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समाचार एंकर अंजना ओम कश्यप द्वारा यूट्यूब के एक स्टार टीचर के प्रति आपत्तिजनक बयान दिया गया है।
Shivaji Sonkar
समाचार एंकर अंजना ओम कश्यप द्वारा यूट्यूब के एक स्टार टीचर के प्रति आपत्तिजनक बयान दिया गया है।
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- समाचार एंकर अंजना ओम कश्यप द्वारा यूट्यूब के एक स्टार टीचर के प्रति आपत्तिजनक बयान दिया गया है।1
- इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 'हाफ एनकाउंटर' के मामलों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। हाइकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि 'सजा देना पुलिस का काम नहीं है, यह न्यायपालिका का काम है।' कोर्ट ने आगे यह भी संकेत दिया कि ऐसा लगता है कि ये 'हाफ एनकाउंटर' 'प्रमोशन के लिए हो रहे हैं'।1
- लखीमपुर खीरी जनपद के नकहा और चहमलपुर मार्ग पर जानलेवा स्टंटबाजी का एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ युवक चलती कार की खिड़कियों से बाहर निकलकर खतरनाक स्टंट करते दिखाई दे रहे हैं। यह दुस्साहस न केवल स्टंट करने वाले युवकों की जान को खतरे में डाल रहा है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार कार सड़क पर दौड़ रही है और उसमें सवार युवक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बेखौफ अंदाज में स्टंट कर रहे हैं, जिनकी जरा सी चूक एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। एक जागरूक राहगीर ने इस घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस वीडियो के वायरल होते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस मार्ग पर ऐसी लापरवाही देखी गई है; लोगों का आरोप है कि नकहा-चहमलपुर मार्ग पर तेज रफ्तार और इस तरह की स्टंटबाजी के कारण पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है। घटना के बाद, सोशल मीडिया पर लोग पुलिस और प्रशासन से सख्त रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि इन स्टंटबाजों पर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। फिलहाल, लोग इस वायरल वीडियो के आधार पर वाहन की पहचान कर संबंधित युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि सड़क पर अनुशासन कायम हो सके।1
- पुरानी रंजिश ने सुल्तानपुर जनपद के धनपतगंज थाना क्षेत्र के हरौरा बाजार में हिंसक रूप ले लिया, जहाँ से शुरू हुआ विवाद मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल पहुँचने के बाद भी नहीं थमा। हैरत की बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर टूट पड़े, जिससे अस्पताल परिसर कुछ देर के लिए अखाड़े में तब्दील हो गया। इस मारपीट की घटना में कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक पीएसी जवान अमित अग्रहरी भी शामिल हैं। एक वर्दीधारी के घायल होने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, और लोग कह रहे हैं कि जब वर्दीधारी ही सुरक्षित नहीं तो आम नागरिकों की सुरक्षा का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद पहले हरौरा बाजार में हुआ था, जिसके बाद घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लाया गया। लेकिन वहाँ पुरानी रंजिश फिर भड़क उठी और अस्पताल परिसर में ही मारपीट शुरू हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति संभालने में असहज दिखे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोगों को एक-दूसरे पर हमला करते देखा जा सकता है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में क्षेत्राधिकारी बल्दीराय आशुतोष कुमार ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने मौके पर ही सख्ती दिखाई होती तो अस्पताल में दोबारा मारपीट की नौबत नहीं आती। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि अगर कानून का भय खत्म हो जाए और अपराधी पुलिस की मौजूदगी में भी बेखौफ हिंसा करें, तो आम जनता का विश्वास व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषियों के खिलाफ कितना प्रभावी कदम उठाया जाता है।1
