Shuru
Apke Nagar Ki App…
बारां जिले के ग्राम मनोहरपुर से सहरोद तक हाल ही में हुआ सड़क निर्माण कार्य घटिया गुणवत्ता की भेंट चढ़ गया है। इस नई सड़क को बने अभी पूरा एक महीना भी नहीं हुआ है और इसमें गंभीर दरारें आ गई हैं। आलम यह है कि महज एक दिन की बरसात झेलने के बाद ही यह रोड पूरी तरह से खराब हो चुकी है। सड़क निर्माण में हुए इस बेहद घटिया कार्य को लेकर भारी नाराजगी है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कुछ ही दिनों में यह सड़क अब राहगीरों के निकलने योग्य भी नहीं बचेगी। ग्राम मनोहरपुर से सहरोद तक बनी यह नवनिर्मित सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है।
Aakash nagar reporter
बारां जिले के ग्राम मनोहरपुर से सहरोद तक हाल ही में हुआ सड़क निर्माण कार्य घटिया गुणवत्ता की भेंट चढ़ गया है। इस नई सड़क को बने अभी पूरा एक महीना भी नहीं हुआ है और इसमें गंभीर दरारें आ गई हैं। आलम यह है कि महज एक दिन की बरसात झेलने के बाद ही यह रोड पूरी तरह से खराब हो चुकी है। सड़क निर्माण में हुए इस बेहद घटिया कार्य को लेकर भारी नाराजगी है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कुछ ही दिनों में यह सड़क अब राहगीरों के निकलने योग्य भी नहीं बचेगी। ग्राम मनोहरपुर से सहरोद तक बनी यह नवनिर्मित सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- बारां जिले के अटरू क्षेत्र में ग्राम मनोहरपुर से सहरोद तक 4 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य अभी कुछ ही दिनों पहले पूरा हुआ था, लेकिन महज एक दिन की बरसात में ही यह सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। अब इस सड़क की हालत कुछ इस प्रकार हो गई है कि ऐसा लगता है कि कुछ ही दिनों में यह सड़क ग्रामीणों के लिए बंद हो जाएगी।1
- राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में स्थित स्टेडियम में सुबह के डांस सेशन का आयोजन किया गया है।1
- Post by Dhanraj Meena1
- दतिया पुलिस द्वारा आरोपियों से जब्त किए गए अवैध हथियारों के विनष्टीकरण की कार्रवाई पुलिस कंट्रोल रूम में की गई है।1
- बारां जिले के शाहाबाद उपखंड की ग्राम पंचायत ढिकवानी में सहरिया जनजाति की महिलाओं ने पिछले तीन वर्षों से सरकारी आवास नहीं मिलने का आरोप लगाया है। गुरुवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, आवास की सुविधा न मिलने के कारण ये सहरिया महिलाएं कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि जब वे अपने आवेदन की जानकारी लेने जाती हैं, तो रोजगार सहायक और पंचायत सचिव उन्हें एक-दूसरे के पास भेज देते हैं। महिलाओं का दावा है कि उन्होंने दस्तावेजों के शुद्धिकरण सहित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इसके अलावा, उन्होंने ग्राम सेवा शिविर में विधायक के समक्ष भी अपनी समस्या रखी थी, लेकिन इसके बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। अब महिलाओं ने प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कर सभी पात्र परिवारों को शीघ्र आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।1
- झालावाड़-कोटा मार्ग पर स्थित दरा घाटी का भयंकर जाम अब केवल एक यातायात समस्या नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली गंभीर चुनौती बन चुका है। लोग यहाँ वर्षों से घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं, जिससे किसी की अस्पताल पहुंचने में देरी हो रही है तो किसी छात्र का भविष्य समय पर परीक्षा केंद्र न पहुंच पाने के कारण संकट में पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार एंबुलेंस के फंसने से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाया है, लेकिन इसके बावजूद दरा के नए हाईवे और टनल को अब तक आमजन के लिए शुरू नहीं किया गया है। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी कोटा प्रवास पर आए, लेकिन लोगों को अब भी इंतजार है कि आखिर इस परियोजना के उद्घाटन की तारीख कब तय होगी। जनता का सीधा सवाल है कि जब निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है तो इसे शुरू करने में आखिर देरी क्यों हो रही है। अब कोटा और झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लाखों लोगों की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि कब इस हाईवे को जनता के लिए समर्पित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत दरा क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के तहत लगभग 4.9 किलोमीटर लंबी ट्विन ट्यूब (दोहरी) टनल बनाई गई है, जो देश की सबसे चौड़ी 8-लेन सड़क टनलों में से एक है। टनल में अत्याधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी सिस्टम और आपातकालीन निकास की बेहतरीन सुविधाएं दी गई हैं। इसके प्रत्येक ट्यूब में चार-चार लेन हैं, जिससे भारी यातायात सुगमता से गुजर सकेगा और कोटा-झालावाड़ के बीच की यात्रा सुरक्षित और तेज होने के साथ दरा घाटी के जाम से स्थायी राहत मिल सकेगी।2
- बारां जिले के ग्राम मनोहरपुर से सहरोद तक हाल ही में हुआ सड़क निर्माण कार्य घटिया गुणवत्ता की भेंट चढ़ गया है। इस नई सड़क को बने अभी पूरा एक महीना भी नहीं हुआ है और इसमें गंभीर दरारें आ गई हैं। आलम यह है कि महज एक दिन की बरसात झेलने के बाद ही यह रोड पूरी तरह से खराब हो चुकी है। सड़क निर्माण में हुए इस बेहद घटिया कार्य को लेकर भारी नाराजगी है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कुछ ही दिनों में यह सड़क अब राहगीरों के निकलने योग्य भी नहीं बचेगी। ग्राम मनोहरपुर से सहरोद तक बनी यह नवनिर्मित सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है।1