भीलवाड़ा जिले के भुणास श्रमिक शिविर में बुधवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने एक एलडीसी पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। आक्रोशित श्रमिकों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) विवेक गुर्जर को एक ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों का आरोप है कि विभिन्न दस्तावेजी कार्यों और प्रक्रियाओं के नाम पर उनसे अवैध रूप से लगभग एक हजार रुपये तक की राशि मांगी जा रही थी। उन्होंने बताया कि पैसे न देने पर उनके कार्यों में अनावश्यक देरी की जाती है या उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। श्रमिकों का यह भी कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ श्रमिकों ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर यह राशि BDO गजेंद्र सिंह के नाम का हवाला देकर मांगी जा रही थी। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विवाद बढ़ने पर श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल ने SDM विवेक गुर्जर को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने, आरोपित एलडीसी को तत्काल हटाने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे एक व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप श्रमिकों द्वारा ज्ञापन में किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच का परिणाम अभी सामने नहीं आया है।
भीलवाड़ा जिले के भुणास श्रमिक शिविर में बुधवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने एक एलडीसी पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। आक्रोशित श्रमिकों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) विवेक गुर्जर को एक ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों का आरोप है कि विभिन्न दस्तावेजी कार्यों और प्रक्रियाओं के नाम पर उनसे अवैध रूप से लगभग एक हजार रुपये तक की राशि मांगी जा रही थी। उन्होंने बताया कि पैसे न देने पर उनके कार्यों में अनावश्यक देरी की जाती है या उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। श्रमिकों का यह भी कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ श्रमिकों ने आरोप लगाया
कि कथित तौर पर यह राशि BDO गजेंद्र सिंह के नाम का हवाला देकर मांगी जा रही थी। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विवाद बढ़ने पर श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल ने SDM विवेक गुर्जर को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने, आरोपित एलडीसी को तत्काल हटाने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे एक व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप श्रमिकों द्वारा ज्ञापन में किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच का परिणाम अभी सामने नहीं आया है।
- भीलवाड़ा जिले के भुणास श्रमिक शिविर में बुधवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने एक एलडीसी पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। आक्रोशित श्रमिकों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) विवेक गुर्जर को एक ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों का आरोप है कि विभिन्न दस्तावेजी कार्यों और प्रक्रियाओं के नाम पर उनसे अवैध रूप से लगभग एक हजार रुपये तक की राशि मांगी जा रही थी। उन्होंने बताया कि पैसे न देने पर उनके कार्यों में अनावश्यक देरी की जाती है या उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। श्रमिकों का यह भी कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ श्रमिकों ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर यह राशि BDO गजेंद्र सिंह के नाम का हवाला देकर मांगी जा रही थी। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। विवाद बढ़ने पर श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल ने SDM विवेक गुर्जर को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने, आरोपित एलडीसी को तत्काल हटाने और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे एक व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप श्रमिकों द्वारा ज्ञापन में किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच का परिणाम अभी सामने नहीं आया है।2
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में कोटड़ी रोड स्थित खटीक समाज, जीनगर समाज, कोली समाज, धोबी समाज, हरिजन समाज, कहार समाज और प्रजापत समाज के श्मशान घाट की स्थिति इन दिनों अत्यंत दयनीय बनी हुई है। श्मशान भूमि परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई है और अंग्रेजी बबूल तथा झाड़ियाँ उग आई हैं, जिससे वहाँ आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों और परिजनों के बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं है। पीसीसी सदस्य एवं शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता संदीप जीनगर ने प्रशासन से इस गंभीर स्थिति पर ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थल पर साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है। जीनगर ने प्रशासन से श्मशान भूमि में तत्काल सफाई करवाने, अंग्रेजी बबूल और झाड़ियों को हटाने, तथा बैठने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। जीनगर ने जोर देकर कहा कि श्मशान घाट पर आने वाले लोगों को एक सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए, और इसके लिए प्रशासन को शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करके व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।2
