*रेलवे ट्रैक पर मिला अज्ञात युवक का शव, बेदूपारा में मचा हड़कंप* लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के बेदूपारा (शिवनगर) में शनिवार को जफराबाद–सुल्तानपुर रेलखंड पर रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। जानकारी के अनुसार रेलवे पोल संख्या *891/11 और 891/13* के बीच ट्रैक किनारे ग्रामीणों ने शव पड़ा देखा। इसके बाद तत्काल लम्भुआ कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू कर दिया। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की गई है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच में जुटी है और पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
*रेलवे ट्रैक पर मिला अज्ञात युवक का शव, बेदूपारा में मचा हड़कंप* लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के बेदूपारा (शिवनगर) में शनिवार को जफराबाद–सुल्तानपुर रेलखंड पर रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। जानकारी के अनुसार रेलवे पोल संख्या *891/11 और 891/13* के बीच ट्रैक किनारे ग्रामीणों ने शव पड़ा देखा। इसके बाद तत्काल लम्भुआ कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू कर दिया। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की गई है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच में जुटी है और पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- *संसाधनों की कमी के बीच लम्भुआ पशु चिकित्सालय में तीन दिन की बछिया और बकरी का सफल ऑपरेशन, चिकित्सक की कार्यशैली की लोगों ने की सराहना* लम्भुआ, सुलतानपुर। राजकीय पशु चिकित्सालय लम्भुआ भले ही लंबे समय से संसाधनों और सुविधाओं की कमी से जूझ रहा हो, लेकिन यहां तैनात पशु चिकित्सक डॉ. श्रवण कुमार द्वारा सीमित व्यवस्थाओं के बीच पशुओं का उपचार और जटिल ऑपरेशन किए जाने से पशुपालकों को राहत मिल रही है। हाल ही मे चिकित्सालय में एक तीन दिन की बछिया और एक बकरी का सफल ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद पशुपालकों ने चिकित्सक के प्रयासों की सराहना की।जौनपुर के अंगुली गांव निवासी अभिषेक यादव पुत्र गोरखनाथ अपनी महज तीन दिन की बछिया को लेकर लम्भुआ पशुचिकित्सालय पहुंचे थे। पशुपालक के अनुसार जन्म के बाद से ही बछिया को मल त्यागने में परेशानी हो रही थी। जांच में सामने आया कि बछिया में मल त्यागने का प्राकृतिक मार्ग नहीं था, जबकि पेशाब के दो अलग-अलग रास्ते बने हुए थे। यह स्थिति उसके लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. श्रवण कुमार ने आवश्यक प्रक्रिया के बाद बछिया का ऑपरेशन किया और मल त्यागने के लिए मार्ग बनाया। ऑपरेशन सफल रहा और उपचार के बाद बछिया की हालत में सुधार बताया गया। इतनी कम उम्र के पशु का सफल ऑपरेशन होने पर पशुपालक ने चिकित्सक के प्रति आभार जताया।इसी दौरान लेदे पुत्र रामबली अपनी बकरी को लेकर चिकित्सालय पहुंचे। बताया गया कि बकरी के पेट में करीब सात माह का गर्भ था, लेकिन गर्भस्थ बच्चे की मौत हो चुकी थी। स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप आवश्यक था। डॉ. श्रवण कुमार ने ऑपरेशन कर मृत बच्चों को बाहर निकाला। बताया गया कि बकरी के पेट में दो बच्चे थे और दोनों की मौत हो चुकी थी। ऑपरेशन के बाद बकरी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि लम्भुआ का राजकीय पशु चिकित्सालय स्वयं लंबे समय से सुविधाओं और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। पर्याप्त व्यवस्थाओं के अभाव में भी यहां गंभीर मामलों में उपचार और ऑपरेशन किए जा रहे हैं। लोगों के मुताबिक डॉ. श्रवण कुमार की तैनाती के बाद पशुपालकों में इस चिकित्सालय में अपने पशुओं का इलाज कराने का भरोसा बढ़ा है और दूर-दराज के लोग भी उपचार के लिए यहां पहुंच रहे हैं।पशुपालकों ने कहा कि पशु उनके लिए केवल जानवर नहीं बल्कि उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण साधन हैं। ऐसे में समय पर इलाज और ऑपरेशन की सुविधा मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से राजकीय पशु चिकित्सालय लम्भुआ में आवश्यक संसाधन, उपकरण, दवाएं तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि चिकित्सकों को बेहतर ढंग से उपचार करने में सुविधा मिले और पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए भटकना न पड़े लोगों का कहना है कि यदि चिकित्सालय को पर्याप्त संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं तो यहां पशुओं के गंभीर मामलों का और बेहतर उपचार संभव हो सकता है। सीमित संसाधनों में दो जटिल मामलों में सफल उपचार ने एक ओर चिकित्सक की कार्यक्षमता को सामने रखा है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सालय में मूलभूत सुविधाओं की जरूरत भी उजागर की है।4
