व्यवहारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई रेत से लदे 2 ट्रेक्टर वाहन जप्त थाना ब्यौहारी पुलिस ने अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए रेत से लदे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झापर और समधिन नदियों से अवैध रेत निकालकर बिक्री के लिए ले जाई जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को पकड़ा। पहले मामले में पावरट्रेक 439 प्लस ट्रैक्टर-ट्रॉली से अवैध रेत मिली, जिसमें चालक मनोज उर्फ बाबूलाल कोल और वाहन मालिक आशीष तिवारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। दूसरे मामले में स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत जब्त कर चालक जयकुमार कोल और मालिक शंकर दयाल नापित के विरुद्ध कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेश रैदास सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
व्यवहारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई रेत से लदे 2 ट्रेक्टर वाहन जप्त थाना ब्यौहारी पुलिस ने अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए रेत से लदे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झापर और समधिन नदियों से अवैध रेत निकालकर बिक्री
के लिए ले जाई जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को पकड़ा। पहले मामले में पावरट्रेक 439 प्लस ट्रैक्टर-ट्रॉली से अवैध रेत मिली, जिसमें चालक मनोज उर्फ बाबूलाल कोल और वाहन मालिक आशीष तिवारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। दूसरे मामले
में स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत जब्त कर चालक जयकुमार कोल और मालिक शंकर दयाल नापित के विरुद्ध कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेश रैदास सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
- उज्जैन पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शहर में पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें और बेवजह घबराकर पेट्रोल जमा करने से बचें। 👉 पुलिस ने खास तौर पर चेतावनी दी है कि पेट्रोल को डिब्बों या बोतलों में स्टोर करना खतरनाक हो सकता है, जिससे आग जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। ✔️ शांति बनाए रखें ✔️ जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल लें ✔️ अफवाहों से दूर रहें सुरक्षा और सतर्कता ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है1
- शहडोल,... जहां आज का युवा नौकरी के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहा है, वहीं शहडोल जिले के वनांचल ग्राम टेंघा के पारसमणि सिंह ने इस सोच को बदलते हुए खेती और उद्यानिकी में नई मिसाल कायम की है। जूलॉजी, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस में तीन मास्टर डिग्री हासिल करने के बावजूद उन्होंने नौकरी की बजाय खेती को अपना करियर चुना। करीब 10-15 वर्षों तक अतिथि शिक्षक रहने के बाद पारसमणि ने आधुनिक तकनीकों के साथ खेती शुरू की। आज वे 15-20 एकड़ में सब्जियों और फूलों की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं, जिससे 25-30 लोगों को रोजगार भी मिला है। टमाटर, शिमला मिर्च, भिंडी, गोभी, लौकी, नींबू और गेंदा जैसी फसलों से उनका सालाना कारोबार 20-25 लाख रुपये तक पहुंच गया है। ड्रिप इरिगेशन और मल्चिंग तकनीक अपनाकर उन्होंने खेती को लाभकारी बनाया। शुरुआती संघर्ष के बाद अब वे सालाना 10-15 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। उनकी उपज शहडोल के साथ-साथ अनूपपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और रायपुर तक पहुंच रही है। पारसमणि सिंह की यह सफलता न सिर्फ उनके नाम को सार्थक करती है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को खेती को अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।2
- गैस सिलेंडर लेने गए थे लोग, मधुमक्खियों के झुंड ने बोल दिया धावा... Video में दिखा अफरा-तफरी का मंजर MP के उमरिया जिले के नौरोजाबाद में गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगे दर्जनों लोगों पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. इस हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सिलेंडरों को छोड़कर यहां-वहां भागते नजर आए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नौरोजाबाद नगर की सहकारी समिति के गोदाम के पास ही मधुमक्खियों का एक बड़ा छत्ता लगा था. किसी अज्ञात कारण से छत्ते में हलचल हुई और हजारों मधुमक्खियां अचानक उड़ने लगीं. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, मधुमक्खियों ने कतार में खड़े लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. गमछे और कपड़ों से बचाई जान लाइन में खड़े अनिल मिश्रा ने बताया कि अचानक मधुमक्खियां बड़ी संख्या में हमलावर हो गईं. लोगों ने तुरंत अपने गमछे और कपड़ों से चेहरा ढककर खुद को बचाने का प्रयास किया.1
