Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को लागू करने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने विधानसभा भवन का घेराव करने के लिए आज बड़ी तैयारी के साथ आंदोलन किया। इस आंदोलन के बीच, पूर्व विधायक आरडी प्रजापति से पिछड़ा वर्ग को दिए जाने वाले आरक्षण और आखिर किसकी वजह से 27% आरक्षण नहीं दिया जा रहा है, इन सभी मुद्दों पर बातचीत की गई। इस दौरान पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने 27% ओबीसी आरक्षण का विरोध करने वालों को लेकर एक बड़ा दावा किया है।
Pushpendra Lodhi
मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को लागू करने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने विधानसभा भवन का घेराव करने के लिए आज बड़ी तैयारी के साथ आंदोलन किया। इस आंदोलन के बीच, पूर्व विधायक आरडी प्रजापति से पिछड़ा वर्ग को दिए जाने वाले आरक्षण और आखिर किसकी वजह से 27% आरक्षण नहीं दिया जा रहा है, इन सभी मुद्दों पर बातचीत की गई। इस दौरान पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने 27% ओबीसी आरक्षण का विरोध करने वालों को लेकर एक बड़ा दावा किया है।
- User9077Narsimhapur, Narsinghpur😡1 hr ago
More news from Damoh and nearby areas
- मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित मालवीचौक पर 'जय भीम' के उद्घोष के साथ इंकलाबी नारों की आवाज़ गूंजी है। यहाँ पूरे जोश के साथ इंकलाब के नारे बुलंद किए गए, जिससे पूरा माहौल इंकलाबी रंग में रंग गया।1
- दमोह के समन्ना फाटक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे खराब सड़क के कारण सोमवार दोपहर करीब 2 बजे एक यात्री बस फंस गई। दमोह-हिंडोरिया मार्ग पर समन्ना रेलवे ट्रैक के पास बन रहे ओवरब्रिज के चलते बारिश के मौसम में आवागमन प्रभावित हो रहा है। यहाँ सड़क के ऊबड़-खाबड़ और धंसे हिस्से से गुजरते समय बस आगे निकलने के बाद पीछे से अटक गई, जिससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया और पीछे वाहनों की कतार लग गई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले सांसद राहुल सिंह लोधी ने निर्माणाधीन ओवरब्रिज का निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। अब स्थानीय लोगों ने मांग उठाई है कि ओवरब्रिज के नीचे करीब 100 मीटर मार्ग पर मुरम या कंक्रीट डलवाकर सड़क समतल कराई जाए, ताकि बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका कम हो सके और वाहन सुरक्षित तरीके से निकल सकें।1
- दमोह के बटियागढ़ ब्लॉक के कनोरा कला के आदिवासियों ने एकता परिषद के बैनर तले कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है।1
- जन संगठन एकता परिषद के बैनर तले दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कनौरा कला के पीड़ित आदिवासी महिला-पुरुष बरसते पानी में पैदल चलकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वन विभाग द्वारा किए जा रहे कथित अन्याय, अत्याचार, तानाशाही और अवैध कदाचार के विरोध में डिप्टी कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर प्रताप नारायण सिंह यादव को ज्ञापन सौंपकर अपने अधिकारों की पुरजोर मांग की। एकता परिषद के जिला समन्वयक सुजात खान, शिवलाल आदिवासी, बलराम पटेल, मोहन सिंह आदिवासी, रामकली बाई आदिवासी, रेखा रानी, कौशल बाई, प्रेम लाल, गोवर्धन, ज्ञानी सिंह, तुलसा रानी और बाबू आदिवासी सहित अन्य पीड़ितों ने बताया कि जिला प्रशासन और जनजातीय विभाग दमोह द्वारा वनाधिकार कानून के लंबित दावों के निराकरण में लगातार जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 दिसंबर 2025 की जिला समन्वय बैठक में लिए गए निर्णयों पर समय सीमा में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के कारण बरसों से वन भूमि पर काबिज पात्र आदिवासियों को वन विभाग जबरन बेदखल कर रहा है। आदिवासियों के अनुसार, विगत 19 जुलाई 2026 को वन विभाग की