- पंचायत में उठीं किसानों की समस्याएं, सीओ-एसडीएम ने सुना पक्ष शीघ्र समाधान का दिया आश्वासन भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रवादी की ओर से सोमवार को तहसील जयसिंहपुर के बगल बाग में किसानों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष राज नारायण तिवारी ने की। पूर्व सूचना के बावजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों और उपजिलाधिकारी के पंचायत में उपस्थित नहीं होने से किसान नाराज हो गए। आक्रोशित किसानों ने नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर दिया। किसानों के आक्रोश की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार यादव किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें पंचायत की जानकारी नहीं थी। उन्होंने तत्काल संबंधित विभागों के अधिकारियों को बुलाकर किसानों की समस्याओं पर वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इसके करीब 10 मिनट बाद उपजिलाधिकारी संदीप कुमार यादव, तहसीलदार मयंक मिश्रा, क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता और खंड विकास अधिकारी जयसिंहपुर एसएन चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को बिंदुवार सुना और उनके निस्तारण को लेकर विस्तार से चर्चा की। किसानों ने क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह और उपजिलाधिकारी संदीप कुमार यादव को विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए अपना मांगपत्र सौंपा। अधिकारियों ने किसानों को उनकी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों का आक्रोश शांत हुआ। बाबा संदीप श्रीवास्तव बने तहसील अध्यक्ष, कृष्णा वर्मा को मिली सचिव की जिम्मेदारी पंचायत के दौरान संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिला अध्यक्ष गौरी शंकर पांडे की मौजूदगी में सर्वसम्मति से बाबा संदीप श्रीवास्तव को तहसील अध्यक्ष जयसिंहपुर और कृष्णा वर्मा को तहसील सचिव मनोनीत किया गया। इस दौरान प्रदेश महासचिव रामकृपाल सिंह, जिला अध्यक्ष गौरी शंकर पांडे, जिला उपाध्यक्ष राज नारायण तिवारी व रमेश चंद्र दुबे, अरविंद चतुर्वेदी, तहसील प्रभारी कादीपुर कमालुद्दीन, तहसील उपाध्यक्ष लंभुआ अरविंद उपाध्याय, मोतिगरपुर ब्लॉक अध्यक्ष राम सुरेश यादव, सनी यादव, विशाल धुरिया, यशोदा, पिंकी दुबे, ए. गौतम पांडे, महेंद्र यादव, रामकिशन, बंसराज मौर्य, बड़े मिश्रा, सियाराम विश्वकर्मा, कृष्ण यादव, राजेश तिवारी सहित सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- शराबी पति से परेशान महिला की गुहार पर पुलिस बनी शहरा दरोगा ने घर पहुंच कर दिखाई इंसानियत प्रतापगढ़। शराबी पति की प्रताड़ना से परेशान महिला ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। महिला ने बताया कि उसका पति आए दिन उसके साथ मारपीट करता है और घर में मिलने वाला राशन भी शराब में खर्च कर देता है, जिससे परिवार के सामने खाने तक का संकट खड़ा हो जाता है। बिहारगंज क्षेत्र की रहने वाली महिला की शिकायत पर एसआई लक्ष्मीकांत सिंह मौके पर पहुंचे। घर की स्थिति देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। घर में राशन का अभाव था और छोटे बच्चे भूखे थे। स्थिति को देखते हुए एसआई लक्ष्मीकांत सिंह ने बच्चों को पहले खाना खिलाया तथा परिवार के लिए राशन और जरूरत के कपड़ों की व्यवस्था कराई। पुलिस की इस मानवीय पहल से परिवार के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई। पुलिस की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि कानून-व्यवस्था के साथ जरूरतमंदों की मदद और मानवीय संवेदना भी पुलिस की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।1
- कोतवाली पट्टी में पुलिस अभिरक्षा में ग्राम मोलनापुर निवासी लल्लू गौतम के 22वर्षीय पुत्र अर्जुन की संदिग्ध अवस्था में मृत्यु की सूचना पर जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने पोस्ट मार्टम हाउस पहुंचकर अधिकारियों से तीन सदस्यीय टीम से ओर वीडियो ग्राफी के माध्यम से खुद खड़े रहकर पोस्ट मार्टम करवाया। और उपस्थित मृतक के परिजनों से मिलकर सांत्वना दी और ढांढस बधाया। और कहा कि हम आपके साथ हैं। #प्रतापगढ़ #पट्टी #कोतवालीपट्टी #अर्जुनगौतम #पुलिसअभिरक्षा #पोस्टमार्टम #दिनेशतिवारी #प्रतापगढ़न्यूज़ #PattiNews #PratapgarhNews #BreakingNews #GroundReport1
- पट्टी कोतवाली में युवक की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बड़ी कार्रवाई की है। पट्टी कोतवाली में युवक की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में थाना प्रभारी आनंद पाल सिंह और उपनिरीक्षक ओंकार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। वहीं, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच की संस्तुति किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। खबर जनपद न्यूज़ 24 — आपकी खबर, आपकी आवाज।1
