दमोह में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले की 17 कीटनाशक विक्रय दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तत्काल प्रभाव से 8 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर उन्हें सील कर दिया गया है, जबकि 6 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान दुकानों पर पीसी उपलब्ध न होने, लाइसेंस का नवीनीकरण न होने और निर्धारित कंपनियों की दवाओं के लिए एनओसी का अभाव होने जैसी कई गंभीर कमियां पाई गईं। कलेक्टर ने सोमवार शाम 6 बजे इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को सही बीज, उर्वरक और दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है, क्योंकि निम्न गुणवत्ता की सामग्री के इस्तेमाल से फसल उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में डीएपी और एनपीके खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे दमोह हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
दमोह में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले की 17 कीटनाशक विक्रय दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तत्काल प्रभाव से 8 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर उन्हें सील कर दिया गया है, जबकि 6 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान दुकानों पर पीसी उपलब्ध न होने, लाइसेंस का नवीनीकरण न होने और निर्धारित कंपनियों की दवाओं के लिए एनओसी का अभाव होने जैसी कई गंभीर कमियां पाई गईं। कलेक्टर ने सोमवार शाम 6 बजे इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को सही बीज, उर्वरक और दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है, क्योंकि निम्न गुणवत्ता की सामग्री के इस्तेमाल से फसल उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में डीएपी और एनपीके खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे दमोह हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- दमोह के हटा में कुम्हारी थाना प्रभारी ब्रजेश पांडे के नेतृत्व में पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई है।1
- भोपाल में 27% OBC आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर किए गए विधानसभा घेराव के दौरान ओबीसी महिलाओं ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। इस प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए और अपनी मांगों को लेकर बेहद बेबाकी से अपनी बात रखी। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कैमरे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।1
- दमोह के पटेरा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत हिनोती के ग्राम पिपरिया मल्लपुरा के दर्जनों ग्रामीण सड़क न होने की समस्या को लेकर मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान इन ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांग के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि सड़क न होने के कारण आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके चलते स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक कठिनाई उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस सड़क मार्ग का निर्माण करा दिया जाता है, तो उन्हें आवाजाही में बड़ी सुविधा मिल जाएगी।1
- देश के जाग जाने की बात कहते हुए कड़ा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है और इन्हें फांसी दिए जाने का दावा किया जा रहा है। 'काले अंग्रेज' के संदर्भ का उपयोग करते हुए यह गंभीर और तीखा सवाल उठाया गया है कि उनके बाद अब इनकी बारी आने वाली है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले में खिमलासा थाना अंतर्गत गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे 11 गौ सेवकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के विरोध में क्षेत्र के समस्त हिंदू संगठनों और गौ सेवकों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौ माता को न्याय दिलाने और गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पिछले 3 साल में कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदारों को लगभग 166 (पाठ में 164 भी उल्लेखित) आवेदन और ज्ञापन दिए गए। अधिकारियों की उदासीन कार्यप्रणाली और लगातार मिल रहे केवल आश्वासनों से हताश होकर गौ सेवकों ने 30 जून 2026 को बीना और खुरई तहसील में लिखित सूचना देने के बाद सड़क पर चक्का जाम किया था। इसके बावजूद, पुलिस ने गौ सेवक हरकिशन सेन खिमलासा को रात भर थाने में बिठाकर जेल भेजने की कार्रवाई की और कुल 11 गौ सेवकों पर मामला दर्ज कर लिया, जो कि सरासर अनुचित है। इस दमनकारी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हिंदू संगठनों ने 'एक देश में दो कानून' चलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चक्का जाम के दौरान गौ सेवकों ने किसी भी एम्बुलेंस, छात्र या बीमार व्यक्ति को परेशान नहीं किया, बल्कि उन्हें सुरक्षा के साथ निकलने में पूरा सहयोग दिया। इसके ठीक विपरीत, अगले ही दिन सागर बीएमसी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा अति संवेदनशील सड़क पर चक्का जाम किया गया, जिससे एम्बुलेंस और मरीज परेशान रहे और सांप के काटे एक व्यक्ति समेत कई बीमार लोग इलाज को तरसते रहे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठनों की मांग है कि या तो गौ सेवकों पर की गई कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाए या फिर चक्का जाम करने वाले मेडिकल स्टाफ पर भी वैसी ही कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार का ध्यान मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा क्रमांक O D003 की ओर खींचा है, जिसमें साफ कहा गया है कि गोचर व शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और देवल ग्राम (बीना विधानसभा) में 3614 एकड़ की गो अभ्यारण्य भूमि को सुचारू किया जाए। इसके बावजूद गायें सड़कों पर मरने को मजबूर हैं और अधिकारी अपनी नाकामी छुपाने के लिए गौ सेवकों पर जबरन कार्रवाई कर रहे हैं। गौ सेवकों ने सिवनी मालवा में हाल ही में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा का भी जिक्र किया। उन्होंने भगवावादी हिंदुत्व सरकार से इस गलत कार्रवाई को तुरंत वापस लेने का निवेदन किया है और चेतावनी दी है कि यदि यह एफआईआर निरस्त नहीं की गई, तो सभी हिंदू संगठन और गौ सेवक सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।4
- ललितपुर के मड़ावरा थाना पुलिस ने छिनैती के मामले में वांछित चल रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, ₹8,800 की नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित से मोबाइल और नकदी छीनने की शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे न्यायालय में पेश कर दिया गया।1
- दमोह में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले की 17 कीटनाशक विक्रय दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तत्काल प्रभाव से 8 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर उन्हें सील कर दिया गया है, जबकि 6 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान दुकानों पर पीसी उपलब्ध न होने, लाइसेंस का नवीनीकरण न होने और निर्धारित कंपनियों की दवाओं के लिए एनओसी का अभाव होने जैसी कई गंभीर कमियां पाई गईं। कलेक्टर ने सोमवार शाम 6 बजे इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को सही बीज, उर्वरक और दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है, क्योंकि निम्न गुणवत्ता की सामग्री के इस्तेमाल से फसल उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में डीएपी और एनपीके खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे दमोह हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।1
- दमोह के मडियादो में शराब के नशे में धुत होकर वर्दी को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। यहां वर्दी पहने वनरक्षक बीट प्रभारी सूर्यकांत उईके का शराब के नशे में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है, जिसने वर्दी की मर्यादा को पूरी तरह तार-तार कर दिया है।1
- मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को लागू करने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने विधानसभा भवन का घेराव करने के लिए आज बड़ी तैयारी के साथ आंदोलन किया। इस आंदोलन के बीच, पूर्व विधायक आरडी प्रजापति से पिछड़ा वर्ग को दिए जाने वाले आरक्षण और आखिर किसकी वजह से 27% आरक्षण नहीं दिया जा रहा है, इन सभी मुद्दों पर बातचीत की गई। इस दौरान पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने 27% ओबीसी आरक्षण का विरोध करने वालों को लेकर एक बड़ा दावा किया है।1