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उज्जैन पुलिस का स्पष्ट संदेश — घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं.. उज्जैन पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शहर में पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें और बेवजह घबराकर पेट्रोल जमा करने से बचें। 👉 पुलिस ने खास तौर पर चेतावनी दी है कि पेट्रोल को डिब्बों या बोतलों में स्टोर करना खतरनाक हो सकता है, जिससे आग जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। ✔️ शांति बनाए रखें ✔️ जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल लें ✔️ अफवाहों से दूर रहें सुरक्षा और सतर्कता ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है
Sumit Singh Chandel
उज्जैन पुलिस का स्पष्ट संदेश — घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं.. उज्जैन पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शहर में पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें और बेवजह घबराकर पेट्रोल जमा करने से बचें। 👉 पुलिस ने खास तौर पर चेतावनी दी है कि पेट्रोल को डिब्बों या बोतलों में स्टोर करना खतरनाक हो सकता है, जिससे आग जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। ✔️ शांति बनाए रखें ✔️ जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल लें ✔️ अफवाहों से दूर रहें सुरक्षा और सतर्कता ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है
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- Post by Sumit Singh Chandel1
- 2026 को माँ नर्मदा के पावन उद्गम स्थल स्थित नर्मदा उद्गम क्षेत्र में आयोजित होने जा रही है। 🙏🌊 इस भव्य राष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को में आयोजक मंडल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में संगठन प्रभारी, जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। 🔸 आवास, भोजन, परिवहन एवं अतिथि सत्कार जैसी व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा 🔸 सभी पदाधिकारियों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारियाँ 🔸 आयोजन को ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने का संकल्प 🌿 माँ नर्मदा की पावन धरा पर देशभर के पत्रकार साथियों का यह संगम न सिर्फ संगठन की मजबूती का प्रतीक बनेगा, बल्कि पत्रकारिता के उज्ज्वल भविष्य की नई दिशा भी तय करेगा। 🤝 एकता • शक्ति • पत्रकारिता का स्वाभिमान1
- सोहागपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नरवार बिजौरी में अवैध रेत उत्खनन जारी है क्यों नहीं हो रही कोई भी कार्यवाही1
- थाना ब्यौहारी पुलिस ने अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए रेत से लदे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झापर और समधिन नदियों से अवैध रेत निकालकर बिक्री के लिए ले जाई जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों वाहनों को पकड़ा। पहले मामले में पावरट्रेक 439 प्लस ट्रैक्टर-ट्रॉली से अवैध रेत मिली, जिसमें चालक मनोज उर्फ बाबूलाल कोल और वाहन मालिक आशीष तिवारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। दूसरे मामले में स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली से रेत जब्त कर चालक जयकुमार कोल और मालिक शंकर दयाल नापित के विरुद्ध कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुरेश रैदास सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।3
- == शहडोल 24 मार्च 2026:- जहां आमतौर पर युवा नौकरी की तलाश में शहरों का रुख करते हैं, वहीं शहडोल जिले के सुदूर वनांचल ग्राम टेंघा निवासी युवक पारसमणि सिंह ने पढ़ाई को ताकत बनाकर खेती में इतिहास रच दिया है। तीन-तीन मास्टर डिग्री जूलॉजी, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की है और वर्तमान में एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई भी कर रहे हैं। नौकरी के पीछे भागने की बजाय पारसमणि ने जंगल के बीच हाईटेक हॉर्टिकल्चर फार्मिंग शुरू की और आज लाखों की कमाई कर रहे है। पारसमणी सिंह (36 वर्ष) ने यह साबित कर दिया कि अगर सोच वैज्ञानिक हो और इरादे मजबूत हों, तो जंगल भी अवसर बन सकता है। पारसमणी सिंह करीब 10 से 15 साल तक अतिथि शिक्षक के रूप में अंग्रेजी विषय के शिक्षक का दायित्व निभाने के बाद उनका मन नौकरी में नहीं लगा। वे कुछ अलग करना चाहते थे। इसी सोच के साथ उन्होंने खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाया और गांव में आधुनिक खेती का मॉडल खड़ा कर दिया। 25 से 30 लोगों को रोजगार, 20-25 लाख का कारोबार पारसमणी सिंह 15 से 20 एकड़ भूमि में व्यावसायिक सब्जी खेती कर रहे हैं। उनके फार्म में 25 से 30 स्थानीय लोगों को नियमित रोजगार मिला हुआ है। टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन, खीरा, भिंडी, बरबटी, गोभी, लौकी, तरोई, कद्दू के साथ-साथ नींबू और गेंदा फूल की खेती भी की जा रही है। गेंदा फूल से उन्हें दोहरा फायदा मिलता है अतिरिक्त आमदनी और कीट नियंत्रण भी होता है। ड्रिप-मल्चिंग से बदली किस्मत शुरुआत में दो साल तक संघर्ष भी रहा, लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग से मार्गदर्शन मिलने के बाद पारसमणी सिंह ने ड्रिप इरीगेशन और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया। आज उनकी सब्जियां शहडोल तक सीमित नहीं, बल्कि अनूपपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और रायपुर की मंडियों तक पहुंच रही हैं। सालाना 10 से 15 लाख की शुद्ध कमाई हाईटेक खेती में सालाना 4-5 लाख रुपये की लागत के बाद भी पारसमणी सिंह 10 से 15 लाख रुपये तक की शुद्ध बचत कर लेते हैं। नर्सरी वे रायपुर और अंबिकापुर जैसी जगहों से मंगवाते हैं, जिससे गुणवत्ता बनी रहती है। पारसमणी सिंह अब अपने खेती के रकबे को और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। उनकी यह सफलता कहानी न सिर्फ शहडोल, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।1
- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने साप्ताहिक जनसुनवाई में शहडोल जिले के दूर दराज के क्षेत्र से आए लोगों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी तथा निराकरण के निर्देश संबंधी विभाग के अधिकारियों को दिए।1
- Post by India news Reporter2
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