- शाहपुरा उपखंड क्षेत्र के खामोर गांव में मटकी बड़ी चौराहे पर बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक किराना दुकान के पास लगे विद्युत खंभे पर गुजर रही 11 हजार केवी विद्युत लाइन में अचानक जोरदार धमाके के साथ शॉर्ट सर्किट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद लाइन का तार टूटकर बीच रास्ते में गिर गया और करीब दो मिनट तक तारों में आग व चिंगारियां निकलती रहीं। यह घटना आबादी क्षेत्र में हुई, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि जिस समय तार गिरे, उस जगह पर कोई राहगीर या पशु मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा जानलेवा हादसा टल गया। इस शॉर्ट सर्किट के कारण क्षेत्र के कई घरों में विद्युत उपकरण प्रभावित हुए; कहीं पंखे जल गए तो कहीं घरों में वायरिंग में शॉर्ट सर्किट की शिकायतें सामने आईं। इसके अलावा, डेयरी परिसर में लगे बड़े ट्रांसफार्मर में भी शॉर्ट सर्किट होने से वायर जल गए, जिससे विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी क्षेत्र से गुजर रही इस हाईटेंशन लाइन की नियमित जांच और रखरखाव नहीं होने के कारण ऐसे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। उन्होंने मांग की है कि लाइन की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।2
- भीलवाड़ा जिले के आमली गाँव में जोरदार हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से क्षेत्र में अचानक मौसम बदल गया और ग्रामीणों को गर्मी से राहत मिली।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में पारसोली थाना पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 25 टन अवैध बजरी से भरी 5 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो ट्रैक्टर चालकों को भी गिरफ्तार किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एएसपी रावतभाटा भगवत सिंह हिंगड़ के निर्देशन और डीएसपी बेंगू अंजलीसिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी पारसोली ठाकराराम के नेतृत्व में बुधवार को यह अभियान चलाया गया। थाना सर्किल के बिच्छोर गाँव के बाहर स्थित गिट्टी केशरों के पास शंभूपुरा की तरफ से आने वाले रास्ते पर 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली खनिज बजरी का परिवहन करते पाए गए। पुलिस ने महेंद्र नायक (22), पिता धारासिंह, निवासी होडा खाचरौल, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा, और महावीर (19), पिता किशोर सालवी, निवासी मेहताजी का खेड़ा, थाना बिगोद, जिला भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया। इन चालकों के पास खनिज बजरी की चोरी कर बिना अनुज्ञापत्र या रॉयल्टी रसीद, ई-रवाना के परिवहन का कोई दस्तावेज नहीं मिला। मौके पर ही कार्रवाई करते हुए थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है, और मामले में अनुसंधान जारी है।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं में किसानों ने कारखानों के विरोध में एक उग्र आंदोलन किया। यह प्रदर्शन कल हुआ, जिसमें सभी किसान कारखानों के खिलाफ एकजुट हुए और अपनी आवाज बुलंद की।2
- चित्तौड़गढ़ जिले के डगला का खेड़ा में नर्वदेश्वर महादेव एवं शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे माहौल में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे।1
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने वर्षा ऋतु की तैयारियों को देखते हुए अपने कार्यालय में सिक्योर कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में आए आंधी-तूफान और वर्षा के कारण विद्युत तंत्र को हुए नुकसान की समीक्षा करना और प्रभावित उपभोक्ताओं को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश देना था। विधायक ने अधिकारियों को मानसून के दौरान विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए। सिक्योर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि 13 जून को आए भीषण आंधी-तूफान से भीलवाड़ा शहर के लगभग 80 फीडर प्रभावित हुए, जबकि शहर में कुल 123 फीडरों से बिजली आपूर्ति होती है। इस दौरान 14 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें एक कंपोजिट और एक स्टील पोल शामिल था। करीब 40 पेड़ विद्युत लाइनों पर गिरे, जिनमें से 36 एचटी लाइन और 4 एलटी लाइन पर गिरे। इन घटनाओं से लगभग 75 हजार उपभोक्ता प्रभावित हुए थे। अधिकारियों ने जानकारी दी कि एवीवीएनएल और सिक्योर की संयुक्त टीमों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए अधिकांश क्षेत्रों में 4 से 6 घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी थी। 14 जून की सुबह 10 बजे तक 99 प्रतिशत व्यक्तिगत शिकायतों का समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों का निस्तारण 15 जून की शाम तक क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत के साथ किया गया। कंपनी ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए फीडर और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों का नियमित रखरखाव, एलटी लाइनों का सुधार, लोड बैलेंसिंग और लो-वोल्टेज शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में सामान्य दिनों में "नो पावर" संबंधी लगभग 90 प्रतिशत शिकायतों का समाधान 45 मिनट के भीतर और शेष शिकायतों का चार घंटे के भीतर किया जा रहा है। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन, सामग्री और तकनीकी दल तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने त्वरित कार्रवाई और उपभोक्ताओं की शिकायतों के प्राथमिकता से समाधान पर जोर दिया। इसके साथ ही, नागरिकों से भी खराब मौसम में विद्युत सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की गई। बैठक में एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेंद्र सिंह राठौड़, बाबूलाल टाक, संजय राठी, कमल कोठारी, राजकुमार ईनाणी, दिनेश सुथार और पृथ्वीराज सिंह उपस्थित थे।2