वैदिक मंत्रोच्चार और नारियल होम के साथ ऐतिहासिक श्री सिद्धि विनायक प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न श्रद्धा और भक्ति के संगम के बीच 7 फरवरी से चल रहे ऐतिहासिक श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आज विधिवत समापन हो गया। अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार और नारियल होम की पूर्णाहुति के साथ वातावरण पूरी तरह गणेशमय हो गया। पंडित प्रदीप शुक्ला के कुशल निर्देशन में संपन्न हुए इस अनुष्ठान ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। महोत्सव के अंतिम दिन की शुरुआत प्रातःकालीन नित्य पूजन से हुई। इसके पश्चात शुभ मुहूर्त में शिखर प्रतिष्ठा और मूर्ति प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में कीर्ति स्तम्भ की स्थापना भी की गई। अंत में, विधि-विधान के साथ नारियल होम का आयोजन हुआ, जिसमें यजमानों और श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। इस पावन अवसर पर धर्मसभा का भी आयोजन हुआ, जिसमें साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु आश्रम छींच के महंत घनश्यामदास जी महाराज, लालीवाव मठ के महंत हरिओम शरण दास जी महाराज, अढ़ाईश्वर महादेव के महंत प्रहलाद दास त्यागी जी महाराज और शांति कुटीर आश्रम के शांतिदास बैरागी सहित अनेक संतों ने उपस्थित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। प्राण-प्रतिष्ठा के साक्षी बनने के लिए न केवल स्थानीय जिले से, बल्कि अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सर्व सनातन समाज के प्रतिनिधियों और धर्मप्रेमी बंधुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। मंदिर परिसर 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंजता रहा। आयोजन समिति के शैलेंद्र पंड्या ने बताया कि यह महोत्सव धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी केंद्र बना। सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया, जो सनातन संस्कृति की मजबूती का प्रत्यक्ष प्रमाण है। पंडित नरेंद्र आचार्य, नरेश त्रिवेदी, किशोर त्रिवेदी, राजेश त्रिवेदी, रौनक आचार्य,कमल भट्ट, हरिश्चंद्र उपाध्याय, लालेंग मसानी, हरिकृष्ण पंड्या, वालैंग राठौड़, नाथजी मसानी, अर्जुन मसानी, मनोज सुथार, गिरीश सुथार, भरत मसानी, भाजपा नेता कृष्णा कटारा सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार और नारियल होम के साथ ऐतिहासिक श्री सिद्धि विनायक प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न श्रद्धा और भक्ति के संगम के बीच 7 फरवरी से चल रहे ऐतिहासिक श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आज विधिवत समापन हो गया। अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार और नारियल होम की पूर्णाहुति के साथ वातावरण पूरी तरह गणेशमय हो गया। पंडित प्रदीप शुक्ला के कुशल निर्देशन में संपन्न हुए इस अनुष्ठान ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। महोत्सव के अंतिम दिन की
शुरुआत प्रातःकालीन नित्य पूजन से हुई। इसके पश्चात शुभ मुहूर्त में शिखर प्रतिष्ठा और मूर्ति प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में कीर्ति स्तम्भ की स्थापना भी की गई। अंत में, विधि-विधान के साथ नारियल होम का आयोजन हुआ, जिसमें यजमानों और श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। इस पावन अवसर पर धर्मसभा का भी आयोजन हुआ, जिसमें साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु आश्रम छींच के महंत घनश्यामदास जी महाराज, लालीवाव मठ के महंत हरिओम शरण दास जी महाराज,
