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दुबई में एक व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट का अनुभव हुआ, जिसके बाद बचाव दल एक उन्नत सीपीआर डिवाइस के साथ घटनास्थल पर पहुँचा। दल ने मौके पर ही सीपीआर देकर व्यक्ति की जान बचाई। इस घटना के आधार पर, यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि क्या इस तरह की व्यवस्थाएँ सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं। यह तर्क दिया गया है कि उन्नत सीपीआर जैसी सुविधाएँ बुजुर्गों और युवाओं सहित किसी भी व्यक्ति की जान बचाने में सहायक हो सकती हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से तत्काल इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और ऐसी व्यवस्थाओं को तुरंत लागू करने की अपील की गई है, ताकि मानव जीवन को बचाया जा सके।
Mahesh panchariya
दुबई में एक व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट का अनुभव हुआ, जिसके बाद बचाव दल एक उन्नत सीपीआर डिवाइस के साथ घटनास्थल पर पहुँचा। दल ने मौके पर ही सीपीआर देकर व्यक्ति की जान बचाई। इस घटना के आधार पर, यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि क्या इस तरह की व्यवस्थाएँ सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं। यह तर्क दिया गया है कि उन्नत सीपीआर जैसी सुविधाएँ बुजुर्गों और युवाओं सहित किसी भी व्यक्ति की जान बचाने में सहायक हो सकती हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से तत्काल इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और ऐसी व्यवस्थाओं को तुरंत लागू करने की अपील की गई है, ताकि मानव जीवन को बचाया जा सके।
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- दुबई में एक व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट का अनुभव हुआ, जिसके बाद बचाव दल एक उन्नत सीपीआर डिवाइस के साथ घटनास्थल पर पहुँचा। दल ने मौके पर ही सीपीआर देकर व्यक्ति की जान बचाई। इस घटना के आधार पर, यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि क्या इस तरह की व्यवस्थाएँ सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं। यह तर्क दिया गया है कि उन्नत सीपीआर जैसी सुविधाएँ बुजुर्गों और युवाओं सहित किसी भी व्यक्ति की जान बचाने में सहायक हो सकती हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से तत्काल इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और ऐसी व्यवस्थाओं को तुरंत लागू करने की अपील की गई है, ताकि मानव जीवन को बचाया जा सके।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी 'मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना' जरूरतमंद परिवारों के लिए संकट की घड़ी में बड़ा सहारा बन रही है। इसी योजना के तहत ब्यावर तहसील के ग्राम खोड़माल निवासी श्रीमती सविता देवी को उनके पति के निधन के बाद ₹2 लाख की सहायता राशि मिली है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत प्राप्त हुई है। सविता देवी के पति, स्वर्गीय नन्द किशोर सिंह का दुखद निधन कृषि कार्य के दौरान दुर्घटनावश सर्पदंश से हो गया था। इस घटना के बाद परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया और परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी सविता देवी पर आ गई। इस कठिन समय में, उन्हें कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के माध्यम से 'मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना' की जानकारी मिली, जिसके लिए उन्होंने आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामीण सेवा शिविर के ज़रिए उनके प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया गया और दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर उन्हें प्रदान की गई। सविता देवी ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए एक बड़ा संबल साबित हुई है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करने में मदद मिली और भविष्य के प्रति नया विश्वास जागा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति ब्यावर के सचिव एवं प्रशासक, और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की इस संवेदनशील पहल की सराहना की। यह उदाहरण दर्शाता है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े ज़रूरतमंद व्यक्तियों तक पहुँच रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, जिससे उन्हें न केवल आर्थिक राहत मिल रही है बल्कि कठिन दौर में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का संबल भी मिल रहा है।1
- ब्यावर से संचालित होने वाले 'वांटेड समाचार' ने अपने पाठकों से ब्यावर की खबरें देखते रहने का आग्रह किया है। इस समाचार मंच के संपादक साबुद्दीन खानभुट्टा मेड़तिया लौहार हैं।1
