अपने देश के लिए युवा शहीद का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के तहत वर्णिता संस्था ने मंगलवार को ‘विमर्श विविधा’ कार्यक्रम आयोजित कर स्वतंत्रता संग्राम के युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संस्था अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने कहा कि खुदीराम बोस सही मायने में युवा शहीद थे। देश की आजादी के लिए उनका योगदान और बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर 1889 को बंगाल के मिदनापुर जिले के बहुवैनी गांव में त्रैलोक्यनाथ बोस और लक्ष्मीप्रिया देवी के घर हुआ था। कक्षा नौ तक पढ़ाई करने के बाद वह स्वदेशी आंदोलन से जुड़ गए। अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के विरोध में उन्होंने क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया। बोस ने अपने साथी प्रफुल्ल कुमार चाकी के साथ मुजफ्फरपुर के जज किंग्सफोर्ड को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, जिस बग्घी को निशाना बनाया गया, उसमें किंग्सफोर्ड के बजाय दो महिलाएं सवार थीं, जिनकी मौत हो गई। घटना के बाद बोस को गिरफ्तार कर लिया गया और 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर जेल में करीब 18 वर्ष की आयु में फांसी दे दी गई। कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर प्रजापति, रामनारायण सोनकर, रामबाबू, होरीलाल, राहुल, शुभम सोनकर, पंकज सिंह, भोलू सिंह, रिचा, सतेंद्र और अखिलेश आदि मौजूद रहे।
अपने देश के लिए युवा शहीद का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के तहत वर्णिता संस्था ने मंगलवार को ‘विमर्श विविधा’ कार्यक्रम आयोजित कर स्वतंत्रता संग्राम के युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संस्था अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने कहा कि खुदीराम बोस सही मायने में युवा शहीद थे। देश की आजादी के लिए उनका योगदान और बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर 1889 को बंगाल के मिदनापुर जिले के बहुवैनी गांव में त्रैलोक्यनाथ बोस और लक्ष्मीप्रिया देवी के घर हुआ था। कक्षा नौ तक पढ़ाई करने के बाद वह स्वदेशी आंदोलन से जुड़ गए। अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों के विरोध में उन्होंने क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया। बोस ने अपने साथी प्रफुल्ल कुमार चाकी के साथ मुजफ्फरपुर के जज किंग्सफोर्ड को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, जिस बग्घी को निशाना बनाया गया, उसमें किंग्सफोर्ड के बजाय दो महिलाएं सवार थीं, जिनकी मौत हो गई। घटना के बाद बोस को गिरफ्तार कर लिया गया और 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर जेल में करीब 18 वर्ष की आयु में फांसी दे दी गई। कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल प्रजापति, महावीर प्रजापति, रामनारायण सोनकर, रामबाबू, होरीलाल, राहुल, शुभम सोनकर, पंकज सिंह, भोलू सिंह, रिचा, सतेंद्र और अखिलेश आदि मौजूद रहे।
- हमीरपुर :पक्की सड़क की मांग को लेकर GEZ अल्फा के छात्रों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, मचा हड़कंप हमीरपुर। कुरारा क्षेत्र के चंदूपुर गांव से हमीरपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय तक मंगलवार को GEZ अल्फा स्कूल के छात्रों और ग्रामीणों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद की। अचानक बड़ी संख्या में बच्चों के कलेक्ट्रेट पहुंचने से परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और हलचल का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारी छात्रों और ग्रामीणों का कहना था कि चंदूपुर-हमीरपुर मार्ग से स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क का अभाव विद्यार्थियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। बारिश के दिनों में रास्ते पर कीचड़ और जलभराव हो जाने से बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार बच्चों के कपड़े और जूते कीचड़ से खराब हो जाते हैं तथा रास्ते में फिसलने का भी खतरा बना रहता है। इसी समस्या को लेकर छात्र और ग्रामीण चंदूपुर से पैदल यात्रा करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे बच्चों ने प्रशासन से स्कूल तक पक्की सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी समस्या को अधिकारियों के सामने रखने का प्रयास किया। बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र जिलाधिकारी कार्यालय के पर्सनल डोर तक पहुंचने का प्रयास करने लगे। इस पर कलेक्ट्रेट परिसर में तैनात पुलिसकर्मी तत्काल सक्रिय हो गए और छात्रों को रोककर स्थिति को संभाला। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को समझाया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। छात्रों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए चंदूपुर-हमीरपुर मार्ग से स्कूल तक पक्की सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाए। प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक हलचल बनी रही। छात्रों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण की दिशा में जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा अपनी मांग को लेकर आवाज उठाएंगे।3
