छात्र नेता प्रद्युम्न गंगवार ने बताया कि सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को पानी और कीचड़ के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बहेड़ी, बरेली के ग्राम पंचायत ग्वारी में बारिश के दौरान श्मशान स्थल पर ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। यहां पक्का चबूतरा, स्थायी शेड, जल निकासी और पक्के रास्ते की व्यवस्था नहीं है। छात्र नेता प्रद्युम्न गंगवार ने बताया कि सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को पानी और कीचड़ के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन जरूरी सुविधाओं की मांग की जा रही है, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। गंगवार ने प्रशासन से श्मशान स्थल का तुरंत निरीक्षण कर सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह इंसानियत और सम्मान का सवाल है, प्रशासन को प्राथमिकता से काम करना चाहिए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि बारिश में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को परेशानी न हो।
छात्र नेता प्रद्युम्न गंगवार ने बताया कि सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को पानी और कीचड़ के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बहेड़ी, बरेली के ग्राम पंचायत ग्वारी में बारिश के दौरान श्मशान स्थल पर ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। यहां पक्का चबूतरा, स्थायी शेड, जल निकासी
और पक्के रास्ते की व्यवस्था नहीं है। छात्र नेता प्रद्युम्न गंगवार ने बताया कि सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को पानी और कीचड़ के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन जरूरी सुविधाओं की मांग की जा रही है, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। गंगवार ने प्रशासन
से श्मशान स्थल का तुरंत निरीक्षण कर सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह इंसानियत और सम्मान का सवाल है, प्रशासन को प्राथमिकता से काम करना चाहिए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि बारिश में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को परेशानी न हो।
- छात्र नेता प्रद्युम्न गंगवार ने बताया कि सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को पानी और कीचड़ के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बहेड़ी, बरेली के ग्राम पंचायत ग्वारी में बारिश के दौरान श्मशान स्थल पर ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। यहां पक्का चबूतरा, स्थायी शेड, जल निकासी और पक्के रास्ते की व्यवस्था नहीं है। छात्र नेता प्रद्युम्न गंगवार ने बताया कि सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को पानी और कीचड़ के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन जरूरी सुविधाओं की मांग की जा रही है, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। गंगवार ने प्रशासन से श्मशान स्थल का तुरंत निरीक्षण कर सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह इंसानियत और सम्मान का सवाल है, प्रशासन को प्राथमिकता से काम करना चाहिए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि बारिश में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को परेशानी न हो।3
- भाजपा के प्रत्याशी संदीप अरोरा अपनी हार के बाद किया बोले वीडियो में सुनने1
- पंतनगर में मानव तस्करी पर राज्य स्तरीय सम्मेलन, SSP बोले - नेपाल बॉर्डर से लगे जिलों में रोकथाम में मिलेगा लाभ पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में मानव तस्करी को लेकर राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।SSP ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर उधम सिंह नगर को इस सम्मेलन का सौभाग्य मिला। सम्मेलन में 6 राज्यों के पुलिस अधिकारी, SSB, ITBP समेत CAPF के अधिकारी और विभिन्न विभागों ने हिस्सा लिया।उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस में मानव तस्करी में लिप्त अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई, विक्टिम के रिहैबिलिटेशन और सामाजिक एंगल पर चर्चा हुई। चूंकि उधम सिंह नगर सहित कुमाऊं के दो जिले नेपाल बॉर्डर से लगे हैं, इसलिए इस कार्यशाला से मानव तस्करी की रोकथाम में बड़ा लाभ मिलेगा।1