टीम ने तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए आदिवासियों के खेतों में बनी लगभग 26 झोपड़ियों को बर्बाद कर दिया और वहां रखा राशन-पानी व कृषि संबंधी सामान लूट ले गए। इस दौरान हथियारों से लैस वन कर्मियों ने वर्दी का खौफ दिखाकर आदिवासियों, महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट व अभद्र गाली-गलौज की और उन्हें विस्थापित कर दिया, जिससे ये परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। मध्य प्रदेश एकता परिषद के जिलाध्यक्ष सुजात खान ने आरोप लगाया कि जिले में वन विभाग, पन्ना टाइगर रिजर्व बफर जोन प्रबंधन और नौरादेही अभ्यारण्य प्रबंधन द्वारा लगातार आदिवासियों और वनवासियों के साथ इसी तरह का अवैध व अनैतिक व्यवहार कर उन्हें भूमिहीन व बेघर बनाया जा रहा है। तथाकथित विकास के नाम पर उन्हें भय, भूख, गरीबी और पलायन के दलदल में धकेला जा रहा है, जिससे पूरे जिले के आदिवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। एकता परिषद ने मांग की है कि कनौरा कला सहित दमोह के सभी गरीब आदिवासियों के लंबित दावों का निराकरण किया जाए, त्रुटिपूर्ण दावों में सुधार हो, उन्हें भू-राजस्व पट्टे दिए जाएं और इस प्रकार की गुंडागर्दी पूर्ण बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। इसके साथ ही, वनाधिकार कानून, भू-राजस्व कानून, विस्थापन और आजीविका के मुद्दों के स्थायी व शांतिपूर्ण समाधान के लिए जिला स्तर पर शीघ्र जिला समन्वय बैठक बुलाने की भी पुरजोर मांग की गई है।1
- जबलपुर में धर्म संगठन बर्स की ओर से 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ एक विशेष कामना साझा की गई है। इसमें ऐसी परख की उम्मीद जताई गई है जिससे पूरी दुनिया में हरियाली छा जाए। इसके साथ ही, सूखी पड़ी खेती के फिर से हरे-भरे और सुखी होने की प्रार्थना की गई है।1
- जबलपुर के बिलहरी में नर्मदा की रेत को बाइक से लेकर बेचने का मामला सामने आया है। कुछ लोग इस रेत को बिलहरी की एपीआर कॉलोनी में लेकर पहुंचे थे, जहां वे इसे किसी पटवारी को देने के लिए आए थे।1
- मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को लागू करने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने विधानसभा भवन का घेराव करने के लिए आज बड़ी तैयारी के साथ आंदोलन किया। इस आंदोलन के बीच, पूर्व विधायक आरडी प्रजापति से पिछड़ा वर्ग को दिए जाने वाले आरक्षण और आखिर किसकी वजह से 27% आरक्षण नहीं दिया जा रहा है, इन सभी मुद्दों पर बातचीत की गई। इस दौरान पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने 27% ओबीसी आरक्षण का विरोध करने वालों को लेकर एक बड़ा दावा किया है।1
- दमोह के जबेरा से जय भीम के नारे के साथ देशवासियों से एक अपील की गई है। इसमें देशवासियों को 1857 की क्रांति याद करने के लिए कहा गया है। संदेश में जोर देकर कहा गया है कि आज देश को अपने लोगों की जरूरत है।1
- दमोह में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले की 17 कीटनाशक विक्रय दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर तत्काल प्रभाव से 8 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर उन्हें सील कर दिया गया है, जबकि 6 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान दुकानों पर पीसी उपलब्ध न होने, लाइसेंस का नवीनीकरण न होने और निर्धारित कंपनियों की दवाओं के लिए एनओसी का अभाव होने जैसी कई गंभीर कमियां पाई गईं। कलेक्टर ने सोमवार शाम 6 बजे इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को सही बीज, उर्वरक और दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है, क्योंकि निम्न गुणवत्ता की सामग्री के इस्तेमाल से फसल उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में डीएपी और एनपीके खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे दमोह हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।1