- पडकुला का मुर्दाघाट या भ्रष्टाचार का स्मारक? ₹48 लाख के अंत्येष्टि स्थल पर उठ रहे सवालों पर जालौन प्रशासन संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराए—आखिर सरकारी धन का हिसाब कौन देगा? पडकुला में सरकारी रिकॉर्ड में बना अंत्येष्टि स्थल, जमीन पर पहुंचने का रास्ता तक नहीं! जनपद जालौन में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। माधौगढ़ ब्लाक की ग्राम पंचायत पडकुला (LGD Code 68941) में बनाए गए अंत्येष्टि स्थल को लेकर ग्रामीणों और मौके पर पहुंची पत्रकारों की टीम ने कई सवाल उठाए हैं। मेरी पंचायत पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार Antesthi Sthal Ka Nirman नाम से दर्ज इस कार्य की अनुमानित लागत ₹48 लाख दिखाई गई है। रिकॉर्ड में ₹25,66,250 व्यय भी दर्ज है। वहीं भुगतान विवरण में अलग-अलग मदों में ठेकेदार/सप्लायर सहित अन्य भुगतान दर्ज दिखाई दे रहे हैं। यानी सरकारी पोर्टल पर काम और भुगतान का पूरा हिसाब नजर आ रहा है, लेकिन मौके की तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—अंत्येष्टि स्थल तक रास्ता कहां है? मौके पर पहुंची टीम के अनुसार अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए कोई सुगम रास्ता नजर नहीं आया। बरसात के मौसम में आसपास खेतों में पानी और घास-फूस के बीच पत्रकारों की टीम को भी बेहद कठिनाई से मौके तक पहुंचना पड़ा। टीम को तार की फेंसिंग, खेतों की मेड़ों और पानी भरे रास्तों के बीच से होकर जाना पड़ा। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो शव को इस अंत्येष्टि स्थल तक आखिर ले जाया कैसे जाएगा? स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण आज भी मजबूरी में अपने-अपने खेतों या पुराने स्थानों पर अंतिम संस्कार करते हैं। यदि यह स्थिति सही है तो इतनी बड़ी धनराशि खर्च करके बनाया गया अंत्येष्टि स्थल आखिर किस उपयोग के लिए है? निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल मौके पर निर्माण में दरारें दिखाई देने की बात सामने आई है। करीब 40–48 लाख रुपये की लागत वाले कार्य में यदि निर्माण कुछ ही समय में खराब होने लगे तो उसकी गुणवत्ता की जांच की आवश्यकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिकॉर्ड में निर्माण कार्य Completion of work यानी पूर्ण दर्शाया गया है, जबकि जमीनी स्थिति और उपयोगिता को लेकर सवाल बने हुए हैं। भुगतान के रिकॉर्ड ने बढ़ाए सवाल पोर्टल के स्क्रीनशॉट में MS FOUJI CONTRACTER AND SUPPLAYER के नाम से कई भुगतान दिखाई दे रहे हैं। एक भुगतान ₹10,05,515, दूसरा ₹2,50,000, इसके अलावा ₹1,00,000, ₹4,50,000 और अन्य भुगतान भी रिकॉर्ड में दिखाई देते हैं। एक अन्य प्रविष्टि में ₹24,360 इंजीनियर के नाम से दर्ज है। अब सवाल यह है कि कुल कितना भुगतान हुआ, किस-किस मद में हुआ, कौन-कौन से कार्य कराए गए और मौके पर वास्तव में कितना निर्माण हुआ? इन सभी बिंदुओं की तकनीकी एवं वित्तीय जांच ही तस्वीर साफ कर सकती है। सवाल सीधे जिम्मेदारों से ₹48 लाख की अनुमानित लागत क्यों? अंत्येष्टि स्थल तक पक्का रास्ता क्यों नहीं? निर्माण पूरा दिखाने के बाद भी स्थल उपयोगी क्यों नहीं? निर्माण में दरारें क्यों आईं? भुगतान की अलग-अलग किस्तों का पूरा विवरण क्या है? क्या कार्य का तकनीकी सत्यापन और गुणवत्ता जांच हुई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया? यह खबर उपलब्ध सरकारी पोर्टल के रिकॉर्ड और मौके की स्थिति पर आधारित सवालों को सामने रखती है। भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि सक्षम विभाग की जांच के बाद ही होगी। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी धन के एक-एक रुपये का हिसाब सामने लाता है या फिर फाइलों में काम पूरा लिखकर मामला बंद कर दिया जाता है। वीडियो को अंत तक जरूर देखें और कमेंट बॉक्स में अपनी राय बताएं—क्या आपके गांव में भी अंत्येष्टि स्थल बना है? अगर बना है तो उसकी हालत कैसी है? और आपके आसपास किसी सरकारी निर्माण में गड़बड़ी है तो हमें जानकारी दें। #जिलाधिकारीजालौन #DMJalaun #राजेश_कुमार_पाण्डेय #मुख्यविकासअधिकारीजालौन #CDOJalaun #जिलापंचायत_राज_अधिकारी #DPROJalaun #खंडविकासअधिकारी #BDOमाधौगढ़ #उपजिलाधिकारीमाधौगढ़ #SDMमाधौगढ़ #तहसीलदारमाधौगढ़ #ग्रामपंचायतपटकुला #ग्रामप्रधानमधुदेवी #ग्रामसचिवसुमितकुमार #पंचायतसचिव #ग्रामपंचायतअधिकारी #पंचायतीराजविभाग #विकासखंडमाधौगढ़ #जालौनप्रशासन #जालौनपुलिस #JalaunNews #MadhogarhNews #JalaunAdministration #GroundReport #CorruptionExposed #BreakingNews1
