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दतिया जिले के सिंध नदी क्षेत्र में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। फॉरेस्ट विभाग और प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के कारण रेत माफियाओं और खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने अवैध रेत खनन रोकने के लिए रेत माफियाओं द्वारा बनाए गए सभी अवैध रास्तों में जेसीबी मशीनों से गहरी खाइयाँ खोद दीं। इस दौरान डिप्टी रेंजर जीवन लाल दुबे अपनी टीम के साथ मौके पर उपस्थित रहे। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राजकुमार कुशवाह पत्रकार
दतिया जिले के सिंध नदी क्षेत्र में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। फॉरेस्ट विभाग और प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के कारण रेत माफियाओं और खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने अवैध रेत खनन रोकने के लिए रेत माफियाओं द्वारा बनाए गए सभी अवैध रास्तों में जेसीबी मशीनों से गहरी खाइयाँ खोद दीं। इस दौरान डिप्टी रेंजर जीवन लाल दुबे अपनी टीम के साथ मौके पर उपस्थित रहे। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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- दतिया जिले के सिंध नदी क्षेत्र में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। फॉरेस्ट विभाग और प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के कारण रेत माफियाओं और खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने अवैध रेत खनन रोकने के लिए रेत माफियाओं द्वारा बनाए गए सभी अवैध रास्तों में जेसीबी मशीनों से गहरी खाइयाँ खोद दीं। इस दौरान डिप्टी रेंजर जीवन लाल दुबे अपनी टीम के साथ मौके पर उपस्थित रहे। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- मौसम विभाग ने कल ही भुवनेश्वर के निवासियों को शाम के बाद तेज आंधी, तूफान और बारिश की चपेट में आने की संभावना के प्रति सचेत किया था, साथ ही उन्हें बाहर न निकलने की सलाह भी दी थी। यह पूर्वानुमान बिल्कुल सही सिद्ध हुआ, क्योंकि आज ओडिशा के भुवनेश्वर में चेतावनी के अनुसार ही भीषण आंधी, तूफान और बारिश देखी गई।1
- उत्तराखंड के बद्रीनाथ में बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी कथा सुना रहे हैं। इस दौरान उन्होंने देश की राजनीति और आम जनता से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए, जिनमें पेट्रोल-डीजल की खपत, तेल के दाम और 'कॉकरोच जनता पार्टी' शामिल रहे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने विशेष रूप से 'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि "भारत भी गजब है। जिन कॉकरोचों से लोग डरते हैं, अब उनकी पार्टी बन गई है।" इस बयान के माध्यम से उन्होंने यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि इससे देश में बेरोजगारी बढ़ी है और भारत का स्किल डेवलपमेंट घट रहा है। धीरेंद्र शास्त्री ने भारत के युवाओं की चिंता करने और इस पर सोचने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा स्थित शुगर मिल चौराहे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का चश्मा टूटने से उपजा विवाद 24 घंटे बाद शांत हो गया है। बुधवार शाम को जैसे ही यह घटना सामने आई, लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और पूरी रात जमकर बवाल हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक राहगीर की गाड़ी भी तोड़ दी थी, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस तुरंत अलर्ट हुई और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। बुधवार से गरमाया यह मामला आखिरकार गुरुवार को, घटना के 24 घंटे बाद, सुलझा। प्रशासन ने आनन-फानन में पास की चौकी पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला भी दर्ज किया। इसके बाद, प्रशासन की मौजूदगी में प्रतिमा पर नया चश्मा लगवाया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एडिशनल एसपी जयराज कुबेर, एसडीओपी सौरभ कुमार, आईपीएस मनोज कुमार सहित शहर और आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।4
- दतिया जिले के प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का बड़ा खेल खुलेआम जारी है। इस पूरे मामले का खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुआ है, जिसमें रेत से भरे ट्रक दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि सिंध नदी पुल से लाई गई रेत ट्रकों में भरी जा रही है। यह सब तब हो रहा है जब दतिया पुलिस अधीक्षक रेत माफियों पर पूरी तरह लगाम लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद, दिनदहाड़े भारी वाहन रेत माफिया द्वारा रतनगढ़ माता क्षेत्र से होते हुए बसई मालिक, मर्सेनी और भागुपुरा जैसे इलाकों से धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।1
- *दतिया मांझी समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ओबीसी सूची से हटाने की मांग* *विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मूल मांझी जनजाति में शामिल करने का हवाला* *दतिया, 29 मई 2026* - मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। *1950 के परिपत्र का दिया हवाला* मांझी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 दिनांक 07 जनवरी 1950 में मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को अनुसूचित जनजाति में समाहित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जनजाति कार्य विभाग म.प्र. आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को मांझी जनजाति में मूल रूप से समाहित होना स्वीकार किया गया है। *विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा* समाज के लोगों ने बताया कि म.प्र. विधानसभा में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 दिनांक 13-03-2023 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे द्वारा विधानसभा में यह स्वीकार किया जा चुका है कि मांझी जनजाति में तत्कालीन विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह, भोई समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है।मांझी समाज के जिला अध्यक्ष ने बताया कि विंध्यप्रदेश के अन्तर्गत आने वाले जिलों रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया, टीकमगढ़ में "मांझी" नाम की कोई अलग जाति नहीं पाई गई है। यहां धीमर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं। ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संदर्भित दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति धीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा नगर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पहले महिलाओं ने एक अनूठे तरीके से नशा मुक्ति का संदेश दिया। वार्ड क्रमांक 01 के दुबे मोहल्ला में आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं ने गीत-संगीत, जागरूकता गीतों और प्रेरणादायी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को तंबाकू और अन्य नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के बारे में सूचित करना था। महिलाओं ने जोर देकर कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की खुशहाली को भी प्रभावित करता है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने वार्ड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार नशा मुक्ति अभियान चलाती रहेंगी और लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगी। इस पहल के तहत, महिलाओं ने सामूहिक रूप से 'नशा मुक्त सेवढ़ा' बनाने का संकल्प लिया। जागरूकता रैली, सामूहिक शपथ, नुक्कड़ नाटक, संकल्प हस्ताक्षर अभियान और तंबाकू त्याग परामर्श जैसी विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों में जागरूकता फैलाई गई। महिलाओं ने 'तंबाकू छोड़ो–जीवन जोड़ो' और 'नशा मुक्त हो हर परिवार, तभी बनेगा स्वस्थ समाज' जैसे सशक्त नारों के साथ समाज को सकारात्मक संदेश दिया। इस अवसर पर नशा मुक्ति पंपलेट और संकल्प शपथ पत्र वितरित किए गए, साथ ही उपस्थित प्रतिभागियों को स्वल्पाहार भी कराया गया। कार्यक्रम में सोनिया दुबे, पूजा, गौरी, भूता रजक, अंजना व्यास, कृष्णा उपाध्याय, श्रद्धा, गौरी बाई, कांता बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। वार्डवासियों ने महिलाओं की इस पहल की सराहना की और अभियान में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया।1
- मध्य प्रदेश के भितरवार में तीन बाइक सवार नौजवानों ने जमकर कोहराम मचाया। इन तीनों के पास अधिया, कट्टा और पिस्तौल जैसे हथियार थे, जिनसे उन्होंने तीन राउंड गोलीबारी की।1