- अजमेर के पीसांगन उपखंड मुख्यालय में दो सांपों के बीच हुई लड़ाई स्थानीय लोगों के बीच कौतूहल का विषय बन गई। कस्बे के रामपुरा डाबला रोड पर स्थित सूरजमल ढंजा के कबाड़ गोदाम में यह घटना देखने को मिली, जहां बिल से बाहर निकलकर करीब 10 फीट लंबे दो सांप कबाड़ के ढेर पर आपस में लड़ने लगे। सांपों की इस लड़ाई को देखने के लिए आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। प्रत्यक्षदर्शी हंसराज लुहार फतेहपुरा के अनुसार, सांपों का लड़ना अमूमन बरसात के लिहाज से एक अच्छा और शुभ संकेत माना जाता है। उन्होंने बताया कि पहले भी जब-जब सांपों में ऐसी लड़ाई देखी गई है, तब-तब अधिकतम एक सप्ताह के भीतर अच्छी और बेहतर बरसात हुई है, जिससे उस वर्ष अच्छी पैदावार और खेतों में भरपूर फसल हुई है। फिडर इंचार्ज जमील अहमद के मुताबिक, ऐसा ही एक और दृश्य विजेंद्र जाट के कुएं पर देखने को मिला, जहां विजेंद्र जाट के खेत में नीम के पेड़ के नीचे लगभग 8-9 फीट लंबे दो सांप आपस में गुत्थमगुत्था मिले।3
- राजस्थान सरकार के निर्देशों के तहत रियांबड़ी की रोहिसा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का तेजी से समाधान करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना था। शिविर की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने की। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान की प्रक्रिया तत्काल शुरू की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियों को स्थानीय स्तर पर हल करने के लिए यह अभियान चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि राजस्व, पेंशन, बिजली, पानी, कृषि, चिकित्सा या अन्य विभागों से जुड़े उनके लंबित कार्यों का निस्तारण शिविर में आकर करवाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने रास्ते में कीचड़ की समस्या को लेकर भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। शिविर में राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी और पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर तहसीलदार अशोक कुमार, विकास अधिकारी भंवरलाल, नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक सुरेश पारीक, ग्राम विकास अधिकारी राजूमल मीणा, सरपंच राजूराम गॉड, पटवारी गजराज मीणा, राजू पारीक, सूचना सहायक हेमराज, चिकित्सा विभाग से कमल जाट, घनश्याम गहलोत, तथा कृषि विभाग से कृषि सुपरवाइजर जोगीराम, शिवराज नेट, मिशाराम सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित मामलों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए और शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में हल करने का आश्वासन दिया। शिविर के दौरान प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक बातचीत का माहौल देखने को मिला।1
- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सोमवार को जैतारण उपखंड की ग्राम पंचायत बांझाकुड़ी एवं बलुन्दा में हुए शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कैबिनेट मंत्री गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। निरीक्षण के दौरान, मंत्री गहलोत ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित राजस्थान के संकल्प को सशक्त करते हुए ग्राम पंचायत बलुन्दा में पौधारोपण किया और उपस्थित ग्रामीणों को भी अधिकाधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संदेश दिया। उन्होंने ग्राम पंचायत बांझाकुड़ी निवासी संतोष देवी को विधवा पेंशन योजना का स्वीकृति प्रमाण-पत्र प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। मंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इन ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। इस अवसर पर, जिला कलक्टर कमल राम मीना ने शिविरों में प्राप्त प्रकरणों एवं उनके निस्तारण की प्रगति से मंत्री को अवगत कराया। मंत्री ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे, और शिविरों में आमजन को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान करने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में उत्साह एवं विश्वास का वातावरण देखने को मिल रहा है।1
- महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ पंढरपुर के पास तांडुलवाड़ी गाँव के निकट माढा-पंढरपुर मार्ग पर श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वैन सड़क किनारे स्थित कुएं में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में कुल 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें 4 महिलाएँ और 4 बच्चे शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन में कुल 14 श्रद्धालु सवार थे। ये सभी श्रद्धालु सिद्धनाथ मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुँचकर बचाव अभियान चलाया, जिसके बाद कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। महाराष्ट्र सरकार ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।1