- भाई ब्लॉक में गूंजा वंदे मातरम, तिरंगे के रंग में रंग ब्लॉक मुख्यालय 🚨 *ब्रेकिंग /फतेहपुर* *देवमई ब्लॉक में गूंजा वंदे मातरम, तिरंगे के रंग में रंगा ब्लॉक मुख्यालय* फतेहपुर। देवमई ब्लॉक मुख्यालय में ‘हर घर तिरंगा, वंदे मातरम महोत्सव एवं तिरंगा प्रदर्शनी’ का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालयी बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। देशभक्ति के नारों के साथ निकली यात्रा देवमई ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर समाप्त हुई। ब्लॉक प्रमुख देवमई सोनम पटेल की अध्यक्षता में आयोजित महोत्सव में तिरंगा प्रदर्शनी लगाई गई। भारत माता की जय, वंदे मातरम और जय हिंद के नारों से पूरा ब्लॉक परिसर गूंज उठा। बच्चों में देशभक्ति और तिरंगे के प्रति सम्मान का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख जगदीश पटेल, खंड विकास अधिकारी प्रदीप कुमार यादव, एडीओ पंचायत दिनेश कुमार, सचिव जितेंद्र परिहार, विवेक उत्तम, अरुण उत्तम, संदीप कुमार, रामकृपाल, अमित कुमार सहित ब्लॉक के अधिकारी-कर्मचारी, पंचायत सहायक एवं विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्रामीण मौजूद रहे। तिरंगा यात्रा और प्रदर्शनी के जरिए दिया गया राष्ट्रप्रेम, एकता और देशभक्ति का संदेश।2
- *हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तहसील मैथा में निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा* कानपुर देहात 11 अगस्त 2026 हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आज तहसील मैथा में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के तहत तहसील परिसर मैथा से बैरी तिराहा तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा आमजन को राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं देशभक्ति का संदेश दिया। तिरंगा यात्रा के दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों एवं राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत रहा। इस अवसर पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन भी किया गया। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरे सम्मान एवं उत्साह के साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक सशक्त करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी मैथा प्रतिभा मिश्रा सहित तहसील के समस्त संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने तिरंगा यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए हर घर तिरंगा अभियान के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। तिरंगा यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए बैरी तिराहा पहुंची, जहां कार्यक्रम का सकुशल समापन हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण, गरिमामयी एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न हुआ।3
- *हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत निकाली गई तिरंगा रैली* जिला क्रीड़ाधिकारी नीलम सिद्धिकी ने अवगत कराया कि जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल के मार्गदर्शन में आज दिनांक 11 अगस्त 2026 को जिला खेल कार्यालय, कानपुर देहात में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। रैली में कानपुर देहात के लगभग 300 बच्चों, अध्यापकों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं जनमानस ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। तिरंगा रैली का शुभारम्भ अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक बृजभूषण, जिला युवा अधिकारी प्रिया तिवारी, क्रीड़ा सचिव संजय मिश्रा तथा डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर कटियार जी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। तिरंगा रैली के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने का संकल्प लिया।1
