अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा की पुष्कर कोटा शाखा के अध्यक्ष पद के लिए शनिवार, 24 मई 2026 को चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस चुनाव में जनक कुमार जोशी ने दुष्यंत कुमार बागड़िया को हराकर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। जनक कुमार जोशी को कुल 571 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी दुष्यंत कुमार बागड़िया को 535 मत मिले, जिससे जनक कुमार जोशी 36 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए। यह चुनाव अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा, उदयपुर की कोटा शाखा द्वारा आयोजित किया गया था। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने में चुनाव कराने वाली समिति और समाज के वरिष्ठ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। चुनाव संचालन में अहमद लाल माहेश्वरी, किशनचंद बटनरा, ओमप्रकाश माहेश्वरी, धीरज लाल, श्री हर्ष चंचल, जोगीराम जी, रघुमाल राज जी सहित समस्त कार्यकारिणी एवं खेलत सदस्यों का सहयोग रहा। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें पुलिस प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। नवनिर्वाचित अध्यक्ष जनक कुमार जोशी को समाज के सदस्यों ने शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि उनके नेतृत्व में समाज संगठन और अधिक मजबूत होगा।
अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा की पुष्कर कोटा शाखा के अध्यक्ष पद के लिए शनिवार, 24 मई 2026 को चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस चुनाव में जनक कुमार जोशी ने दुष्यंत कुमार बागड़िया को हराकर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। जनक कुमार जोशी को कुल 571 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी दुष्यंत कुमार बागड़िया को
535 मत मिले, जिससे जनक कुमार जोशी 36 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए। यह चुनाव अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा, उदयपुर की कोटा शाखा द्वारा आयोजित किया गया था। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने में चुनाव कराने वाली समिति और समाज के वरिष्ठ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। चुनाव संचालन में अहमद लाल माहेश्वरी, किशनचंद बटनरा, ओमप्रकाश
माहेश्वरी, धीरज लाल, श्री हर्ष चंचल, जोगीराम जी, रघुमाल राज जी सहित समस्त कार्यकारिणी एवं खेलत सदस्यों का सहयोग रहा। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें पुलिस प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। नवनिर्वाचित अध्यक्ष जनक कुमार जोशी को समाज के सदस्यों ने शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि उनके नेतृत्व में समाज संगठन और अधिक मजबूत होगा।
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं ने बायतु में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रदर्शन क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहा।1
- अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा की पुष्कर कोटा शाखा के अध्यक्ष पद के लिए शनिवार, 24 मई 2026 को चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुआ। इस चुनाव में जनक कुमार जोशी ने दुष्यंत कुमार बागड़िया को हराकर अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। जनक कुमार जोशी को कुल 571 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी दुष्यंत कुमार बागड़िया को 535 मत मिले, जिससे जनक कुमार जोशी 36 मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए। यह चुनाव अखिल भारतीय श्री खांडल विप्र महासभा, उदयपुर की कोटा शाखा द्वारा आयोजित किया गया था। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने में चुनाव कराने वाली समिति और समाज के वरिष्ठ सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। चुनाव संचालन में अहमद लाल माहेश्वरी, किशनचंद बटनरा, ओमप्रकाश माहेश्वरी, धीरज लाल, श्री हर्ष चंचल, जोगीराम जी, रघुमाल राज जी सहित समस्त कार्यकारिणी एवं खेलत सदस्यों का सहयोग रहा। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें पुलिस प्रशासन का भी पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। नवनिर्वाचित अध्यक्ष जनक कुमार जोशी को समाज के सदस्यों ने शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि उनके नेतृत्व में समाज संगठन और अधिक मजबूत होगा।3
- बालोतरा में खेड़ रोड की ओर जाने वाले रामसेतु पुल पर लगा साइन बोर्ड अंततः गिर गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और एक संभावित दुर्घटना टल गई।1
- बालोतरा जिले के पाटोदी क्षेत्र के मेडिवासन गांव में जमीन विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। इस दौरान, कुछ लोग बस, थार और फॉर्च्यूनर जैसे वाहनों से मौके पर पहुंचे और जेसीबी का इस्तेमाल करके मकान तोड़ने लगे। प्रभावित परिवार ने इन लोगों पर मारपीट और तोड़फोड़ का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 10 से 12 लोगों को हिरासत में ले लिया।1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित नायक पेट्रोल पंप, जो जोधपुर हाईवे पर है, वहां डीजल और पेट्रोल दोनों की उपलब्धता समाप्त हो गई है।1
- राजस्थान के जालोर जिले के सायला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत ऐसी है, जैसा कि एक वीडियो में दिखाया गया है।1
- पादरू सिवान मार्ग पर स्थित टांडा बेरा रोड का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क एक नई डामर रोड के रूप में बनाई जा रही थी, जिसका काम अभी चल रहा था, लेकिन अब यह बीच में ही रुक गया है। इसकी घोषणा भी डामर रोड तक हुई थी। काम अधूरा होने के कारण लोग अनिश्चितता में हैं कि यह आगे बढ़ेगा या नहीं, और इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इस अधूरी सड़क पर आवाजाही बेहद खतरनाक हो गई है, खासकर बाइक सवारों के लिए। उन्हें लगातार यह डर सताता है कि पास से गुजरने वाली बड़ी गाड़ियों के टायर के नीचे से पत्थर निकलकर उनके सिर पर न लग जाए। इसके अलावा, बाइक फिसलने का भी खतरा बना रहता है, जिससे किसी भी वक्त गंभीर हादसा होने की आशंका है। इस स्थिति में सड़क पर बाइक चलाना भी बेहद मुश्किल हो गया है।1
- झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में सकल जैन समाज ने साधु-साध्वियों के साथ बढ़ती दुर्घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समाजजनों ने मौन जुलूस और बाइक रैली निकाली, जिसके बाद उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह रैली विशेष रूप से मध्य प्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दुर्घटना और देश भर में संतों पर हो रही घटनाओं के विरोध में आयोजित की गई थी। रैली में सकल जैन समाज के सदस्य हाथों में नारे लिखी तख्तियां और जैन ध्वजा लिए हुए थे। यह रैली नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए उपखंड कार्यालय तक पहुंची। समाज अध्यक्ष टीकम जैन चांदवाड़ ने बताया कि हाल ही में रीवा में दो जैन आर्यिका माताजी का "जानबूझकर की गई दुर्घटना" में असामयिक निधन हो गया, जिससे पूरे जैन समाज में अत्यंत दुख और गहरी वेदना व्याप्त है। इसी पृष्ठभूमि में, समाजजनों ने सरकार से "सख्त संत सुरक्षा नीति" लागू करने की मांग की। मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपते हुए समाज ने पाँच सूत्रीय मांगें रखीं। इन मांगों में घटना की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच करने, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल को तत्काल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने और प्रशासन व समाज के बीच समन्वय तंत्र स्थापित करने की अपील शामिल है। जैन समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सदैव शांति, अहिंसा, कानून और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखते हैं, और उनकी इस पहल का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। प्रशासन से इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता दिखाते हुए मांगों पर त्वरित प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा की गई है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के सदस्य उपस्थित थे।3