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दमोह 3 किलो 935 ग्राम गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार, करीब 60 हजार रुपये का मादक पदार्थ बरामद

1 hr ago
user_सचिन सिंह राजपूत  प्रदेश समय
सचिन सिंह राजपूत प्रदेश समय
Court reporter पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

दमोह 3 किलो 935 ग्राम गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार, करीब 60 हजार रुपये का मादक पदार्थ बरामद

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • दमोह 3 किलो 935 ग्राम गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार, करीब 60 हजार रुपये का मादक पदार्थ बरामद
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    दमोह 3 किलो 935 ग्राम गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार, करीब 60 हजार रुपये का मादक पदार्थ बरामद
    user_सचिन सिंह राजपूत  प्रदेश समय
    सचिन सिंह राजपूत प्रदेश समय
    Court reporter पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • गांव बिलगुवा और गांव बिछीया में आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा में दो ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कीचड़युक्त एवं जर्जर सड़क से परेशान दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान रास्ते की हालत इतनी खराब हो गई है कि ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला स्थित प्राथमिक शाला का मामला ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता मिट्टी और कीचड़ से पूरी तरह खराब हो चुका है। बारिश के दिनों में रास्ते पर इतना अधिक कीचड़ हो जाता है कि छोटे-छोटे बच्चों को उनके माता-पिता कंधे पर बैठाकर स्कूल लाने-ले जाने को मजबूर हैं। रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि मोटरसाइकिल भी आए दिन फिसलकर गिर जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का सुधार कार्य नहीं कराया गया तो वे मजबूर होकर चक्का जाम करने जैसा आंदोलन करेंगे। ग्राम बिछिया में भी सड़क और चबूतरे की समस्या दूसरा मामला ग्राम पंचायत बेलखेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिछिया का है। बिछिया गांव पंचायत रोड से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता बेहद जर्जर और संकरा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। ग्राम बिछिया गांव हनुमानजी का मंदिर भी स्थित है। मंदिर के पास ग्रामीणों ने बैठने तथा गांव के विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए कच्चा चबूतरा बनाया हुआ है। ग्रामीणों द्वारा इस चबूतरे की मरम्मत कर उसे पक्का बनाने की मांग को लेकर विधायक को आवेदन दिया गया था। बताया गया कि विधायक द्वारा उक्त फाइल जनपद पंचायत पटेरा भेज दी गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार फाइल आज भी जनपद पंचायत में ही पड़ी हुई है और अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला की सड़क तथा ग्राम बिछिया की जर्जर सड़क का शीघ्र निर्माण एवं सुधार कराया जाए। साथ ही हनुमानजी मंदिर के पास बने कच्चे चबूतरे को भी पक्का कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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    गांव बिलगुवा और गांव बिछीया में आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने
दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा में दो ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कीचड़युक्त एवं जर्जर सड़क से परेशान
दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान रास्ते की हालत इतनी खराब हो गई है कि ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला स्थित प्राथमिक शाला का मामला
ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता मिट्टी और कीचड़ से पूरी तरह खराब हो चुका है। बारिश के दिनों में रास्ते पर इतना अधिक कीचड़ हो जाता है कि छोटे-छोटे बच्चों को उनके माता-पिता कंधे पर बैठाकर स्कूल लाने-ले जाने को मजबूर हैं।
रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि मोटरसाइकिल भी आए दिन फिसलकर गिर जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का सुधार कार्य नहीं कराया गया तो वे मजबूर होकर चक्का जाम करने जैसा आंदोलन करेंगे।
ग्राम बिछिया में भी सड़क और चबूतरे की समस्या
दूसरा मामला ग्राम पंचायत बेलखेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिछिया का है। बिछिया गांव पंचायत रोड से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता बेहद जर्जर और संकरा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है।
