नवागत पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण, एसपी को देखकर रोने लगी महिला। नवागत पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण, एसपी को देखकर रोने लगी महिला। पूरनपुर। पीलीभीत जनपद के नवागत पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधेव ने शनिवार दोपहर करीब एक बजे पूरनपुर कोतवाली परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोतवाली की संपूर्ण व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले मिशन शक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। यहां महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण, काउंसलिंग प्रक्रिया और रखे गए रजिस्टरों की जांच की गई। इसके बाद उन्होंने हवालात का निरीक्षण कर साफ-सफाई, भोजन-पानी और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। जीडी कार्यालय पहुंचकर उन्होंने जनशिकायतों की प्रविष्टि, समयबद्ध निस्तारण और अभिलेखों के रखरखाव की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कोतवाली परिसर में गांव ढका जमीमा निवासी नाजरीन पुलिस अधीक्षक को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ी। महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज की मांग करने और लगातार प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया। पीड़िता की बात को गंभीरता से सुनते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और महिला को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान एक चौकीदार भी पुलिस अधीक्षक से मिला। उसने बताया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद वह लंबे समय से पिता के स्थान पर चौकीदार का कार्य कर रहा है, लेकिन आज तक उसका नाम आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं किया गया है। इस पर पुलिस अधीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेकर आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी। निरीक्षण के अंत में उन्होंने कोतवाली स्टाफ को जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने, शिकायतों का समय से निस्तारण करने और कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। उनके निरीक्षण से पुलिसकर्मियों में जिम्मेदारी और सतर्कता का संदेश देखने को मिला।
नवागत पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण, एसपी को देखकर रोने लगी महिला। नवागत पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण, एसपी को देखकर रोने लगी महिला। पूरनपुर। पीलीभीत जनपद के नवागत पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधेव ने शनिवार दोपहर करीब एक बजे पूरनपुर कोतवाली परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोतवाली की संपूर्ण व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले मिशन शक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। यहां महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण, काउंसलिंग प्रक्रिया और रखे गए रजिस्टरों की जांच की गई। इसके बाद उन्होंने हवालात का निरीक्षण कर साफ-सफाई, भोजन-पानी और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। जीडी कार्यालय पहुंचकर उन्होंने जनशिकायतों की प्रविष्टि, समयबद्ध निस्तारण और अभिलेखों के रखरखाव की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कोतवाली परिसर में गांव ढका जमीमा निवासी नाजरीन पुलिस अधीक्षक को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ी। महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज की मांग करने और लगातार प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया। पीड़िता की बात को गंभीरता से सुनते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और महिला को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान एक चौकीदार भी पुलिस अधीक्षक से मिला। उसने बताया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद वह लंबे समय से पिता के स्थान पर चौकीदार का कार्य कर रहा है, लेकिन आज तक उसका नाम आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं किया गया है। इस पर पुलिस अधीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेकर आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी। निरीक्षण के अंत में उन्होंने कोतवाली स्टाफ को जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने, शिकायतों का समय से निस्तारण करने और कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। उनके निरीक्षण से पुलिसकर्मियों में जिम्मेदारी और सतर्कता का संदेश देखने को मिला।
- Post by संदीप निडर1
- पीलीभीत घुंघचिहाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव डूडा में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब 30 वर्षीय दिव्यांग युवक का शव घर के अंदर पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान हरीशचंद्र पुत्र ख्यालीराम के रूप में हुई है। घटना सुबह करीब आठ बजे की बताई जा रही है। शव देखे जाने की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार हरीशचंद्र दिव्यांग था और घर में अकेला रहता था। उसके दो भाई और भी है जो ईंट भट्टे पर काम करने गए हुए थे। सुबहा जब हरीशचंद्र का शव पेड़ पर झूलता देख लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मामला आत्महत्या का है या फिर किसी अन्य कारण से युवक की मौत हुई है। पुलिस हर पहलू से जांच करने की बात कह रही है।1
- Post by Ayan Azhari1
- संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में तहसील पूरनपुर में आयोजित किया गया1
- नींवाडाडी स्कूल में बच्चों को मिड डे मील नहीं मिला। ग्रामीणों में नाराजगी, प्रधान-प्रधानाध्यापक पर मनमानी का आरोप। बीसलपुर क्षेत्र के नींवाडाडी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को मिड डे मील न मिलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। बच्चों ने बताया कि उन्हें मंगलवार को खाना नहीं मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के अध्यापक अक्सर मनमानी करते हैं और मिड डे मील की व्यवस्था में लापरवाही बरतते हैं। सूत्रों के अनुसार, ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक पर मिड डे मील के लिए आवंटित धन के दुरुपयोग का आरोप है। बच्चों को मिलने वाले दूध, फल और अन्य सामग्री में भी कथित तौर पर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि विद्यालय के अध्यापक अक्सर स्कूल से गायब रहते हैं और समय पर उपस्थित नहीं होते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उत्तर प्रदेश सरकार जहां शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं इस विद्यालय में शिक्षकों की अनुपस्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। प्रधानाध्यापक पर आरोप है कि वे अक्सर अपने डॉक्टरी के काम में व्यस्त रहते हैं। जानकारी के अनुसार, वे बीसलपुर में निजी तौर पर डॉक्टर का कार्य करते हैं, जिसके कारण वे विद्यालय को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी हर्षित शर्मा से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।4
- Post by अशोक सरकार1
- नवागत पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण, एसपी को देखकर रोने लगी महिला। पूरनपुर। पीलीभीत जनपद के नवागत पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधेव ने शनिवार दोपहर करीब एक बजे पूरनपुर कोतवाली परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोतवाली की संपूर्ण व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले मिशन शक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। यहां महिलाओं से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण, काउंसलिंग प्रक्रिया और रखे गए रजिस्टरों की जांच की गई। इसके बाद उन्होंने हवालात का निरीक्षण कर साफ-सफाई, भोजन-पानी और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। जीडी कार्यालय पहुंचकर उन्होंने जनशिकायतों की प्रविष्टि, समयबद्ध निस्तारण और अभिलेखों के रखरखाव की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कोतवाली परिसर में गांव ढका जमीमा निवासी नाजरीन पुलिस अधीक्षक को देखकर फूट-फूटकर रो पड़ी। महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज की मांग करने और लगातार प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया। पीड़िता की बात को गंभीरता से सुनते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और महिला को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान एक चौकीदार भी पुलिस अधीक्षक से मिला। उसने बताया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद वह लंबे समय से पिता के स्थान पर चौकीदार का कार्य कर रहा है, लेकिन आज तक उसका नाम आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं किया गया है। इस पर पुलिस अधीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेकर आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी। निरीक्षण के अंत में उन्होंने कोतवाली स्टाफ को जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने, शिकायतों का समय से निस्तारण करने और कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। उनके निरीक्षण से पुलिसकर्मियों में जिम्मेदारी और सतर्कता का संदेश देखने को मिला।1
- Post by संदीप निडर1
- कलीनगर तहसील परिसर में दाखिल-खारिज समेत अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं को लेकर शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने जोरदार हंगामा किया। दरअसल पूरनपुर के अधिवक्ता हरिओम कुशवाहा और फैजान ने शुक्रवार दोपहर जानकारी देते हुए बताया कि कलीनगर तहसील में खुलेआम भ्रष्टाचार व्याप्त है। उनका आरोप है कि दाखिल-खारिज सहित कोई भी कार्य बिना रिश्वत दिए नहीं किया जाता, जिससे आम जनता और अधिवक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कलीनगर व पूरनपुर के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम ने अधिवक्ताओं से बातचीत कर उन्हें समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मामला शांत कराया।1