अढ़ाईश्वर महादेव के महंत प्रहलाद दास त्यागी जी महाराज और शांति कुटीर आश्रम के शांतिदास बैरागी सहित अनेक संतों ने उपस्थित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया। प्राण-प्रतिष्ठा के साक्षी बनने के लिए न केवल स्थानीय जिले से, बल्कि अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सर्व सनातन समाज के प्रतिनिधियों और धर्मप्रेमी बंधुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की। मंदिर परिसर 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंजता रहा। आयोजन समिति
के शैलेंद्र पंड्या ने बताया कि यह महोत्सव धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी केंद्र बना। सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया, जो सनातन संस्कृति की मजबूती का प्रत्यक्ष प्रमाण है। पंडित नरेंद्र आचार्य, नरेश त्रिवेदी, किशोर त्रिवेदी, राजेश त्रिवेदी, रौनक आचार्य,कमल भट्ट, हरिश्चंद्र उपाध्याय, लालेंग मसानी, हरिकृष्ण पंड्या, वालैंग राठौड़, नाथजी मसानी, अर्जुन मसानी, मनोज सुथार, गिरीश सुथार, भरत मसानी, भाजपा नेता कृष्णा कटारा सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
- आज राजस्थान विधानसभा में पेश किया गया बजट न सिर्फ निराशाजनक है बल्कि प्रदेश की जनता में भविष्य को लेकर चिंताएं पैदा करने वाला है। भाजपा सरकार के बजट में कोई घोषणा ऐसी नहीं है जिसे व्यापक जनहित में कहा जा सके। समाज का हर वर्ग इस बजट को देखकर हताश होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करने वाली भाजपा सरकार ने पूरे बजट में रिफाइनरी तथा ERCP जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का जिक्र तक नहीं किया है। पिछले बजट में रिफाइनरी का उद्घाटन अगस्त, 2025 तक करने की घोषणा की गई जो आज तक पूरी नहीं हुई है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हर वर्ष 15% बढ़ोतरी का प्रावधान कांग्रेस सरकार ने किया था। पिछले दो बजट में इस बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की जाती थी परन्तु इस बार सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोत्तरी की कोई घोषणा न होने से 90 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों में निराशा हुई है। 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी की आस लगाकर बैठे युवाओं के लिए किसी बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की गई है। कम पदों पर भी भर्तियां संविदा आधार पर करने की घोषणा की है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने की घोषणा की गई है पर NTA बीते दिनों विवादों का केन्द्र बनी थी। RPSC में सदस्य संख्या बढ़ाकर 10 करने वाली भाजपा सरकार अभी तक RPSC सदस्यों की रिक्तियों तक को नहीं भर सकी है। STA केवल और केवल भाजपा सरकार के दौरान हो रहे OMR घोटाले से युवाओं का ध्यान हटाने की कवायद लगती है। कांग्रेस सरकार के दौरान गरीब वर्ग के लिए शुरू की गई अन्नपूर्णा राशन किट को बहाल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। देशभर में उदाहरण बनी 25 लाख रुपये की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (वर्तमान में MAA योजना) के बारे में जनता में यह भ्रम की स्थिति बन चुकी है कि यह बीमा अब 25 लाख की बजाय 5 लाख रुपये का हो चुका है जबकि कागजों में बीमा अभी भी 25 लाख रुपये का है। सरकार को कम से कम इस भ्रांति को दूर करने के लिए ही एक घोषणा करनी चाहिए थी। राज्य के सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जिन मांगों को लेकर उन्होंने जयपुर में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था उन पर ध्यान दिया जाएगा एवं इससे संबंधित घोषणा की जाएगी परन्तु उन्हें भी निराशा हाथ लगी। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को भी इस बजट से निराशा ही हाथ लगी है क्योंकि पूरे बजट में पत्रकारों के लिए भी कोई घोषणा नहीं की गई है। नए जिलों पर भी भाजपा केवल राजनीति कर रही है। जुलाई 2024 में पेश किए गए संशोधित बजट में सरकार ने नए जिलों के बुनियादी ढांचे के लिए ₹1,000 करोड़ की घोषणा की थी। फिर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 12 मार्च 2025 को विधानसभा में बजट चर्चा के जवाब के दौरान पुनः ऐसी ही घोषणा की। आज पुनः 3000 करोड़ रुपए नए जिलों में मिनी सचिवालय के लिए घोषित किए हैं। 2 साल में कितने मिनी सचिवालय बने हैं, यह भी जानकारी देनी चाहिए थी। वित्त मंत्री ने 2024 के बजट में 25 लाख नल कनेक्शन एवं 2025 के बजट में 20 लाख नल कनेक्शन उक्त वित्त वर्षों में देने की घोषणा की थी। आज स्वयं वित्त मंत्री महोदय ने बताया है कि दो साल में 14 लाख जल कनेक्शन ही लगाए जा सके हैं जबकि वादा 45 लाख नल कनेक्शन का था। ये सरकार की खुली असफलता है जबकि यही भाजपा कांग्रेस सरकार पर जल जीवन मिशन की धीमी गति करने के आरोप लगाती थी। कांग्रेस सरकार में एक भावना थी कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए काम मांगते-मांगते थक जाएंगे पर सरकार काम देते-देते नहीं थकेगी। यह कांग्रेस सरकार ने सिर्फ कहा नहीं बल्कि करके दिखाया एवं घोषणाएं जमीन पर उतरीं। भाजपा सरकार की हालत देखने के बाद न तो जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए कुछ मांग पा रहे हैं और न ही सरकार कुछ काम दे पा रही है।1
- माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत राजस्थान बजट पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ जिला संयोजक व चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रथीक राजेंद्र मेहता ने बजट को जनकल्याणकारी, संतुलित और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि इसमें शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, पर्यटन व उद्योग जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देकर प्रदेश के समग्र विकास की मजबूत नींव रखी गई है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश कार्य समिति सदस्य हंसमुख लाल सेठ ने बजट को आमजन के लिए निराशाजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्ग को कोई ठोस राहत नहीं मिली तथा महंगाई और रोजमर्रा की समस्याओं पर प्रभावी समाधान का अभाव है। सत्तापक्ष जहां बजट को विकास का रोडमैप बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे आमजन से दूर मान रहा है। अब इसकी वास्तविक तस्वीर आने वाले समय में क्रियान्वयन से ही स्पष्ट होगी।2
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी राजस्थान विधानसभा में चल रहा है विधानसभा में बजट का वाचन वित्त मंत्री दिया कुमारी बजट का वाचन कर रही है। कांग्रेस के विधायक और प्रतिपक्ष के नेता और विधायक थोड़ा हंगामा कर देते हैं। किन्तु सभापति वासुदेव देवनानी के सख्त रवैया के कारण वह ज्यादा हंगामा नहीं कर पाते हैं उन्होंने रोहित बोहरा और गोविंद सिंह डोटासरा को भी शांति से बजट सुनने की नसीहत दी। और कहा कि 3 दिन वजट पर बहस होगी। आप खुलकर बोलने खुलकर आलोचना करने के लिए कहा।1
- वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम दिया कुमारी आज विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट से डूंगरपुर के लोगों को कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की गईं। प्रदेश के आम बजट में डूंगरपुर को मिली कई सौगातें- बेणेश्वर एनीकेट की रीमॉडलिंग के लिए 130 करोड़ बेणेश्वर धाम में संगम एवं आबूदर्रा में घाटों का निर्माण एवं बेणेश्वर एनीकेट की रीमॉडलिंग कार्य के लिए 130 करोड़ की सौगात दी गई है। बेणेश्वर धाम प्रमुख आस्था का केंद्र है। यहां हर साल मेले में लाखों लोग आते है। रिवर फ्रंट निर्माण के लिए 100 करोड़ मोरन नदी को पुनर्जीवित करने, नदी के दोनों तरफ घाट, विशाल कुंड एवं खड़गदा गांव में