ग्राम बिछिया गांव हनुमानजी का मंदिर भी स्थित है। मंदिर के पास ग्रामीणों ने बैठने तथा गांव के विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए कच्चा चबूतरा बनाया हुआ है। ग्रामीणों द्वारा इस चबूतरे की मरम्मत कर उसे पक्का बनाने की मांग को लेकर विधायक को आवेदन दिया गया था। बताया गया कि विधायक द्वारा उक्त फाइल जनपद पंचायत पटेरा भेज दी गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार फाइल आज भी जनपद पंचायत में ही पड़ी हुई है और अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला की सड़क तथा ग्राम बिछिया की जर्जर सड़क का शीघ्र निर्माण एवं सुधार कराया जाए। साथ ही हनुमानजी मंदिर के पास बने कच्चे चबूतरे को भी पक्का कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पुण्य स्मृति पर पिता के नाम पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प शिवकाशी नगरी गौरीशंकर मुक्ति धाम
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    पुण्य स्मृति पर पिता के नाम पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प शिवकाशी नगरी गौरीशंकर मुक्ति धाम
    user_Pushpendra hatta  Press reporter
    Pushpendra hatta Press reporter
    हटा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • जिला अस्पताल में दवा के बदले 100 रुपए लेने का आरोप, फोन-पे से कराया भुगतान, वीडियो वायरल दमोह। जिला अस्पताल में दवा वितरण केंद्र पर मरीज के परिजन से दवा देने के बदले 100 रुपए लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित दुर्गेश अहिरवार का आरोप है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी काजल अहिरवार को दिखाने एमसीएच वार्ड पहुंचा था। डॉक्टर से जांच के बाद दवा की पर्ची दी गई। दुर्गेश के अनुसार, दवा लेने के लिए वितरण केंद्र पहुंचने पर वहां मौजूद कर्मचारी शिवम सेन ने सीरप देने के बदले फोन-पे के माध्यम से 100 रुपए ट्रांसफर कराए। यह भी कहा यह दवा बाजार में महंगे दामों में मिलेगी जबकि मामला जिला अस्पताल का है। जहां सारी सुविधाएं यहां आने वाले मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क दी जाती है। भुगतान का स्क्रीनशॉट भी उसके पास मौजूद है। घटना के बाद पीड़ित ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जो रविवार सुबह 11 बजे से जमकर वायरल हो रहा है। दुर्गेश ने वायरल वीडियो में कलेक्टर से जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। वही अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
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    जिला अस्पताल में दवा के बदले 100 रुपए लेने का आरोप, फोन-पे से कराया भुगतान, वीडियो वायरल 
दमोह। जिला अस्पताल में दवा वितरण केंद्र पर मरीज के परिजन से दवा देने के बदले 100 रुपए लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित दुर्गेश अहिरवार का आरोप है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी काजल अहिरवार को दिखाने एमसीएच वार्ड पहुंचा था। डॉक्टर से जांच के बाद दवा की पर्ची दी गई।
दुर्गेश के अनुसार, दवा लेने के लिए वितरण केंद्र पहुंचने पर वहां मौजूद कर्मचारी शिवम सेन ने सीरप देने के बदले फोन-पे के माध्यम से 100 रुपए ट्रांसफर कराए। यह भी कहा यह दवा बाजार में महंगे दामों में मिलेगी जबकि मामला जिला अस्पताल का है। जहां सारी सुविधाएं यहां आने वाले मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क दी जाती है। भुगतान का स्क्रीनशॉट भी उसके पास मौजूद है। 
घटना के बाद पीड़ित ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जो रविवार सुबह 11 बजे से जमकर वायरल हो रहा है। दुर्गेश ने वायरल वीडियो में कलेक्टर से जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। वही अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • *🎪❣स्वयंभू श्री जागेश्वर नाथ जी एवं माता पार्वती जी की संध्याकालीन आरती पूजन दर्शन❣🎪* *1️⃣7️⃣अगस्त2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ शुभ सोमवार 🚩देव श्री जागेश्वर नाथ महादेव जी 🚩🙏हर हर महादेव🙏‼️बाँदकपुर धाम*🕉️
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    *🎪❣स्वयंभू श्री जागेश्वर नाथ जी एवं माता पार्वती जी की संध्याकालीन आरती पूजन दर्शन❣🎪*
*1️⃣7️⃣अगस्त2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ शुभ      सोमवार    🚩देव श्री जागेश्वर नाथ महादेव जी 🚩🙏हर हर महादेव🙏‼️बाँदकपुर धाम*🕉️
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Photographer जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    45 min ago
