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विदिशा की बालाजी पैराडाइज कॉलोनी में प्रशासन और नगर पालिका की टीम जेसीबी लेकर मुख्य दरवाजे को तोड़ने पहुंची, जिससे मौके पर मामला गरमा गया। अतिक्रमण की जद में आ रहे मुख्य द्वार को ढहाने की इस कार्रवाई के दौरान कॉलोनी के रहवासी बड़ी संख्या में इकट्ठे हो गए। स्थिति को देखते हुए मौके पर नगर पालिका सीएमओ और एसडीएम क्षितिज शर्मा खुद मौजूद रहे।

8 hrs ago
user_Vinod Mehra
Vinod Mehra
Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
8 hrs ago

विदिशा की बालाजी पैराडाइज कॉलोनी में प्रशासन और नगर पालिका की टीम जेसीबी लेकर मुख्य दरवाजे को तोड़ने पहुंची, जिससे मौके पर मामला गरमा गया। अतिक्रमण की जद में आ रहे मुख्य द्वार को ढहाने की इस कार्रवाई के दौरान कॉलोनी के रहवासी बड़ी संख्या में इकट्ठे हो गए। स्थिति को देखते हुए मौके पर नगर पालिका सीएमओ और एसडीएम क्षितिज शर्मा खुद मौजूद रहे।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Rizwan Khan
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    Post by Rizwan Khan
    user_Rizwan Khan
    Rizwan Khan
    बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के भोपाल में कांग्रेस कमेटी भोपाल के कार्यालय पर भाजपा भोपाल द्वारा जंगी प्रदर्शन किया जा रहा है। भाजपा भोपाल के इस जंगी प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस कमेटी भोपाल कार्यालय पर हलचल बनी हुई है।
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    मध्य प्रदेश के भोपाल में कांग्रेस कमेटी भोपाल के कार्यालय पर भाजपा भोपाल द्वारा जंगी प्रदर्शन किया जा रहा है। भाजपा भोपाल के इस जंगी प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस कमेटी भोपाल कार्यालय पर हलचल बनी हुई है।
    user_कोलार की धड़कन
    कोलार की धड़कन
    Voice of people कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • विधानसभा में उस समय सियासत गरमा गई जब कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस विधायकों से पूछा कि 'कल राहुल गांधी लाठी खाने क्यों नहीं गए?' इस सवाल पर पलटवार करते हुए कांग्रेस विधायकों ने स्पष्ट किया कि उनके नेता राहुल गांधी धरने पर बैठे थे और इसकी सूचना सदन में दी गई थी। धरने को लेकर विधानसभा के भीतर दोनों पक्षों के बीच यह तीखा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला।
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    विधानसभा में उस समय सियासत गरमा गई जब कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस विधायकों से पूछा कि 'कल राहुल गांधी लाठी खाने क्यों नहीं गए?' इस सवाल पर पलटवार करते हुए कांग्रेस विधायकों ने स्पष्ट किया कि उनके नेता राहुल गांधी धरने पर बैठे थे और इसकी सूचना सदन में दी गई थी। धरने को लेकर विधानसभा के भीतर दोनों पक्षों के बीच यह तीखा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला।
    user_KHABAR WITH KK
    KHABAR WITH KK
    Local News Reporter सिलवानी, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    48 min ago
  • शराब के नशे में इंसान किस हद तक बेसुध हो जाता है, इसे लेकर एक शख्स ने अपने ही अंदाज में एक मजेदार किस्सा सुनाया है। दादा ने मजाकिया लहजे में कहा कि लोग दारू पीकर इस तरह पड़े रहते हैं कि कुत्ते मुंह पर मूत जाएं तब भी उन्हें पता नहीं चलता। इस वीडियो को देखकर लोगों के लिए अपनी हंसी रोकना मुश्किल हो रहा है।
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    शराब के नशे में इंसान किस हद तक बेसुध हो जाता है, इसे लेकर एक शख्स ने अपने ही अंदाज में एक मजेदार किस्सा सुनाया है। दादा ने मजाकिया लहजे में कहा कि लोग दारू पीकर इस तरह पड़े रहते हैं कि कुत्ते मुंह पर मूत जाएं तब भी उन्हें पता नहीं चलता। इस वीडियो को देखकर लोगों के लिए अपनी हंसी रोकना मुश्किल हो रहा है।
    user_HIGH NEWS LIVE
    HIGH NEWS LIVE
    Media house हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने निजी और राजनीतिक हितों को साधने के लिए देश के नौजवानों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें राजनीतिक मोहरा बना रहे हैं। रक्षा मंत्री ने विपक्ष के इस विरोध को 'मैन्युफैक्चरर्ड एंगर' (प्रायोजित आक्रोश) करार दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोदी सरकार युवाओं की हर चिंता को दूर करने और उनके साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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    जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने निजी और राजनीतिक हितों को साधने के लिए देश के नौजवानों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें राजनीतिक मोहरा बना रहे हैं।

