चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने पिछले 15 दिनों के भीतर दो महिलाओं को अपना शिकार बनाया है, जिसमें उनके खातों से कुल ₹29,500 की ठगी की गई है। इन ठगों ने अब ऐसे हाईटेक तरीके अपना लिए हैं कि वे बिना किसी ओटीपी, मैसेज या लिंक पर क्लिक कराए ही लोगों के बैंक खातों से रुपये निकाल रहे हैं। इसी क्रम में, हंटरगंज थाना क्षेत्र के जबड़ा गांव की एक महिला, सरिता कुमारी, भी साइबर ठगी का शिकार हो गईं, जिनके बैंक बचत खाते से अपराधियों ने ₹20,000 निकाल लिए। पीड़िता सरिता कुमारी ने शनिवार को हंटरगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि 23 मई को उन्होंने अपने खाते में ₹73,963 का लोन लिया था और उसी दिन ₹10,000 की निकासी की। अगले दिन, उन्होंने गांव के ही एक सीएससी संचालक के माध्यम से अंगूठे का उपयोग करके ₹10,000 और निकाले। 25 मई को, जब वह शेष राशि निकालने के लिए बैंक ऑफ इंडिया की गोसाईडीह शाखा पहुंचीं और खाते को प्रिंट कराया, तो बैंक कर्मियों ने उन्हें बताया कि उनके खाते से कुल ₹40,000 निकाले जा चुके हैं। सरिता कुमारी हैरान रह गईं क्योंकि उन्होंने स्वयं केवल ₹20,000 की निकासी की थी और उन्हें नहीं पता था कि बाकी ₹20,000 कैसे निकाले गए। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास एटीएम कार्ड नहीं है, कोई कॉल नहीं आया था, उन्होंने कोई ओटीपी नहीं बताया और उनका बैंक में नंबर भी लिंक नहीं है, फिर भी उनके खाते से कुल ₹20,000 निकाल लिए गए। उनकी शिकायत पर बैंक ने उनका खाता ब्लॉक कर दिया है और उन्हें थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। यह भी ज्ञात हुआ है कि 15 मई को इसी थाना क्षेत्र के बेला गांव की एक अन्य महिला से भी साइबर ठगों ने ₹9,500 की ठगी की थी। इन घटनाओं के बाद बैंकों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, क्योंकि ग्राहक के खाते से रुपये निकल रहे हैं जबकि बैंक अक्सर नेटवर्क समस्या या सिस्टम अपडेट का हवाला देकर पीड़ितों को वापस भेज देते हैं। सरिता कुमारी की शिकायत के बाद जब पुलिसकर्मियों ने बैंक मैनेजर से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि यह राशि अंगूठे से निकाली गई है। इस पर अधिकारियों ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है, क्योंकि साइबर ठग आधार कार्ड और अंगूठे का क्लोन बनाकर खातों से रुपये निकाल रहे हैं। मात्र 15 दिनों में सामने आए इन दो मामलों ने क्षेत्र के लोगों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं में डर और भ्रम पैदा कर दिया है। अब वे बैंक से बाहर सीएससी केंद्रों से रुपये निकालने या मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करने से डरने लगे हैं।
चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने पिछले 15 दिनों के भीतर दो महिलाओं को अपना शिकार बनाया है, जिसमें उनके खातों से कुल ₹29,500 की ठगी की गई है। इन ठगों ने अब ऐसे हाईटेक तरीके अपना लिए हैं कि वे बिना किसी ओटीपी, मैसेज या लिंक पर क्लिक कराए ही लोगों के बैंक खातों से रुपये निकाल रहे हैं। इसी क्रम में, हंटरगंज थाना क्षेत्र के जबड़ा गांव की एक महिला, सरिता कुमारी, भी साइबर ठगी का शिकार हो गईं, जिनके बैंक बचत खाते से अपराधियों ने ₹20,000 निकाल लिए। पीड़िता सरिता कुमारी ने शनिवार को हंटरगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि 23 मई को उन्होंने अपने खाते में ₹73,963 का लोन लिया था और उसी दिन ₹10,000 की निकासी की। अगले दिन, उन्होंने गांव के ही एक सीएससी संचालक के माध्यम से अंगूठे का उपयोग करके ₹10,000 और निकाले। 25 मई को, जब वह शेष राशि निकालने के लिए बैंक ऑफ इंडिया की गोसाईडीह शाखा पहुंचीं और खाते को प्रिंट कराया, तो बैंक कर्मियों ने उन्हें बताया कि उनके खाते से कुल ₹40,000 निकाले जा चुके हैं। सरिता कुमारी हैरान रह गईं क्योंकि उन्होंने स्वयं केवल ₹20,000 की निकासी की थी और उन्हें नहीं पता था कि बाकी ₹20,000 कैसे निकाले गए। