आज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 400वीं जयंती मनाई जा रही है, जिसके उपलक्ष्य में उनकी युद्धस्थली हल्दीघाटी में एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर युवाओं ने महापुरुषों के प्रति अपनी देशभक्ति का अद्भुत जज्बा दिखाया। खमनोर पंचायत समिति द्वारा आयोजित यह शोभायात्रा खमनोर के रक्त तलाई में पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद शुरू हुई, जहाँ देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद शोभायात्रा खमनोर के मुख्य मार्ग से होते हुए शाही बाग पहुँची। इस शोभायात्रा में ऊंट गाड़ी, घोड़े और महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी सजीव झांकियाँ शामिल थीं, साथ ही मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से जुड़े महापुरुषों की झांकियां भी सजाई गई थीं, जो लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। शाही बाग में एक विशाल मेला और विभिन्न देशभक्ति व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पंचायत समिति ने यहाँ तीन दिवसीय मेले की व्यवस्था भी की है, जहाँ रात्रि में सांस्कृतिक और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के दौरान उमड़ी भीड़ को देखते हुए खमनोर थाना पुलिस द्वारा पर्याप्त छात्र तैनात किया गया है।
आज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 400वीं जयंती मनाई जा रही है, जिसके उपलक्ष्य में उनकी युद्धस्थली हल्दीघाटी में एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर युवाओं ने महापुरुषों के प्रति अपनी देशभक्ति का अद्भुत जज्बा दिखाया। खमनोर पंचायत समिति द्वारा आयोजित यह शोभायात्रा खमनोर के रक्त तलाई में पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद शुरू हुई, जहाँ देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद शोभायात्रा खमनोर के मुख्य मार्ग से होते हुए शाही बाग पहुँची। इस शोभायात्रा में ऊंट गाड़ी, घोड़े और महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी सजीव झांकियाँ शामिल थीं, साथ ही मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से जुड़े महापुरुषों की झांकियां भी सजाई गई थीं, जो लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। शाही बाग में एक विशाल मेला और विभिन्न देशभक्ति व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पंचायत समिति ने यहाँ तीन दिवसीय मेले की व्यवस्था भी की है, जहाँ रात्रि में सांस्कृतिक और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के दौरान उमड़ी भीड़ को देखते हुए खमनोर थाना पुलिस द्वारा पर्याप्त छात्र तैनात किया गया है।
- आज वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 400वीं जयंती मनाई जा रही है, जिसके उपलक्ष्य में उनकी युद्धस्थली हल्दीघाटी में एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर युवाओं ने महापुरुषों के प्रति अपनी देशभक्ति का अद्भुत जज्बा दिखाया। खमनोर पंचायत समिति द्वारा आयोजित यह शोभायात्रा खमनोर के रक्त तलाई में पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद शुरू हुई, जहाँ देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद शोभायात्रा खमनोर के मुख्य मार्ग से होते हुए शाही बाग पहुँची। इस शोभायात्रा में ऊंट गाड़ी, घोड़े और महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी सजीव झांकियाँ शामिल थीं, साथ ही मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से जुड़े महापुरुषों की झांकियां भी सजाई गई थीं, जो लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं। शाही बाग में एक विशाल मेला और विभिन्न देशभक्ति व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पंचायत समिति ने यहाँ तीन दिवसीय मेले की व्यवस्था भी की है, जहाँ रात्रि में सांस्कृतिक और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के दौरान उमड़ी भीड़ को देखते हुए खमनोर थाना पुलिस द्वारा पर्याप्त छात्र तैनात किया गया है।1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद4
- राजसमंद जिले के गोगाथला ग्राम पंचायत के भारत निर्माण सेवा केंद्र पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर प्रशासक छोगालाल सालवी और ग्राम वासियों ने महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित कर पुष्पांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान महाराणा प्रताप के मातृभूमि की रक्षा, राष्ट्र प्रेम, स्वाभिमान और मेवाड़ की सुरक्षा के लिए दिए गए अमिट योगदान को याद किया गया। उन्हें अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक बताया गया। उपस्थित सभी ग्रामीणों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने, कर्तव्य निष्ठा, साहस और जन सेवा के प्रति सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मोतीलाल कुमावत, रतनलाल कुमावत और रमेश चंद्र सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।4
