Shuru
Apke Nagar Ki App…
भीलवाड़ा जिले के आमली गाँव में जोरदार हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से क्षेत्र में अचानक मौसम बदल गया और ग्रामीणों को गर्मी से राहत मिली।
आमली हलचल
भीलवाड़ा जिले के आमली गाँव में जोरदार हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इस बारिश से क्षेत्र में अचानक मौसम बदल गया और ग्रामीणों को गर्मी से राहत मिली।
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजसमंद जिले के गोगाथला ग्राम पंचायत के भारत निर्माण सेवा केंद्र पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर प्रशासक छोगालाल सालवी और ग्राम वासियों ने महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित कर पुष्पांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप के मातृभूमि की रक्षा, राष्ट्र प्रेम, स्वाभिमान और मेवाड़ की सुरक्षा के लिए दिए गए अमिट योगदान को याद किया गया। उन्हें अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक बताया गया। उपस्थित सभी ग्रामीणों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने, कर्तव्य निष्ठा, साहस और जन सेवा के प्रति सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मोतीलाल कुमावत, रतनलाल कुमावत और रमेश चंद्र सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।4
- आज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 400वीं जयंती मनाई जा रही है, जिसके उपलक्ष्य में उनकी युद्धस्थली हल्दीघाटी में एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर युवाओं ने महापुरुषों के प्रति अपनी देशभक्ति का अद्भुत जज्बा दिखाया। खमनोर पंचायत समिति द्वारा आयोजित यह शोभायात्रा खमनोर के रक्त तलाई में पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद शुरू हुई, जहाँ देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद शोभायात्रा खमनोर के मुख्य मार्ग से होते हुए शाही बाग पहुँची। इस शोभायात्रा में ऊंट गाड़ी, घोड़े और महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी सजीव झांकियाँ शामिल थीं, साथ ही मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से जुड़े महापुरुषों की झांकियां भी सजाई गई थीं, जो लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। शाही बाग में एक विशाल मेला और विभिन्न देशभक्ति व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पंचायत समिति ने यहाँ तीन दिवसीय मेले की व्यवस्था भी की है, जहाँ रात्रि में सांस्कृतिक और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के दौरान उमड़ी भीड़ को देखते हुए खमनोर थाना पुलिस द्वारा पर्याप्त छात्र तैनात किया गया है।1
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में कोटड़ी रोड स्थित खटीक समाज, जीनगर समाज, कोली समाज, धोबी समाज, हरिजन समाज, कहार समाज और प्रजापत समाज के श्मशान घाट की स्थिति इन दिनों अत्यंत दयनीय बनी हुई है। श्मशान भूमि परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई है और अंग्रेजी बबूल तथा झाड़ियाँ उग आई हैं, जिससे वहाँ आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों और परिजनों के बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं है। पीसीसी सदस्य एवं शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता संदीप जीनगर ने प्रशासन से इस गंभीर स्थिति पर ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील स्थल पर साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है। जीनगर ने प्रशासन से श्मशान भूमि में तत्काल सफाई करवाने, अंग्रेजी बबूल और झाड़ियों को हटाने, तथा बैठने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। जीनगर ने जोर देकर कहा कि श्मशान घाट पर आने वाले लोगों को एक सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए, और इसके लिए प्रशासन को शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करके व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।2
- चित्तौड़गढ़ जिले के डगला का खेड़ा में नर्वदेश्वर महादेव एवं शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे माहौल में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे।1
- भारत में पुरुषों के खिलाफ झूठे आरोपों के बढ़ते मामलों और इसके परिणामस्वरूप आत्महत्याओं की खबरों के बीच, कई महिलाओं ने खुलकर पुरुषों का समर्थन करना शुरू कर दिया है। इन महिलाओं ने मिलकर 'मर्द पार्टी' बनाने का फैसला किया है। उनका मानना है कि कई मामलों में पुरुष अपनी पत्नी और प्रेमी की साजिश का शिकार भी हो रहे हैं, जिससे उनका जीवन बर्बाद हो रहा है।1