- सजेती पुलिस ने अवैध तमंचा और कारतूस के साथ एक युवक को दबोचा कानपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा अपराध की रोकथाम और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सजेती थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुजेला पुल के पास से एक युवक को अवैध तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। सजेती थाना प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि एक युवक अवैध हथियार के साथ घाटमपुर से सजेती की ओर आने वाले रास्ते पर गुजेला पुल के पास किसी का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान रोहित (लगभग 25 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय संतोष सिंह, निवासी ग्राम अमौली, थाना सजेती के रूप में हुई है। जामा तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक 12 बोर का देशी तमंचा और एक 12 बोर का जिंदा कारतूस बरामद किया। सजेती पुलिस ने आरोपी रोहित के खिलाफ थाना स्थानीय पर मु०अ०सं० 256/2025 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। पुलिस द्वारा आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी में थानाध्यक्ष अनुज कुमार, उपनिरीक्षक विनीत कुमार गौतम, सालिक राम और उपनिरीक्षक बृजेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- कीचड़ में फंसी स्कूल बस, पैदल निकलने को मजबूर बच्चे! उरई की करमेर रोड पर करोड़ों की सड़क पर उठे सवाल उरई की करमेर रोड से शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। सड़क निर्माण के बीच बारिश के बाद रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया, जिससे स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह सड़क लंबे समय से बदहाल थी और निर्माण शुरू होने के बाद उन्हें राहत की उम्मीद थी। लेकिन बारिश के बाद सड़क की स्थिति और खराब हो गई। बच्चों को इसी कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है और कीचड़ में बस फंसने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। वहीं आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक इस सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृत लागत 4317.20 लाख रुपये यानी करीब 43.17 करोड़ रुपये बताई गई है। अनुबंध 25 फरवरी 2026 को हुआ और कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 24 मई 2027 है। अब सवाल यह है कि निर्माणाधीन सड़क पर जल निकासी और आवागमन की सुरक्षित व्यवस्था क्यों नहीं है? क्या निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच हो रही है? क्या लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे? हालांकि सड़क निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए अंतिम गुणवत्ता पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। लेकिन बारिश के दौरान सामने आई इन तस्वीरों और स्थानीय लोगों की शिकायतों की जांच जरूर होनी चाहिए। करमेर रोड की इस तस्वीर पर आपकी क्या राय है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करनी चाहिए? कमेंट में बताइए।2
- घाटमपुर सीएचसी से 5 लाख में बच्चा चोरी कराने वाला बिजली विभाग का एसडीओ गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल घाटमपुर सीएचसी से 5 लाख में बच्चा चोरी कराने वाला एसडीओ गिरफ्तार घाटमपुर सीएचसी से 10 मई को चोरी हुए बच्चे के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मौदहा में तैनात बिजली विभाग के एसडीओ ने बेटे की चाहत में संविदा एएनएम से पांच लाख में बच्चा चुरवाया था। महिला को अस्पताल के बाहर से पकड़कर बच्चे को बरामद कर लिया गया था। महिला की सीडीआर के आधार पर एसडीओ को रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने घटनाकबूलकर ली। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। घाटमपुर सीएचसी में 10 मई को बम्हौरी गांव निवासी अवनीश की पत्नी मंजू को प्रसव पीड़ा के कारण भर्ती कराया गया था। यहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया। दिनभर सीएचसी में एक महिला मौजूद रही और रात करीब नौ बजे मौका पाकर नवजात को झोले में भरकर भागने लगी। उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया था। आरोपित महिला की पहचान बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र के अनुवान गांव निवासी विनोद की पत्नी 42 वर्षीय गीता के रूप में हुई थी। वह पुखरायां के देवीपुर में संविदा पर एएनएम थी। महिला को जेल भेजने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इंस्पेक्टर मनोज भदौरिया ने बताया 10मई को सीएचसी से चोरी हुए बच्चे के मामले का मास्टरमाइंड निकला मौदहा में तैनात एसडीओ बेटे की चाहत में एएनएम से चुरवाया था बच्चा आरोपित एएनएम पहले ही गिरफ्तार हो चुकी कि जांच में पता चला कि महिला महोबा में तैनात एसडीओ रामकुमार वर्मा से मोबाइल पर नियमित बात करती थी। रामकुमार सजेती थाना क्षेत्र के सूखापुर गांव का रहने वाला है। रविवार को पुलिस ने एसडीओ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसके दो बेटियां हैं। बेटे की चाहत में उसने गीता से संपर्क किया और पांच लाख रुपये का लालच देकर उससे बच्चा चुरवाया था। चुरवाया बच्चा1