कटनी नगर//- दिनांक 01 मई2026 को दक्खिनी माता मंदिर की निकासी परिक्रमा संम्पन्न हुई खिरहनी फाटक क्षेत्र में शुक्रवार को धार्मिक आस्था और उत्साह का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। दिनांक 01 मई 2026 को दक्खिनी माता मंदिर की निकासी परिक्रमा विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। परिक्रमा के दौरान पूरे वार्ड में ‘धार’ चलाकर वार्ड बंधन की परंपरा निभाई गई, जिससे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और अधिक पवित्र हो गया। कार्यक्रम में गुरुदेव बिहारी लाल के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। मुख्य पंडा के रूप में नन्दू निषाद ने पूजा-पाठ और परिक्रमा का संचालन किया। उनके साथ रमेश निषाद, राकेश निषाद और बुद्धु साहू ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों के साथ पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया, जिससे माहौल भक्तिमय हो उठा। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आपसी भाईचारा और एकता को मजबूत करते हैं। आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसे लेकर सभी में प्रसन्नता का माहौल रहा। आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद (पत्रकार) #7509747686
कटनी नगर//- दिनांक 01 मई2026 को दक्खिनी माता मंदिर की निकासी परिक्रमा संम्पन्न हुई खिरहनी फाटक क्षेत्र में शुक्रवार को धार्मिक आस्था और उत्साह का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। दिनांक 01 मई 2026 को दक्खिनी माता मंदिर की निकासी परिक्रमा विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय
श्रद्धालु शामिल हुए। परिक्रमा के दौरान पूरे वार्ड में ‘धार’ चलाकर वार्ड बंधन की परंपरा निभाई गई, जिससे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और अधिक पवित्र हो गया। कार्यक्रम में गुरुदेव बिहारी लाल के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। मुख्य पंडा के रूप में नन्दू निषाद
ने पूजा-पाठ और परिक्रमा का संचालन किया। उनके साथ रमेश निषाद, राकेश निषाद और बुद्धु साहू ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों के साथ पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया, जिससे माहौल भक्तिमय हो उठा। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भी अच्छी
भागीदारी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आपसी भाईचारा और एकता को मजबूत करते हैं। आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसे लेकर सभी में प्रसन्नता का माहौल रहा। आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद (पत्रकार) #7509747686
- एक वीडियो आया सामने बरगी बांध जबलपुर में क्रूर डूबने पर प्रशासन पर उठे सवाल लोगों ने की निंदा बहुत ही दुखद घटना1
- कटनी शराब पीकर आने वाले लोगों का मंदिर के पास होना धार्मिक माहौल को प्रभावित करता है बहस, शोर-शराबा या अभद्र व्यवहार की संभावना महिलाओं और बुजुर्गों को असुरक्षा महसूस हो रही है 2. अस्पताल के मरीजों और परिजनों के लिए अस्पताल के पास शांति जरूरी होती है, लेकिन शराब दुकान के कारण भीड़ और शोर बढ़ सकता है नशे में लोग मरीजों या स्टाफ से उलझ सकते हैं एम्बुलेंस मूवमेंट में बाधा (भीड़/गाड़ियाँ खड़ी होने से) 3. स्कूल के बच्चों पर प्रभाव बच्चों के सामने नशे का माहौल बनना, जो मानसिक रूप से गलत संदेश देता है स्कूल टाइम में भीड़ या झगड़े होने का खतरा छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल 4. आम जनता के लिए सड़क पर भीड़, ट्रैफिक जाम गंदगी (खाली बोतलें, प्लास्टिक) अपराध की संभावना बढ़ना (छेड़छाड़, झगड़े आदि) संवेदनशील जगहों से न्यूनतम दूरी रखना अनिवार्य होता है, जैसे: स्कूल / कॉलेज मंदिर / मस्जिद / धार्मिक स्थल अस्पताल आम तौर पर यह दूरी 100 मीटर से 200 मीटर के बीच होती है1
- बहोरीबंद।। बाकल क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज हवाओं के साथ उठे धूल के गुब्बारों ने कुछ ही पलों में आसमान को पूरी तरह ढक लिया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यात्री वाहनों के पहिए थम गए। बस और अन्य वाहन चालकों को मजबूरन अपने वाहन सड़क किनारे रोकने पड़े, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। कई स्थानों पर लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। तेज तूफान की वजह से कई पेड़ भी धराशाई हो गए। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और कई जगह जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवा के कारण छोटे दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानों के टीन-शेड हिल गए, जबकि बैनर और पोस्टर उड़कर सड़कों पर बिखर गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी-तूफान का यह अचानक रूप काफी भयावह था, जिससे कुछ समय के लिए सामान्य जनजीवन पूरी तरह थम सा गया।1
- शादी में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज पर आक्रोश, अजाक्स और भीम आर्मी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र अंतर्गत इंद्रा नगर में एक विवाह समारोह के दौरान हुई पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ अब विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। 'मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ' (अजाक्स) और और भीम आर्मी ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, बीती 20 अप्रैल को मैहर के ग्राम अमदरा से आई एक दलित समाज की बारात में पुलिसकर्मियों और सिविल ड्रेस में आए कुछ व्यक्तियों ने अमानवीय व्यवहार करते हुए बारातियों पर लाठियां भांजीं। इस औचक हमले में कई निर्दोष लोग चोटिल हुए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। अजाक्स ने इसे मानवाधिकारों का हनन बताते हुए दोषी कर्मियों को तत्काल निलंबित करने और उनके विरुद्ध SC/ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, संघ ने पीड़ित पक्ष के राहुल चौधरी व अन्य पर दर्ज किए गए मुकदमे को झूठा करार देते हुए उसे निरस्त करने का आग्रह किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिला, तो समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।1
- Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्1
- मैहर वार्ड क्रमांक 19 में झोपड़ी में लगी आग, दमकल और स्थानीय लोगों की मदद से पाया गया काबू मैहर के वार्ड क्रमांक 19 में एक गरीब परिवार की झोपड़ी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। वहीं दमकल विभाग की टीम भी समय पर पहुंच गई, जिसके संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया। आगजनी की इस घटना में झोपड़ी को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।2
- जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली। चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई। NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया। लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई। चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए। अब तक का अपडेट: कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी? मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।1
- खिरहनी फाटक क्षेत्र में शुक्रवार को धार्मिक आस्था और उत्साह का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। दिनांक 01 मई 2026 को दक्खिनी माता मंदिर की निकासी परिक्रमा विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। परिक्रमा के दौरान पूरे वार्ड में ‘धार’ चलाकर वार्ड बंधन की परंपरा निभाई गई, जिससे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और अधिक पवित्र हो गया। कार्यक्रम में गुरुदेव बिहारी लाल के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। मुख्य पंडा के रूप में नन्दू निषाद ने पूजा-पाठ और परिक्रमा का संचालन किया। उनके साथ रमेश निषाद, राकेश निषाद और बुद्धु साहू ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों के साथ पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया, जिससे माहौल भक्तिमय हो उठा। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन क्षेत्र में आपसी भाईचारा और एकता को मजबूत करते हैं। आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसे लेकर सभी में प्रसन्नता का माहौल रहा। आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद (पत्रकार) #75097476864