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास एटीएम कार्ड नहीं है, कोई कॉल नहीं आया था, उन्होंने कोई ओटीपी नहीं बताया और उनका बैंक में नंबर भी लिंक नहीं है, फिर भी उनके खाते से कुल ₹20,000 निकाल लिए गए। उनकी शिकायत पर बैंक ने उनका खाता ब्लॉक कर दिया है और उन्हें थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। यह भी ज्ञात हुआ है कि 15 मई को इसी थाना क्षेत्र के बेला गांव की एक अन्य महिला से भी साइबर ठगों ने ₹9,500 की ठगी की थी। इन घटनाओं के बाद बैंकों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, क्योंकि ग्राहक के खाते से रुपये निकल रहे हैं जबकि बैंक अक्सर नेटवर्क समस्या या सिस्टम अपडेट का हवाला देकर पीड़ितों को वापस भेज देते हैं। सरिता कुमारी की शिकायत के बाद जब पुलिसकर्मियों ने बैंक मैनेजर से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि यह राशि अंगूठे से निकाली गई है। इस पर अधिकारियों ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है, क्योंकि साइबर ठग आधार कार्ड और अंगूठे का क्लोन बनाकर खातों से रुपये निकाल रहे हैं। मात्र 15 दिनों में सामने आए इन दो मामलों ने क्षेत्र के लोगों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं में डर और भ्रम पैदा कर दिया है। अब वे बैंक से बाहर सीएससी केंद्रों से रुपये निकालने या मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करने से डरने लगे हैं।
- पायोनियर कंपनी ने चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित नवाडी पंचायत भवन में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस बैठक में हंटरगंज प्रखंड के लगभग 80 किसानों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें पायोनियर की 27पी39 धान किस्म के गुण और विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। चतरा जिले के टेरेटरी मैनेजर निवारण पाण्डेय ने किसानों को पायोनियर 27पी39 धान के बीज के बारे में बताया। जानकारी दी गई कि यह धान 128 से 132 दिन की किस्म है और "नंबर 2 खेत" में सबसे ज़्यादा उपज देने वाली धान मानी जाती है, जिसकी बालियाँ लंबी और वज़नदार होती हैं, साथ ही इसके चावल का स्वाद भी स्वादिष्ट होता है। इस गोष्ठी में हंटरगंज के क्षेत्रीय रिटेलर भोला प्रसाद अग्रवाल और राकेश सिंह भी उपस्थित थे, जिन्होंने किसानों को 27पी39 धान के बारे में बताया। हंटरगंज प्रखंड के क्षेत्रीय प्रतिनिधि श्रीकांत कुमार और राजकुमार यादव ने किसानों को बिचड़े करने के सही तरीके और सही समय पर धान की रोपाई के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए मौके पर एक भव्य किसान रैली का भी आयोजन किया गया। इस किसान गोष्ठी में प्रवक्ता सरजू यादव, विजय सिंह, उपेंद्र यादव, दशरथ सिंह सहित कई अन्य किसान प्रवक्ता भी मौजूद थे।1
- गया जिले के गुरुआ प्रखंड स्थित चिलोर पंचायत के ढिबरा स्टेडियम में ग्यारह दिवसीय महारुद्र यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर अयोध्या से पधारे जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और मानव कल्याण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उनके प्रवचन सुनने के लिए गुरुआ और आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोग यज्ञ स्थल पर पहुंचे। जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और भाईचारे का वातावरण स्थापित करते हैं। उन्होंने लोगों से सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि मानव जीवन तभी सफल हो सकता है, जब व्यक्ति अपने कर्म और आचरण को धर्म से जोड़े। उनके अनुसार, भगवान की भक्ति और सेवा से जीवन में शांति प्राप्त होती है और समाज में आपसी प्रेम व समरसता बढ़ती है। यह महारुद्र यज्ञ बाबा सीताराम दास जी महाराज के सानिध्य में संचालित हो रहा है। प्रवचन के दौरान पूरा यज्ञ स्थल भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा, जहाँ श्रद्धालु देर रात तक भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते रहे। यज्ञ स्थल पर 'जय श्रीराम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। आयोजन समिति के सदस्यों ने जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य जी महाराज और बाबा सीताराम दास जी महाराज को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया, और कहा कि संतों के आशीर्वाद से क्षेत्र में धार्मिक माहौल मजबूत हो रहा है। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह और गुरुआ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डॉ. उपेन्द्र प्रसाद भी पहुंचे। उन्होंने इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से वातावरण शुद्ध होने और लोगों की ईश्वर के प्रति श्रद्धा व आस्था बढ़ने की बात कही, साथ ही सफल आयोजन के लिए समिति को धन्यवाद दिया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत गुरुआ थानाध्यक्ष मनेश कुमार लगातार यज्ञ स्थल की निगरानी कर रहे हैं और लोगों से शांतिपूर्ण व अनुशासित तरीके से यज्ञ को सफल बनाने की अपील कर रहे हैं। शेरघाटी एसडीपीओ संदीप कुमार और एसडीओ मनीष कुमार ने भी यज्ञ स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यज्ञ को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण निष्ठापूर्वक सहयोग कर रहे हैं, तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए निःस्वार्थ भाव से सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।2