- निषादराज जयंती पर कार्यक्रम सम्पन्न उमरिया//जिला मुख्यालय स्थित होटल चंदेल में निषादराज जयंती के अवसर पर मांझी बर्मन उत्थान समिति उमरिया के द्वारा भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के महिला एवं पुरुषों की भारी संख्या में सहभागिता रही, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और एकता का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों एवं समाजजनों ने निषादराज जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वक्ताओं ने निषादराज के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भगवान भगवान श्रीराम के परम मित्र और अनन्य भक्त थे तथा उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि सच्ची मित्रता, सेवा और समर्पण ही मनुष्य को महान बनाते हैं। कार्यक्रम में रामकरण केवट, शंकर लाल बर्मन एवं राम सिया रायकवार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज को एकजुट रहने, शिक्षा को बढ़ावा देने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि निषाद समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा, तभी समाज का सर्वांगीण विकास संभव है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, वहीं महिलाओं की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को और भी सफल बनाया। उपस्थित जनों ने निषाद समाज की एकता एवं उन्नति के लिए संकल्प लिया। इस कार्यक्रम के आयोजन में सचिन मांझी, संदीप सोधिया, नीरज बर्मन एवं राहुल बर्मन की विशेष भूमिका रही। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया गया तथा कार्यक्रम संपन्न हुआ।1
- *उचेहरा - जनपद के रगला पंचायत में करीब 8 माह पूर्व बनी पी सी रोड के उड़े परखच्चे, रोड पंचायत के 10 वार्ड में बनी थी।*1
- हम अपने गांव Latar mandala ki or Bhagwan ki Kar chuke hain1
- Post by Sumit Singh Chandel1
- == शहडोल 24 मार्च 2026:- जहां आमतौर पर युवा नौकरी की तलाश में शहरों का रुख करते हैं, वहीं शहडोल जिले के सुदूर वनांचल ग्राम टेंघा निवासी युवक पारसमणि सिंह ने पढ़ाई को ताकत बनाकर खेती में इतिहास रच दिया है। तीन-तीन मास्टर डिग्री जूलॉजी, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की है और वर्तमान में एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई भी कर रहे हैं। नौकरी के पीछे भागने की बजाय पारसमणि ने जंगल के बीच हाईटेक हॉर्टिकल्चर फार्मिंग शुरू की और आज लाखों की कमाई कर रहे है। पारसमणी सिंह (36 वर्ष) ने यह साबित कर दिया कि अगर सोच वैज्ञानिक हो और इरादे मजबूत हों, तो जंगल भी अवसर बन सकता है। पारसमणी सिंह करीब 10 से 15 साल तक अतिथि शिक्षक के रूप में अंग्रेजी विषय के शिक्षक का दायित्व निभाने के बाद उनका मन नौकरी में नहीं लगा। वे कुछ अलग करना चाहते थे। इसी सोच के साथ उन्होंने खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाया और गांव में आधुनिक खेती का मॉडल खड़ा कर दिया। 25 से 30 लोगों को रोजगार, 20-25 लाख का कारोबार पारसमणी सिंह 15 से 20 एकड़ भूमि में व्यावसायिक सब्जी खेती कर रहे हैं। उनके फार्म में 25 से 30 स्थानीय लोगों को नियमित रोजगार मिला हुआ है। टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन, खीरा, भिंडी, बरबटी, गोभी, लौकी, तरोई, कद्दू के साथ-साथ नींबू और गेंदा फूल की खेती भी की जा रही है। गेंदा फूल से उन्हें दोहरा फायदा मिलता है अतिरिक्त आमदनी और कीट नियंत्रण भी होता है। ड्रिप-मल्चिंग से बदली किस्मत शुरुआत में दो साल तक संघर्ष भी रहा, लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग से मार्गदर्शन मिलने के बाद पारसमणी सिंह ने ड्रिप इरीगेशन और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया। आज उनकी सब्जियां शहडोल तक सीमित नहीं, बल्कि अनूपपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और रायपुर की मंडियों तक पहुंच रही हैं। सालाना 10 से 15 लाख की शुद्ध कमाई हाईटेक खेती में सालाना 4-5 लाख रुपये की लागत के बाद भी पारसमणी सिंह 10 से 15 लाख रुपये तक की शुद्ध बचत कर लेते हैं। नर्सरी वे रायपुर और अंबिकापुर जैसी जगहों से मंगवाते हैं, जिससे गुणवत्ता बनी रहती है। पारसमणी सिंह अब अपने खेती के रकबे को और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। उनकी यह सफलता कहानी न सिर्फ शहडोल, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।1
- लेट3