रिवर फ्रंट के प्रथम चरण के निर्माण के लिए 100 करोड़ की सौगात मिली है। रिवर फ्रंट के लिए खड़गदा गांव के लोगों ने रामकथा और लोगो की भागीदारी के माध्यम से 2 करोड़ से ज्यादा का काम करवाया और जल संरक्षण की पहल की। इसका केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ओर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सालभर पहले उदघाटन करते हुए रिवर फ्रंट के लिए जल्द भरोसा दिया था। कथावाचक कमलेश भाई शास्त्री, चंद्रेश व्यास ने बजट में रिवर फ्रंट के लिए बजट मिलने पर खुशी जताई है। सड़क निर्माण के लिए 15 करोड़ बाबरा का नाका दोवड़ा, धाम का तालाब सीमलवाडा एवं चौरासी में एक एनीकेट के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का होगा काम। 15 करोड़ की लागत से अंबाडा पटली जोहरा सड़क व मोरन नदी पर होगा पुलिया निर्माण की घोषणा की गई है। - सागवाड़ा में वरसिंहपुर में 33/11 केवी जीएसएम की भी घोषणा हुई। - स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मल्टीपर्पस इनडोर हॉल एवं सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के निर्माण की सौगात मिली है। - अमरपुरा बांध की नहर अमरपुरा से डुका कनबा तक नहरों का जीर्णोद्धार का काम होगा। जिससे किसानों को सिंचाई में फायदा मिलेगा। - अनास नदी से व्यर्थ बहकर जा रहे वर्षा जल को फीडर नहर के माध्यम से डूंगरपुर के सोम कमला आंबा तक लाने का काम होगा।1
- Post by राघवेन्द्र सिंह1
- कहा - टेंट और पेड़ों के नीचे चल रहे स्कूल संसद के बजट सत्र में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में लाखों कक्षाएं जर्जर हैं और कई स्कूल अब भी टेंट या पेड़ों के नीचे चल रहे हैं। रोत ने सरकार से माही-कडाणा वृहद जल परियोजना की मांग की ताकि किसानों को सिंचाई का हक मिले और क्षेत्र से हो रहे पलायन को रोका जा सके। स्वास्थ्य और मानदेय के मुद्दों पर बोलते हुए सांसद ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पोषाहार श्रमिकों के लिए सम्मानजनक मानदेय की वकालत की। उन्होंने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि जल-जंगल-जमीन की लड़ाई अब हथियारों से नहीं, बल्कि कलम और शिक्षा के जरिए लड़ी जानी चाहिए। रोत ने स्पष्ट किया कि जब तक आदिवासी समाज शिक्षित नहीं होगा और उन्हें संवैधानिक अधिकार नहीं मिलेंगे, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा।1
- पिछड़ा मोर्चा जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह चौहान के द्वारा शामगढ़ पहुंचने पर पिछड़ा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार शामगढ़ पहुंचे साथ में प्रदेश मंत्री धीरज पाटीदार पहुंचे। किया गया दोनों का भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा भव्य रूप से स्वागत1
- बांसवाड़ा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन दिलाने के उद्देश्य से बड़ा टिमोडा क्षेत्र में विशेष शिविर आयोजित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशानुसार गोविंद जी की दुकान के सामने बुधवार को सुबह 10:30 बजे से शाम तक शिविर लगाया गया, जहां कारोबारियों को लाइसेंस बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी उम्मेद मल टेलर ने बताया कि विक्रेता, निर्माता, थोक-फुटकर व्यापारी, डेयरी, होटल-ढाबा, केंटीन, मेडिकल स्टोर सहित सभी खाद्य व्यवसायियों से शिविर में पहुंचकर पंजीकरण कराने की अपील की गई है। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, फोटो, पता व बिजली बिल शामिल हैं। 12 लाख से अधिक टर्नओवर पर वार्षिक लाइसेंस शुल्क 2000 रुपये तथा छोटे कारोबारियों के लिए 100 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित है। बिना लाइसेंस कारोबार पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।1