- अयोध्या के बीकापुर ब्लॉक अंतर्गत असकरनपुर गांवसभा में जिलाधिकारी शशांक तिवारी के नेतृत्व में एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने अपने शिकायत पत्र सौंपे, जिसमें तहसील प्रशासन पर सुनवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया गया। जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई, वहीं कई शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा समुचित कार्रवाई न करने की स्थिति में भी नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। चौपाल के दौरान जल जीवन मिशन के तहत 'हर घर जल' योजना में ग्रामीणों की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता के कार्यों के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की और एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। शिकायत पत्र सौंपने उमड़ी भीड़ को देखकर एसडीएम बीकापुर के पसीने छूट गए और बीकापुर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ग्राम प्रधान द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की गई। प्रधान प्रतिनिधि अजय तिवारी और ग्रामीणों ने गांव में खड़ंजा मार्ग को पक्का मार्ग बनाने की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग द्वारा संपर्क मार्ग बनवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने पेयजल, स्वच्छता अभियान, नारी सशक्तिकरण और हर घर जल जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। चौपाल में विकासखंड, खाद्य एवं रसद विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग ने अपने-अपने विभागों की प्रदर्शनियां लगाकर जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाभार्थियों को जिलाधिकारी और विधायक अभय सिंह के हाथों से आवश्यक सामग्री वितरित कराई गई, वहीं आवास के लाभार्थियों को आवास पत्र सौंपे गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्व-उत्पाद के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। विधायक अभय सिंह, जिलाधिकारी शशांक तिवारी और मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया। ग्राम चौपाल के दौरान स्वास्थ्य, बेसिक शिक्षा, लघु सिंचाई, राजस्व, मनरेगा, राशन कार्ड, बाल विकास परियोजना, समाज कल्याण, पेंशन, आयुष्मान भारत योजना सहित ग्राम पंचायत में किए गए विकास कार्य और लाभार्थियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और कमियों को दूर करने के लिए ही ग्राम चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत भवन के आकर्षक लुक, स्वच्छता और हाईटेक व्यवस्था की जिलाधिकारी द्वारा सराहना की गई। चौपाल की अध्यक्षता ग्राम प्रधान आशा देवी ने की और संचालन एडीओ पंचायत अवधेश प्रताप सिंह ने किया। जिलाधिकारी शशांक तिवारी और विधायक अभय सिंह ने पंचायत भवन में रखी आगंतुक विजिटर पुस्तिका में ग्राम चौपाल के संबंध में संतुष्टि व्यक्त करते हुए अपना संदेश लिखा और पौधारोपण भी किया। जिलाधिकारी ने चौपाल में प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने का आश्वासन दिया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख दिनेश वर्मा, एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी सहित जिले के कई अधिकारी उपस्थित रहे।1
- आज लखनऊ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा ने ‘पर्यावरण जन-जागरण संदेश’ दिया है, जिसका मुख्य नारा ‘हरा-भरा भारत, खुशहाल भारत’ है। मोर्चा ने भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के लिए उठाए जा रहे कदमों का पूर्ण समर्थन किया है। इसके साथ ही, समस्त देशवासियों से आह्वान किया गया है कि ‘आओ जागें, सुबह-सुबह पेड़-पौधे अधिक लगाएं, जीवन को सुंदर बनाएं’ क्योंकि हरा-भरा जीवन एक अनमोल रत्न है। प्रेस विज्ञप्ति में शुद्ध पर्यावरण, शुद्ध वायु और शुद्ध जल को स्वस्थ जीवन की आधारशिला बताया गया है, और प्राकृतिक एवं नेचुरल संसाधनों का उपयोग करने को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना गया है। इसलिए, सभी देशवासियों का कर्तव्य बताया गया है कि वे एक-दूसरे को जागरूक करें, पर्यावरण को शुद्ध करें, प्रदूषण को ‘बाय-बाय’ कहें, प्लास्टिक का त्याग करें, और देश को एक स्वच्छ, हरा-भरा व खुशहाल धरोहर बनाएं। इसमें ‘हर घर एक पेड़, हर हाथ एक संकल्प’ के भाव से काम करने पर जोर दिया गया है। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा का मानना है कि सुंदर पर्यावरण, सुंदर धरती, हरियाली युक्त ठंडक और संतुलित मौसम ही आने वाली पीढ़ियों को दी जाने वाली सबसे बड़ी सौगात होगी। इस संदेश के माध्यम से मोर्चा ने सभी से मिलकर ‘दुनिया को प्राकृतिक धरती का खूबसूरत जीवन जीने का मार्गदर्शक’ बनने का आग्रह किया है। राष्ट्रीय संकल्प मोर्चा का मुख्य संकल्प है: 'प्रकृति बचाओ, भविष्य बनाओ', और उनका ध्येय वाक्य है 'सशक्त समाज, समृद्ध राष्ट्र'। इस विज्ञप्ति की रिपोर्टिंग मोर्चा के मीडिया सलाहकार लाल चंद सोनी द्वारा की गई है, और इसका सौजन्य आज सुबह टाइम्स टीम, लखनऊ को दिया गया है।1
- भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की सोहावल ब्लॉक पर मासिक पंचायत बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह बैठक अयोध्या में किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान पर केंद्रित थी। इस दौरान, किसानों ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय में A.D.O. (ISB) सुषमा जी को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु एक 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। पंचायत की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष श्री कल्पनाथ वर्मा जी ने की, जबकि इसका संचालन महिला जिला अध्यक्ष सविता मौर्या द्वारा किया गया। बैठक में किसानों की समस्याओं और उनके संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला महासचिव रामभिलाख यादव, जिला उपाध्यक्ष श्रीनाथ वर्मा, महिला जिला संगठन मंत्री राजरानी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। पंचायत में संतोषी, मंजू, लाजवंती, गुलशन, सावित्री यादव, बिंद्रा, कालिदीन और नरेंद्र जैसे कई किसान साथी भी मौजूद रहे। यूनियन ने स्पष्ट किया कि किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।1
- बस्ती जिले का लालगंज थाना क्षेत्र इन दिनों पुलिस की कार्यशैली और प्रशासनिक अनुशासनहीनता को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। हाल ही में सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने पुलिस के 24 घंटे मुस्तैदी के दावों की पोल खोल दी है, जिससे आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर गहरा डर और आक्रोश पैदा हो गया है। एक वीडियो में लालगंज पुलिस चौकी का मुख्य शटर पूरी तरह बंद देखा गया, जहाँ तैनाती के बावजूद कोई सिपाही, दरोगा या होमगार्ड मौजूद नहीं था। व्यस्त क्षेत्र में चौकी के बंद होने से दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को काफी परेशानी हुई है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि यह लापरवाही पुलिस के उन वादों के विपरीत है, जिनमें वे जनता की सुरक्षा के लिए '24 घंटे मुस्तैद' रहने का दावा करते हैं। इसी थाना क्षेत्र में तैनात दरोगा शैलेंद्र सिंह पर भी संगीन आरोप लगे हैं। फाइल 1003174996.jpg में उल्लिखित विवरण के अनुसार, उक्त दरोगा पर अनुशासनहीनता के चलते पहले भी 'लाइन हाजिर' होने की कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद, वे न केवल थाना परिसर में अनधिकृत रूप से उपस्थित पाए जा रहे हैं, बल्कि अपनी दबंगई से क्षेत्र में दहशत फैला रहे हैं। शिकायत में बताया गया है कि दरोगा ने एक पत्रकार को पुलिस की कार्यप्रणाली में कमियाँ उजागर करने के लिए सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज दी और धमकाया। एक घटनाक्रम में दरोगा की सरकारी गाड़ी के कारण एक ठेला लगाने वाले बालक के साथ बदसलूकी और मारपीट तक की गई। पीड़ित ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, डीआईजी बस्ती और पुलिस महानिदेशक बस्ती जोन को पत्र भेजकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में रोष भर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर वर्दीधारी ही कानून अपने हाथ में लेंगे तो आम आदमी न्याय के लिए कहाँ गुहार लगाएगा। आला अधिकारियों ने वायरल वीडियो और दरोगा के विरुद्ध मिली शिकायतों को गंभीरता से संज्ञान में लिया है, जिसके बाद वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की गई है। दरोगा के खिलाफ लगे आरोपों की जाँच के लिए सीसीटीव फुटेज को भी आधार बनाया जा रहा है। बस्ती की जनता अब उम्मीद कर रही है कि प्रशासन केवल लीपा-पोती न करके इन मामलों में कठोर और ठोस कदम उठाएगा, ताकि लालगंज क्षेत्र में कानून का शासन पुनः बहाल हो सके और खाकी पर लगे दागों को मिटाया जा सके।1