गई और काफी मारपीट की गई । यह भी आरोप है कि पुलिस हर बार पैसा लेकर छोड़ती थी । मंगलवार की शाम को भी पुलिस राजू को पकड़ने के लिए उसके घर आई थी , किंतु उन्हें राजू नहीं मिला। जिससे परेशान होकर राजू ने आत्महत्या कर ली । घटना की सूचना मिलने पर बुधवार सुबह जब पुलिस गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने पुलिस का विरोध शुरू कर दिया और शव पुलिस को सौंपने से इंकार कर दिया । जिसके बाद गांव में खासा तनाव फैल गया । मामले की नजाकत को देखते हुए सलोन, जगतपुर , गदागंज आदि थानों की पुलिस फोर्स को गांव बुला लिया गया । पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को समझाने में लगे है , किंतु ग्रामीण मामले में तत्काल दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे है । यह है पूरा मामला करीब बीस दिन पहले क्षेत्र के गांव बसुवई में रामदीन की बहू नीलम और उनकी बेटी शिवानी के मध्य विवाद हुआ था । जिसमें रामदीन अपनी बेटी को लेकर कोतवाली जा रहा था , कि रास्ते में नीलम के भाइयों ने उसके साथ मारपीट कर दी । जिससे रामदीन घायल हो गया और दूसरे दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई । इसमें नीलम और उसके भाइयों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया । इस घटना में पुलिस ने नीलम की गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है जबकि उसके भाइयों की तलाश पुलिस कर रही है । वांछित लोगों में युवक राजू का बहनोई भी है । उसी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस राजू पर दबाव बना रही थी । जिसके बाद राजू ने आत्महत्या कर ली है ।1
- हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए निकली भव्य तिरंगा यात्रा जगतपुर, रायबरेली। हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने और लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से पहले बुधवार को जगतपुर कस्बे में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा रामलीला मैदान के पास से शुरू होकर पंडित जालीपा प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर तक पहुंची। हाथों में तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयकारे लगाए। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा कस्बा देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। युवाओं, विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यात्रा के माध्यम से लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने तथा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देश के प्रति जिम्मेदारियों का संदेश दिया गया। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडे, भाजपा जगतपुर मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल, अजय त्रिपाठी, ऋषभ सैनी, अजय गौतम, रमेश मिश्रा, रोहित, पंकज सिंह, सर्वेश त्रिवेदी तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। समापन पर सभी ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने और राष्ट्र की एकता व अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।1
- स्कूल वाहनों के चालक-परिचालक का पुलिस सत्यापन एवं स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य, अभिभावकों को भी किया जाए जागरूक रायबरेली : जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में संचालित विभिन्न विद्यालयों के संचालकों के साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा एवं सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के दृष्टिगत महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विद्यालयों में संचालित स्कूली वाहनों की स्थिति, वाहनों की फिटनेस, अभिलेखों की उपलब्धता तथा चालक-परिचालकों के सत्यापन एवं स्वास्थ्य परीक्षण सहित बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना फिटनेस तथा पूर्ण अभिलेखों के किसी भी स्कूली वाहन का संचालन न होने दिया जाए। विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि उनके विद्यालय में बच्चों के परिवहन के लिए संचालित प्रत्येक वाहन निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन करता हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ाई से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्कूली वाहनों के चालक एवं परिचालक का पुलिस विभाग से चरित्र सत्यापन कराया जाए तथा उनका स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान विशेष रूप से नेत्र परीक्षण (आई चेकअप) पर ध्यान दिया जाए, ताकि बच्चों को विद्यालय तक लाने-ले जाने वाले चालक पूर्ण रूप से स्वस्थ एवं वाहन संचालन के लिए सक्षम हों। जिलाधिकारी ने विद्यालय संचालकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए कि वे बच्चों को अनाधिकृत अथवा असुरक्षित निजी वाहनों से विद्यालय न भेजें। इसके लिए विद्यालय संचालकों एवं अभिभावकों के बीच जागरूकता कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिसमें स्कूली बच्चों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था, यातायात नियमों तथा अभिभावकों की जिम्मेदारियों के संबंध में जानकारी दी जाए। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बिना पंजीकरण अथवा अनधिकृत प्राइवेट वाहन से बच्चों को विद्यालय न भेजें। साथ ही, नाबालिग बच्चों को किसी भी दशा में वाहन चलाकर विद्यालय जाने की अनुमति न दें। जिलाधिकारी ने विद्यालय संचालकों को निर्देशित किया कि यदि कोई नाबालिग बच्चा स्वयं वाहन चलाकर विद्यालय आता है तो विद्यालय परिसर में उस वाहन को पार्क न कराया जाए तथा संबंधित अभिभावक को इसकी जानकारी देते हुए आवश्यक रूप से जागरूक किया जाए। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा से बच्चों को विद्यालय ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि बच्चों के आवागमन के लिए असुरक्षित एवं नियमविरुद्ध साधनों का प्रयोग न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों एवं समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी संबंधित पक्ष निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं यातायात नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूली वाहनों की नियमित जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ विद्यालयों और अभिभावकों के मध्य निरंतर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) सहदेव मिश्र, एआरटीओ (प्रशासन) अरविंद कुमार, एआरटीओ (प्रवर्तन) उमेश चन्द्र कटियार, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह सहित विभिन्न विद्यालयों के संचालक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- क्षेत्र भ्रमण 🙏आपका अपना - शैलेन्द्र गुप्ता जिला पंचायत सदस्य पुत्र श्री प्रमोद गुप्ता पूर्व चेयरमैन ऊँचाहार रायबरेली 🙏 #ucr #rbl #up #photo1
- गोरखपुर: ब्रह्मभोज में शामिल होने गए बिजली विभाग के ठेकेदार की बेरहमी से हत्या, बांके और तलवार से हमला गोरखपुर: जिले के अहिरौली गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां ब्रह्मभोज में शामिल होने गए बिजली विभाग के ठेकेदार की रंजिश के चलते तलवार और बांके से काटकर हत्या कर दी गई। मुख्य बिंदु: मृतक की पहचान: शिवकुमार त्रिपाठी (अहिरौली गांव के निवासी, जो बिजली विभाग में ठेकेदार थे)। उनका परिवार गांव के अलावा गोरखपुर शहर में भी रहता है। उनके बेटे आदित्य त्रिपाठी गोरखपुर सिविल कोर्ट में अधिवक्ता हैं। घटना का कारण और शुरुआत: शिवकुमार शनिवार को गांव में छेदी चौधरी के ब्रह्मभोज में शामिल होने गए थे। ग्रामीण के अनुसार, वह नीचे बैठकर खाना खा रहे थे, तभी गांव के ही राहुल चौधरी (पुत्र विनोद) ने पीछे से बांके से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में शिवकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और आरोपी मौके से फरार हो गया। रास्ते में ऑटो रोककर दोबारा हमला: ब्रह्मभोज कराने वाले परिवार के लोग घायल शिवकुमार को ऑटो से अस्पताल लेकर जा रहे थे। तभी रास्ते में मुख्य आरोपी राहुल चौधरी और उसके भाई रोहित ने हथियार के साथ ऑटो को रोक लिया। सरेआम खींचकर ले गए और की हत्या: ग्रामीणों के काफी रोकने के बावजूद आरोपियों ने घायल शिवकुमार को जबरन ऑटो से बाहर खींच लिया और उन्हें करीब 200 मीटर दूर घसीटते हुए ले गए। वहां आरोपियों ने तलवार से ताबड़तोड़ वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी।1
- लोहदा पहुंचीं प्रभारी मंत्री, पुलिस अधिकारियों की लगाई क्लास कौशाम्बी। लोहदा गांव में वृद्ध से मारपीट और कथित जातिसूचक गाली-गलौज का वीडियो वायरल होने के बाद प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचीं। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और पुलिस अधिकारियों से अब तक हुई कार्रवाई का जवाब तलब करते हुए जमकर क्लास लगाई। बताया जाता है कि गड़रियन पुरवा निवासी वृद्ध के साथ एहसान उस्मानी द्वारा मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वहीं, सूत्रों के अनुसार पुलिस कार्रवाई में सत्ता पक्ष के एक कथित नेता द्वारा दबाव बनाए जाने की भी चर्चा है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि पुलिस पर दबाव बनाया गया था तो उस व्यक्ति पर कार्रवाई कब होगी? प्रभारी मंत्री के सख्त रुख के बाद अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।1
- कौशाम्बी। नगर पंचायत अझुवा स्थित कान्हा गौशाला में कई गौवंशों की मौत का मामला सामने आया है। मृत गौवंशों को जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद गौशाला में पशुओं की देखरेख, चारे-पानी और उपचार व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गौवंशों की देखभाल में लापरवाही बरती जा रही है। सवाल यह है कि गौवंशों की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है—सरकार, जिला प्रशासन, जिलाधिकारी या स्थानीय अधिकारी? सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाती है, इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा। ऐसी ही खबरों के लिए देखते रहिए कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज़।1