बदहाल सड़क ने खोली विकास की पोल — नसीरपुर चौराहे से गुंजारी रोड तक 900 मीटर मार्ग गड्ढों में तब्दील, ग्रामीणों में आक्रोश नसीरपुर। नसीरपुर चौराहे से गुंजारी रोड तक जाने वाला लगभग 900 मीटर लंबा डामर मार्ग बदहाली की मार झेल रहा है। कभी आवागमन का मुख्य सहारा रही यह सड़क अब जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। नसीरपुर चौराहे से स्कूल तक सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। सड़क पर उखड़ा डामर, धंसान और गड्ढे प्रशासनिक लापरवाही और खराब निर्माण की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहन, डंपर और सुठालिया डैम की ओर जाने वाले बड़े ट्रक गुजरते हैं, जिससे सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। भारी वाहनों के दबाव से डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और सड़क कई जगहों पर खतरनाक बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र का मुख्य संपर्क मार्ग है, लेकिन इसकी दुर्दशा से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खराब सड़क के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। हल्की बारिश में ही गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे सड़क तालाब जैसी दिखने लगती है और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। किसानों ने भी चिंता जताई है कि फसल का समय नजदीक है और इसी मार्ग से खेतों तक आना-जाना करना पड़ता है। सड़क खराब होने से ट्रैक्टर-ट्रॉली और कृषि उपकरणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, जिससे खेती के कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि जल्द ही सड़क के गड्ढे नहीं भरे गए और मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाए, गड्ढों को भरा जाए और भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लगाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। अब बड़ा सवाल यह है कि लगातार शिकायतों और बढ़ती परेशानी के बावजूद प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देगा, या फिर ग्रामीणों को यूं ही बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर चलना पड़ेगा। आपको बता दें कि संबंधित सड़क वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई थी, लेकिन उस समय कार्य पूर्ण नहीं किया गया और अधूरा छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में यह सड़क पुनः पीडब्ल्यूडी को सौंप दी
बदहाल सड़क ने खोली विकास की पोल — नसीरपुर चौराहे से गुंजारी रोड तक 900 मीटर मार्ग गड्ढों में तब्दील, ग्रामीणों में आक्रोश नसीरपुर। नसीरपुर चौराहे से गुंजारी रोड तक जाने वाला लगभग 900 मीटर लंबा डामर मार्ग बदहाली की मार झेल रहा है। कभी आवागमन का मुख्य सहारा रही यह सड़क अब जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। नसीरपुर चौराहे से स्कूल तक सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। सड़क पर उखड़ा डामर, धंसान और गड्ढे प्रशासनिक लापरवाही और खराब निर्माण की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहन, डंपर और सुठालिया डैम की
ओर जाने वाले बड़े ट्रक गुजरते हैं, जिससे सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। भारी वाहनों के दबाव से डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और सड़क कई जगहों पर खतरनाक बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र का मुख्य संपर्क मार्ग है, लेकिन इसकी दुर्दशा से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। खराब सड़क के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और
बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। हल्की बारिश में ही गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे सड़क तालाब जैसी दिखने लगती है और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। किसानों ने भी चिंता जताई है कि फसल का समय नजदीक है और इसी मार्ग से खेतों तक आना-जाना करना पड़ता है। सड़क खराब होने से ट्रैक्टर-ट्रॉली और कृषि उपकरणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, जिससे खेती के कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि जल्द ही सड़क के गड्ढे नहीं भरे गए और मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है
कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराई जाए, गड्ढों को भरा जाए और भारी वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लगाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। अब बड़ा सवाल यह है कि लगातार शिकायतों और बढ़ती परेशानी के बावजूद प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देगा, या फिर ग्रामीणों को यूं ही बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर चलना पड़ेगा। आपको बता दें कि संबंधित सड़क वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई थी, लेकिन उस समय कार्य पूर्ण नहीं किया गया और अधूरा छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में यह सड़क पुनः पीडब्ल्यूडी को सौंप दी
- गुना जिले के बीनागंज थाना अंतर्गत पालकी यात्रा चल समारोह निकाला जा रहा था पुलिस चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा यात्रा में बाधा डालतें हुए व्यवस्था और आम श्रद्धालुओं को डराने धमकाने एवं सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाओं को आहत करने के विरोध में एसडीएम को दिया ज्ञापन। महाशिवरात्रि पर समस्त हिन्दू जनमानस द्वारा महाशिवरात्रि पर्व पर नगर बीनागंज में बाबा महाकाल की पालकी यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व 15/02/2026 पर पालकी यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा में महिला सशक्तीकरण एवं हमारी बेटियों को आत्मरक्षा हेतु सन्देश के रूप में प्रदर्शन किया जा रहा था। जुलूस में चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह यादव द्वारा भोले बाबा के डमरू बजाने वाले भक्तों को को धक्का दिया गया। मुख्य मंदिर जैन मंदिर चौरहा पर पालकी यात्रा एवं श्री ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी श्री अजय पारीक द्वारा कहा गया की चार पहिया वाहन यात्रा के मध्य में प्रवेश कर रहे हैं जिसमें महिलायों को एवं बेटीयों को चोट लग सकती हैं एवं सनातनीयों को यात्रा में बाधा पहुंच रही है। इस पर चौकी प्रभारी ने गरम लहजे में पुजारी जी के साथ बदतमीजी करते हुए। कहा कि यात्रा को वापस ले जाओं में व्यवस्था नहीं कर पाऊंगा। बीनागंज में धार्मिक जुलसों का ठेका नही ले रखा हैं। यात्रा को वापस ले जाओं मत निकालों एवं डराया धमकाया जो कि समस्त सनातनीयों को अपमान हैं। इस घटना से क्षेत्र के हिन्दु जनमानस में आकोश हैं। पूर्व में भी इनकें द्वारा धार्मिक आयोजन में इस प्रकार की घटना की जा चुकी हैं उचित कार्यवाही की जावे यदि 2 दिवस में उचित कार्यावाही नहीं की जाती है। तो समस्त हिन्दू जनमानस एवं समस्त हिन्दू संगठनों द्वारा संवैधानिक रूप से आंदोलन का मार्ग तय किया जायेगा। जिसका जिम्मेदार स्वंय प्रशासन रहेगा1
- Post by Avdhesh Prajapati1
- Post by Raees Khan2
- अशोकनगर - पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को नागरिकों की सहायता हेतु तत्काल कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में, अति0 पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह कँवर, एसडीओपी विवेक शर्मा, एवं थाना देहात प्रभारी भुबनेश शर्मा द्वारा मानसिक रूप से बीमार बुजुर्ग महिला को परिजनों से मिलाया गया उल्लेखनीय है कि सोमबार को थाना देहात क्षेत्र के ग्राम राजतला से डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई कि एक अज्ञात बुजुर्ग महिला गांव में भटक रही है, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही है तथा अपने संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही है। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली की 112 एफआरव्ही-12, जिसमें ड्यूटीरत प्रआर अरुण पाल उपस्थित थे, तत्काल मौके पर पहुंचे और महिला को सुरक्षित थाना देहात लेकर आए। थाना प्रभारी देहात उप निरीक्षक भुवनेश शर्मा द्वारा महिला से नाम एवं निवास स्थान के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। महिला ने अपना नाम किशन बाई बताया तथा खिरियाटांका एवं आसपास के कुछ गांवों के नाम बताए, साथ ही यह भी बताया कि वह तालाब के पास रहती है। हालांकि वह अपने परिवार के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थीं। प्राप्त संकेतों के आधार पर चीता-3 को तुलसी सरोवर तालाब क्षेत्र में जानकारी जुटाने हेतु रवाना किया गया। साथ ही महिला का फोटो एवं नाम, उनके द्वारा बताए गए गांवों के सरपंचों को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजकर पहचान कराने का प्रयास किया गया। तत्पश्चात एक व्यक्ति द्वारा महिला की पहचान किशन बाई यादव, निवासी ग्राम खिरियाटांका, हाल निवासी डॉक्टर कॉलोनी के रूप में की गई तथा उनके पुत्र चन्द्रपाल सिंह पुत्र गोविन्द सिंह यादव की जानकारी उपलब्ध कराई गई। सूचना के आधार पर चीता-3 को डॉक्टर कॉलोनी भेजकर महिला के पुत्र से संपर्क किया गया और उन्हें थाने बुलाया गया। थाना देहात में पुत्र द्वारा महिला की पहचान अपनी माता के रूप में की गई। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी देहात उपनिरीक्षक भुवनेश शर्मा, प्रआर अरुण पाल (थाना कोतवाली), आरक्षक पुष्पेन्द्र जाट एवं मआर संध्या रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- Post by Chauthmal Verma1
- Bhastrika Pranayam at home1
- स्वच्छता अभियान पखवाड़े को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई छीपाबडौद प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान अंतर्गत स्वच्छता को लेकर पंचायत समिति छीपाबड़ौद की सभी ग्राम पंचायत में सभी गांव को प्लास्टिक मुक्त एवं स्वच्छ बनाए जाने हेतु आमजन को जागरूक करने प्रेरित करने के लिए विद्यालय स्तर पर सभी ग्राम पंचायत में छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता संबंधित रैलियां निकाली गई। साथ ही पंचायत समिति द्वारा प्लास्टिक कचरा मुक्त स्वच्छता संबंधित संदेश को लेकर स्वच्छता रथ का पंचायत समिति कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर संचालन किया गया। उक्त रथ क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायत में स्वच्छता से संबंधित संदेश देगा एवं आमजन को जागरूक करेगा साथ ही सभी ग्राम पंचायत में आमजन को स्वच्छता हेतु जागरूक करने के लिए चौपाल का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से भी लोगों को प्लास्टिक कचरा मुक्त करना एवं सभी गांव को स्वच्छ बनाए रखने हेतु व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। स्वच्छता रथ को हरी झंडी प्रधान नरेश मीणा, विकास अधिकारी राधेश्याम भील, अधीक्षण अभियंता सूर्य प्रकाश जारवाल द्वारा रवाना किया गया। इस अवसर पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। छीपाबडौद विकास अधिकारी राधेश्याम भील द्वारा स्वयं ग्राम पंचायत पछाड़, ढोलम एवं अन्य ग्राम पंचायत में उपस्थित रहकर चौपाल का निरीक्षण कर उपस्थित आम जन को सभी गांव को प्लास्टिक कचरा मुक्त करने एवं स्वच्छता रखने का संदेश दिया गया। चौपाल में सहायक विकास अधिकारी हरीश यादव ग्राम, विकास अधिकारी ललित शर्मा, प्रदुम्न नागर, मूलचंद शर्मा, ब्रजराज मीणा, प्रशासक रामकवरी बाई सरिता शर्मा आदि उपस्थित रहे। Jitendra Kushwah Mob. 89699996272
- तूमडा विद्यालय में कक्षा 8 के विद्यार्थियों को दी भावभीनी विदाई छीपाबड़ौद - छीपाबड़ौद कस्बे के निकटवर्ती ग्राम तूमडा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपेंद्र मीणा रहे। वहीं अध्यक्षता शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेश मीणा द्वारा की गई। समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार योगी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा का सफर निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक ओम प्रकाश सिंह, चेतन प्रकाश मेघवाल, हरीश मीना, प्रमिला शर्मा और पुष्पलता मालव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के गुर सिखाए और जीवन में नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने की सीख दी। विदाई ले रहे विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे माहौल भावुक हो गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।2