- राजस्थान के राजसमंद जिले की कुंभलगढ़ और गढ़बोर तहसील के अंतर्गत आने वाले गरटाली बांसा क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। गैजर गाथालाई सहित इस पूरे इलाके में सड़कें टूटी-फूटी और खराब हालत में हैं, जिसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।4
- बड़ी सदड़ी में रेलवे ट्रैक निर्माण कार्य के दौरान भारी मात्रा में क्वेंच स्टूडियो में फंसे लोगों की शिकायतें सामने आई हैं। यहां रेलवे ट्रैक पर स्टोन स्टोन स्टॉकहोम का विरोध भी किया जा रहा है। इस संबंध में, एक ग्रामीण महिला ने रेलवे अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि यह अवशेष तुरंत नहीं हटाया गया, तो गांव के लोग, बकरियां और गाय के बच्चे रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। महिला ने रेलवे निर्माण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की लेबल जांच और जिम्मेदार अधिकारियों तथा दशों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, महिला ने ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों से नारियल के गोले को भी तुरंत हटाने की अपील की है।1
- आज आमली में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ भारी बारिश हुई और तेज़ रफ्तार से हवाएँ चलीं। लगभग आधे घंटे तक लगातार हुई यह बारिश 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ थी। हालाँकि, इस तेज़ मौसम के बावजूद, किसी भी तरह का कोई नुकसान दर्ज नहीं किया गया।1
- उदयपुर जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने मंगलवार शाम वल्लभनगर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत गोटिपा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। कलक्टर अग्रवाल ने शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों की स्टाॅल्स पर पहुँचकर उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली और आमजन से प्राप्त होने वाली परिवेदनाओं के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को समझा। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सेवा शिविरों का उद्देश्य राज्य सरकार की मंशा के अनुसार आमजन के राजस्व सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों का हाथों हाथ समाधान कर उन्हें राहत पहुँचाना है। जिला कलक्टर ने इस दौरान आमजन से सीधा संवाद भी किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।1
- राजस्थान के राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड मुख्यालय पर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई। कार्यक्रम का आरंभ चामुंडा माता मंदिर प्रांगण से हुआ, जहाँ से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा चामुंडा गेट, श्रीराम सर्कल, शिव मंदिर, पंचायत समिति, नरसिंह द्वारा, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार और खाकल बावजी होते हुए बस स्टैंड स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुँची। यहाँ प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। शोभायात्रा के उपरांत चामुंडा माता मंदिर प्रांगण में एक विशाल जनसभा और साकेत साहित्य संस्थान के सहयोग से कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। कवि सम्मेलन में वीर रस की कविताओं के माध्यम से महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और स्वाभिमान का स्मरण किया गया। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उन्हें प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। समारोह में मेवाड़ क्षत्रिय महासभा की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दिवंगत कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें भैरूसिंह सोलंकी, हिम्मतसिंह शक्तावत, अभयसिंह राठौड़, हरिसिंह कालामाना और अभयसिंह सोलंकी को विशेष रूप से याद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान (कोठारिया) रहे, जबकि सुमेरसिंह झाला, कृष्णदेवसिंह राठौड़, युगप्रतापसिंह डगवाड़ा और सौम्यराजसिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के तहसील अध्यक्ष चंद्रसिंह राणावत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और प्रेमसिंह राणावत ने इसका संचालन किया। मुख्य अतिथि गोविंदसिंह चौहान ने युवाओं से महाराणा प्रताप के स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। इस अवसर पर चतरसिंह राजावत, नवलसिंह राणावत, शंकरसिंह, भरतसिंह, प्रतापसिंह, दरियावसिंह, युवराजसिंह, नारायणसिंह सोलंकी, भूपेंद्रसिंह, रतनसिंह, लालसिंह, धन्सिंह, चंद्रवीरसिंह, खुमाणसिंह, राजेंद्रसिंह, ओनारसिंह, शैलेंद्रसिंह, रणवीरसिंह, कानसिंह, हेमेंद्रसिंह झाला, रतन भंवरसिंह, रतनसिंह राणावत, तेजसिंह, दीपसिंह, शंभूसिंह, पर्वतसिंह और भंवरसिंह सहित आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में समाजजन और महिलाएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन महाप्रसादी के आयोजन के साथ हुआ।4