- बड़ी खबर: आंवला में पुलिस मुठभेड़, गोवंशीय पशु वध के मामले में दो आरोपी घायल बड़ी खबर: आंवला में पुलिस मुठभेड़, गोवंशीय पशु वध के मामले में दो आरोपी घायल दो पुलिसकर्मियों को भी लगी गोली, दो तमंचे, कारतूस, पशु वध के उपकरण और सफारी गाड़ी बरामद; गिरफ्तार हैदर अली पर पहले से कई मुकदमे दर्ज आंवला (बरेली)। गोवंशीय पशु वध की घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही आंवला पुलिस को शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को सफलता मिली। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, 315 बोर के दो खोखा कारतूस, पशु काटने के उपकरण, रस्सी और एक सफारी गाड़ी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, आंवला-बदायूं मार्ग पर ग्राम सिकरोड़ा भट्टे के पास गोवंशीय पशु वध की घटना के संबंध में गणेश गिरि निवासी ग्राम आसपुर, थाना आंवला ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर थाना आंवला में मुकदमा संख्या 519/2026 धारा 3/5/8 गोवध निवारण अधिनियम के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई थीं। मुखबिर की सूचना पर जंगल में की घेराबंदी पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गोवंशीय पशु वध की घटना में शामिल आरोपी बदायूं-आंवला मार्ग पर ग्राम सिकरोड़ा के सामने से फरार होकर ग्राम कनगांव के जंगल में मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान हैदर अली (27) पुत्र मोहम्मद शरीफ निवासी गली नंबर पांच, मियां कॉलोनी, थाना मझोला, जनपद मुरादाबाद तथा शाहरुख (24) पुत्र मासूम अली निवासी ग्राम दारापुर, थाना असमोली, जनपद संभल के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने साथियों छोटू पुत्र शब्बीर हुसैन और सरदार उर्फ वीर सिंह के साथ मिलकर आवारा घूमने वाले गोवंशीय पशुओं की दिन में रेकी करने और रात में उनका वध कर मांस गाड़ी में भरकर दूसरे शहरों में बेचने की बात बताई। आरोपियों ने यह भी बताया कि घटना वाली रात वे गोवंशीय पशु का वध करने के बाद मांस गाड़ी में भरने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस के पहुंचने पर बारिश के कारण गाड़ी खेत में फंस गई और वे गाड़ी छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस टीम पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल हुए आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर गोवंशीय पशु वध में इस्तेमाल उपकरणों और अवैध हथियारों की बरामदगी के लिए टीम उन्हें बताए गए स्थान पर ले गई। वहां झाड़ियों में छिपाए गए तमंचे निकालकर आरोपियों ने पुलिस अभिरक्षा से भागने के उद्देश्य से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इस दौरान हेड कांस्टेबल संदीप कुमार और उपनिरीक्षक सुलमत कुमार गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस की आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में हैदर अली के बाएं पैर और शाहरुख के दाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपियों और पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हैदर अली पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी हैदर अली के खिलाफ मुरादाबाद और संभल जनपदों के विभिन्न थानों में गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और आयुध अधिनियम समेत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वर्तमान मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ गोवंशीय पशु वध और पुलिस मुठभेड़ से संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 315 बोर के दो तमंचे, 315 बोर के दो खोखा कारतूस, पशु काटने के उपकरण, रस्सी और नंबर यूपी 16 एएन 3816 की एक सफारी गाड़ी बरामद की है। पुलिस टीम: इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक बीनू सिंह, निरीक्षक अपराध अजीत सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, उपनिरीक्षक अनिरुद्ध कुमार, उज्ज्वल गंभीर, इंद्रपाल सिंह, सुलमत कुमार, होराम सिंह, अखिल प्रताप सिंह, ऋषिपाल सिंह सहित थाना आंवला के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- बरेली पुलिस ने बाइक चोरी का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार बरेली के थाना भोजीपुरा पुलिस ने बाइक चोरी की घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल भी बरामद की है।1
- पीलीभीत: हीमोफिलिया पीड़ित 60 मरीजों को बेहतर इलाज की दरकार, सोसाइटी अध्यक्ष ने प्राचार्य को लिखा पत्र 1
- Bisalpur mela 2026 || shiv parvati vivah leela mela bislapur || RAMLILA mela 2026 bislapur || BISALPUR KA MELA || MELA SHRI RAMLILA BISLAPUR || बीसलपुर के ऐतिहासिक मेला श्री रामलीला में गुरुवार को भगवान शंकर और माता पार्वती का विवाह समारोह संपन्न हुआ है इस मौके पर बड़ी तादाद में क्षेत्र की जनता मेले मेंपहुंची1
- बंजरिया में ओलावृष्टि और बारिश से धान की फसल बर्बाद, किसान मनोज गंगवार ने बयां किया दर्द बहेड़ी। क्षेत्र में ओले के साथ हुई भारी बारिश से किसानों की धान की फसलों को नुकसान पहुंचा है। गांव बंजरिया निवासी किसान मनोज गंगवार ने बताया कि उन्होंने खेत ठेके पर लेकर धान की फसल उगाई थी। फसल पककर तैयार हो चुकी थी, लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि और भारी बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसान मनोज गंगवार के मुताबिक, बारिश और ओलों के कारण धान की बालियों से दाने झड़कर गिर गए, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है। फसल खराब होने से किसान की चिंता बढ़ गई है। किसान का कहना है कि खेती में पहले ही काफी खर्च हो चुका है और अब फसल को नुकसान पहुंचने से आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है, ताकि उन्हें इस मुश्किल समय में राहत मिल सके।3