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राजस्थान के जालोर जिले के सायला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत ऐसी है, जैसा कि एक वीडियो में दिखाया गया है।

4 hrs ago
user_Apna jalor
Apna jalor
Video Creator सायला, जालोर, राजस्थान•
4 hrs ago

राजस्थान के जालोर जिले के सायला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत ऐसी है, जैसा कि एक वीडियो में दिखाया गया है।

More news from Rajasthan and nearby areas
  • सिरोही जिले के पिंडवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था को लेकर आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने, पोस्ट ऑफिस के पास स्थित क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यहाँ पहले नाला था, जिसे तोड़कर कई बार नई नालियाँ बनाई गईं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उनके अनुसार, करोड़ों रुपये के टेंडर जारी होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है और आसपास लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे आमजन को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो आखिर जमीनी स्तर पर सफाई कौन करेगा। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन केवल निर्माण कार्यों तक ही सीमित है, जबकि रखरखाव और सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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    सिरोही जिले के पिंडवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था को लेकर आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने, पोस्ट ऑफिस के पास स्थित क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यहाँ पहले नाला था, जिसे तोड़कर कई बार नई नालियाँ बनाई गईं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उनके अनुसार, करोड़ों रुपये के टेंडर जारी होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है और आसपास लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे आमजन को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो आखिर जमीनी स्तर पर सफाई कौन करेगा। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन केवल निर्माण कार्यों तक ही सीमित है, जबकि रखरखाव और सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_Narendra Singh Bhati
    Narendra Singh Bhati
    पत्रकार Sirohi, Rajasthan•
    5 hrs ago
  • सोमवार को सिरोही जिले के सरूपगंज थाना क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। आबूरोड से पिंडवाड़ा की ओर जा रही एक कार और ट्रक के बीच चलते दौरान जोरदार टक्कर हो गई। यह भिड़ंत इतनी भीषण थी कि कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में कार में सवार दो लोग बाल-बाल बच गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। सूचना मिलते ही सरूपगंज थाना पुलिस और नेशनल हाईवे की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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    सोमवार को सिरोही जिले के सरूपगंज थाना क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। आबूरोड से पिंडवाड़ा की ओर जा रही एक कार और ट्रक के बीच चलते दौरान जोरदार टक्कर हो गई। यह भिड़ंत इतनी भीषण थी कि कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

इस हादसे में कार में सवार दो लोग बाल-बाल बच गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।

सूचना मिलते ही सरूपगंज थाना पुलिस और नेशनल हाईवे की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
    user_Reporter Patrakar
    Reporter Patrakar
    Voice of people सिरोही, सिरोही, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • राज्य सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत गंगा दशमी के पावन अवसर पर सोमवार, 25 मई को सुमेरपुर में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत 25 मई से 5 जून तक विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जिनका उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है। अभियान के पहले दिन सुबह प्रभात फेरी निकाली गई, जबकि शाम को कस्बे के मुख्य तालाब सिंपल पर तालाब पूजन, दीप प्रज्वलन, श्रमदान और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में नगर पालिका कर्मियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, नगर के विभिन्न स्थानों पर रंगोली बनाकर भी जल बचाने का संदेश दिया गया। उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार ने इस अवसर पर “जल ही जीवन है” के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन अपनाने, पानी का आवश्यकतानुसार उपयोग करने और जल स्रोतों के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संतुलन, जल के सदुपयोग और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया। इस दौरान ईओ नरपत सिंह राजपुरोहित, विकास अधिकारी प्रमोद दवे सहित स्थानीय नागरिक और नगर पालिका कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।
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    राज्य सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत गंगा दशमी के पावन अवसर पर सोमवार, 25 मई को सुमेरपुर में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत 25 मई से 5 जून तक विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जिनका उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है।

अभियान के पहले दिन सुबह प्रभात फेरी निकाली गई, जबकि शाम को कस्बे के मुख्य तालाब सिंपल पर तालाब पूजन, दीप प्रज्वलन, श्रमदान और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में नगर पालिका कर्मियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, नगर के विभिन्न स्थानों पर रंगोली बनाकर भी जल बचाने का संदेश दिया गया।

उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार ने इस अवसर पर “जल ही जीवन है” के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन अपनाने, पानी का आवश्यकतानुसार उपयोग करने और जल स्रोतों के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संतुलन, जल के सदुपयोग और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया। इस दौरान ईओ नरपत सिंह राजपुरोहित, विकास अधिकारी प्रमोद दवे सहित स्थानीय नागरिक और नगर पालिका कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं ने बायतु में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रदर्शन क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहा।
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    राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं ने बायतु में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रदर्शन क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहा।
    user_Ghamanda Ram
    Ghamanda Ram
    पत्रकार बायतू, बाड़मेर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा की पुष्कर कोटा शाखा के अध्यक्ष पद के लिए शनिवार, 24 मई 2026 को चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस चुनाव में जनक कुमार जोशी ने दुष्यंत कुमार बागड़िया को हराकर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। जनक कुमार जोशी को कुल 571 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी दुष्यंत कुमार बागड़िया को 535 मत मिले, जिससे जनक कुमार जोशी 36 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए। यह चुनाव अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा, उदयपुर की कोटा शाखा द्वारा आयोजित किया गया था। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने में चुनाव कराने वाली समिति और समाज के वरिष्ठ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। चुनाव संचालन में अहमद लाल माहेश्वरी, किशनचंद बटनरा, ओमप्रकाश माहेश्वरी, धीरज लाल, श्री हर्ष चंचल, जोगीराम जी, रघुमाल राज जी सहित समस्त कार्यकारिणी एवं खेलत सदस्यों का सहयोग रहा। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें पुलिस प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। नवनिर्वाचित अध्यक्ष जनक कुमार जोशी को समाज के सदस्यों ने शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि उनके नेतृत्व में समाज संगठन और अधिक मजबूत होगा।
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    अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा की पुष्कर कोटा शाखा के अध्यक्ष पद के लिए शनिवार, 24 मई 2026 को चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस चुनाव में जनक कुमार जोशी ने दुष्यंत कुमार बागड़िया को हराकर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। जनक कुमार जोशी को कुल 571 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी दुष्यंत कुमार बागड़िया को 535 मत मिले, जिससे जनक कुमार जोशी 36 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए।

यह चुनाव अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा, उदयपुर की कोटा शाखा द्वारा आयोजित किया गया था। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने में चुनाव कराने वाली समिति और समाज के वरिष्ठ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। चुनाव संचालन में अहमद लाल माहेश्वरी, किशनचंद बटनरा, ओमप्रकाश माहेश्वरी, धीरज लाल, श्री हर्ष चंचल, जोगीराम जी, रघुमाल राज जी सहित समस्त कार्यकारिणी एवं खेलत सदस्यों का सहयोग रहा। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें पुलिस प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष जनक कुमार जोशी को समाज के सदस्यों ने शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि उनके नेतृत्व में समाज संगठन और अधिक मजबूत होगा।
    user_GORDHAN SINGH BANGRWA
    GORDHAN SINGH BANGRWA
    Media company बायतू, बाड़मेर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था। शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।
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    फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था।

शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।

ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया।

राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • सोमवार को आबूरोड के लुनियापुरा स्थित डीएफसी रेलवे ट्रैक के पास अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती देख रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत नगर पालिका फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग पर नियंत्रण होने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस अभियान में फायर कर्मी मोहम्मद युनुस, चिराग परिहार, अरुण चांवरिया, कमलेश मारू और नवीन कुमार की अहम भूमिका रही, जिनकी तत्परता और मेहनत से आग को फैलने से रोका जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
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    सोमवार को आबूरोड के लुनियापुरा स्थित डीएफसी रेलवे ट्रैक के पास अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती देख रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत नगर पालिका फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग पर नियंत्रण होने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस अभियान में फायर कर्मी मोहम्मद युनुस, चिराग परिहार, अरुण चांवरिया, कमलेश मारू और नवीन कुमार की अहम भूमिका रही, जिनकी तत्परता और मेहनत से आग को फैलने से रोका जा सका।

फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
    user_Narendra Singh Bhati
    Narendra Singh Bhati
    पत्रकार Sirohi, Rajasthan•
    5 hrs ago
  • गंगा दशमी के अवसर पर सोमवार, 25 मई को राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत तखतगढ़ में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 25 मई से 5 जून तक विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नगर पालिका प्रशासन की ओर से यह विशेष कार्यक्रम गंवाई तालाब स्थित रावण चौक के घाट संख्या-1 पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिका के निवर्तमान अध्यक्ष ललित रांकावत, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा, अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, कार्यालय सहायक रतनलाल सांखला और कनिष्ठ अभियंता आकाश गोमतीवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, कर्मचारी तथा नरेगा श्रमिक उपस्थित थे। आयोजन की शुरुआत तालाब घाट पर जल देवता की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद उपस्थित लोगों ने नारियल चढ़ाकर सरोवर की आरती की और जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। अभियान के तहत अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सभी को जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण बचाने की शपथ भी दिलाई। इस दौरान घाट परिसर में साफ-सफाई कर श्रमदान किया गया और झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। बाद में, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नाव के माध्यम से पवित्र सरोवर का भ्रमण किया और जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में “जल है तो कल है” का संदेश देते हुए आमजन से वर्षा जल संचयन एवं जल बचत में सक्रिय सहभागिता की अपील की गई।
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    गंगा दशमी के अवसर पर सोमवार, 25 मई को राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत तखतगढ़ में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 25 मई से 5 जून तक विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