  • । मोबाइल चोरी से बैंक खातों तक पहुंचा कथित फ्रॉड नेटवर्क मोबाइल नहीं, पूरा फ्रॉड मॉडल था निशाने परपुलिस के अनुसार गिरोह ऐसे मोबाइलों को निशाना बनाता था जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। मोबाइल हाथ लगते ही अगला निशाना फोन नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक खाते होते थे। आरोपियों के अनुसार ऐसे मोबाइलों में यूपीआई पिन सेट कर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद मोबाइल आगे भेज दिए जाते थे और प्राप्त रकम गिरोह के सदस्यों में बांटी जाती थी। अर्थात अपराध का मॉडल कथित रूप से तीन चरणों में काम करता था। मोबाइल चोरी, डिजिटल एक्सेस, बैंक खाते से रकम ट्रांसफर। यही वजह है कि इस मामले में बरामदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण अब डिजिटल मनी ट्रेल है।14 मोबाइल चोरी कितने खातों का पैसा गया, आरोपियों ने कुल 14 मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की है। अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि,इन 14 मोबाइलों में कितने फोन से डिजिटल ठगी की गई,कितने बैंक खाते या यूपीआई आईडी प्रभावित हुए,रकम किन-किन खातों में पहुंची,उन खातों के वास्तविक संचालक कौन हैं, क्या वे स्वयं गिरोह का हिस्सा हैं या केवल मनी ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किए गए, चोरी के मोबाइलों का अंतिम खरीदार कौन थाक्या मालदा से लेकर जबलपुर तक मोबाइलों की कोई नियमित सप्लाई चेन चल रही थी,इन सवालों के जवाब सामने आने पर ही पता चलेगा कि 2.10 लाख रुपये की ठगी इस नेटवर्क का पूरा कारोबार है या केवल एक मामला। जबलपुर में बाहरी अपराधियों की एंट्री पर भी हो जांचयह मामला एक और संवेदनशील पहलू सामने लाता है,अंतरराज्यीय अपराधियों का शहर में प्रवेश और लंबे समय तक ठिकाना बनाना। झारखंड के आरोपी यदि एक वर्ष से जबलपुर में रह रहे थे और पश्चिम बंगाल के व्यक्ति का नाम भी गिरोह में सामने आया है, तो पुलिस को केवल वर्तमान घटना नहीं, बल्कि इन लोगों के जबलपुर पहुंचने से लेकर उनके स्थानीय संपर्कों तक की पूरी कड़ी खंगालनी होगी। किसने उन्हें मकान दिलाया,किसके संपर्क में वे आए,उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां क्या थींक्या किसी स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें चोरी के मोबाइल बेचने, ठिकाना उपलब्ध कराने या बैंक खातों की व्यवस्था में मदद की,यही जांच इस कथित गिरोह के स्थानीय नेटवर्क को उजागर कर सकती है। बाकल पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू बाकल पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ी जोड़कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण सफलता है। लेकिन इस कार्रवाई से खुलने वाले सवालों के जवाब भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। करीम शेख उर्फ साजन की तलाश और उसकी भूमिका की पुष्टि, आरोपियों के जबलपुर प्रवास का सत्यापन, किरायेदार सत्यापन की जांच, 14 मोबाइलों की बरामदगी एवं उनके डिजिटल डेटा का विश्लेषण और बैंक खातों की पूरी मनी ट्रेल—अब जांच के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं। क्योंकि यह सिर्फ एक मोबाइल चोरी का मामला नहीं है। यह उस डिजिटल अपराध मॉडल की कहानी है, जिसमें जेब से चुराया गया मोबाइल कुछ ही घंटों में किसी व्यक्ति के बैंक खाते तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।और अगर आरोपियों का एक साल तक जबलपुर में रहना जांच में प्रमाणित होता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा अपराधी बाहर से आए थे, लेकिन इतने लंबे समय तक शहर में रहे तो उन्हें पहचानने और रोकने वाली व्यवस्था कहां थी। अब बाकल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद निगाहें इस बात पर हैं कि करीम शेख उर्फ साजन तक जांच कब पहुंचती है और इस कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क में जबलपुर के कितने स्थानीय चेहरे सामने आते हैं। शॉर्ट न्यूज बनाओ 1:30 मिनिट का
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    । मोबाइल चोरी से बैंक खातों तक पहुंचा कथित फ्रॉड नेटवर्क