- बिहार के गया जिले में गुरुआ थाना गंभीर रिश्वतखोरी के आरोपों से घिर गया है। एक पीड़ित ने थाने पर ₹25 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। पीड़ित का कहना है कि आवेदन देने के पूरे पाँच दिन बीत जाने के बाद भी उसकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है, जो मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है। हालांकि, थाना प्रभारी ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसी कोई बात नहीं है। इस स्थिति में, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पुलिस जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।1
- गया जिले के डुमरिया प्रखंड के वार्ड संख्या 5 में नाली मरम्मत का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। अनिल प्रसाद के घर से विजय भारती के घर तक की नाली की रिपेयरिंग नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुखिया जी ने नाली मरम्मत का काम आधा-अधूरा छोड़कर सारा पैसा हड़प लिया है।1
- रविवार दोपहर करीब 4:00 बजे रफीगंज रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पुरानी बैरक के समीप एक महिला ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला की पहचान गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र स्थित कठवारा गांव निवासी नागेंद्र यादव की 50 वर्षीय पत्नी शकुंतला देवी के रूप में हुई है। रफीगंज रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने घायल महिला को रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां, डॉक्टर ए.के. केसरी ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें गया के मगध मेडिकल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल महिला की स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, महिला मार्केटिंग के काम से रफीगंज आई हुई थी।1
- गया स्थित विष्णुपद मंदिर परिसर में राजमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती के अवसर पर भाजपा नेताओं द्वारा उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा सहित कई नेताओं ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर को भारतीय इतिहास की एक महान विभूति बताया, जिन्होंने अपने शासनकाल में जनकल्याण, धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि राजमाता ने देशभर में अनेक मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों और तीर्थस्थलों का निर्माण व जीर्णोद्धार कराया, जिनमें काशी विश्वनाथ मंदिर, विष्णुपद मंदिर और केदारनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। डॉ. मिश्रा के अनुसार, इन स्थलों के संरक्षण एवं विकास में उनका अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने आगे कहा कि समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और धार्मिक चेतना के क्षेत्र में राजमाता के कार्य आज भी प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने अपना जीवन जनता की सेवा और राष्ट्र के सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी दूरदर्शिता, न्यायप्रियता और जनसेवा की भावना के कारण उन्हें भारतीय इतिहास की सर्वश्रेष्ठ शासिकाओं में से एक गिना जाता है। डॉ. मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि आज राजमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को आत्मसात कर समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सेवा के लिए आगे आने की आवश्यकता है, और उनके द्वारा स्थापित मानवीय मूल्यों एवं सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेश कार्य समिति के सदस्य राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता और संतोष ठाकुर ने भी राजमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त, भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष दीपक पांडे, गोपाल प्रसाद यादव, हीरा यादव, अभिषेक कुमार राणा, रणजीत सिंह, कमल बारिक, प्रेमनाथ टैया, सुनील रविदास, दीपक कुमार, ऋषिकेश गुड़ा सहित दर्जनों अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।1
- औरंगाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक सेवा सदन में 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष श्री विश्व विभूति गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, प्राधिकार के कर्मीगण और पैनल अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने किया। इस अवसर पर, श्री विश्व विभूति गुप्ता ने अपने संबोधन में बताया कि हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1987 में की थी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में प्रति वर्ष लगभग 80 लाख लोग तंबाकू के प्रयोग के कारण अपनी जान गँवा देते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम जनता तंबाकू से होने वाले नुकसान को समझे और इसके उत्पादों से दूर रहे। उन्होंने तंबाकू को एक धीमा जहर बताते हुए कहा कि यह सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत की ओर धकेलता है, और अक्सर लोगों को पता भी नहीं चलता कि कब उनका शौक लत में बदल जाता है। श्री गुप्ता ने यह भी संदेश दिया कि शारीरिक दुष्प्रभावों और अनेक प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को तंबाकू का निषेध करना चाहिए। उनके अनुसार, एक बार तंबाकू की गिरफ्त में आने के बाद अगर व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित हो जाता है तो उसका पूरा परिवार बिखर जाता है, और तंबाकू का सेवन करने वालों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे अपना दायित्व समझते हुए कम से कम 50 लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि उनके प्रयास से कुछ लोग भी इससे सकारात्मक रूप से प्रभावित होकर तंबाकू और इसके उत्पादों का निषेध करते हैं, तो यह प्रयास किसी की जिंदगी को खुशहाली की ओर ले जाएगा। इस शपथ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री अरुण कुमार ने भी उपस्थित जन समूह को तंबाकू निषेध हेतु प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी कर्मियों सहित उपस्थित लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में अवगत कराया और शपथ दिलाई कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे, दूसरों को भी प्रेरित करेंगे, इसके शारीरिक दुष्प्रभावों और नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे तथा तंबाकू रहित समाज एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर श्रीमति आन्दिता सिंह, श्री अशोक कुमार गुप्ता, श्रीमती दिव्या वशिष्ट, श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा, श्री संतोष कुमार झा, श्री विवेक कुमार सिंह, श्री उमेश प्रसाद, श्री मनीष कुमार जायसवाल, श्री पंकज पाण्डेय (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री संदीप कुमार सिंह (अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्त्ता) और श्री सुरज प्रकाश (न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी) सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।1
- औरंगाबाद में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बीच अब व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। ताजा मामला औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र के फार्म इलाके के समीप स्थित होटल नीलम पैलेस का है, जहां दिनदहाड़े कुछ अपराधियों ने होटल परिसर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि बदमाशों ने होटल के मैनेजर, महिला कर्मियों और सफाई कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद व्यवसायियों में दहशत का माहौल है और जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। होटल संचालक सौरभ कुमार सिंह ने प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में दिनदहाड़े ऐसी घटनाएं होंगी, तो व्यापारी सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे। उन्होंने चिंता जताई कि लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से व्यवसायी वर्ग भयभीत है और अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। इस मामले पर होटल की महिला कर्मियों और सफाई कर्मचारियों ने भी अपनी बात रखी। व्यवसायियों ने प्रशासन से इस घटना के दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस गंभीर मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है।1