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इस 👮 पोस्ट पर सरकार अपना ध्यान आकर्षित करे इसमे एक पुलिस स्पेकटर द्वारा रिश्वत मांगी गई है अब आप देख सकते है
मिस्टर बलराम चौधरी जी
इस 👮 पोस्ट पर सरकार अपना ध्यान आकर्षित करे इसमे एक पुलिस स्पेकटर द्वारा रिश्वत मांगी गई है अब आप देख सकते है
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- इस 👮 पोस्ट पर सरकार अपना ध्यान आकर्षित करे इसमे एक पुलिस स्पेकटर द्वारा रिश्वत मांगी गई है अब आप देख सकते है1
- भारत का रहने वाला हूं भारत की बात सुनाता हूं, है प्रीत जहाँ की रीत सदा...!! अधिकार और कर्तव्य दोंनों🇮🇳☝एक ही सिक्के के दो पहलू होते है2
- कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर मिदरवाहा। ग्राम पंचायत मिदरवाहा के समीप कुजान घाट पर जामनी नदी का पानी बढ़ने से पुल पानी में डूब गया है। इसके बावजूद राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर नदी के तेज बहाव के बीच से मोटरसाइकिल निकालने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ लोग करीब 50 रुपये लेकर मोटरसाइकिलों को पानी के बीच से निकालने में मदद कर रहे हैं। बरसात के दिनों में कुजान घाट पर पानी बढ़ने से आवागमन की समस्या लगातार बनी रहती है। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद लोग मजबूरी में इस रास्ते से निकल रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को मौके पर पहुंचकर आवागमन रोकने और राहगीरों की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए। बताया जाता है कि मिदरवाहा और पठा के बीच जामनी नदी पर बने कुजान घाट के रपटे पर बरसात में अक्सर पानी ऊपर से बहने लगता है। इस समस्या को देखते हुए यहां स्थायी पुल की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मौके पर निगरानी बढ़ाने तथा पानी कम होने तक लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करने से रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल डूबने के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे राहगीरों की जान खतरे में बनी हुई है। फोटो कैप्शन: कुजान घाट पर जामनी नदी के बढ़े पानी में डूबा रपटा, जोखिम के बीच मोटरसाइकिल निकालते राहगीर।1
- बैंकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ शासकीय माध्यमिक शाला मातौली की जमीनी हक़ीक़त, जिला प्रशासन की ओर सादर सूचनार्थ। PRO Tikamgarh Jansampark Madhya Pradesh Collector Tikamgarh Vivek Shrotriya Sagar Commissioner Dr Mohan Yadav #tikamgarh #TikamgarhNews1
- कुएं में गिरकर मोर घायल, वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू दिगौड़ा 26 अगस्त टीकमगढ़ जिले के जतारा क्षेत्र के बैदपुर गांव में आज बुधवार को एक कुएं में मोर गिर गया था। वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल मोर को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला और इलाज के लिए जतारा ले जाया गया। जानकारी के अनुसार, जतारा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बैदपुर में खेत मे स्थित कुएं में एक मोर गिर गया था। कुएं में गिरने से मोर की हालत गंभीर हो गई थी। खेत मालिक दीपेश सिंह घोष ने इसकी जानकारी वन विभाग के जतारा ऑफिस में दी गई। वहां से वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कुएं से मोर को बाहर निकाला। वन विभाग की टीम मोर को उपचार के लिए जतारा वन विभाग कार्यालय में अपने साथ ले गई है।1
- टीकमगढ़ में जश्ने ईद मीलादुन्नवी का जूलूस बड़ी शान शौकत के साथ निकाला जा रहा है2
- दशकों पढ़ाया, अब फिर परीक्षा क्यों? TET के विरोध में शिक्षक कांग्रेस का हल्ला बोल 15 से 30 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग, जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजा ज्ञापन; संज्ञान में नहीं लिया तो आंदोलन की चेतावनी। टीकमगढ़। वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के सामने एक बार फिर परीक्षा की बाध्यता का मुद्दा खड़ा हो गया है। 15 से 30 वर्षों तक शासकीय सेवा दे चुके शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल होने के लिए बाध्य किए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने मंगलवार को आवाज बुलंद की। संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की है। शिक्षक कांग्रेस का तर्क है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले अनेक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति शासन द्वारा निर्धारित नियमों और चयन प्रक्रिया के तहत 15 से 30 वर्ष पहले हुई थी। इन शिक्षकों ने नियुक्ति के बाद लगातार सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दी हैं और वर्षों के अनुभव के आधार पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज मिश्रा ने कहा कि शिक्षक विभिन्न शासकीय नियमों और निर्धारित चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से नियुक्त हुए हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें सेवा करते हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान उन्होंने लगातार अध्यापन कार्य किया और अपने विषय में अनुभव हासिल किया। शिक्षक कांग्रेस का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता और कार्य अनुभव को नजरअंदाज कर फिर से परीक्षा की अनिवार्यता लागू करने से शिक्षकों में असंतोष और मानसिक दबाव की स्थिति बन रही है। ज्ञापन में शिक्षक कांग्रेस ने टीईटी की बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अनुभव और पूर्व में निर्धारित चयन प्रक्रिया को भी महत्व दिया जाना चाहिए। शिक्षकों के हित में सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के बीच बना असमंजस और असंतोष दूर हो सके। शिक्षक कांग्रेस ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है। संगठन का कहना है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान धीरज मिश्रा, नसीम खान, अमानत उल्ला, हिदायत उल्ला खान, अमर शर्मा, अनुपम दीक्षित, बृजेश मिश्रा, अशोक जैन क्रांतिकारी बल्देवगढ़,रईस खान, अशोक शर्मा, निखिल शर्मा, सदीक मोहम्मद, श्रीमती संगीता यादव,संतोष यादव, संजीव मिश्रा, बृजेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।4
- बैंकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ मध्य प्रदेश में सावन के महीने में कबडीया यात्रियों की भीड़ भाड़1