सफलता की कहानी: तीन मास्टर डिग्रीधारी पारसमणि ने खेती को बनाया करियर, लाखों की कमाई.... शहडोल,... जहां आज का युवा नौकरी के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहा है, वहीं शहडोल जिले के वनांचल ग्राम टेंघा के पारसमणि सिंह ने इस सोच को बदलते हुए खेती और उद्यानिकी में नई मिसाल कायम की है। जूलॉजी, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस में तीन मास्टर डिग्री हासिल करने के बावजूद उन्होंने नौकरी की बजाय खेती को अपना करियर चुना। करीब 10-15 वर्षों तक अतिथि शिक्षक रहने के बाद पारसमणि ने आधुनिक तकनीकों के साथ खेती शुरू की। आज वे 15-20 एकड़ में सब्जियों और फूलों की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं, जिससे 25-30 लोगों को रोजगार भी मिला है। टमाटर, शिमला मिर्च, भिंडी, गोभी, लौकी, नींबू और गेंदा जैसी फसलों से उनका सालाना कारोबार 20-25 लाख रुपये तक पहुंच गया है। ड्रिप इरिगेशन और मल्चिंग तकनीक अपनाकर उन्होंने खेती को लाभकारी बनाया। शुरुआती संघर्ष के बाद अब वे सालाना 10-15 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। उनकी उपज शहडोल के साथ-साथ अनूपपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और रायपुर तक पहुंच रही है। पारसमणि सिंह की यह सफलता न सिर्फ उनके नाम को सार्थक करती है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को खेती को अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।
सफलता की कहानी: तीन मास्टर डिग्रीधारी पारसमणि ने खेती को बनाया करियर, लाखों की कमाई.... शहडोल,... जहां आज का युवा नौकरी के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहा है, वहीं शहडोल जिले के वनांचल ग्राम टेंघा के पारसमणि सिंह ने इस सोच को बदलते हुए खेती और उद्यानिकी में नई मिसाल कायम की है। जूलॉजी, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस में तीन मास्टर डिग्री हासिल करने के बावजूद उन्होंने नौकरी की बजाय खेती को अपना करियर चुना। करीब 10-15 वर्षों तक अतिथि शिक्षक रहने के बाद पारसमणि ने आधुनिक तकनीकों के साथ खेती शुरू की। आज वे 15-20 एकड़ में सब्जियों और फूलों की व्यावसायिक
खेती कर रहे हैं, जिससे 25-30 लोगों को रोजगार भी मिला है। टमाटर, शिमला मिर्च, भिंडी, गोभी, लौकी, नींबू और गेंदा जैसी फसलों से उनका सालाना कारोबार 20-25 लाख रुपये तक पहुंच गया है। ड्रिप इरिगेशन और मल्चिंग तकनीक अपनाकर उन्होंने खेती को लाभकारी बनाया। शुरुआती संघर्ष के बाद अब वे सालाना 10-15 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। उनकी उपज शहडोल के साथ-साथ अनूपपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और रायपुर तक पहुंच रही है। पारसमणि सिंह की यह सफलता न सिर्फ उनके नाम को सार्थक करती है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को खेती को अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।
- एंकर। शहडोल में बिजली बिल बकाया वसूली करने गई MPEB की टीम पर हमला होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि रास्ता रोककर लाठी-डंडों से लैस युवकों ने न सिर्फ कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, विभाग की सड़क किनारे खड़ी गाड़ी को तेज रफ्तार कार से कुचलने की कोशिश भी की गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीओ -1-1-जिले अमलाई थाना क्षेत्र के गिरवा गांव में जूनियर इंजीनियर विकास गोंडुड़े अपनी टीम के साथ बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए पहुंचे थे, इसी दौरान ग्राम गिरवा के पास कार सवार पवन यादव और नितिन रजक ने कथित तौर पर रास्ता रोक लिया और लाठी-डंडे लेकर कर्मचारियों को धमकाने लगे, आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डाली और खड़ी विभागीय गाड़ी को टक्कर मारकर कुचलने का प्रयास किया, घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरा वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले में अमलाई पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, वहीं दूसरी ओर कार चालक की शिकायत पर विभागीय कर्मचारियों पर भी मामला दर्ज हुआ है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।7
- शहडोल,... जहां आज का युवा नौकरी के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहा है, वहीं शहडोल जिले के वनांचल ग्राम टेंघा के पारसमणि सिंह ने इस सोच को बदलते हुए खेती और उद्यानिकी में नई मिसाल कायम की है। जूलॉजी, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस में तीन मास्टर डिग्री हासिल करने के बावजूद उन्होंने नौकरी की बजाय खेती को अपना करियर चुना। करीब 10-15 वर्षों तक अतिथि शिक्षक रहने के बाद पारसमणि ने आधुनिक तकनीकों के साथ खेती शुरू की। आज वे 15-20 एकड़ में सब्जियों और फूलों की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं, जिससे 25-30 लोगों को रोजगार भी मिला है। टमाटर, शिमला मिर्च, भिंडी, गोभी, लौकी, नींबू और गेंदा जैसी फसलों से उनका सालाना कारोबार 20-25 लाख रुपये तक पहुंच गया है। ड्रिप इरिगेशन और मल्चिंग तकनीक अपनाकर उन्होंने खेती को लाभकारी बनाया। शुरुआती संघर्ष के बाद अब वे सालाना 10-15 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। उनकी उपज शहडोल के साथ-साथ अनूपपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और रायपुर तक पहुंच रही है। पारसमणि सिंह की यह सफलता न सिर्फ उनके नाम को सार्थक करती है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को खेती को अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।2
- हम अपने गांव Latar mandala ki or Bhagwan ki Kar chuke hain1
- 2026 को माँ नर्मदा के पावन उद्गम स्थल स्थित नर्मदा उद्गम क्षेत्र में आयोजित होने जा रही है। 🙏🌊 इस भव्य राष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को में आयोजक मंडल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में संगठन प्रभारी, जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। 🔸 आवास, भोजन, परिवहन एवं अतिथि सत्कार जैसी व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा 🔸 सभी पदाधिकारियों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारियाँ 🔸 आयोजन को ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने का संकल्प 🌿 माँ नर्मदा की पावन धरा पर देशभर के पत्रकार साथियों का यह संगम न सिर्फ संगठन की मजबूती का प्रतीक बनेगा, बल्कि पत्रकारिता के उज्ज्वल भविष्य की नई दिशा भी तय करेगा। 🤝 एकता • शक्ति • पत्रकारिता का स्वाभिमान1
- सोहागपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नरवार बिजौरी में अवैध रेत उत्खनन जारी है क्यों नहीं हो रही कोई भी कार्यवाही1
- थाना ब्यौहारी पुलिस ने अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए रेत से लदे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झापर और समधिन नदियों से अवैध रेत निकालकर बिक्री के लिए ले जाई जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को पकड़ा। पहले मामले में पावरट्रेक 439 प्लस ट्रैक्टर-ट्रॉली से अवैध रेत मिली, जिसमें चालक मनोज उर्फ बाबूलाल कोल और वाहन मालिक आशीष तिवारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। दूसरे मामले में स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत जब्त कर चालक जयकुमार कोल और मालिक शंकर दयाल नापित के विरुद्ध कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेश रैदास सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।3
- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने साप्ताहिक जनसुनवाई में शहडोल जिले के दूर दराज के क्षेत्र से आए लोगों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी तथा निराकरण के निर्देश संबंधी विभाग के अधिकारियों को दिए।1
- लेट3