- राजस्थान के राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड मुख्यालय पर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई। कार्यक्रम का आरंभ चामुंडा माता मंदिर प्रांगण से हुआ, जहाँ से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा चामुंडा गेट, श्रीराम सर्कल, शिव मंदिर, पंचायत समिति, नरसिंह द्वारा, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार और खाकल बावजी होते हुए बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुँची। यहाँ प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। शोभायात्रा के उपरांत चामुंडा माता मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा और साकेत साहित्य संस्थान के सहयोग से कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। कवि सम्मेलन में वीर रस की कविताओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और स्वाभिमान का स्मरण किया गया। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उन्हें प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। समारोह में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दिवंगत कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें भैरूसिंह सोलंकी, हिम्मतसिंह शक्तावत, अभयसिंह राठौड़, हरिसिंह कालामाना और अभयसिंह सोलंकी को विशेष रूप से याद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान (कोठारिया) रहे, जबकि सुमेरसिंह झाला, कृष्णदेवसिंह राठौड़, युगप्रतापसिंह डगवाड़ा और सौम्यराजसिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तहसील अध्यक्ष चंद्रसिंह राणावत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और प्रेमसिंह राणावत ने इसका संचालन किया। मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान ने युवाओं से महाराणा प्रताप के स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। इस अवसर पर चतरसिंह राजावत, नवलसिंह राणावत, शंकरसिंह, भरतसिंह, प्रतापसिंह, दरियावसिंह, युवराजसिंह, नारायणसिंह सोलंकी, भूपेंद्रसिंह, रतनसिंह, लालसिंह, धन्सिंह, चंद्रवीरसिंह, खुमाणसिंह, राजेंद्रसिंह, ओनारसिंह, शैलेंद्रसिंह, रणवीरसिंह, कानसिंह, हेमेंद्रसिंह झाला, रतन भंवरसिंह, रतनसिंह राणावत, तेजसिंह, दीपसिंह, शंभूसिंह, पर्वतसिंह और भंवरसिंह सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और महिलाएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन महाप्रसादी के आयोजन के साथ हुआ।4
- भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी ने वर्षा ऋतु की तैयारियों को देखते हुए अपने कार्यालय में सिक्योर कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में आए आंधी-तूफान और वर्षा के कारण विद्युत तंत्र को हुए नुकसान की समीक्षा करना और प्रभावित उपभोक्ताओं को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश देना था। विधायक ने अधिकारियों को मानसून के दौरान विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए। सिक्योर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि 13 जून को आए भीषण आंधी-तूफान से भीलवाड़ा शहर के लगभग 80 फीडर प्रभावित हुए, जबकि शहर में कुल 123 फीडरों से बिजली आपूर्ति होती है। इस दौरान 14 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें एक कंपोजिट और एक स्टील पोल शामिल था। करीब 40 पेड़ विद्युत लाइनों पर गिरे, जिनमें से 36 एचटी लाइन और 4 एलटी लाइन पर गिरे। इन घटनाओं से लगभग 75 हजार उपभोक्ता प्रभावित हुए थे। अधिकारियों ने जानकारी दी कि एवीवीएनएल और सिक्योर की संयुक्त टीमों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए अधिकांश क्षेत्रों में 4 से 6 घंटे के भीतर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी थी। 14 जून की सुबह 10 बजे तक 99 प्रतिशत व्यक्तिगत शिकायतों का समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों का निस्तारण 15 जून की शाम तक क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत के साथ किया गया। कंपनी ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए फीडर और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों का नियमित रखरखाव, एलटी लाइनों का सुधार, लोड बैलेंसिंग और लो-वोल्टेज शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में सामान्य दिनों में "नो पावर" संबंधी लगभग 90 प्रतिशत शिकायतों का समाधान 45 मिनट के भीतर और शेष शिकायतों का चार घंटे के भीतर किया जा रहा है। विधायक कोठारी ने अधिकारियों को मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन, सामग्री और तकनीकी दल तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने त्वरित कार्रवाई और उपभोक्ताओं की शिकायतों के प्राथमिकता से समाधान पर जोर दिया। इसके साथ ही, नागरिकों से भी खराब मौसम में विद्युत सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की गई। बैठक में एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेंद्र सिंह राठौड़, बाबूलाल टाक, संजय राठी, कमल कोठारी, राजकुमार ईनाणी, दिनेश सुथार और पृथ्वीराज सिंह उपस्थित थे।2
- राजस्थान के झालावाड़ जिले में चौमहला कोर्ट के निर्देश पर 2 थाना प्रभारियों सहित लगभग 90 से 100 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस घटना से यह भावना उत्पन्न हुई है कि राजस्थान में भी कानून का राज मजबूत हो रहा है और सभी नागरिक, चाहे वे आम हों या वर्दीधारी, कानून के समक्ष समान हैं। इस संदर्भ में मदुरै कोर्ट के उस फैसले का भी जिक्र किया गया है, जब 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड सुनाया गया था, जिससे यह प्रतीत हुआ था कि वर्दी भी कानून के सामने जवाबदेह है। झालावाड़ की इस कार्रवाई को राजस्थान में 'राम राज्य' की ओर बढ़ता कदम माना जा रहा है, जहाँ न्याय तभी सच्चा कहलाता है जब कानून सभी के लिए समान हो।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर क्षेत्र में एक चलते ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के कारण हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के बाद, ट्रक चालक ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई।1