रक्षा मंत्री ने विपक्ष के इस विरोध को 'मैन्युफैक्चरर्ड एंगर' (प्रायोजित आक्रोश) करार दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोदी सरकार युवाओं की हर चिंता को दूर करने और उनके साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
    user_@liveatn
    @liveatn
    Classified ads newspaper publisher हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जज व सास गिरीबाला की जमानत याचिका पर दो महिला जजों ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। दो महिला जजों द्वारा निजी कारणों से खुद को सुनवाई से अलग किए जाने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार देर शाम इस मामले को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अब पूर्व जज गिरीबाला की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी। इस कानूनी घटनाक्रम के तहत जब गिरीबाला के वकील ने जमानत याचिका दाखिल की, तो कोर्ट ने सीबीआई को केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए थे। सीबीआई द्वारा केस डायरी जमा किए जाने के बाद जज मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को एक महिला जज की कोर्ट में स्थानांतरित किया। हालांकि, संबंधित महिला जज ने आरोपी गिरीबाला के पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने का हवाला देते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिका दूसरी महिला जज की अदालत में भेजी गई, लेकिन उन्होंने भी खुद को इस केस से अलग कर लिया, जिसके बाद जिला अदालत ने इसे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में भेजने का निर्णय लिया। जेल में बंद आरोपी गिरीबाला ने अपनी याचिका में ढलती उम्र, खराब सेहत और बुजुर्ग मां की देखभाल का हवाला देकर राहत मांगी है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि दिवंगत बहू ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध मधुर थे। दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने जमानत का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पांडे का कहना है कि वे हाईकोर्ट से पूर्व में गिरीबाला की जमानत रद्द होने से जुड़े सभी अहम तथ्यों और सबूतों को निचली अदालत में पेश करेंगे, क्योंकि न्याय के लिए आरोपी का जेल में रहना जरूरी है।
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    भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद पूर्व जज व सास गिरीबाला की जमानत याचिका पर दो महिला जजों ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। दो महिला जजों द्वारा निजी कारणों से खुद को सुनवाई से अलग किए जाने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार देर शाम इस मामले को सीबीआई की विशेष अदालत में ट्रांसफर कर दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण अब पूर्व जज गिरीबाला की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी।

इस कानूनी घटनाक्रम के तहत जब गिरीबाला के वकील ने जमानत याचिका दाखिल की, तो कोर्ट ने सीबीआई को केस डायरी पेश करने के निर्देश दिए थे। सीबीआई द्वारा केस डायरी जमा किए जाने के बाद जज मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को एक महिला जज की कोर्ट में स्थानांतरित किया। हालांकि, संबंधित महिला जज ने आरोपी गिरीबाला के पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने का हवाला देते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिका दूसरी महिला जज की अदालत में भेजी गई, लेकिन उन्होंने भी खुद को इस केस से अलग कर लिया, जिसके बाद जिला अदालत ने इसे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में भेजने का निर्णय लिया।

जेल में बंद आरोपी गिरीबाला ने अपनी याचिका में ढलती उम्र, खराब सेहत और बुजुर्ग मां की देखभाल का हवाला देकर राहत मांगी है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि दिवंगत बहू ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध मधुर थे। दूसरी ओर, मृतका के परिजनों ने जमानत का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है। परिजनों के अधिवक्ता अंकुर पांडे का कहना है कि वे हाईकोर्ट से पूर्व में गिरीबाला की जमानत रद्द होने से जुड़े सभी अहम तथ्यों और सबूतों को निचली अदालत में पेश करेंगे, क्योंकि न्याय के लिए आरोपी का जेल में रहना जरूरी है।
    user_Arshi abid
    Arshi abid
    Teacher हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में लगातार दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण बेतवा नदी उफान पर आ गई है। ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश की वजह से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे नदी के तटीय इलाकों में स्थिति संवेदनशील हो गई है। बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों से नदी के किनारे न जाने और पानी में न उतरने की सख्त अपील की है। मौसम के रुख को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यदि बारिश का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा, तो नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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    मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में लगातार दो दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण बेतवा नदी उफान पर आ गई है। ऊपरी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश की वजह से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे नदी के तटीय इलाकों में स्थिति संवेदनशील हो गई है।

बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों से नदी के किनारे न जाने और पानी में न उतरने की सख्त अपील की है। मौसम के रुख को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यदि बारिश का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा, तो नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    9 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 21 जुलाई को मध्य प्रदेश विधानसभा ने 'मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026' (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया है। इसे मध्य प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताया जा रहा है। विधानसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, और राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद यह कानून के रूप में पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया। इस कानून के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी धर्मों के नागरिकों पर एक समान कानून लागू होगा। इसके तहत तीन तलाक, हलाला और लिव-इन रिलेशनशिप के दुरुपयोग पर पूरी तरह रोक लगेगी। कानून बनने के बाद एक से ज्यादा विवाह करना अपराध माना जाएगा, जिससे महिलाओं को उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी। विवाह के अलावा उत्तराधिकार और दत्तक पुत्र जैसे सभी मामलों में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिए जाएंगे। इसके साथ ही, लिव-इन रिलेशनशिप में 18 और 21 वर्ष की निर्धारित आयु का उल्लंघन करने या एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के लिए इसका दुरुपयोग करने पर 5 साल की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। यूसीसी पारित होने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल किया कि वह हमेशा हिंदू-मुस्लिम में अंतर क्यों करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश का बंटवारा कांग्रेस की गलत मानसिकता के कारण हुआ और राज्य में जगदीशपुर को इस्लामपुर बनाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शरिया कानून के बजाय एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि यह कानून नारी सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम करने के साथ-साथ समान न्याय, समान अधिकार और संवैधानिक मूल्यों को और अधिक सशक्त करेगा।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 21 जुलाई को मध्य प्रदेश विधानसभा ने 'मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026' (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया है। इसे मध्य प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताया जा रहा है। विधानसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, और राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद यह कानून के रूप में पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया।

इस कानून के लागू होने के बाद प्रदेश के सभी धर्मों के नागरिकों पर एक समान कानून लागू होगा। इसके तहत तीन तलाक, हलाला और लिव-इन रिलेशनशिप के दुरुपयोग पर पूरी तरह रोक लगेगी। कानून बनने के बाद एक से ज्यादा विवाह करना अपराध माना जाएगा, जिससे महिलाओं को उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी। विवाह के अलावा उत्तराधिकार और दत्तक पुत्र जैसे सभी मामलों में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिए जाएंगे। इसके साथ ही, लिव-इन रिलेशनशिप में 18 और 21 वर्ष की निर्धारित आयु का उल्लंघन करने या एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के लिए इसका दुरुपयोग करने पर 5 साल की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

यूसीसी पारित होने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल किया कि वह हमेशा हिंदू-मुस्लिम में अंतर क्यों करना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश का बंटवारा कांग्रेस की गलत मानसिकता के कारण हुआ और राज्य में जगदीशपुर को इस्लामपुर बनाया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शरिया कानून के बजाय एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि यह कानून नारी सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम करने के साथ-साथ समान न्याय, समान अधिकार और संवैधानिक मूल्यों को और अधिक सशक्त करेगा।
    user_कोलार की धड़कन
    कोलार की धड़कन
    Voice of people कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • शायर गंगाधर मलेजपुरे ने अपनी पंक्तियों के जरिए प्रेम और विरह के भावों को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, फूलों में, गलियों में और सपनों की गलियों में मोहब्बत रास नहीं आई। इन पंक्तियों के माध्यम से साथी के बिना जीवन के अधूरेपन और प्रेम में मिले दर्द को व्यक्त किया गया है।
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    शायर गंगाधर मलेजपुरे ने अपनी पंक्तियों के जरिए प्रेम और विरह के भावों को साझा किया है। उन्होंने लिखा कि ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना, फूलों में, गलियों में और सपनों की गलियों में मोहब्बत रास नहीं आई। इन पंक्तियों के माध्यम से साथी के बिना जीवन के अधूरेपन और प्रेम में मिले दर्द को व्यक्त किया गया है।
    user_Mohabbat Raas Na Aayi
    Mohabbat Raas Na Aayi
    Artist हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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