- लोको पायलटों ने रेलवे स्टेशन पर दिया धरना, नई व्यवस्थाओं का किया विरोध सुल्तानपुर। आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले लोको पायलटों ने सोमवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने विभाग की ओर से लागू की गई नई व्यवस्थाओं पर आपत्ति जताते हुए समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। शाखा सचिव एसी मौर्य ने कहा कि लोको पायलट को ड्यूटी के बाद 36 घंटे के भीतर उसके मुख्यालय वापस भेजने की व्यवस्था की जानी चाहिए। लगातार दो नाइट ड्यूटी के बाद एक रात का विश्राम भी मिलना चाहिए। उन्होंने हर स्टेशन का मैप तैयार करने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। कहा कि सभी स्टेशनों के बजाय केवल जंक्शन और यार्ड का मैप बनाया जाए। उन्होंने मेमो ट्रेन में लागू सिंगल मैन वर्किंग व्यवस्था को भी लोको पायलटों के लिए परेशानी का कारण बताते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इन मांगों को लेकर लखनऊ रेल मंडल के सभी स्टेशनों पर प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि विभागीय स्तर पर समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन डीआरएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेगा। धरने में इंद्रजीत कुमार, पवन यादव, सदानंद मौर्य, अमित कुमार, शशांक कुमार, अतुल मौर्य, कृष्णा कुमार, हरिकांत यादव, मनीष कुमार, सुरेश चंद्र, मंजीत यादव, सुनील कुमार समेत बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी शामिल रहे।1
- सुलेमपुर में हरे आम के पेड़ की कटान, चिलबिल बताने पर उठे सवाल UP44 CT 1037 पिकअप में लदी मिली आम की लकड़ी, वन विभाग की कार्रवाई पर नजर जयसिंहपुर/सुलतानपुर। जयसिंहपुर क्षेत्र के ग्राम सुलेमपुर में हरे आम के पेड़ की कटान का मामला सामने आया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रारंभिक तौर पर कटे पेड़ को चिलबिल का पेड़ बताया गया। वहीं, बाद में वीडियो कॉल के माध्यम से घटनास्थल का निरीक्षण कराए जाने पर पेड़ आम का होने की बात सामने आई। जानकारी के अनुसार ग्राम सुलेमपुर में राहुल निषाद ठेकेदार द्वारा हरे आम के पेड़ की कटान कराए जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर वन विभाग की ओर से पेड़ को चिलबिल का बताए जाने के बाद मीडिया कर्मी ने जयसिंहपुर रेंज के रेंजर मोहम्मद जायर से मामले की जानकारी ली। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से रेंजर को घटनास्थल और काटे गए पेड़ की स्थिति दिखाई गई। वीडियो निरीक्षण के दौरान पेड़ की पहचान आम के हरे पेड़ के रूप में किए जाने की बात सामने आई। घटनास्थल पर UP44 CT 1037 नंबर की पिकअप में आम की लकड़ी लदी होने की जानकारी भी सामने आई है। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अब सवाल यह है कि आम के हरे पेड़ की कटान के लिए संबंधित व्यक्ति के पास वन विभाग अथवा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति थी या नहीं। मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि वन विभाग द्वारा लकड़ी को कब्जे में लेकर जांच की जाती है या नहीं तथा पेड़ की कटान के संबंध में कोई वैध दस्तावेज अथवा अनुमति प्रस्तुत की जाती है। फिलहाल पूरे मामले में वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। कटान की अनुमति, पेड़ की वास्तविक प्रजाति और नियमों के उल्लंघन की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- तालाब की जमीन पर शौचालय निर्माण का आरोप, दबाव में तहसील प्रशासन नही कर रहा कार्रवाई। जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के उमरी गांव में तालाब की जमीन पर शौचालय निर्माण कर अवैध कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य की जानकारी राजस्व विभाग के अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक मौके पर पहुंचकर जांच नहीं की गई। इससे निर्माण कार्य लगातार जारी है। ग्रामीणों के मुताबिक तालाब की जमीन पर एक स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण शुरू होने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को है। आरोप है कि अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद निर्माण कार्य रोकने या मौके की जांच कराने की कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन पर इस तरह कब्जा किए जाने से तालाब का स्वरूप प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि संबंधित व्यक्ति इससे पहले भी सरकारी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करता रहा है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से मौके की जांच कराकर तालाब की जमीन को कब्जामुक्त कराने और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।2