मोबाइल नहीं, पूरा फ्रॉड मॉडल था निशाने परपुलिस के अनुसार गिरोह ऐसे मोबाइलों को निशाना बनाता था जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। मोबाइल हाथ लगते ही अगला निशाना फोन नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक खाते होते थे। आरोपियों के अनुसार ऐसे मोबाइलों में यूपीआई पिन सेट कर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद मोबाइल आगे भेज दिए जाते थे और प्राप्त रकम गिरोह के सदस्यों में बांटी जाती थी। अर्थात अपराध का मॉडल कथित रूप से तीन चरणों में काम करता था। मोबाइल चोरी, डिजिटल एक्सेस, बैंक खाते से रकम ट्रांसफर। यही वजह है कि इस मामले में बरामदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण अब डिजिटल मनी ट्रेल है।14 मोबाइल चोरी कितने खातों का पैसा गया, आरोपियों ने कुल 14 मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की है। अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि,इन 14 मोबाइलों में कितने फोन से डिजिटल ठगी की गई,कितने बैंक खाते या यूपीआई आईडी प्रभावित हुए,रकम किन-किन खातों में पहुंची,उन खातों के वास्तविक संचालक कौन हैं, क्या वे स्वयं गिरोह का हिस्सा हैं या केवल मनी ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किए गए, चोरी के मोबाइलों का अंतिम खरीदार कौन थाक्या मालदा से लेकर जबलपुर तक मोबाइलों की कोई नियमित सप्लाई चेन चल रही थी,इन सवालों के जवाब सामने आने पर ही पता चलेगा कि 2.10 लाख रुपये की ठगी इस नेटवर्क का पूरा कारोबार है या केवल एक मामला। जबलपुर में बाहरी अपराधियों की एंट्री पर भी हो जांचयह मामला एक और संवेदनशील पहलू सामने लाता है,अंतरराज्यीय अपराधियों का शहर में प्रवेश और लंबे समय तक ठिकाना बनाना। झारखंड के आरोपी यदि एक वर्ष से जबलपुर में रह रहे थे और पश्चिम बंगाल के व्यक्ति का नाम भी गिरोह में सामने आया है, तो पुलिस को केवल वर्तमान घटना नहीं, बल्कि इन लोगों के जबलपुर पहुंचने से लेकर उनके स्थानीय संपर्कों तक की पूरी कड़ी खंगालनी होगी। किसने उन्हें मकान दिलाया,किसके संपर्क में वे आए,उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां क्या थींक्या किसी स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें चोरी के मोबाइल बेचने, ठिकाना उपलब्ध कराने या बैंक खातों की व्यवस्था में मदद की,यही जांच इस कथित गिरोह के स्थानीय नेटवर्क को उजागर कर सकती है। बाकल पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू बाकल पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ी जोड़कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण सफलता है। लेकिन इस कार्रवाई से खुलने वाले सवालों के जवाब भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। करीम शेख उर्फ साजन की तलाश और उसकी भूमिका की पुष्टि, आरोपियों के जबलपुर प्रवास का सत्यापन, किरायेदार सत्यापन की जांच, 14 मोबाइलों की बरामदगी एवं उनके डिजिटल डेटा का विश्लेषण और बैंक खातों की पूरी मनी ट्रेल—अब जांच के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं। क्योंकि यह सिर्फ एक मोबाइल चोरी का मामला नहीं है। यह उस डिजिटल अपराध मॉडल की कहानी है, जिसमें जेब से चुराया गया मोबाइल कुछ ही घंटों में किसी व्यक्ति के बैंक खाते तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।और अगर आरोपियों का एक साल तक जबलपुर में रहना जांच में प्रमाणित होता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा अपराधी बाहर से आए थे, लेकिन इतने लंबे समय तक शहर में रहे तो उन्हें पहचानने और रोकने वाली व्यवस्था कहां थी। अब बाकल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद निगाहें इस बात पर हैं कि करीम शेख उर्फ साजन तक जांच कब पहुंचती है और इस कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क में जबलपुर के कितने स्थानीय चेहरे सामने आते हैं। शॉर्ट न्यूज बनाओ 1:30 मिनिट का
    user_Shivcharan Yadav
    Shivcharan Yadav
    Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    59 min ago
  • रोड की समस्या बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत रोड की समस्या बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत ग्राम पंचायत देवरी कालोनी ब्लॉक बक्सवाहा जिला छतरपुर मध्यप्रेश
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    रोड की समस्या 
बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत 
रोड की समस्या 
बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत
ग्राम पंचायत देवरी कालोनी ब्लॉक बक्सवाहा जिला छतरपुर मध्यप्रेश
    user_Rajkumar
    Rajkumar