नगर पालिका प्रशासन की ओर से यह विशेष कार्यक्रम गंवाई तालाब स्थित रावण चौक के घाट संख्या-1 पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिका के निवर्तमान अध्यक्ष ललित रांकावत, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा, अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, कार्यालय सहायक रतनलाल सांखला और कनिष्ठ अभियंता आकाश गोमतीवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, कर्मचारी तथा नरेगा श्रमिक उपस्थित थे। आयोजन की शुरुआत तालाब घाट पर जल देवता की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद उपस्थित लोगों ने नारियल चढ़ाकर सरोवर की आरती की और जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया।

अभियान के तहत अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सभी को जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण बचाने की शपथ भी दिलाई। इस दौरान घाट परिसर में साफ-सफाई कर श्रमदान किया गया और झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। बाद में, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नाव के माध्यम से पवित्र सरोवर का भ्रमण किया और जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में “जल है तो कल है” का संदेश देते हुए आमजन से वर्षा जल संचयन एवं जल बचत में सक्रिय सहभागिता की अपील की गई।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में सकल जैन समाज ने साधु-साध्वियों के साथ बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समाजजनों ने मौन जुलूस और बाइक रैली निकाली, जिसके बाद उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह रैली विशेष रूप से मध्य प्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दुर्घटना और देश भर में संतों पर हो रही घटनाओं के विरोध में आयोजित की गई थी। रैली में सकल जैन समाज के सदस्य हाथों में नारे लिखी तख्तियां और जैन ध्वजा लिए हुए थे। यह रैली नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए उपखंड कार्यालय तक पहुंची। समाज अध्यक्ष टीकम जैन चांदवाड़ ने बताया कि हाल ही में रीवा में दो जैन आर्यिका माताजी का "जानबूझकर की गई दुर्घटना" में असामयिक निधन हो गया, जिससे पूरे जैन समाज में अत्यंत दुख और गहरी वेदना व्याप्त है। इसी पृष्ठभूमि में, समाजजनों ने सरकार से "सख्त संत सुरक्षा नीति" लागू करने की मांग की। मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपते हुए समाज ने पाँच सूत्रीय मांगें रखीं। इन मांगों में घटना की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच करने, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल को तत्काल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने और प्रशासन व समाज के बीच समन्वय तंत्र स्थापित करने की अपील शामिल है। जैन समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सदैव शांति, अहिंसा, कानून और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखते हैं, और उनकी इस पहल का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। प्रशासन से इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता दिखाते हुए मांगों पर त्वरित प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा की गई है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के सदस्य उपस्थित थे।
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    झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में सकल जैन समाज ने साधु-साध्वियों के साथ बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समाजजनों ने मौन जुलूस और बाइक रैली निकाली, जिसके बाद उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह रैली विशेष रूप से मध्य प्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दुर्घटना और देश भर में संतों पर हो रही घटनाओं के विरोध में आयोजित की गई थी।

रैली में सकल जैन समाज के सदस्य हाथों में नारे लिखी तख्तियां और जैन ध्वजा लिए हुए थे। यह रैली नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए उपखंड कार्यालय तक पहुंची। समाज अध्यक्ष टीकम जैन चांदवाड़ ने बताया कि हाल ही में रीवा में दो जैन आर्यिका माताजी का "जानबूझकर की गई दुर्घटना" में असामयिक निधन हो गया, जिससे पूरे जैन समाज में अत्यंत दुख और गहरी वेदना व्याप्त है।

इसी पृष्ठभूमि में, समाजजनों ने सरकार से "सख्त संत सुरक्षा नीति" लागू करने की मांग की। मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपते हुए समाज ने पाँच सूत्रीय मांगें रखीं। इन मांगों में घटना की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच करने, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल को तत्काल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने और प्रशासन व समाज के बीच समन्वय तंत्र स्थापित करने की अपील शामिल है। जैन समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सदैव शांति, अहिंसा, कानून और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखते हैं, और उनकी इस पहल का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। प्रशासन से इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता दिखाते हुए मांगों पर त्वरित प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा की गई है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के सदस्य उपस्थित थे।
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    GORDHAN SINGH BANGRWA
    Media company बायतू, बाड़मेर, राजस्थान•
    14 hrs ago
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