    बक्सवाहा, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पटेरा में नाग पंचमी पर उमड़ी आस्था: पार्थिव शिवलिंग निर्माण के बाद चौरसिया समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा पटेरा में नाग पंचमी पर उमड़ी आस्था: पार्थिव शिवलिंग निर्माण के बाद चौरसिया समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा पटेरा। नाग पंचमी के पावन पर्व पर पटेरा नगर में धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। पूरे दिन भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा, जिसमें नगर के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दिन की शुरुआत नाग देव की विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। नागदेव मंदिर में चौरसिया समाज के साथ-साथ पटेरा नगर के सभी लोग बड़ी संख्या में नाग देवता को दूध एवं अरघ (अढ़वाणी) चढ़ाने पहुंचे। मंदिर मार्ग में कीचड़ भरा रास्ता होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। हटा तिराहे पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण सुबह 09:00 बजे से हटा तिराहे पर चौरसिया समाज द्वारा भव्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां समाज के लोगों और नगरवासियों ने पूरे विधि-विधान से मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका अभिषेक व पूजन किया। शाम को निकली विशाल शोभायात्रा शाम 05:00 बजे चौरसिया समाज के तत्वावधान में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा हटा तिराहे से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य बस स्टैंड, शीतला माता मंदिर और पुराना बाजार होते हुए बंसी वाले तालाब पहुंची। शोभायात्रा में भगवान शिव की मनमोहक झांकी सजाई गई थी। श्रद्धालु हाथों में लहराता भगवा ध्वज लेकर चल रहे थे, वहीं डीजे और बैंड-बाजे की भक्तिमय धुनों पर युवा और भक्त झूमते-थिरकते नजर आए। रास्ते में जगह-जगह नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत किया। इस आयोजन में बसोरी चौरसिया, कन्हाई चौरसिया, बेनी चौरसिया, खड़ी चौरसिया, बुद्धू चौरसिया, बाबूलाल चौरसिया बालमुकुंद चौरसिया नितेश चौरसिया, नीरज चौरसिया, हिमांशु चौरसिया, शिवा चौरसिया, सौरभ चौरसिया, गौरव चौरसिया, हर्षित चौरसिया श्रीकांत चौरसिया प्रिंस चौरसिया एवं अनुज चौरसिया सहित चौरसिया समाज के युवाओं व गणमान्य नागरिकों का विशेष योगदान रहा। बंसी वाले तालाब पर महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ आयोजन का समापन हुआ।
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    पटेरा में नाग पंचमी पर उमड़ी आस्था: पार्थिव शिवलिंग निर्माण के बाद चौरसिया समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा
पटेरा में नाग पंचमी पर उमड़ी आस्था: पार्थिव शिवलिंग निर्माण के बाद चौरसिया समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा
पटेरा। नाग पंचमी के पावन पर्व पर पटेरा नगर में धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। पूरे दिन भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा, जिसमें नगर के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
दिन की शुरुआत नाग देव की विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। नागदेव मंदिर में चौरसिया समाज के साथ-साथ पटेरा नगर के सभी लोग बड़ी संख्या में नाग देवता को दूध एवं अरघ (अढ़वाणी) चढ़ाने पहुंचे। मंदिर मार्ग में कीचड़ भरा रास्ता होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं और सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा।
हटा तिराहे पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण
सुबह 09:00 बजे से हटा तिराहे पर चौरसिया समाज द्वारा भव्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां समाज के लोगों और नगरवासियों ने पूरे विधि-विधान से मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका अभिषेक व पूजन किया।
शाम को निकली विशाल शोभायात्रा
शाम 05:00 बजे चौरसिया समाज के तत्वावधान में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा हटा तिराहे से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य बस स्टैंड, शीतला माता मंदिर और पुराना बाजार होते हुए बंसी वाले तालाब पहुंची।
शोभायात्रा में भगवान शिव की मनमोहक झांकी सजाई गई थी। श्रद्धालु हाथों में लहराता भगवा ध्वज लेकर चल रहे थे, वहीं डीजे और बैंड-बाजे की भक्तिमय धुनों पर युवा और भक्त झूमते-थिरकते नजर आए। रास्ते में जगह-जगह नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का आत्मीय स्वागत किया।
इस आयोजन में
बसोरी  चौरसिया, कन्हाई चौरसिया, बेनी चौरसिया, खड़ी चौरसिया, बुद्धू चौरसिया, बाबूलाल चौरसिया बालमुकुंद चौरसिया नितेश चौरसिया, नीरज चौरसिया, हिमांशु चौरसिया, शिवा चौरसिया, सौरभ चौरसिया, गौरव चौरसिया, हर्षित चौरसिया श्रीकांत चौरसिया  प्रिंस चौरसिया एवं अनुज चौरसिया सहित चौरसिया समाज के युवाओं व गणमान्य नागरिकों का विशेष योगदान रहा। 
बंसी वाले तालाब पर महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ आयोजन का समापन हुआ।
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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